ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में शामिल हुआ सेवल मंदिर, कार्तिक में देशभर से आएंगे 5 हजार श्रद्धालु रिपोर्ट राजेश चौधरी राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे 250 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन,नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड भी आध्यात्मिक शांति से हुए अभिभूत, कार्तिक में आएंगे 5000 श्रद्धालु सीकरी । ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान सेवल मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। रविवार को राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 250 श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए। भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन किया और सेवल मंदिर की पवित्र पहाड़ियों की परिक्रमा की। इस दौरान पारंपरिक खेलों का आयोजन भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, अजमेर और श्रीगंगानगर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मथुरा-वृंदावन की भीड़ के बीच सेवल मंदिर की शांति आकर्षित कर रही श्रद्धालुओं को सेवल मंदिर के जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने बताया कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव जैसे प्रमुख ब्रज तीर्थस्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से काफी भीड़ रहती है। ऐसे में आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वाले लोग ब्रज के अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सेवल मंदिर की धार्मिक महत्ता, प्राकृतिक वातावरण और पवित्र पहाड़ियां देशभर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही हैं। उन्होंने बताया कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा आयोजित कराने वाले कई यात्रा आयोजकों और श्रद्धालुओं ने सेवल मंदिर को भी अपनी यात्रा में शामिल करने के लिए संपर्क किया है। इसी के चलते इस बार कार्तिक मास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के अंतर्गत करीब 5 हजार श्रद्धालुओं के सेवल मंदिर पहुंचने की संभावना है। इनमें राजस्थान के अलावा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु शामिल होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी होने पर कार्तिक में एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने कहा कि सेवल मंदिर में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बास बुर्जा के पास दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर कट बनने से जयपुर, गुड़गांव, दिल्ली से लाखों लोग बहुत ही आसानी से सेवल पहुंच पाएंगे| दास ने बताया कि कनेक्टिविटी बेहतर होती है, तो कार्तिक मास में एक 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे सेवल मंदिर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा । नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड ने अनुभव किया आध्यात्मिक सुकून जयपुर से यात्रा में पहुंचे नोकिया कंपनी के रिसर्च विंग के इंडिया हेड श्री बालाभूषण भी सेवल मंदिर के वातावरण से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, कीर्तन और पहाड़ियों की परिक्रमा के दौरान विशेष आध्यात्मिक सुकून का अनुभव किया। यात्रा पूरी होने के बाद भी उनका मन यहां से जाने का नहीं हुआ और वे कुछ समय और सेवल मंदिर में ही रुक गए। उनका अनुभव दर्शाता है कि सेवल मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की तलाश करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर रहा है। साधु-संतों की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है सेवल मंदिर सेवल मंदिर ब्रज चौरासी कोस के काम्यवन से जुड़ा प्राचीन तीर्थस्थल है। यह स्थान साधु-संतों की तपस्थली के रूप में जाना जाता है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण यहां गोचारण के लिए आते थे। मंदिर की पवित्र पहाड़ियां, प्राकृतिक परिवेश और आध्यात्मिक परंपराएं इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में सेवल मंदिर को शामिल किए जाने से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की उम्मीद है। कार्तिक मास में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण यहां धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और सेवल मंदिर के ब्रज के प्रमुख तीर्थस्थलों के साथ पर्यटन मानचित्र पर उभरने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में शामिल हुआ सेवल मंदिर, कार्तिक में देशभर से आएंगे 5 हजार श्रद्धालु रिपोर्ट राजेश चौधरी राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे 250 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन,नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड भी आध्यात्मिक शांति से हुए अभिभूत, कार्तिक में आएंगे 5000 श्रद्धालु सीकरी । ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान सेवल मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। रविवार को राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 250 श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए। भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन किया और सेवल मंदिर की पवित्र पहाड़ियों की परिक्रमा की। इस दौरान पारंपरिक खेलों का आयोजन भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, अजमेर और श्रीगंगानगर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मथुरा-वृंदावन की भीड़ के बीच सेवल मंदिर की शांति आकर्षित कर रही श्रद्धालुओं को सेवल मंदिर के जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने बताया कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव जैसे प्रमुख ब्रज तीर्थस्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से काफी भीड़ रहती है। ऐसे में आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वाले लोग ब्रज के अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सेवल मंदिर की धार्मिक महत्ता, प्राकृतिक वातावरण और पवित्र पहाड़ियां देशभर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही हैं। उन्होंने बताया कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा आयोजित कराने वाले कई यात्रा आयोजकों और श्रद्धालुओं ने सेवल मंदिर को भी अपनी यात्रा में शामिल करने के लिए संपर्क किया है। इसी के चलते इस बार कार्तिक मास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के अंतर्गत करीब 5 हजार श्रद्धालुओं के सेवल मंदिर पहुंचने की संभावना है। इनमें राजस्थान के अलावा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु शामिल होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी होने पर कार्तिक में एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने कहा कि सेवल मंदिर में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बास बुर्जा के पास दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर कट बनने से जयपुर, गुड़गांव, दिल्ली से लाखों लोग बहुत ही आसानी से सेवल पहुंच पाएंगे| दास ने बताया कि कनेक्टिविटी बेहतर होती है, तो कार्तिक मास में एक 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे सेवल मंदिर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा । नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड ने अनुभव किया आध्यात्मिक सुकून जयपुर से यात्रा में पहुंचे नोकिया कंपनी के रिसर्च विंग के इंडिया हेड श्री बालाभूषण भी सेवल मंदिर के वातावरण से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, कीर्तन और पहाड़ियों की परिक्रमा के दौरान विशेष आध्यात्मिक सुकून का अनुभव किया। यात्रा पूरी होने के बाद भी उनका मन यहां से जाने का नहीं हुआ और वे कुछ समय और सेवल मंदिर में ही रुक गए। उनका अनुभव दर्शाता है कि सेवल मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की तलाश करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर रहा है। साधु-संतों की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है सेवल मंदिर सेवल मंदिर ब्रज चौरासी कोस के काम्यवन से जुड़ा प्राचीन तीर्थस्थल है। यह स्थान साधु-संतों की तपस्थली के रूप में जाना जाता है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण यहां गोचारण के लिए आते थे। मंदिर की पवित्र पहाड़ियां, प्राकृतिक परिवेश और आध्यात्मिक परंपराएं इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में सेवल मंदिर को शामिल किए जाने से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की उम्मीद है। कार्तिक मास में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण यहां धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और सेवल मंदिर के ब्रज के प्रमुख तीर्थस्थलों के साथ पर्यटन मानचित्र पर उभरने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में शामिल हुआ सेवल मंदिर, कार्तिक में देशभर से आएंगे 5 हजार श्रद्धालु रिपोर्ट राजेश चौधरी राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे 250 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन,नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड भी आध्यात्मिक शांति से हुए अभिभूत, कार्तिक में आएंगे 5000 श्रद्धालु सीकरी । ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान सेवल मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। रविवार को राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 250 श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए। भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन किया और सेवल मंदिर की पवित्र पहाड़ियों की परिक्रमा की। इस दौरान पारंपरिक खेलों का आयोजन भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, अजमेर और श्रीगंगानगर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मथुरा-वृंदावन की भीड़ के बीच सेवल मंदिर की शांति आकर्षित कर रही श्रद्धालुओं को सेवल मंदिर के जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने बताया कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव जैसे प्रमुख ब्रज तीर्थस्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से काफी भीड़ रहती है। ऐसे में आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वाले लोग ब्रज के अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सेवल मंदिर की धार्मिक महत्ता, प्राकृतिक वातावरण और पवित्र पहाड़ियां देशभर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही हैं। उन्होंने बताया कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा आयोजित कराने वाले कई यात्रा आयोजकों और श्रद्धालुओं ने सेवल मंदिर को भी अपनी यात्रा में शामिल करने के लिए संपर्क किया है। इसी के चलते इस बार कार्तिक मास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के अंतर्गत करीब 5 हजार श्रद्धालुओं के सेवल मंदिर पहुंचने की संभावना है। इनमें राजस्थान के अलावा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु शामिल होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी होने पर कार्तिक में एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने कहा कि सेवल मंदिर में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बास बुर्जा के पास दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर कट बनने से जयपुर, गुड़गांव, दिल्ली से लाखों लोग बहुत ही आसानी से सेवल पहुंच पाएंगे| दास ने बताया कि कनेक्टिविटी बेहतर होती है, तो कार्तिक मास में एक 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे सेवल मंदिर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा । नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड ने अनुभव किया आध्यात्मिक सुकून जयपुर से यात्रा में पहुंचे नोकिया कंपनी के रिसर्च विंग के इंडिया हेड श्री बालाभूषण भी सेवल मंदिर के वातावरण से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, कीर्तन और पहाड़ियों की परिक्रमा के दौरान विशेष आध्यात्मिक सुकून का अनुभव किया। यात्रा पूरी होने के बाद भी उनका मन यहां से जाने का नहीं हुआ और वे कुछ समय और सेवल मंदिर में ही रुक गए। उनका अनुभव दर्शाता है कि सेवल मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की तलाश करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर रहा है। साधु-संतों की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है सेवल मंदिर सेवल मंदिर ब्रज चौरासी कोस के काम्यवन से जुड़ा प्राचीन तीर्थस्थल है। यह स्थान साधु-संतों की तपस्थली के रूप में जाना जाता है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण यहां गोचारण के लिए आते थे। मंदिर की पवित्र पहाड़ियां, प्राकृतिक परिवेश और आध्यात्मिक परंपराएं इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में सेवल मंदिर को शामिल किए जाने से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की उम्मीद है। कार्तिक मास में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण यहां धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और सेवल मंदिर के ब्रज के प्रमुख तीर्थस्थलों के साथ पर्यटन मानचित्र पर उभरने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में शामिल हुआ सेवल मंदिर, कार्तिक में देशभर से आएंगे 5 हजार श्रद्धालु रिपोर्ट राजेश चौधरी राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे 250 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन,नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड भी आध्यात्मिक शांति से हुए अभिभूत, कार्तिक में आएंगे 5000 श्रद्धालु सीकरी । ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान सेवल मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। रविवार को राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 250 श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए। भक्तों ने 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की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
- ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में शामिल हुआ सेवल मंदिर, कार्तिक में देशभर से आएंगे 5 हजार श्रद्धालु रिपोर्ट राजेश चौधरी राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे 250 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन,नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड भी आध्यात्मिक शांति से हुए अभिभूत, कार्तिक में आएंगे 5000 श्रद्धालु सीकरी । ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान सेवल मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। रविवार को राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 250 श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए। भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन किया और सेवल मंदिर की पवित्र पहाड़ियों की परिक्रमा की। इस दौरान पारंपरिक खेलों का आयोजन भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, अजमेर और श्रीगंगानगर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मथुरा-वृंदावन की भीड़ के बीच सेवल मंदिर की शांति आकर्षित कर रही श्रद्धालुओं को सेवल मंदिर के जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने बताया कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव जैसे प्रमुख ब्रज तीर्थस्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से काफी भीड़ रहती है। ऐसे में आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वाले लोग ब्रज के अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सेवल मंदिर की धार्मिक महत्ता, प्राकृतिक वातावरण और पवित्र पहाड़ियां देशभर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही हैं। उन्होंने बताया कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा आयोजित कराने वाले कई यात्रा आयोजकों और श्रद्धालुओं ने सेवल मंदिर को भी अपनी यात्रा में शामिल करने के लिए संपर्क किया है। इसी के चलते इस बार कार्तिक मास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के अंतर्गत करीब 5 हजार श्रद्धालुओं के सेवल मंदिर पहुंचने की संभावना है। इनमें राजस्थान के अलावा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु शामिल होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी होने पर कार्तिक में एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने कहा कि सेवल मंदिर में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बास बुर्जा के पास दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर कट बनने से जयपुर, गुड़गांव, दिल्ली से लाखों लोग बहुत ही आसानी से सेवल पहुंच पाएंगे| दास ने बताया कि कनेक्टिविटी बेहतर होती है, तो कार्तिक मास में एक 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे सेवल मंदिर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा । नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड ने अनुभव किया आध्यात्मिक सुकून जयपुर से यात्रा में पहुंचे नोकिया कंपनी के रिसर्च विंग के इंडिया हेड श्री बालाभूषण भी सेवल मंदिर के वातावरण से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, कीर्तन और पहाड़ियों की परिक्रमा के दौरान विशेष आध्यात्मिक सुकून का अनुभव किया। यात्रा पूरी होने के बाद भी उनका मन यहां से जाने का नहीं हुआ और वे कुछ समय और सेवल मंदिर में ही रुक गए। उनका अनुभव दर्शाता है कि सेवल मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की तलाश करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर रहा है। साधु-संतों की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है सेवल मंदिर सेवल मंदिर ब्रज चौरासी कोस के काम्यवन से जुड़ा प्राचीन तीर्थस्थल है। यह स्थान साधु-संतों की तपस्थली के रूप में जाना जाता है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण यहां गोचारण के लिए आते थे। मंदिर की पवित्र पहाड़ियां, प्राकृतिक परिवेश और आध्यात्मिक परंपराएं इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में सेवल मंदिर को शामिल किए जाने से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की उम्मीद है। कार्तिक मास में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण यहां धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और सेवल मंदिर के ब्रज के प्रमुख तीर्थस्थलों के साथ पर्यटन मानचित्र पर उभरने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में शामिल हुआ सेवल मंदिर, कार्तिक में देशभर से आएंगे 5 हजार श्रद्धालु रिपोर्ट राजेश चौधरी राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे 250 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन,नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड भी आध्यात्मिक शांति से हुए अभिभूत, कार्तिक में आएंगे 5000 श्रद्धालु सीकरी । ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान सेवल मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। रविवार को राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 250 श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए। भक्तों ने 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करीब 5 हजार श्रद्धालुओं के सेवल मंदिर पहुंचने की संभावना है। इनमें राजस्थान के अलावा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु शामिल होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी होने पर कार्तिक में एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने कहा कि सेवल मंदिर में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बास बुर्जा के पास दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर कट बनने से जयपुर, गुड़गांव, दिल्ली से लाखों लोग बहुत ही आसानी से सेवल पहुंच पाएंगे| दास ने बताया कि कनेक्टिविटी बेहतर होती है, तो कार्तिक मास में एक 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे सेवल मंदिर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा । नोकिया के रिसर्च विंग के इंडिया हेड ने अनुभव किया आध्यात्मिक सुकून जयपुर से यात्रा में पहुंचे नोकिया कंपनी के रिसर्च विंग के इंडिया हेड श्री बालाभूषण भी सेवल मंदिर के वातावरण से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने यहां की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, कीर्तन और पहाड़ियों की परिक्रमा के दौरान विशेष आध्यात्मिक सुकून का अनुभव किया। यात्रा पूरी होने के बाद भी उनका मन यहां से जाने का नहीं हुआ और वे कुछ समय और सेवल मंदिर में ही रुक गए। उनका अनुभव दर्शाता है कि सेवल मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की तलाश करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर रहा है। साधु-संतों की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है सेवल मंदिर सेवल मंदिर ब्रज चौरासी कोस के काम्यवन से जुड़ा प्राचीन तीर्थस्थल है। यह स्थान साधु-संतों की तपस्थली के रूप में जाना जाता है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण यहां गोचारण के लिए आते थे। मंदिर की पवित्र पहाड़ियां, प्राकृतिक परिवेश और आध्यात्मिक परंपराएं इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में सेवल मंदिर को शामिल किए जाने से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की उम्मीद है। कार्तिक मास में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण यहां धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और सेवल मंदिर के ब्रज के प्रमुख तीर्थस्थलों के साथ पर्यटन मानचित्र पर उभरने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।1
- #छाता- 🚨 छाता शुगर मिल से बड़ी खबर | मथुरा न्यूज़ 🚨 पिछले एक घंटे से सभी लोग शमरी पर खड़े हैं। हमारे पदम फौजी का कहना है कि जब तक 25 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई FIR को लिखित रूप में वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे गन्ना मिल पर वापस नहीं लौटेंगे। पदम फौजी ने अधिकारियों तक अपनी बात पहुँचाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाती और गन्ना मिल चालू कराने के लिए उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे धरने पर वापस नहीं लौटेंगे। 📢 अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और छाता शुगर मिल कब चालू होती है। 📍 छाता शुगर मिल, मथुरा #ChhataSugarMill #MathuraNews #PadamFoji #गन्ना_मिल #किसान_आंदोलन #SugarMillUpdate #trendingreels #viralreelsfacebook #छाता- 🚨 छाता शुगर मिल से बड़ी खबर | मथुरा न्यूज़ 🚨 पिछले एक घंटे से सभी लोग शमरी पर खड़े हैं। हमारे पदम फौजी का कहना है कि जब तक 25 लोगों के खिलाफ दर्ज की गई FIR को लिखित रूप में वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे गन्ना मिल पर वापस नहीं लौटेंगे। पदम फौजी ने अधिकारियों तक अपनी बात पहुँचाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाती और गन्ना मिल चालू कराने के लिए उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे धरने पर वापस नहीं लौटेंगे। 📢 अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और छाता शुगर मिल कब चालू होती है। 📍 छाता शुगर मिल, मथुरा #ChhataSugarMill #MathuraNews #PadamFoji #गन्ना_मिल #किसान_आंदोलन #SugarMillUpdate #trendingreels #viralreelsfacebook1
- एशियन पैरा गेम्स 2026 में राम रतन सिंह जादौन ने जीता रजत पदक, गांव में हुआ भव्य स्वागत छाता (मथुरा)। जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में मथुरा जनपद के ग्राम नरी निवासी राम रतन सिंह जादौन ने डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक) स्पर्धा में रजत पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि से गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। गृह ग्राम पहुंचने पर सरदारी समाज एवं ग्रामवासियों ने फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। राम रतन सिंह जादौन, पुत्र मुनेश कुमार, की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। सम्मान समारोह में समाज के बुजुर्गों एवं गणमान्य लोगों ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि राम रतन सिंह ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता ने मथुरा जनपद के साथ देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं और उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। इस अवसर पर भाई वह कोच प्रहलाद सिंह लक्ष्मीनारायण बहन गायत्री चेयरमैन प्रतिनिधि फाल्गुन उर्फ कान्हा, दिगंबर चौधरी, अभय पाल सिंह, आदित्य लंबरदार, यशपाल मास्टर, श्रीचंद, भगत सिंह, कलुआ, भोला बौहरे, मुरारी प्रधान, राजाराम, राजवीर नेता, अजय प्रधान, जयपाल मास्टर, करण प्रधान और भोलू प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं खेल प्रेमी मौजूद रहे1
