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चंद घंटों के एक अबोध बच्चे के सामने ही उसकी माँ का गला रेतकर उसे तड़प-तड़पकर मरने के लिए छोड़ दिया गया। वह मासूम बच्चा, जो केवल अपनी माँ को ही जानता है और उसी का दूध पीकर अपना पेट भरता है, असहाय होकर अपनी तड़पती माँ को 'माँ-माँ' कहकर पुकारता रहा, जबकि माँ की जान तड़प-तड़पकर निकल रही थी। इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि यह कैसी निर्दयता है और यह कैसा त्योहार है, जहाँ गर्दनें काटकर जश्न मनाया जा रहा है।

2 hrs ago
user_Naresh Bajaj
Naresh Bajaj
पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

चंद घंटों के एक अबोध बच्चे के सामने ही उसकी माँ का गला रेतकर उसे तड़प-तड़पकर मरने के लिए छोड़ दिया गया। वह मासूम बच्चा, जो केवल अपनी माँ को ही जानता है और उसी का दूध पीकर अपना पेट भरता है, असहाय होकर अपनी तड़पती माँ को 'माँ-माँ' कहकर पुकारता रहा, जबकि माँ की जान तड़प-तड़पकर निकल रही थी। इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि यह कैसी निर्दयता है और यह कैसा त्योहार है, जहाँ गर्दनें काटकर जश्न मनाया जा रहा है।

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  • चंद घंटों के एक अबोध बच्चे के सामने ही उसकी माँ का गला रेतकर उसे तड़प-तड़पकर मरने के लिए छोड़ दिया गया। वह मासूम बच्चा, जो केवल अपनी माँ को ही जानता है और उसी का दूध पीकर अपना पेट भरता है, असहाय होकर अपनी तड़पती माँ को 'माँ-माँ' कहकर पुकारता रहा, जबकि माँ की जान तड़प-तड़पकर निकल रही थी। इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि यह कैसी निर्दयता है और यह कैसा त्योहार है, जहाँ गर्दनें काटकर जश्न मनाया जा रहा है।
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    चंद घंटों के एक अबोध बच्चे के सामने ही उसकी माँ का गला रेतकर उसे तड़प-तड़पकर मरने के लिए छोड़ दिया गया। वह मासूम बच्चा, जो केवल अपनी माँ को ही जानता है और उसी का दूध पीकर अपना पेट भरता है, असहाय होकर अपनी तड़पती माँ को 'माँ-माँ' कहकर पुकारता रहा, जबकि माँ की जान तड़प-तड़पकर निकल रही थी। इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि यह कैसी निर्दयता है और यह कैसा त्योहार है, जहाँ गर्दनें काटकर जश्न मनाया जा रहा है।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कटनी में जायन्ट्स ग्रुप ऑफ कटनी सहेली एवं जायन्ट्स वेलफेयर फाउंडेशन ने मंगलवार को माधव नगर गेट के सामने स्थित बजरंगबली जी मंदिर में विशाल मां भंडारा और शरबत वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। भीषण गर्मी और लगभग 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद, संगठन के सदस्यों और महिला शक्ति ने पूरे उत्साह, अनुशासन तथा सेवा भावना के साथ इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप दिया, जिससे यह सेवा, समर्पण और संगठन शक्ति का अद्भुत संगम बन गया। इस दौरान, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंगबली के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में कटनी जिले के समाजसेवी बसंती यादव, शिवराज गोस्वामी, राजेंद्र शर्मा, देशराज, बालकिशन नामदेव, बसंत भैया के बेटे सहित सैकड़ों की संख्या में महिला मित्र मंडली, ग्रुप के सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला शक्ति का योगदान विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ ग्रुप की अध्यक्ष और महिला सदस्यों ने तपती धूप में श्रद्धालुओं को शरबत वितरित कर मानव सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की। उन्होंने पूरी व्यवस्था को कुशलतापूर्वक संभालते हुए यह प्रमाणित किया कि समाज सेवा, धार्मिक आस्था और संगठन को मजबूत बनाने में महिला शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं के लिए मां भंडारे तथा शरबत वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिसकी स्थानीय नागरिकों ने जमकर सराहना की। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा, सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और संगठन को और अधिक मजबूत बनाना था। कार्यक्रम के अंत में, सभी सदस्यों ने भगवान बजरंगबली से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की, और यह सेवा, सहयोग तथा सामाजिक समर्पण की भावना से आयोजित कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना।
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    कटनी में जायन्ट्स ग्रुप ऑफ कटनी सहेली एवं जायन्ट्स वेलफेयर फाउंडेशन ने मंगलवार को माधव नगर गेट के सामने स्थित बजरंगबली जी मंदिर में विशाल मां भंडारा और शरबत वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। भीषण गर्मी और लगभग 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद, संगठन के सदस्यों और महिला शक्ति ने पूरे उत्साह, अनुशासन तथा सेवा भावना के साथ इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप दिया, जिससे यह सेवा, समर्पण और संगठन शक्ति का अद्भुत संगम बन गया।

