10 साल की छात्रा रोशनी कुमारी हत्याकांड का पटना के सीनियर एसपी ने खुलासा किया , पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया, आरोपी रंजीत कुमार स्टूडेंट को पिछले डेढ़ महीने से सामान, रुपये देकर बहला फुसला रहा था। बुधवार (22 अप्रैल2026) को स्टूडेंट जब दूध देकर लौट रही थी, उस वक्त वो उसे अपने कमरे में ले गया। वहां दरवाजा बंद किया तब स्टूडेंट ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच आरोपी ने लोढ़ा से सिर पर हमला कर दिया, जिसमें स्टूडेंट की मौत हो गई।मौत के बाद आरोपी ने अपने बेड के नीचे बॉडी छिपा दी। अगली सुबह 23 April 2026 उसे तालाब में लेकर डालने के लिए जा रहा था। 100 मीटर आगे बढ़ा इसी बीच गश्ती गाड़ी वहां से गुजर रही थी।इसे देखकर वह गली में ही डेड बॉडी छोड़कर फरार हो गया। रंजीत के कमरे से लोढ़ा, खून से सना तकिया, दीवार पर लगे खून के छींटे, दूध वाला केन मिला है।घटना बाईपास थाना क्षेत्र की है। गुरुवार को रोशनी की डेड बॉडी मिली थी। इसके बाद से ही पुलिस जांच कर रही थी।इधर, घटना के बाद रंजीत आसपास में पुलिस की एक्टिविटी देखकर एविडेंस मिटाने में लगा था। कमरे को धीरे-धीरे साफ कर रहा था।उसमें से सामान बाहर फेंक रहा था। पुलिस ने इसकी एक्टिविटी देखकर इस पर आशंका जाहिर की और जब इसके कमरे में पहुंची तो इसके भेद खुल गए।#ApnaCityTakNews #PatnaCity #PatnaPolice #Patna #VairlNews 10 साल की छात्रा रोशनी कुमारी हत्याकांड का पटना के सीनियर एसपी ने खुलासा किया , पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया, आरोपी रंजीत कुमार स्टूडेंट को पिछले डेढ़ महीने से सामान, रुपये देकर बहला फुसला रहा था। बुधवार (22 अप्रैल2026) को स्टूडेंट जब दूध देकर लौट रही थी, उस वक्त वो उसे अपने कमरे में ले गया। वहां दरवाजा बंद किया तब स्टूडेंट ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच आरोपी ने लोढ़ा से सिर पर हमला कर दिया, जिसमें स्टूडेंट की मौत हो गई।मौत के बाद आरोपी ने अपने बेड के नीचे बॉडी छिपा दी। अगली सुबह 23 April 2026 उसे तालाब में लेकर डालने के लिए जा रहा था। 100 मीटर आगे बढ़ा इसी बीच गश्ती गाड़ी वहां से गुजर रही थी।इसे देखकर वह गली में ही डेड बॉडी छोड़कर फरार हो गया। रंजीत के कमरे से लोढ़ा, खून से सना तकिया, दीवार पर लगे खून के छींटे, दूध वाला केन मिला है।घटना बाईपास थाना क्षेत्र की है। गुरुवार को रोशनी की डेड बॉडी मिली थी। इसके बाद से ही पुलिस जांच कर रही थी।इधर, घटना के बाद रंजीत आसपास में पुलिस की एक्टिविटी देखकर एविडेंस मिटाने में लगा था। कमरे को धीरे-धीरे साफ कर रहा था।उसमें से सामान बाहर फेंक रहा था। पुलिस ने इसकी एक्टिविटी देखकर इस पर आशंका जाहिर की और जब इसके कमरे में पहुंची तो इसके भेद खुल गए।#ApnaCityTakNews #PatnaCity #PatnaPolice #Patna #VairlNews
10 साल की छात्रा रोशनी कुमारी हत्याकांड का पटना के सीनियर एसपी ने खुलासा किया , पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया, आरोपी रंजीत कुमार स्टूडेंट को पिछले डेढ़ महीने से सामान, रुपये देकर बहला फुसला रहा था। बुधवार (22 अप्रैल2026) को स्टूडेंट जब दूध देकर लौट रही थी, उस वक्त वो उसे अपने कमरे में ले गया। वहां दरवाजा बंद किया तब स्टूडेंट ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच आरोपी ने लोढ़ा से सिर पर हमला कर दिया, जिसमें स्टूडेंट की मौत हो गई।मौत के बाद आरोपी ने अपने बेड के नीचे बॉडी छिपा दी। अगली सुबह 23 April 2026 उसे तालाब में लेकर डालने के लिए जा रहा था। 