मेवात में दर्दनाक हादसा: टूटे बिजली तार की चपेट में आकर बेजुबान जानवरों की मौत हरियाणा (मेवात): हरियाणा के मेवात इलाके से एक बेहद दुखद वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया। बताया जा रहा है कि बिजली का तार टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आकर कई बेजुबान जानवरों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हादसों से बचने के लिए जानवरों को कभी भी बिजली के खंभों या ढीले तारों के नीचे नहीं बांधना चाहिए, क्योंकि अचानक तार टूटने या करंट फैलने का खतरा बना रहता है। प्रशासन से उठे सवाल: क्या बिजली लाइनों का नियमित निरीक्षण हो रहा है? क्या ऐसे हादसों को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं? फिलहाल, यह घटना एक बार फिर सुरक्षा मानकों और जागरूकता की जरूरत को उजागर करती है। अपील: सुरक्षा के मद्देनज़र अपने पशुओं को खुले और सुरक्षित स्थान पर ही बांधें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
मेवात में दर्दनाक हादसा: टूटे बिजली तार की चपेट में आकर बेजुबान जानवरों की मौत हरियाणा (मेवात): हरियाणा के मेवात इलाके से एक बेहद दुखद वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया। बताया जा रहा है कि बिजली का तार टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आकर कई बेजुबान जानवरों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे हादसों से बचने के लिए जानवरों को कभी भी बिजली के खंभों या ढीले तारों के नीचे नहीं बांधना चाहिए, क्योंकि अचानक तार टूटने या करंट फैलने का खतरा बना रहता है। प्रशासन से उठे सवाल: क्या बिजली लाइनों का नियमित निरीक्षण हो रहा है? क्या ऐसे हादसों को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं? फिलहाल, यह घटना एक बार फिर सुरक्षा मानकों और जागरूकता की जरूरत को उजागर करती है। अपील: सुरक्षा के मद्देनज़र अपने पशुओं को खुले और सुरक्षित स्थान पर ही बांधें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
- इटावा जिले के समसपुर गांव में महिलाओं का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा जब उन्होंने इकट्ठा होकर गांव में चल रहे शराब के ठेके को तहस-नहस कर दिया। आक्रोशित महिलाओं ने ठेके पर रखी लाखों रुपये की शराब को भी नष्ट कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि गांव में शराब का ठेका होने की वजह से पुरुषों में नशे की लत बढ़ती जा रही है, जिससे आए दिन घरों में विवाद और मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। इसी से परेशान होकर महिलाओं ने सामूहिक रूप से यह कदम उठाया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब का ठेका गांव के अंदर नहीं होना चाहिए और इसे गांव से बाहर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। यह घटना एक बार फिर सामाजिक मुद्दों पर महिलाओं की एकजुटता और उनके विरोध के तरीके को सामने लाती है।1
- *सवाई माधोपुर में एग्रीक्लिनिक की स्थापना, किसानों को मिलेगा एकीकृत वैज्ञानिक समाधान* *मृदा परीक्षण, कीट-रोग नियंत्रण एवं उन्नत कृषि तकनीकों पर एक ही स्थान पर विशेषज्ञ परामर्श* *सवाई माधोपुर, 29 अप्रैल।* राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत कृषकों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय स्थित सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) परिसर में एग्रीक्लिनिक की स्थापना की गई है। यह एग्रीक्लिनिक किसानों के लिए एक समेकित सेवा केंद्र के रूप में कार्य करते हुए कृषि संबंधी समस्याओं का वैज्ञानिक एवं समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराएगा। एग्रीक्लिनिक प्रभारी डॉ. किशन लाल गुर्जर ने बताया कि केंद्र पर मृदा परीक्षण, फसलों में कीट एवं रोगों की पहचान, उनके नियंत्रण एवं उपचार संबंधी वैज्ञानिक सलाह सहित उन्नत कृषि तकनीकों का मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। मृदा परीक्षण के माध्यम से खेत की उर्वरता