मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल से संबद्ध बीना अधिवक्ता संघ के चुनाव में उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार चौधरी ने अपनी हार को भी जीत में बदल दिया, जब उन्होंने चुनाव परिणाम में पराजित होने के बावजूद अधिवक्ताओं को मिठाई खिलाकर सभी का दिल जीत लिया। यह घटना लोकतांत्रिक मर्यादा और खेल भावना का एक अनूठा उदाहरण बन गई, जिसने लोकतंत्र, सौहार्द और खेल भावना की एक नई मिसाल कायम की। परिणाम घोषित होने के बाद, सुरेंद्र कुमार चौधरी निराश होने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ स्वयं अधिवक्ताओं के बीच पहुँचे और सभी का मुस्कुराकर अभिवादन किया। उन्होंने हर अधिवक्ता की सीट पर जाकर उन्हें मिठाई खिलाई तथा चुनाव के दौरान मिले सहयोग, स्नेह और विश्वास के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। चौधरी ने यह जानने या जताने का कोई प्रयास नहीं किया कि किसने उनके पक्ष में मतदान किया और किसने नहीं, बल्कि सभी के प्रति समान सम्मान और आत्मीयता का व्यवहार प्रदर्शित किया। उनके इस सौहार्दपूर्ण व्यवहार ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में हार-जीत एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, और चुनाव समाप्त होने के बाद मतभेद भी समाप्त हो जाने चाहिए। आपसी सम्मान, भाईचारा और मधुर संबंध ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति हैं, जिन्हें हर परिस्थिति में बनाए रखना चाहिए। सुरेंद्र कुमार चौधरी की यह पहल अधिवक्ता समाज और हर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के लिए प्रेरणास्रोत बनी, जिसने साबित किया कि वास्तविक जीत केवल चुनाव जीतने में नहीं, बल्कि लोगों का सम्मान, विश्वास और दिल जीतने में होती है। उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी उनके इस अनुकरणीय व्यवहार की सराहना की, जिससे बीना अधिवक्ता संघ के चुनाव की यह तस्वीर लोकतांत्रिक संस्कृति, परिपक्व नेतृत्व और खेल भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई।
मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल से संबद्ध बीना अधिवक्ता संघ के चुनाव में उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार चौधरी ने अपनी हार को भी जीत में बदल दिया, जब उन्होंने चुनाव परिणाम में पराजित होने के बावजूद अधिवक्ताओं को मिठाई खिलाकर सभी का दिल जीत लिया। यह घटना लोकतांत्रिक मर्यादा और खेल भावना का एक अनूठा उदाहरण बन गई, जिसने लोकतंत्र, सौहार्द और खेल भावना की एक नई
मिसाल कायम की। परिणाम घोषित होने के बाद, सुरेंद्र कुमार चौधरी निराश होने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ स्वयं अधिवक्ताओं के बीच पहुँचे और सभी का मुस्कुराकर अभिवादन किया। उन्होंने हर अधिवक्ता की सीट पर जाकर उन्हें मिठाई खिलाई तथा चुनाव के दौरान मिले सहयोग, स्नेह और विश्वास के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। चौधरी ने यह जानने या जताने का कोई प्रयास नहीं किया कि किसने उनके
पक्ष में मतदान किया और किसने नहीं, बल्कि सभी के प्रति समान सम्मान और आत्मीयता का व्यवहार प्रदर्शित किया। उनके इस सौहार्दपूर्ण व्यवहार ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में हार-जीत एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, और चुनाव समाप्त होने के बाद मतभेद भी समाप्त हो जाने चाहिए। आपसी सम्मान, भाईचारा और मधुर संबंध ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति हैं, जिन्हें हर परिस्थिति में बनाए रखना चाहिए। सुरेंद्र कुमार चौधरी की
यह पहल अधिवक्ता समाज और हर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के लिए प्रेरणास्रोत बनी, जिसने साबित किया कि वास्तविक जीत केवल चुनाव जीतने में नहीं, बल्कि लोगों का सम्मान, विश्वास और दिल जीतने में होती है। उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी उनके इस अनुकरणीय व्यवहार की सराहना की, जिससे बीना अधिवक्ता संघ के चुनाव की यह तस्वीर लोकतांत्रिक संस्कृति, परिपक्व नेतृत्व और खेल भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई।
- विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को सेशेलस के सर्वोच्च सम्मान "गार्डियन ऑफ दा ब्लू होराईजन" से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान हर भारतीय के लिए गौरव का पल है, जो पर्यावरण संरक्षण, ग्रीन ग्रोथ और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्षेत्र में उनके दूरदर्शी नेतृत्व को वैश्विक पहचान दिलाता है। यह प्रतिष्ठित सम्मान विश्व मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का भी प्रतीक है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को इससे पहले भी अनेक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है, जिनमें FAO एग्रीकोला मेडल 2026, सियोल पीस प्राइज़ 2018, और UN चैंपियंस ऑफ दा अर्थ अवॉर्ड 2018 जैसे सम्मान शामिल हैं।1