100 मीटर आगे बढ़ा इसी बीच गश्ती गाड़ी वहां से गुजर रही थी।इसे देखकर वह गली में ही डेड बॉडी छोड़कर फरार हो गया। रंजीत के कमरे से लोढ़ा, खून से सना तकिया, दीवार पर लगे खून के छींटे, दूध वाला केन मिला है।घटना बाईपास थाना क्षेत्र की है। गुरुवार को रोशनी की डेड बॉडी मिली थी। इसके बाद से ही पुलिस जांच कर रही थी।इधर, घटना के बाद रंजीत आसपास में पुलिस की एक्टिविटी देखकर एविडेंस मिटाने में लगा था। कमरे को धीरे-धीरे साफ कर रहा था।उसमें से सामान बाहर फेंक रहा था। पुलिस ने इसकी एक्टिविटी देखकर इस पर आशंका जाहिर की और जब इसके कमरे में पहुंची तो इसके भेद खुल गए।#ApnaCityTakNews #PatnaCity #PatnaPolice #Patna #VairlNews 10 साल की छात्रा रोशनी कुमारी हत्याकांड का पटना के सीनियर एसपी ने खुलासा किया , पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया, आरोपी रंजीत कुमार स्टूडेंट को पिछले डेढ़ महीने से सामान, रुपये देकर बहला फुसला रहा था। बुधवार (22 अप्रैल2026) को स्टूडेंट जब दूध देकर लौट रही थी, उस वक्त वो उसे अपने कमरे में ले गया। वहां दरवाजा बंद किया तब स्टूडेंट ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच आरोपी ने लोढ़ा से सिर पर हमला कर दिया, जिसमें स्टूडेंट की मौत हो गई।मौत के बाद आरोपी ने अपने बेड के नीचे बॉडी छिपा दी। अगली सुबह 23 April 2026 उसे तालाब में लेकर डालने के लिए जा रहा था। 100 मीटर आगे बढ़ा इसी बीच गश्ती गाड़ी वहां से गुजर रही थी।इसे देखकर वह गली में ही डेड बॉडी छोड़कर फरार हो गया। रंजीत के कमरे से लोढ़ा, खून से सना तकिया, दीवार पर लगे खून के छींटे, दूध वाला केन मिला है।घटना बाईपास थाना क्षेत्र की है। गुरुवार को रोशनी की डेड बॉडी मिली थी। इसके बाद से ही पुलिस जांच कर रही थी।इधर, घटना के बाद रंजीत आसपास में पुलिस की एक्टिविटी देखकर एविडेंस मिटाने में लगा था। कमरे को धीरे-धीरे साफ कर रहा था।उसमें से सामान बाहर फेंक रहा था। पुलिस ने इसकी एक्टिविटी देखकर इस पर आशंका जाहिर की और जब इसके कमरे में पहुंची तो इसके भेद खुल गए।#ApnaCityTakNews #PatnaCity #PatnaPolice #Patna #VairlNews
- 10 साल की छात्रा रोशनी कुमारी हत्याकांड का पटना के सीनियर एसपी ने खुलासा किया , पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया, आरोपी रंजीत कुमार स्टूडेंट को पिछले डेढ़ महीने से सामान, रुपये देकर बहला फुसला रहा था। बुधवार (22 अप्रैल2026) को स्टूडेंट जब दूध देकर लौट रही थी, उस वक्त वो उसे अपने कमरे में ले गया। वहां दरवाजा बंद किया तब स्टूडेंट ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच आरोपी ने लोढ़ा से सिर पर हमला कर दिया, जिसमें स्टूडेंट की मौत हो गई।मौत के बाद आरोपी ने अपने बेड के नीचे बॉडी छिपा दी। अगली सुबह 23 April 2026 उसे तालाब में लेकर डालने के लिए जा रहा था। 100 मीटर आगे बढ़ा इसी बीच गश्ती गाड़ी वहां से गुजर रही थी।इसे देखकर वह गली में ही डेड बॉडी छोड़कर फरार हो गया। रंजीत के कमरे से लोढ़ा, खून से सना तकिया, दीवार पर लगे खून के छींटे, दूध वाला केन मिला है।घटना बाईपास थाना क्षेत्र की है। गुरुवार को रोशनी की डेड बॉडी मिली थी। इसके बाद से ही पुलिस जांच कर रही थी।इधर, घटना के बाद रंजीत आसपास में पुलिस की एक्टिविटी देखकर एविडेंस मिटाने में लगा था। कमरे को धीरे-धीरे साफ कर रहा था।उसमें से सामान बाहर फेंक रहा था। पुलिस ने इसकी एक्टिविटी देखकर इस पर आशंका जाहिर की और जब इसके कमरे में पहुंची तो इसके भेद खुल गए।#ApnaCityTakNews #PatnaCity #PatnaPolice #Patna #VairlNews1
