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पटना में नाबालिग बच्ची हत्याकांड का खुलासा, आरोपी रंजीत कुमार गिरफ्तार पटना से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां बाईपास थाना क्षेत्र में सामने आए एक नाबालिग बच्ची से जुड़े संवेदनशील मामले का पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफल खुलासा किया है। 23 अप्रैल 2026 को इस मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) की निगरानी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पटना सिटी-02 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से जांच शुरू की। एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड की सहायता ली गई, साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्य और मानवीय अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने मामले में संलिप्त आरोपी रंजीत कुमार को छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ठेले पर सामान बेचने का काम करता था और पिछले करीब डेढ़ महीने से बच्ची को बहलाने-फुसलाने का प्रयास कर रहा था। घटना के दिन, जब बच्ची दूध देकर अपने घर लौट रही थी, उसी दौरान आरोपी उसे अपने घर ले गया। वहां बच्ची द्वारा शोर मचाने की कोशिश की गई, जिसके बाद आरोपी ने गंभीर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की कोशिश की। उसने शव को अपने घर में बेड के नीचे छिपा दिया और रात के समय उसे ठिकाने लगाने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस गश्ती को देखकर वह घबरा गया और शव को पास की गली में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस को भ्रमित करने के उद्देश्य से उसने कुछ संदिग्ध वस्तुएं कूड़े में भी फेंक दीं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर और आसपास से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनमें खून लगा लोढ़ी, तकिए, कपड़े तथा बच्ची से जुड़ी अन्य वस्तुएं शामिल हैं। ये सभी साक्ष्य मामले की पुष्टि में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस दौरान, घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा निजी स्वार्थ के चलते सड़क जाम कर पुलिस की जांच में बाधा डालने की कोशिश की गई। इस पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अलग से मामला दर्ज किया और पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई कर रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है। इस त्वरित कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता और तत्परता की सराहना की जा रही है।

8 hrs ago
user_Sudhanshu Ranjan
Sudhanshu Ranjan
Patna Rural, Bihar•
8 hrs ago

पटना में नाबालिग बच्ची हत्याकांड का खुलासा, आरोपी रंजीत कुमार गिरफ्तार पटना से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां बाईपास थाना क्षेत्र में सामने आए एक नाबालिग बच्ची से जुड़े संवेदनशील मामले का पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफल खुलासा किया है। 23 अप्रैल 2026 को इस मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) की निगरानी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पटना सिटी-02 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से जांच शुरू की। एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड की सहायता ली गई, साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्य और मानवीय अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने मामले में संलिप्त आरोपी रंजीत कुमार को छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ठेले पर सामान बेचने का काम करता था और पिछले करीब डेढ़ महीने से बच्ची को बहलाने-फुसलाने का प्रयास कर रहा था। घटना के दिन, जब बच्ची दूध देकर अपने घर लौट रही थी, उसी दौरान आरोपी उसे अपने घर ले गया। वहां बच्ची द्वारा शोर मचाने की कोशिश की गई, जिसके बाद आरोपी ने गंभीर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की कोशिश की। उसने शव को अपने घर में बेड के नीचे छिपा दिया और रात के समय उसे ठिकाने लगाने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस गश्ती को देखकर वह घबरा गया और शव को पास की गली में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस को भ्रमित करने के उद्देश्य से उसने कुछ संदिग्ध