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राजस्थान के टोंक जिले की ग्राम पंचायत पराना के ग्रामीण अभी भी नल के पानी का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीण नल योजना के तहत उन्हें अभी तक पानी नहीं मिला है, जिस कारण लोग सरकार से जानना चाहते हैं कि इस योजना को कब तक चालू किया जाएगा।
Ratan Meena
राजस्थान के टोंक जिले की ग्राम पंचायत पराना के ग्रामीण अभी भी नल के पानी का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीण नल योजना के तहत उन्हें अभी तक पानी नहीं मिला है, जिस कारण लोग सरकार से जानना चाहते हैं कि इस योजना को कब तक चालू किया जाएगा।
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- सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रयी के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बौंली नीलकमल मीना और वृत्ताधिकारी उमेश गुप्ता के सुपरविजन में, थानाधिकारी जितेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने झपटमारी कर सोने की मुरकी तोड़ने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह रेकी कर वृद्ध व्यक्तियों को निशाना बनाता था और उनकी कान की मुरकियां तोड़कर फरार हो जाता था। पुलिस ने मुखबिरी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इस गैंग के सदस्यों की कोटा, दर्रा झालावाड़, भनपुरा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के दुधाखेड़ी माता में तलाश की। दिनांक 11 जून, 2026 को इस गैंग के तीन सदस्यों— संजय पुत्र मोहननाथ (उम्र 27 साल, निवासी खंडवा, थाना बरौनी, जिला टोंक), भोमा पुत्र काना नाथ (उम्र 28 साल, निवासी बालापुरा, थाना कनवास, जिला कोटा), और समीर पुत्र काना नाथ (उम्र 20 साल, निवासी गोगालवा लक्ष्मीपुरा, थाना टोडारायसिंहपुरा, जिला टोंक) — को मालपुरा रोड, जयपुर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद, दिनांक 12 जून, 2026 को उन्हें प्रकरण संख्या 161/26, धारा 304(बी) बीएनएस में बापर्दा गिरफ्तार किया गया। गैंग का सरगना संजय उर्फ संजू कालबेलिया है। इस गैंग ने राजस्थान राज्य के विभिन्न जिलों और जयपुर कमीशनरेट, जयपुर ग्रामीण, कोटा, भीलवाड़ा, टोंक में इस तरह की करीब 50 से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। इस गैंग की वारदातों का तरीका बेहद संगीन है। ये बदमाश रेकी के बाद रात में अपने वाहनों से वांछित जगह पर पहुंचकर वृद्ध व्यक्तियों की पहनी हुई मुरकियां लूट लेते हैं। विरोध की स्थिति में ये पीड़ित व्यक्ति पर पत्थरों और धारदार हथियारों से भी हमला कर उन्हें लहूलुहान कर देते हैं। वारदात के बाद वे मौके से फरार हो जाते हैं और लूटे हुए माल को बेचकर मिली रकम को मौज-मस्ती और अय्याशी में उड़ा देते हैं। 24 मई, 2026 को रात करीब 2 बजे मिश्री लाल गाडिया लुहार के साथ हुई घटना ने इस गैंग का खुलासा करने में मदद की, जब तीन लड़के उनके कान की मुरकी तोड़कर पावर बाइक से भागे। रात्रि गश्त में थानाधिकारी मय जाप्ता ने पावर बाइक का पीछा किया, जिसके बाद बदमाश बाइक छोड़कर खेड़ा गांव थाना मित्रपुरा इलाके में भाग गए। बाइक के मालिक की पहचान दीपा कालबेलिया निवासी निवाई के रूप में हुई, जिसके भाई संजय उर्फ संजू कालबेलिया को साइबर सेल के तकनीकी विश्लेषण से इस गैंग का सरगना पाया गया। गैंग का सरगना संजय उर्फ संजू कालबेलिया पूर्व में भी इन्हीं अपराधों में 8 साल की जेल की सजा काट चुका है और वर्ष 2024 में ही जेल से छूटा था। जेल से छूटने के बाद वह फिर से इन्हीं अपराधों में संलिप्त हो गया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों से गहनता से पूछताछ की जा रही है और इनसे और भी वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।1
- ओला कंपनी पर ड्राइवर भाइयों को हवाई अड्डे की पार्किंग में बुलाकर घंटों इंतजार करवाने का आरोप लगा है। कंपनी ड्राइवरों को 4-4 किलोमीटर दूर से एयरपोर्ट पार्किंग में आने का निमंत्रण दे रही है, ताकि वे ग्राहकों के लिए प्रतीक्षा कर सकें। इस प्रक्रिया पर ड्राइवरों ने तीखी आपत्ति जताई है। ड्राइवर इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि उन्हें बिना किसी बुकिंग गारंटी के एयरपोर्ट पार्किंग में क्यों जाना चाहिए, और वहां 1-2 घंटे तक लाइन में खड़े होकर इंतजार क्यों करना पड़े। उनका कहना है कि ड्राइवरों का समय भी कीमती है। यदि बुकिंग की कोई सुनिश्चित व्यवस्था नहीं होती है, तो ग्राहकों के लिए केवल इंतजार करवाने वाली ऐसी बुकिंग ड्राइवरों के लिए एक नुकसान का सौदा साबित होती है। इसी के मद्देनजर, ओला कंपनी से विनम्र निवेदन किया गया है कि ऐसी बुकिंग ड्राइवरों को न भेजी जाए, जिनमें उन्हें लंबा इंतजार करना पड़े और कमाई की कोई गारंटी न हो। यह मांग की गई है कि ड्राइवर के समय, ईंधन और मेहनत – इन तीनों का सम्मान किया जाना चाहिए।1