- Mukhiyajee Reporter | Patna बिहार में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच कुछ जिलों में मौसम हुआ कूल-कूल, पूर्णिया का देखें वीडियो...1
- राजधानी पटना के बायपास थाना क्षेत्र मे एक नाबालिग लड़की कि हुई हत्या मामले का सफल उद्भेदन कर लिया।पुलिस ने घटना में शामिल मुख्य आरोपी को तकनीकी और मानवीय अनुसंधान केतहत गिरफ्तार कर लिया।1
- पटना से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां बाईपास थाना क्षेत्र में सामने आए एक नाबालिग बच्ची से जुड़े संवेदनशील मामले का पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफल खुलासा किया है। 23 अप्रैल 2026 को इस मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) की निगरानी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पटना सिटी-02 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से जांच शुरू की। एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड की सहायता ली गई, साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्य और मानवीय अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने मामले में संलिप्त आरोपी रंजीत कुमार को छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ठेले पर सामान बेचने का काम करता था और पिछले करीब डेढ़ महीने से बच्ची को बहलाने-फुसलाने का प्रयास कर रहा था। घटना के दिन, जब बच्ची दूध देकर अपने घर लौट रही थी, उसी दौरान आरोपी उसे अपने घर ले गया। वहां बच्ची द्वारा शोर मचाने की कोशिश की गई, जिसके बाद आरोपी ने गंभीर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की कोशिश की। उसने शव को अपने घर में बेड के नीचे छिपा दिया और रात के समय उसे ठिकाने लगाने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस गश्ती को देखकर वह घबरा गया और शव को पास की गली में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस को भ्रमित करने के उद्देश्य से उसने कुछ संदिग्ध वस्तुएं कूड़े में भी फेंक दीं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर और आसपास से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनमें खून लगा लोढ़ी, तकिए, कपड़े तथा बच्ची से जुड़ी अन्य वस्तुएं शामिल हैं। ये सभी साक्ष्य मामले की पुष्टि में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस दौरान, घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा निजी स्वार्थ के चलते सड़क जाम कर पुलिस की जांच में बाधा डालने की कोशिश की गई। इस पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अलग से मामला दर्ज किया और पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई कर रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है। इस त्वरित कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता और तत्परता की सराहना की जा रही है।1
- पटना: स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर राजधानी पटना में तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय टीम आज शहर पहुंचेगी और फील्ड असेसमेंट की प्रक्रिया शुरू करेगी, जो 31 मई तक चलेगी। इस सर्वेक्षण में नागरिकों की भागीदारी को सबसे अहम माना गया है। केंद्रीय टीम शहरवासियों से सफाई व्यवस्था को लेकर सीधे सवाल-जवाब करेगी। इन्हीं जवाबों के आधार पर पटना नगर निगम की रैंकिंग तय की जाएगी। नगर निगम ने सर्वेक्षण को लेकर अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और