वस्तुएं कूड़े में भी फेंक दीं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर और आसपास से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनमें खून लगा लोढ़ी, तकिए, कपड़े तथा बच्ची से जुड़ी अन्य वस्तुएं शामिल हैं। ये सभी साक्ष्य मामले की पुष्टि में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस दौरान, घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा निजी स्वार्थ के चलते सड़क जाम कर पुलिस की जांच में बाधा डालने की कोशिश की गई। इस पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अलग से मामला दर्ज किया और पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई कर रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है। इस त्वरित कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता और तत्परता की सराहना की जा रही है।

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  • 10 साल की छात्रा रोशनी कुमारी हत्याकांड का पटना के सीनियर एसपी ने खुलासा किया , पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया, आरोपी रंजीत कुमार स्टूडेंट को पिछले डेढ़ महीने से सामान, रुपये देकर बहला फुसला रहा था। बुधवार (22 अप्रैल2026) को स्टूडेंट जब दूध देकर लौट रही थी, उस वक्त वो उसे अपने कमरे में ले गया। वहां दरवाजा बंद किया तब स्टूडेंट ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच आरोपी ने लोढ़ा से सिर पर हमला कर दिया, जिसमें स्टूडेंट की मौत हो गई।मौत के बाद आरोपी ने अपने बेड के नीचे बॉडी छिपा दी। अगली सुबह 23 April 2026 उसे तालाब में लेकर डालने के लिए जा रहा था। 100 मीटर आगे बढ़ा इसी बीच गश्ती गाड़ी वहां से गुजर रही थी।इसे देखकर वह गली में ही डेड बॉडी छोड़कर फरार हो गया। रंजीत के कमरे से लोढ़ा, खून से सना तकिया, दीवार पर लगे खून के छींटे, दूध वाला केन मिला है।घटना बाईपास थाना क्षेत्र की है। गुरुवार को रोशनी की डेड बॉडी मिली थी। इसके बाद से ही पुलिस जांच कर रही थी।इधर, घटना के बाद रंजीत आसपास में पुलिस की एक्टिविटी देखकर एविडेंस मिटाने में लगा था। कमरे को धीरे-धीरे साफ कर रहा था।उसमें से सामान बाहर फेंक रहा था। पुलिस ने इसकी एक्टिविटी देखकर इस पर आशंका जाहिर की और जब इसके कमरे में पहुंची तो इसके भेद खुल गए।#ApnaCityTakNews #PatnaCity #PatnaPolice #Patna #VairlNews
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    10 साल की छात्रा रोशनी कुमारी हत्याकांड का पटना के सीनियर एसपी ने खुलासा किया ,
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया, आरोपी रंजीत कुमार  स्टूडेंट को पिछले डेढ़ महीने से सामान, रुपये देकर बहला फुसला रहा था।
बुधवार (22 अप्रैल2026) को स्टूडेंट  जब दूध देकर  लौट रही थी, उस वक्त वो उसे अपने कमरे में ले गया। वहां दरवाजा बंद किया तब स्टूडेंट ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच आरोपी ने लोढ़ा से सिर पर हमला कर दिया, जिसमें स्टूडेंट  की मौत हो गई।मौत के बाद आरोपी ने अपने बेड के नीचे बॉडी छिपा दी। अगली सुबह 23 April 2026 उसे तालाब में लेकर डालने के लिए जा रहा था। 100 मीटर आगे बढ़ा इसी बीच गश्ती गाड़ी वहां से गुजर रही थी।इसे देखकर वह गली में ही डेड बॉडी छोड़कर फरार हो गया। रंजीत के कमरे से लोढ़ा, खून से सना तकिया, दीवार पर लगे खून के छींटे, दूध वाला केन मिला है।घटना बाईपास थाना क्षेत्र की है। गुरुवार को रोशनी की डेड बॉडी मिली थी। इसके बाद से ही पुलिस जांच कर रही थी।इधर, घटना के बाद रंजीत आसपास में पुलिस की एक्टिविटी देखकर एविडेंस मिटाने में लगा था। कमरे को धीरे-धीरे साफ कर रहा था।उसमें से सामान बाहर फेंक रहा था। पुलिस ने इसकी एक्टिविटी देखकर इस पर आशंका जाहिर की और जब इसके कमरे में पहुंची तो इसके भेद खुल गए।#ApnaCityTakNews #PatnaCity #PatnaPolice #Patna #VairlNews
    user_APNA CITY TAK NEWS
    APNA CITY TAK NEWS
    पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    3 hrs ago
  • नौबतपुर पुलिस ने थाना क्षेत्र स्नेहीटोला गांव से गुप्त सुचना पर छापेमारी कर एक युवक एक देशी कट्टा और चार जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया।गिरफ्तारी का नेतृत्व थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर ने किया