- जयपुर पुलिस ने शहर में "कच्छा-बनियान गिरोह" की संभावित सक्रियता की आशंका के मद्देनजर एक हाई अलर्ट एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने आमजन से विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील करते हुए निर्देश दिया है कि वे रात के समय अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह से बंद रखें। पुलिस ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया है कि वे अपने आसपास दिखाई देने वाले किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर कड़ी नजर रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या नजदीकी थाने को दें और स्वयं किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। जयपुर पुलिस का संदेश है कि "सतर्क नागरिक ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं" और उन्होंने इस महत्वपूर्ण सूचना को परिवार, मित्रों और पड़ोसियों तक पहुंचाने का भी आग्रह किया है।1
- दिवंगत नर्सिंग कार्मिक दीपक के परिजनों और एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर दीपक जी माहेश्वरी, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री बीएल गोयल सहित अन्य अधिकारियों के बीच हुई वार्ता सकारात्मक रही। इसी बीच, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार की तरफ से दिवंगत दीपक की पत्नी और परिजनों को पांच लाख रुपए देने की घोषणा की गई। इस संदर्भ में कहा गया कि "जनता रोती रहे और सत्ता सोती रहे………लेकिन हनुमान बेनीवाल नहीं सोता"।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में बैंक और फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इसी के परिणामस्वरूप, एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया।1
- बस्सी पुलिस प्रशासन ने सभी ग्रामवासियों को 'कच्छा बनियान' गिरोह की सक्रियता के प्रति जागरूक किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यह गिरोह चारों तरफ घूम रहा है, जिसके मद्देनजर अपने आसपास के सभी लोगों को सतर्क करना आवश्यक है। पुलिस प्रशासन द्वारा क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने घर में प्रवेश न दें। साथ ही, यह भी हिदायत दी गई है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन को दी जाए।1
- सवाई माधोपुर से मिली बड़ी खबर के अनुसार, 84 कोस की परिक्रमा करके रणथंभोर दुर्ग स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर जा रहे संतों को गणेश धाम पर रोक दिया गया था। वनाधिकारियों ने संतों को पैदल जाने से सुरक्षा की दृष्टि से रोका, क्योंकि पूर्व में बाघ के हमले से तीन बड़े हादसे हो चुके थे। रास्ते में आड़ा बालाजी के पास कल भी टी 101 बाघ का मूवमेंट देखा गया था, जिसके चलते एहतियातन यह कदम उठाया गया। डीएफओ मानस सिंह ने गणेश धाम पहुंचकर संतों से समझाइश की। संत हालांकि गणेश धाम से त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक पैदल जाने की अपनी मांग पर अड़े थे और कल शाम को 84 कोस की पैदल यात्रा से गणेश धाम पहुंचे थे। मध्यप्रदेश के संत ओम गिरी नारायण जी ने तो कल देर शाम से ही अन्न और जल त्याग दिया था, और चेतावनी दी थी कि समय रहते मांग पूरी न होने पर कल से पांच और संत भी जल अन्न का त्याग करेंगे। आखिरकार, डीएफओ मानस सिंह और उनकी टीम की सूझबूझ से रणथंभोर के अधिकारियों और संतों के बीच सहमति बनी। समझाइश के बाद संतों ने वाहनों से गणेश मंदिर दुर्ग जाने पर अपनी सहमति जताई और मंदिर जाने के लिए रवाना हो गए।1
- जयपुर के महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में संविदा पर कार्यरत नर्सिंग कर्मचारी श्री दीपक खारवाल द्वारा नौकरी से हटाए जाने के बाद आत्महत्या करने की खबर सामने आई है। इस घटना ने संविदा प्रथा के तहत कर्मचारियों के शोषण और सरकारी नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि पूर्व में जब सरकारों को कर से कम राजस्व मिलता था, तब भी ठेका प्रथा को इतना बढ़ावा नहीं दिया जाता था। अब जबकि समाज के गरीब से गरीब व्यक्ति भी कर चुका रहे हैं और सरकारों का राजस्व काफी बढ़ गया है, वे अपनी-अपनी पार्टियों को अधिक महत्व देते हुए इस राजस्व का दुरुपयोग कर रही हैं। यह भी कहा गया है कि सरकारी नौकरियाँ लगभग खत्म कर दी गई हैं और लोगों को ठेका प्रथा पर रखा जाता है, जहाँ उनके अधिकारों का खुलेआम शोषण होता है। इस शोषण का परिणाम दीपक खारवाल जैसी घटनाएँ हैं। आरोप है कि अधिकारी इन ठेका कम्पनियों के बिल पास करने की एवज़ में मोटी रकम लेते हैं और अपना-अपना पेट भरते हैं। न्याय के लिए लोगों को धरने-प्रदर्शन करने पड़ते हैं, जिसके दबाव में आकर ही सरकारें बातचीत के लिए सामने आती हैं। आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या न्याय इसी तरह मिलता रहेगा। अंत में राजस्थान सरकार को सीधे चुनौती देते हुए कहा गया है, "अरे जनाज़ा थोड़े हैं नहीं कुछ करते तो उतर क्यों नहीं जाते...राजस्थान सरकार"।1
- यह दृढ़ता से व्यक्त किया गया है कि यदि मोदीजी हैं, तो सब कुछ संभव है और देश सुरक्षित है। उनकी उपस्थिति के कारण ही देश को देशद्रोही, देशविरोधी तत्वों और आतंकवादियों से मुक्ति मिलने की एक पवित्र और पुनीत आशा है।1