अधिक से अधिक नागरिकों से इसमें भाग लेने की अपील की है। लोगों से साफ-सफाई को लेकर जागरूक रहने और सही फीडबैक देने को कहा गया है। नागरिकों से पूछे जा सकते हैं ये सवाल: • क्या कचरा उठाने वाली गाड़ी नियमित आती है? • क्या आप गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करते हैं? • क्या सड़कों और गलियों की सफाई से संतुष्ट हैं? • क्या सार्वजनिक शौचालय साफ-सुथरे रहते हैं? • क्या बाजार और व्यावसायिक इलाके साफ रहते हैं? • क्या आसपास कहीं कचरे का ढेर दिखता है? • क्या तालाब, नहर और नाले साफ हैं? • क्या आपको स्वच्छता से जुड़ी शिकायत के लिए ऐप की जानकारी है? नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि पटना को स्वच्छ शहरों की सूची में बेहतर स्थान मिल सके।1
- पटना: छात्रों की सुविधा और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए Patna University में डिजिटल स्टूडियो की शुरुआत कर दी गई है। पिछले सप्ताह इसका उद्घाटन हुआ था और अब इसमें काम भी शुरू हो चुका है। इस डिजिटल स्टूडियो के जरिए शिक्षक अपने लेक्चर को रिकॉर्ड कर सकेंगे, जिससे पढ़ाई का तरीका और बेहतर होगा। रिकॉर्ड किए गए लेक्चर को यूनिवर्सिटी के यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया जाएगा, ताकि छात्र कभी भी और कहीं से भी पढ़ाई कर सकें। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस डिजिटल लैब में हर दिन कम से कम दो वीडियो लेक्चर रिकॉर्ड करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे छात्रों को नियमित रूप से नए कंटेंट मिलेंगे और उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी। यह पहल डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे छात्रों को आधुनिक तकनीक के साथ पढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।2
- Post by N BHARAT NEWS 3651
- Mukhiyajee Reporter पटना एम्स रोड स्थित होटल रॉयल बिहार में 'न्यूरोवैस्कुलर अपडेट पटना 2026' के तहत एक उच्चस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए कई न्यूरो विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने न्यूरो संबंधी गंभीर बीमारियों, विशेषकर स्ट्रोक, ब्रेन हेमरेज और अन्य न्यूरोवैस्कुलर समस्याओं के आधुनिक इलाज पर विस्तृत चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए। वर्कशॉप में डॉ. विकास चंद्र झा, डॉ. परितोष पांडे, डॉ. अनीता जगेटिया, डॉ. बतुक दियोरा और डॉ. दीपक सिंह सहित कई विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भाग लिया। सभी ने ब्रेन एन्यूरिज्म, एवीएम, इस्केमिक स्ट्रोक जैसी जटिल बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली अत्याधुनिक तकनीकों पर अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान युवा डॉक्टरों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे उन्हें नई चिकित्सा पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी मिल सके। विशेषज्ञों ने कहा कि न्यूरो बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित डॉक्टरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. कार्यक्रम में डॉ. राजू अग्रवाल, डॉ. संजय पांडे, डॉ. अरुण अग्रवाल, डॉ. समरेंद्र कुमार सिंह और डॉ. राजीव रंजन ने भी अपने विचार व्यक्त किए और ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया. यह कार्यशाला न्यूरो बीमारियों के बेहतर इलाज, जागरूकता और चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल साबित हुई।2