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    नौबतपुर पुलिस ने थाना क्षेत्र स्नेहीटोला गांव से गुप्त सुचना पर छापेमारी कर एक युवक एक देशी कट्टा और चार जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया।गिरफ्तारी का नेतृत्व थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर ने किया
    user_अवनीश कुमार
    अवनीश कुमार
    पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    10 hrs ago
  • पटना में पड़ रही तेज गर्मी का असर अब इंसानों के साथ-साथ जानवरों पर भी साफ दिखने लगा है। इसे देखते हुए पटना जू प्रशासन ने जानवरों को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। जू के नाइट हाउस में तापमान नियंत्रित रखने के लिए 17 कूलर और 53 पंखे लगाए गए हैं, ताकि वातावरण सामान्य बना रहे। वहीं अजगर और कोबरा के सेल में एसी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सांपघर, निशाचर घर और मछलीघर में भी कुल 11 एसी लगाए गए हैं। जानवरों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्हें ग्लूकोज, मल्टीविटामिन और लू से बचाव की दवाइयां दी जा रही हैं। बाघ और शेर के बाड़ों में ठंडी हवा के लिए कूलर लगाए गए हैं। वहीं तेंदुआ, लकड़बग्घा, स्मॉल कैट, हिमालयन भालू, स्लॉथ बियर, चिंपांजी और हूलॉक गिब्बन जैसे जानवर भी कूलर और पंखों की ठंडी हवा में रखे जा रहे हैं। नाइट हाउस के सभी सेल और छत पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे गर्मी कम महसूस हो। इसके साथ ही भालू, टाइगर जैसे जानवरों के शरीर पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है और उन्हें ठंडक देने के लिए तालाब में नहलाया भी जा रहा है। गर्मी के इस दौर में जू प्रशासन की ये पहल जानवरों को राहत देने में अहम साबित हो रही है।
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    पटना में पड़ रही तेज गर्मी का असर अब इंसानों के साथ-साथ जानवरों पर भी साफ दिखने लगा है। इसे देखते हुए पटना जू प्रशासन ने जानवरों को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए विशेष व्यवस्था की है।
जू के नाइट हाउस में तापमान नियंत्रित रखने के लिए 17 कूलर और 53 पंखे लगाए गए हैं, ताकि वातावरण सामान्य बना रहे। वहीं अजगर और कोबरा के सेल में एसी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सांपघर, निशाचर घर और मछलीघर में भी कुल 11 एसी लगाए गए हैं।
जानवरों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्हें ग्लूकोज, मल्टीविटामिन और लू से बचाव की दवाइयां दी जा रही हैं।
बाघ और शेर के बाड़ों में ठंडी हवा के लिए कूलर लगाए गए हैं। वहीं तेंदुआ, लकड़बग्घा, स्मॉल कैट, हिमालयन भालू, स्लॉथ बियर, चिंपांजी और हूलॉक गिब्बन जैसे जानवर भी कूलर और पंखों की ठंडी हवा में रखे जा रहे हैं। नाइट हाउस के सभी सेल और छत पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे गर्मी कम महसूस हो।
इसके साथ ही भालू, टाइगर जैसे जानवरों के शरीर पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है और उन्हें ठंडक देने के लिए तालाब में नहलाया भी जा रहा है।
गर्मी के इस दौर में जू प्रशासन की ये पहल जानवरों को राहत देने में अहम साबित हो रही है।
    user_Patna News by S Yadav
    Patna News by S Yadav
    Local News Reporter पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    10 hrs ago
  • Post by N BHARAT NEWS 365
    1
    Post by N BHARAT NEWS 365
    user_N BHARAT NEWS 365
    N BHARAT NEWS 365
    फुलवारी, पटना, बिहार•
    15 hrs ago
  • पटना के नौबतपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है... 22 अप्रैल 2026 को एक महिला की आत्महत्या की सूचना दी गई थी… लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो पूरा मामला पलट गया। महिला का शव ही नहीं मिला… जिससे शक गहरा गया। इसके बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुदाई करवाई… और जो सामने आया, वो चौंकाने वाला था। महिला की हत्या कर शव को जेसीबी से दफनाया गया था… और सबूत मिटाने के लिए आग भी लगाई गई। जांच में ससुराल पक्ष समेत 5 से 7 लोगों की संलिप्तता सामने आई है। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
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    पटना के नौबतपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है...