इस दौरान, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंगबली के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में कटनी जिले के समाजसेवी बसंती यादव, शिवराज गोस्वामी, राजेंद्र शर्मा, देशराज, बालकिशन नामदेव, बसंत भैया के बेटे सहित सैकड़ों की संख्या में महिला मित्र मंडली, ग्रुप के सदस्य एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिला शक्ति का योगदान विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ ग्रुप की अध्यक्ष और महिला सदस्यों ने तपती धूप में श्रद्धालुओं को शरबत वितरित कर मानव सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की। उन्होंने पूरी व्यवस्था को कुशलतापूर्वक संभालते हुए यह प्रमाणित किया कि समाज सेवा, धार्मिक आस्था और संगठन को मजबूत बनाने में महिला शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं के लिए मां भंडारे तथा शरबत वितरण की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिसकी स्थानीय नागरिकों ने जमकर सराहना की। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा, सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और संगठन को और अधिक मजबूत बनाना था। कार्यक्रम के अंत में, सभी सदस्यों ने भगवान बजरंगबली से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की, और यह सेवा, सहयोग तथा सामाजिक समर्पण की भावना से आयोजित कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना।
    user_Balkishan Namdev
    Balkishan Namdev
    Electrician कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र के ग्राम अमगवां से कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक अपाहिज किसान रामकिशोर पिछले दो महीनों से न्याय की गुहार लगाने के लिए रीठी थाने और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है। शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण यह पीड़ित किसान दूसरों के कंधों पर सवार होकर पुलिस के आला अफसरों तक पहुँच रहा है, लेकिन रीठी पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप है। शुक्रवार को पीड़ित किसान रामकिशोर एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुँचा और अपनी आपबीती सुनाते हुए स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि बीते 8 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:30 बजे, पुरानी रंजिश और एक सोची-समझी साजिश के तहत गांव के ही 14 रसूखदार दबंग लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी जैसे जानलेवा हथियारों से लैस होकर उसके घर में घुस आए और जान से मारने की नीयत से उस पर और उसके पूरे परिवार पर हमला किया। हमलावरों में मिल्लूलाल उर्फ बंधा, शंकर कुशवाहा, राघवेंद्र, सुखलाल बर्मन, राहुल बंशकार, धर्मेंद्र, एकलव्य, शनि, लक्ष्मीकांत, सुकल, वर्षा, कमलेश बाई, बल्लू और तेजीलाल शामिल थे। किसान रामकिशोर का आरोप है कि इस हमले में उसकी बेटियों के हाथ टूट गए और परिवार के कई सदस्य घायल हुए। घटना के तुरंत बाद रीठी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने मामले को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस ने न तो आरोपियों के खिलाफ उचित और कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और न ही उनकी गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम उठाया, जिसके चलते सभी 14 आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और केस वापस न लेने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार अब खौफ के साये में अपने ही घर में जीने को मजबूर है। स्थानीय रीठी पुलिस की इस हीलाहवाली से निराश होकर, रामकिशोर ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस पूरे मामले की किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए और आरोपियों के खिलाफ साधारण धाराओं के बजाय 'हत्या के प्रयास' (अटेम्प्ट टू मर्डर) का मामला दर्ज किया जाए। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि यह भूमि विवाद का मामला था, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि अभी मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र के ग्राम अमगवां से कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक अपाहिज किसान रामकिशोर पिछले दो महीनों से न्याय की गुहार लगाने के लिए रीठी थाने और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है। शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण यह पीड़ित किसान दूसरों के कंधों पर सवार होकर पुलिस के आला अफसरों तक पहुँच रहा है, लेकिन रीठी पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप है।