का आकलन कर संतुलित उर्वरक उपयोग की सिफारिश की जाएगी, जिससे उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि संभव होगी। केंद्र पर समेकित कीट प्रबंधन के अंतर्गत फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों के नियंत्रण हेतु प्रभावी उपाय सुझाए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों को फसल प्रबंधन, सिंचाई, उन्नत बीज, फसल चक्र, बागवानी एवं पशुपालन को समाहित करते हुए समेकित कृषि प्रणाली अपनाने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। किसान अपनी फसल संबंधी समस्याओं को सीधे एग्रीक्लिनिक में प्रस्तुत कर सकेंगे। आवश्यकता अनुसार कृषि विभाग के अधिकारी खेतों का भ्रमण कर मौके पर समाधान भी उपलब्ध कराएंगे। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीना ने बताया कि एग्रीक्लिनिक की स्थापना से किसानों को विशेषज्ञ सलाह समय पर उपलब्ध होगी, जिससे फसल हानि में कमी आएगी तथा खेती अधिक लाभकारी बनेगी। यह पहल जिले में कृषि सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लोकेशन सवाई माधोपुर1
- लखनऊ लखनऊ में निर्माणाधीन अस्पताल की दीवार धंसी, दो मजदूर दबे—एक की मौत, एक का इलाज जारी राजधानी लखनऊ के थाना विभूति खंड क्षेत्र में एक निर्माणाधीन अस्पताल की दीवार अचानक धंस गई। हादसे के समय वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे मजदूर को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकाला गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि निर्माण कार्य में लापरवाही तो नहीं बरती गई मजदूर का परिवार थाना विभूति खंड पहुंच FIR कराने मृतक लक्ष्मी शंकर अवस्थी जिसकी उम्र 35 वर्ष बताई जा रही है दूसरा साथी तुलसीराम को कम चोट आई है जिसका इलाज लोहिया अस्पताल में चल रहा है एलडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने मौके पर निरीक्षण किया उनका कहना ही D 63 का नक्शा पास है आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही जिस जमीन पर हादसा हुआ है उस पर अस्पताल बन रहा है इसका मानचित्र प्राधिकरण से पास है *समीर नक़वी*✍️1
- Post by Sanjay Lal1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- * *(लखनऊ) : गिरगिट की तरह कैसे रंग बदला जाता है यह समाजवादी पार्टी का आचरण देखने को मिल रहा है : योगी* *महिला सशक्तीकरण पर आयोजित विशेष विधान सभा सत्र से पूर्व मीडिया को संबोधित करते यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ।*1
- मानवता परिवार एक ऐसा सामाजिक और सेवाभावी संगठन है, जो समाज के सदस्यों द्वारा, समाज के लिए (समाज-से-समाज) बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आकस्मिक मृत्यु, गंभीर बीमारी या परमानेंट (100%) डिसेबिलिटी (अपंगता) होने पर सदस्य एवं उनके परिवार (नॉमिनी) को आर्थिक सहायता (50 लाख तक) प्रदान करके मदद करना है। मानवता परिवार की मुख्य बातें: उद्देश्य: सदस्य या उनके परिवार पर विपत्ति आने पर सामूहिक आर्थिक सहयोग। सहायता राशि: नियमों के अनुसार 50 लाख तक की आर्थिक मदद। कार्यप्रणाली: यह एक पेपरलेस और पारदर्शी व्यवस्था है, जिसमें सदस्य पर सीधे जुड़ सकते हैं। मूल मंत्र: मानवता को सर्वोपरि मानकर सेवा और सहयोग करना।1
- अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्राचार्य डॉ. डीके सिंह एक तीमारदार को कथित तौर पर गिरफ्तारी की धमकी देते नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला पार्किंग को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। वायरल वीडियो में प्राचार्य और तीमारदार के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है, जिससे अस्पताल प्रशासन के व्यवहार पर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना ने खासकर आपातकालीन स्थितियों में मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे स्थान पर संयम और सहानुभूति बेहद जरूरी होती है। फिलहाल इस मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है।1