22 अप्रैल 2026 को एक महिला की आत्महत्या की सूचना दी गई थी…
लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो पूरा मामला पलट गया।
महिला का शव ही नहीं मिला… जिससे शक गहरा गया।
इसके बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुदाई करवाई…
और जो सामने आया, वो चौंकाने वाला था।
महिला की हत्या कर शव को जेसीबी से दफनाया गया था…
और सबूत मिटाने के लिए आग भी लगाई गई।
जांच में ससुराल पक्ष समेत 5 से 7 लोगों की संलिप्तता सामने आई है।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
    user_Sudhanshu Ranjan
    Sudhanshu Ranjan
    Patna Rural, Bihar•
    16 hrs ago
  • पटना/फतुहा- प्रखंड के पितरपुर पंचायत अंतर्गत पीताम्बरपुर वार्ड संख्या 8 रानीपुर सैदपुर में नाले की सफाई नहीं होने के कारण कई महीनों से सड़क पर गंदा पानी जमा है. जलनिकासी की व्यवस्था ठप होने से पूरी गली में जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. गली में जमा गंदे पानी के कारण सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और स्कूल जाने वाले छात्रों को झेलनी पड़ रही है.बच्चों को रोजाना इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं. वहीं, दोपहिया एवं तीनपहिया वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क पर कीचड़ और जलजमाव के कारण वाहन फिसलने का खतरा बना हुआ रहता  है.कई स्थानों पर स्थिति इतनी खराब है कि वाहन गुजरना भी मुश्किल हो गया है और पूरी गली जाम जैसी स्थिति पैदा हो जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले की सफाई लंबे समय से नहीं की गई है साथ ही नाले के निर्माण में भी अनियमितता  बरती गई है.जिससे यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है.गंदे पानी से दुर्गंध फैल रही है तथा मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है.
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    पटना/फतुहा- प्रखंड के पितरपुर पंचायत अंतर्गत पीताम्बरपुर वार्ड संख्या 8 रानीपुर सैदपुर में नाले की सफाई नहीं होने के कारण कई महीनों से सड़क पर गंदा पानी जमा है. जलनिकासी की व्यवस्था ठप होने से पूरी गली में जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
गली में जमा गंदे पानी के कारण सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और स्कूल जाने वाले छात्रों को झेलनी पड़ रही है.बच्चों को रोजाना इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं.
वहीं, दोपहिया एवं तीनपहिया वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क पर कीचड़ और जलजमाव के कारण वाहन फिसलने का खतरा बना हुआ रहता  है.कई स्थानों पर स्थिति इतनी खराब है कि वाहन गुजरना भी मुश्किल हो गया है और पूरी गली जाम जैसी स्थिति पैदा हो जाती है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले की सफाई लंबे समय से नहीं की गई है साथ ही नाले के निर्माण में भी अनियमितता  बरती गई है.जिससे यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है.गंदे पानी से दुर्गंध फैल रही है तथा मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है.