शुक्रवार को पीड़ित किसान रामकिशोर एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुँचा और अपनी आपबीती सुनाते हुए स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि बीते 8 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:30 बजे, पुरानी रंजिश और एक सोची-समझी साजिश के तहत गांव के ही 14 रसूखदार दबंग लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी जैसे जानलेवा हथियारों से लैस होकर उसके घर में घुस आए और जान से मारने की नीयत से उस पर और उसके पूरे परिवार पर हमला किया। हमलावरों में मिल्लूलाल उर्फ बंधा, शंकर कुशवाहा, राघवेंद्र, सुखलाल बर्मन, राहुल बंशकार, धर्मेंद्र, एकलव्य, शनि, लक्ष्मीकांत, सुकल, वर्षा, कमलेश बाई, बल्लू और तेजीलाल शामिल थे।

किसान रामकिशोर का आरोप है कि इस हमले में उसकी बेटियों के हाथ टूट गए और परिवार के कई सदस्य घायल हुए। घटना के तुरंत बाद रीठी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने मामले को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस ने न तो आरोपियों के खिलाफ उचित और कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और न ही उनकी गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम उठाया, जिसके चलते सभी 14 आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और केस वापस न लेने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार अब खौफ के साये में अपने ही घर में जीने को मजबूर है।

स्थानीय रीठी पुलिस की इस हीलाहवाली से निराश होकर, रामकिशोर ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस पूरे मामले की किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए और आरोपियों के खिलाफ साधारण धाराओं के बजाय 'हत्या के प्रयास' (अटेम्प्ट टू मर्डर) का मामला दर्ज किया जाए। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि यह भूमि विवाद का मामला था, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि अभी मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Shivcharan Yadav
    Shivcharan Yadav
    Local News Reporter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
  • कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील क्षेत्र के ग्राम अमाड़ी में आंगनवाड़ी भवन वर्षों से बेहद जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। भवन की दीवारें जगह-जगह से दरक चुकी हैं और छत का प्लास्टर गिर रहा है, जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा और गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है। भवन के असुरक्षित होने की वजह से, छोटे बच्चों को तेज धूप और मौसम की मार के बीच खुले आसमान के नीचे ही पढ़ाई करनी पड़ रही है और वहीं पोषण आहार लेना भी पड़ रहा है। यहां तक कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी बच्चों को पेड़ों की छांव में या खुले मैदान में संभालने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर स्थिति को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों की यह मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही एक नया आंगनवाड़ी भवन बनाया जाए या फिर इस जर्जर भवन का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए।
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    कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील क्षेत्र के ग्राम अमाड़ी में आंगनवाड़ी भवन वर्षों से बेहद जर्जर हालत में पड़ा हुआ है। भवन की दीवारें जगह-जगह से दरक चुकी हैं और छत का प्लास्टर गिर रहा है, जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा और गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

