Shuru
Apke Nagar Ki App…
अंब बाजार में खुद को डॉक्टर बताकर सर्राफ से तीन लाख के गहने ले उड़ा शातिर ठग जिला ऊना के अंब बाजार में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक शातिर ठग ने खुद को प्रतिष्ठित डॉक्टर बताकर एक सर्राफा व्यापारी से करीब तीन लाख रुपये के सोने के गहने ठग लिए और मौके से फरार हो गया। घटना की पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
चंद्रमोहन
अंब बाजार में खुद को डॉक्टर बताकर सर्राफ से तीन लाख के गहने ले उड़ा शातिर ठग जिला ऊना के अंब बाजार में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक शातिर ठग ने खुद को प्रतिष्ठित डॉक्टर बताकर एक सर्राफा व्यापारी से करीब तीन लाख रुपये के सोने के गहने ठग लिए और मौके से फरार हो गया। घटना की पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।
More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
- जिला ऊना के अंब बाजार में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक शातिर ठग ने खुद को प्रतिष्ठित डॉक्टर बताकर एक सर्राफा व्यापारी से करीब तीन लाख रुपये के सोने के गहने ठग लिए और मौके से फरार हो गया। घटना की पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।1
- कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के झलेड़ा में विधायक विवेक शर्मा ने आधे अधूरे भवन का उद्घाटन कर दिया जिस पर विपक्षी नेता दविंद्र कुमार भुट्टो ने तीखा हमला किया है #कुटलैहड़ #भुट्टो #बिक्कू #विधायक #ऊना #कांग्रेस #भाजपा #राजनीति1
- Cosmetics And Parlor Items Business1
- Post by Dinesh Kumar1
- सदर विधानसभा क्षेत्र के तहत कुड्डी पंचायत में भराथू से जंगल झलेड़ा तथा सोलगजुरासी पंचायत में सोलग से जुरासी सड़कों के निर्माण को लेकर इंतजार खत्म होने जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज़-4) में इन सड़कों के निर्माण केे लिए न केवल मंजूरी मिल गई है, बल्कि इनके लिए लगभग 17.12 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान भी किया गया है। इन सड़कों के बन जाने से देलग, झलेड़ा, भराथू और जुरासी आदि गांवों के हजारों लोग लाभांवित होंगे। सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र की भाग्य रेखाएं कही जाती हैं। सड़क सुविधा होने से जहां संबंधित इलाकों में विकास का उजाला सही ढंग से पहंुचता है, वहीं परिवहन सुविधा मिलने से लोगों की जिंदगी भी आसान होती है। इसी के मद्देनजर सदर विधानसभा क्षेत्र के हर गांव को सड़कों से जोड़ने के लिए यथासंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज़-4) में सदर विधानसभा क्षेत्र के लिए 2 नई सड़कें मंजूर हुई हैं। इनमें से भराथू-जंगल झलेड़ा सड़क के लिए 830.11 लाख, जबकि सोलग-जुरासी सड़क के लिए 881.04 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा तथा सांसद अनुराग ठाकुर समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं का आभार जताते हुए कहा कि इन सड़कों के बन जाने से हजारों लोगों की अरसे से लंबित मांग पूरी होगी। जल्द ही औपचारिकताएं पूरी करके इनका काम शुरू करवाया जाएगा।1
- देव पब्लिक स्कूल उरला में रेबीज जागरूकता पर विशेष व्याख्यान डॉ. दीपक वर्मा ने बच्चों को दी जानकारी1
- लडभड़ोल दौरे के दौरान तहसीलदार मुकुल शर्मा की पीठ थपथपा गए डीसी अपूर्व देवगन।1
- ऊना। जिला मुख्यालय नगर निगम क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को सुदृढ़ और व्यवस्थित करने के उद्देश्य से विश्व बैंक के सहयोग से हिमाचल प्रदेश पावर सिस्टम डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत 25 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की गई है। इस परियोजना की औपचारिक शुरुआत वीरवार को जिला मुख्यालय स्थित क्षेत्रीय अस्पताल परिसर से की गई, जहां हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता दर्शन सिंह ने भूमि पूजन कर कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता यशविंदर सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। अधीक्षण अभियंता दर्शन सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत शहर भर में पुराने और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जाएगा, ताकि सभी क्षेत्रों में सुचारू और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में जहां नई आबादियां विकसित हो रही हैं, वहां भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए नए लोड के अनुरूप ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में जहां अभी तक नंगी तारों के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जा रही है, वहां कंडक्टर सिस्टम को हटाकर नई केबल बिछाई जाएगी। इन क्षेत्रों में लगभग 17 से 18 किलोमीटर लंबी केबल डालने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा जिन स्थानों पर नए ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं और जहां तकनीकी रूप से संभव है, वहां करीब साढ़े 4 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड केबल बिछाई जाएगी। इससे न केवल बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित होगी, बल्कि तकनीकी खराबियों और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। अधीक्षण अभियंता ने यह भी स्पष्ट किया कि इस परियोजना के माध्यम से वर्तमान में ओवरलोड चल रही विद्युत प्रणाली को पूरी तरह संतुलित और व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ती बिजली मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि परियोजना पूरी होने के बाद नगर निगम क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बेहतर, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।1