    user_International 24*7
    International 24*7
    Photographer पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    19 hrs ago
  • Mukhiyajee Reporter | Patna राजधानी पटना में आयोजित 'न्यूरोवैस्कुलर अपडेट पटना 2026' सम्मेलन ने स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज के इलाज को लेकर एक नयी दिशा तय की, जहां विशेषज्ञों ने स्पष्ट कहा कि हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के बिना अब प्रभावी और समयबद्ध इलाज संभव नहीं है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना के न्यूरोसर्जरी विभाग द्वारा बिहार न्यूरोसर्जरी सोसाइटी और एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ ईस्टर्न न्यूरोसाइंटिस्ट्स ऑफ इंडिया के सहयोग से 25-26 अप्रैल को आयोजित इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने आधुनिक इलाज की चुनौतियों और समाधान पर विस्तार से चर्चा की। सम्मेलन का उद्घाटन एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) ब्रिगेडियर राजू अग्रवाल ने किया। उन्होंने न्यूरोवैस्कुलर देखभाल को मजबूत करने में संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्नत तकनीक और प्रशिक्षित विशेषज्ञ ही मरीजों की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञों—बसंत कुमार मिश्रा, संजय बिहारी, शरत चंद्र और मानस पाणिग्रही ने संयुक्त रूप से इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक न्यूरोवैस्कुलर उपचार के लिए माइक्रोसर्जिकल और एंडोवैस्कुलर तकनीकों में समान दक्षता बेहद जरूरी है। उन्होंने गोल्डन आवर यानी लक्षण शुरू होने के चार घंटे के भीतर इलाज को जीवनरक्षक बताते हुए देशभर में हाइब्रिड ऑपरेटिंग थिएटर की स्थापना को प्राथमिकता देने की बात कही। विशेषज्ञों ने बिहार में न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के बढ़ते बोझ को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में हर वर्ष करीब एक लाख मरीज स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज के इलाज के लिए सामने आते हैं, जबकि करीब दस लाख मामले जागरूकता और संसाधनों की कमी के कारण बिना पहचान या इलाज के रह जाते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम के विस्तार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और नीति स्तर पर ठोस पहल की जरूरत बताई गयी। एम्स पटना के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष तथा सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. विकास चंद्र झा ने कहा कि देश में व्यापक न्यूरोवैस्कुलर सुविधाएं अभी भी बेहद सीमित हैं। पूरे भारत में लगभग 50 केंद्रों पर ही एंडोवैस्कुलर और माइक्रोसर्जिकल दोनों प्रकार की सेवाएं उपलब्ध हैं, जबकि बिहार में यह संख्या महज 1-2 केंद्रों तक सीमित है। उन्होंने मांग के अनुरूप इन सुविधाओं में कम से कम 100 गुना विस्तार की आवश्यकता बतायी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश में केवल 50-60 न्यूरोसर्जन ही दोनों तकनीकों में दक्ष हैं, जिससे प्रशिक्षित मानव संसाधन बढ़ाना समय की मांग बन गया है। इस सम्मेलन में देशभर से 300 से अधिक न्यूरोसाइंटिस्ट ने भाग लिया. डॉ. सुमित सिन्हा, डॉ. अरुण अग्रवाल, डॉ. समरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. रोहित कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. गुंजन कुमार और डॉ. विकास गुप्ता समेत कई विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए न्यूरोवैस्कुलर देखभाल को सुदृढ़ बनाने के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया।
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    Mukhiyajee Reporter | Patna 
राजधानी पटना में आयोजित 'न्यूरोवैस्कुलर अपडेट पटना 2026' सम्मेलन ने स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज के इलाज को लेकर एक नयी दिशा तय की, जहां विशेषज्ञों ने स्पष्ट कहा कि हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के बिना अब प्रभावी और समयबद्ध इलाज संभव नहीं है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना के न्यूरोसर्जरी विभाग द्वारा बिहार न्यूरोसर्जरी सोसाइटी और एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ ईस्टर्न न्यूरोसाइंटिस्ट्स ऑफ इंडिया के सहयोग से 25-26 अप्रैल को आयोजित इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने आधुनिक इलाज की चुनौतियों और समाधान पर विस्तार से चर्चा की।