भवन के असुरक्षित होने की वजह से, छोटे बच्चों को तेज धूप और मौसम की मार के बीच खुले आसमान के नीचे ही पढ़ाई करनी पड़ रही है और वहीं पोषण आहार लेना भी पड़ रहा है। यहां तक कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी बच्चों को पेड़ों की छांव में या खुले मैदान में संभालने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर स्थिति को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों की यह मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही एक नया आंगनवाड़ी भवन बनाया जाए या फिर इस जर्जर भवन का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए।
    user_Koushal tiwari
    Koushal tiwari
    Carpenter Bahoriband, Katni•
    19 hrs ago
  • जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज, रविवार, 31 मई 2026 को प्रातः काल के श्रृंगार दर्शन हुए। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय हो माई की' का जयघोष किया।
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    जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज, रविवार, 31 मई 2026 को प्रातः काल के श्रृंगार दर्शन हुए। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय हो माई की' का जयघोष किया।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    2 hrs ago
  • जिला कलेक्टर के निर्देश पर एक वार्डन को शो काज नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के सीधे आदेश पर की गई।
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    जिला कलेक्टर के निर्देश पर एक वार्डन को शो काज नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के सीधे आदेश पर की गई।
    user_Ankur Pandey
    Ankur Pandey
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कटनी जनपद की ग्राम पंचायत पौंसरा इस समय गंभीर विवादों में घिरी हुई है। गांव के सरपंच अनिरुद्ध पांडे पर शासकीय भूमि पर कब्जा करने, सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करने और प्रशासनिक प्रभाव का उपयोग कर निजी हित साधने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें अत्यधिक आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि जमोड़ी टोला में लगभग 50 वर्ष पुरानी शासकीय सीसी सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर रखकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे आम लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। विशेषकर बड़े वाहनों की आवाजाही थम गई है। उनका यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग जमोड़ी टोला से बाम चौरा तक आने-जाने का प्रमुख रास्ता है, और इसके बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। विवाद यहीं तक सीमित नहीं है; ग्रामीणों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है कि वर्ष 2013 में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा स्कूल के लिए सुरक्षित की गई लगभग 7 डिसमिल शासकीय भूमि पर भी पक्का निर्माण करा लिया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह निर्माण नियमों के विरुद्ध हुआ है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। इस मामले में सुरेश कुमार, आनंद, नंदनी, प्रेमलाल, नीरज, उमेश कोरी, राजेश, संजय कोल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उनकी प्रमुख मांगें हैं कि बंद किए गए शासकीय मार्ग को तत्काल खुलवाया जाए, स्कूल की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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    कटनी जनपद की ग्राम पंचायत पौंसरा इस समय गंभीर विवादों में घिरी हुई है। गांव के सरपंच अनिरुद्ध पांडे पर शासकीय भूमि पर कब्जा करने, सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करने और प्रशासनिक प्रभाव का उपयोग कर निजी हित साधने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें अत्यधिक आक्रोश है।

ग्रामीणों ने बताया कि जमोड़ी टोला में लगभग 50 वर्ष पुरानी शासकीय सीसी सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर रखकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे आम लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। विशेषकर बड़े वाहनों की आवाजाही थम गई है। उनका यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग जमोड़ी टोला से बाम चौरा तक आने-जाने का प्रमुख रास्ता है, और इसके बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है।

विवाद यहीं तक सीमित नहीं है; ग्रामीणों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है कि वर्ष 2013 में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा स्कूल के लिए सुरक्षित की गई लगभग 7 डिसमिल शासकीय भूमि पर भी पक्का निर्माण करा लिया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह निर्माण नियमों के विरुद्ध हुआ है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।

इस मामले में सुरेश कुमार, आनंद, नंदनी, प्रेमलाल, नीरज, उमेश कोरी, राजेश, संजय कोल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उनकी प्रमुख मांगें हैं कि बंद किए गए शासकीय मार्ग को तत्काल खुलवाया जाए, स्कूल की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
    user_Balkishan Namdev
    Balkishan Namdev
    Electrician कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
  • पूरा पटेल समाज मनीष पटेल के लिए न्याय की मांग कर रहा है। उनकी स्पष्ट चेतावनी है कि यदि मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलता है, तो 'शुद्ध प्रदेश' में शासन-प्रशासन पर से जनता का भरोसा उठ जाएगा। समाज का कहना है कि जातिवाद के आधार पर एफ.आई.आर. दर्ज की जा रही हैं, जिसके खिलाफ आवाज उठाई गई है। पटेल समाज ने दृढ़ संकल्प लिया है कि जब तक मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इस मांग के समर्थन में "पटेल एकता जिंदाबाद जिंदाबाद जय सरदार पटेल" के नारे भी लगाए गए हैं।
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    पूरा पटेल समाज मनीष पटेल के लिए न्याय की मांग कर रहा है। उनकी स्पष्ट चेतावनी है कि यदि मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलता है, तो 'शुद्ध प्रदेश' में शासन-प्रशासन पर से जनता का भरोसा उठ जाएगा।

समाज का कहना है कि जातिवाद के आधार पर एफ.आई.आर. दर्ज की जा रही हैं, जिसके खिलाफ आवाज उठाई गई है। पटेल समाज ने दृढ़ संकल्प लिया है कि जब तक मनीष पटेल को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इस मांग के समर्थन में "पटेल एकता जिंदाबाद जिंदाबाद जय सरदार पटेल" के नारे भी लगाए गए हैं।
    user_Aman Kumar Patel
    Aman Kumar Patel
    Farmer बरही, कटनी, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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