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सिमरिया पन्ना। पिछले साल की भांति इस साल भी रोलर क्रिकेट टूर्नामेंट जेके सीमेंट पुरैना द्वारा ग्राम तिघरा में आज से शुरू महत्वपूर्ण योगदान csr अपार्टमेंट द्वारा
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सिमरिया पन्ना। पिछले साल की भांति इस साल भी रोलर क्रिकेट टूर्नामेंट जेके सीमेंट पुरैना द्वारा ग्राम तिघरा में आज से शुरू महत्वपूर्ण योगदान csr अपार्टमेंट द्वारा
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- सिमरिया पन्ना। पिछले साल की भांति इस साल भी रोलर क्रिकेट टूर्नामेंट जेके सीमेंट पुरैना द्वारा ग्राम तिघरा में आज से शुरू महत्वपूर्ण योगदान csr अपार्टमेंट द्वारा1
- Post by सोशल मीडिया प्रभारी पन्ना मध्य प्रदेश1
- विस्थापितों के साथ हो रहे अन्याय और दर्द को प्रशासन व सरकार के बीच रखेंगे” : अमित भटनागर अजयगढ- जय किसान संगठन के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में चल रही “न्याय अधिकार पदयात्रा” के तीसरा दिन माझगाय मध्यम सिंचाई परियोजना और रुन्झ बांध से प्रभावित गांवों में किसानों और आदिवासी परिवारों के बीच में बीता, लोगों ने बढ़ चढ़कर यात्रा में सहभागिता निभाई, जिसमें जिसमें बड़ी संख्या महिलाओं की थी। तीन दिवसीय इस पदयात्रा का मुख्य संदेश “ज़मीन छीनी, अब जान मत छीनो” है, जिसके माध्यम से विस्थापित किसानों और आदिवासी परिवारों के दर्द और समस्याओं को सामने लाया जा रहा है। पदयात्रा के तीसरे दिन बनहरी, टपरियन, कुंवारपुरा और बालूपुर गांवों में पहुंचकर किसान चौपाल आयोजित की गई, जहां ग्रामीणों ने विस्थापन से जुड़ी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। खबर लिखे जाने तक पदयात्रा रुन्झ बांध प्रभावित गांव विश्रामगंज और पांडेपुरवा मे किसान चौपाल कर रही थी, जहां ग्रामीणों की समस्याओं का दस्तावेजीकरण किया जा रहा था और उन्हें भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 की जानकारी दी जा रही थी। ग्रामीण बोले – हमें कानून और ग्रामसभा की जानकारी तक नहीं किसान चौपाल में ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें आज तक भूमि अधिग्रहण कानून या ग्रामसभा की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। ग्रामीणों ने कहा,हमने पहली बार इस कानून का नाम सुना है। हमें तो यह भी नहीं पता था कि ग्रामसभा होती है और हमसे पूछा जाता है। हमें लगता था कि सरकार हमें जबरन उजाड़ना चाहती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना सम्बंधित ग्रामसभा, आम सभा या जनसुनबाई कभी आयोजित नहीं की गई और न ही कानूनी प्रक्रिया के बारे में उन्हें अवगत कराया गया। ग्रामीणों ने भावुक होकर बताया कि जब भी वे अपना हक मांगने प्रशासन के पास जाते हैं तो उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता। आदिवासी महिला व किसानों का कहना था कि, हम अपना हक मांगने जाते हैं तो हमें जानवरों की तरह हांक दिया जाता है।” यह कहते हुए कई ग्रामीणों की आंखों में आंसू आ गए और माहौल भावुक हो गया। पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर मेरा मन व्यथित है। आजाद देश में लोगों के साथ ऐसा व्यवहार होना बेहद दुखद है। हम गांव-गांव जाकर लोगों के साथ हो रहे अन्याय और दर्द को प्रशासन और सरकार के सामने मजबूती से रखेंगे। उन्होंने कहा कि जय किसान संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि कानून के अनुसार न्याय दिलाना है। इससे पहले पदयात्रा के पहले चरण में केन बेतवा विस्थापितों से सातवां 8 मार्च को संवाद का किसान चौपाल कर पद यात्रा गहदरा पहुंची थीं , जहां 9 प्रभावित गांवों की महाचौपाल आयोजित हुई ।महाचौपाल में सैकड़ों ग्रामीण और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रभावित महिलाओं ने प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखकर न्याय की मांग की। 10 मार्च को प्रेस वार्ता पदयात्रा के समापन के बाद 10 मार्च को पन्ना में प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें पदयात्रा के दौरान सामने आई समस्याओं और तथ्यों को मीडिया के सामने रखा जाएगा। 11 मार्च को कलेक्ट्रेट पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल इसके बाद 11 मार्च को प्रभावित ग्रामीणों और जय किसान संगठन का प्रतिनिधिमंडल पन्ना कलेक्ट्रेट पहुंचेगा, जहां कलेक्टर से मिलकर विस्थापित गांवों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा और कानूनी व व्यवहारिक समाधान की मांग की जाएगी। ये रहे शामिल भागवती आदिवास, राधा आदिवासी, कमला देवी आदिवास, हल्की यादव, कल्लू आदिवासी, गनपत आदिवासी, राजू आदिवास, मंगल यादव, देशकुमार यादव, कमलेश यादव, मुलायम यादव,आशराम आदिवासी, महेश यादव, अंकित सोनी, पप्पू आदिवासी, मातादीन आदिवासी, लेखराम यादव, बबलू यादव, बबलू आदिवासी, राजू आदिवास1
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- अनियंत्रित ट्राला ने बाइक सवारों को रौंदा,एक की मौत, दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया नेशनल हाइवे-39 अंतर्गत सकरिया के पास की घटना। एंकर :- देवेंद्रनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आ रही है, जहाँ तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक बार फिर एक हँसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। नेशनल हाईवे-39 पर सकरिया के पास आजएक अनियंत्रित ट्राला ने बाइक सवार दो भाइयों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा उस वक्त हुआ जब मनौर निवासी 28 वर्षीय राजपूत आदिवासी अपने चचेरे भाई श्रीराम के साथ मजदूरी के पैसे लेने सतना जा रहे थे। बीओ :-1 प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक उछलकर सड़क किनारे खाई में जा गिरे। दुर्घटना को अंजाम देने के बाद चालक ट्राला लेकर मौके से फरार हो गया। अस्पताल पहुँचने से पहले ही राजपूत आदिवासी ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे भाई की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया है। मृतक के पीछे 6 और 4 साल के दो बच्चे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा और रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिसकी जानकारी सोमवार को शाम 5:00 बजे प्राप्त हुईहै बाईट :-1 राम किशोर (प्रत्यक्षदर्शी) बाईट :-2 पन्ना लाल (मृतक का पिता)4
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