सम्मेलन का उद्घाटन एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) ब्रिगेडियर राजू अग्रवाल ने किया। उन्होंने न्यूरोवैस्कुलर देखभाल को मजबूत करने में संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्नत तकनीक और प्रशिक्षित विशेषज्ञ ही मरीजों की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञों—बसंत कुमार मिश्रा, संजय बिहारी, शरत चंद्र और मानस पाणिग्रही ने संयुक्त रूप से इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक न्यूरोवैस्कुलर उपचार के लिए माइक्रोसर्जिकल और एंडोवैस्कुलर तकनीकों में समान दक्षता बेहद जरूरी है। उन्होंने गोल्डन आवर यानी लक्षण शुरू होने के चार घंटे के भीतर इलाज को जीवनरक्षक बताते हुए देशभर में हाइब्रिड ऑपरेटिंग थिएटर की स्थापना को प्राथमिकता देने की बात कही।
विशेषज्ञों ने बिहार में न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के बढ़ते बोझ को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में हर वर्ष करीब एक लाख मरीज स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज के इलाज के लिए सामने आते हैं, जबकि करीब दस लाख मामले जागरूकता और संसाधनों की कमी के कारण बिना पहचान या इलाज के रह जाते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम के विस्तार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और नीति स्तर पर ठोस पहल की जरूरत बताई गयी।
एम्स पटना के न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष तथा सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. विकास चंद्र झा ने कहा कि देश में व्यापक न्यूरोवैस्कुलर सुविधाएं अभी भी बेहद सीमित हैं। पूरे भारत में लगभग 50 केंद्रों पर ही एंडोवैस्कुलर और माइक्रोसर्जिकल दोनों प्रकार की सेवाएं उपलब्ध हैं, जबकि बिहार में यह संख्या महज 1-2 केंद्रों तक सीमित है। उन्होंने मांग के अनुरूप इन सुविधाओं में कम से कम 100 गुना विस्तार की आवश्यकता बतायी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश में केवल 50-60 न्यूरोसर्जन ही दोनों तकनीकों में दक्ष हैं, जिससे प्रशिक्षित मानव संसाधन बढ़ाना समय की मांग बन गया है।
इस सम्मेलन में देशभर से 300 से अधिक न्यूरोसाइंटिस्ट ने भाग लिया. डॉ. सुमित सिन्हा, डॉ. अरुण अग्रवाल, डॉ. समरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. रोहित कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. गुंजन कुमार और डॉ. विकास गुप्ता समेत कई विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए न्यूरोवैस्कुलर देखभाल को सुदृढ़ बनाने के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया।
    user_Mukhiyajee Reporter
    Mukhiyajee Reporter
    पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    3 hrs ago
  • नौबतपुर पुलिस ने गुप्त सुचना पर थाना क्षेत्र के स्नेहीटोला गांव से एक युवक को एक देशी कट्टा और चार जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय भेज दिया।छापेमारी का नेतृत्व थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर ने किया।
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    नौबतपुर पुलिस ने गुप्त सुचना पर थाना क्षेत्र के स्नेहीटोला गांव से एक युवक को एक देशी कट्टा और चार जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय भेज दिया।छापेमारी का नेतृत्व थानाध्यक्ष मंजीत कुमार ठाकुर ने किया।
    user_अवनीश कुमार
    अवनीश कुमार
    पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
    10 hrs ago
  • Post by N BHARAT NEWS 365
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    Post by N BHARAT NEWS 365
    user_N BHARAT NEWS 365
    N BHARAT NEWS 365
    फुलवारी, पटना, बिहार•
    15 hrs ago
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