- डीग के युवा भामाशाहों ने उपसभापति प्रदीप शर्मा ‘बंटू’ का किया भव्य स्वागत माला, दुपट्टा, साफा और प्रतीक चिह्न भेंट कर किया सम्मानित, गरीबों व जरूरतमंदों की सेवा को बताया प्राथमिकता अमर दीप सेन, डीग। ऐतिहासिक जल महलों की नगरी डीग में नगर परिषद के उपसभापति प्रदीप कुमार शर्मा ‘बंटू’ का शहर के गणमान्य नागरिकों एवं युवा भामाशाहों की ओर से भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। किले के पास स्थित बीएसएनएल कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में उपसभापति का माल्यार्पण कर, दुपट्टा, साफा पहनाकर तथा प्रतीक चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने प्रदीप शर्मा के सरल, ईमानदार, मिलनसार और हंसमुख स्वभाव की सराहना करते हुए उनके सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण की प्रशंसा की। कार्यक्रम में गोवर्धन से पधारे जयदास महाराज सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं युवा भामाशाह मौजूद रहे। गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा ही सच्चा धर्म : प्रदीप शर्मा सम्मान से अभिभूत उपसभापति प्रदीप शर्मा ‘बंटू’ ने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। गरीब परिवारों की सहायता, जरूरतमंद बेटियों की शादी में सहयोग, सर्दी के मौसम में गरीब बच्चों को गर्म कपड़े उपलब्ध कराना तथा विद्यालयों में जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद करना जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने संत-महात्माओं के सम्मान और सेवा को भी भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम और संपन्न लोगों को आगे आकर जनसेवा के कार्यों में सहयोग करना चाहिए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल सके और समाज में सेवा, सहयोग एवं सद्भाव की भावना मजबूत हो। कार्यक्रम में सुनील खंडेलवाल, दीपक बंसल, सुरेश खंडेलवाल, गोपाल सैनी, बृजेश गुरु4
- #गाजियाबाद में #करवाचौथ से ठीक 2 दिन पहले एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। इंदिरापुरम के रहने वाली प्रिया ने करवा चौथ से पहले जिम ट्रेनर प्रेमी प्रताप के साथ अपने पति शशांक की हत्या करने की कोशिश की। पुलिस ने प्रेमी-प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया है। Ghaziabad Police #UPNews #mathurakeshrinewss1
- BREAKING NEWS छाता चीनी मिल धरना: किसानों का मथुरा कूच का ऐलान, गांव-गांव से उमड़ा रहा धरने पर जनसैलाब। छाता (मथुरा)। छाता चीनी मिल पर चल रहा किसानों का धरना प्रदर्शन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। भूतपूर्व सैनिक ललित कर्मयोगी किसान चीनी मिल धरना स्थल से बड़ी संख्या में किसानों ने मथुरा के लिए कूच करने की तैयारी कर ली है। इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए आसपास के ग्रामीण इलाकों से भारी संख्या में किसान और मातृशक्ति (महिलाएं) धरना स्थल छाता पर पहुंच रही हैं। क्षेत्र के गांव-गांव से किसानों के जत्थे अपने-अपने ट्रैक्टरों के साथ धरना स्थल की ओर लगातार बढ़ रहे हैं। किसानों के हाथों में तिरंगा झंडा है और पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।1
- मथुरा रिपोर्टर बंटी कुमार अखिल भारतीय गुर्जर महासभा 31 अक्टूबर को मनाएगी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मथुरा अखिल भारतीय गुर्जर महासभा युवा द्वारा आगामी 31 अक्टूबर को देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है यह जानकारी उत्तर प्रदेश अखिल भारतीय गुर्जर महासभा युवा के प्रदेश अध्यक्ष ने दी है पटेल लोक सांस्कृतिक संस्थान ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क गौतम बुद्ध नगर कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू होगा कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध लोक कलाकार ब्रह्मपाल नागर अपनी प्रस्तुतियां देंगे प्रदेश अध्यक्ष ने सभी प्रदेशवासियों और देशवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर देश की एकता के लिए रियासतों को एक करने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के इस कार्यक्रम को सफल बनाएं4
- भाजपा प्रत्याशी गुडाई हो रही है यहाँ पर...... See more भाजपा प्रत्याशी गुडाई हो रही है यहाँ पर...... See more1