- मढ़ी जमुनिया पंचायत के पिपरिया से खर्रा टोला तक का मार्ग पहली बारिश में ही बुरी तरह प्रभावित हो गया है, जिसका नज़ारा लोगों को हैरान कर रहा है। यह मार्ग 50 से अधिक घरों के रहवासियों के लिए स्कूली शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और दैनिक खाद्य सामग्री लाने-ले जाने का एकमात्र सहारा है। पहली बारिश ने इस महत्वपूर्ण मार्ग की दयनीय स्थिति को सामने ला दिया है, जिसके कारण 50 से अधिक परिवारों के लिए आवश्यक सेवाओं तक पहुंच एक बड़ी चुनौती बन गई है। सड़क की इस बदहाली ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो अपने जीवनयापन और मूलभूत आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह इसी रास्ते पर निर्भर हैं।1
- रविवार को दानवीर भामाशाह जयंती के अवसर पर जिला मुख्यालय ललितपुर में उद्योग व्यापार मण्डल द्वारा व्यापारी कल्याण दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में संगठन के प्रांतीय चेयरमैन महेंद्र जैन मयूर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहां जनपद के विभिन्न गांवों, कस्बों और शहर के 21 वयोवृद्ध व्यापारी भामाशाहों का अभिनंदन और सम्मान किया गया। होटल आनन्द रेजीडेंसी में संगठन के जिलाध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मान समारोह में व्यापारियों ने केंद्र और राज्य स्तर पर व्यापारी कल्याण आयोग के गठन की जोरदार मांग रखी। कार्यक्रम में मड़ावरा, महरौनी, बार, बानपुर, नाराहट, तालबेहट, जखौरा, बिरधा, सैदपुर समेत विभिन्न कस्बों के साथ-साथ जिला और नगर इकाई के सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला महामंत्री अनिल बबड़ी ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि नगर अध्यक्ष महेश जैन मोनू ने सभी का आभार व्यक्त किया।4
- रविवार को बीना के सर्वोदय चौराहा स्थित पोलियो बूथ पर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत बड़ी संख्या में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई, जिसमें कुल 193 नौनिहालों को 'दो बूंद जिंदगी की' दी गई। यह कार्यक्रम परमार्थ सेवा संगठन बीना, नगर रत्न अलंकार समिति बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल बीना द्वारा संयुक्त रूप से बूथ गोद लेकर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व सरपंच अध्यक्ष अनिल ओझा ने फीता काटकर किया, जिन्होंने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प मजबूत हो सके। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था प्रतिवर्ष इस अभियान में सहयोग करती है, जबकि कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लॉडियस ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को दवा पिलाने की अपील की। अभियान दिवस के प्रभारी रविशंकर अवस्थी और उदल सिंह यादव रहे, वहीं पूर्व विधायक महेश राय भी बूथ पर पहुंचकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। स्वास्थ्य विभाग और शासकीय चिकित्सालय की ओर से स्वयंसेवकों की ड्यूटी दो शिफ्ट में लगाई गई थी। इस अवसर पर ममता चौरसिया, इरफान खान, डालचंद पटेल, प्रमोद राय, डॉ. एल.एन. दुबे, मनोहर लाल दीक्षित, डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, आशुतोष तिवारी, बी.डी. पाराशर, रमेश नामदेव, राजेंद्र गोस्वामी, संतोष पटेल, पार्वती कुर्मी, रोशनी कुशवाहा, कृष्णकांत लखेरा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, पूजा परिहार, पूजा रजक, काजल रजक, भारती उपाध्याय, जीविका योगी, तनिष्का नामदेव, समृद्धि राय सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिससे अभियान को व्यापक जनसहयोग मिला।3
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को मध्य प्रदेश के बीना स्थित सर्वोदय चौराहा पर आयोजित पोलियो बूथ को व्यापक जनसहयोग मिला। परमार्थ सेवा संगठन बीना, नगर रत्न अलंकार समिति बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल बीना ने संयुक्त रूप से इस बूथ को गोद लेकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। इस दौरान कुल 193 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी और पूर्व सरपंच अध्यक्ष अनिल ओझा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पाँच वर्ष तक के सभी नौनिहाल बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलानी चाहिए, ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प और मजबूत हो सके। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था प्रतिवर्ष पल्स पोलियो अभियान में सहयोग करती है। कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लॉडियस ने इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए सभी के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया और उन अभिभावकों से आगे आने का आग्रह किया जिन्होंने अभी तक अपने बच्चों को पोलियो की दवा नहीं पिलाई है। अभियान दिवस के प्रभारी रविशंकर अवस्थी और उदल सिंह यादव रहे। पूर्व विधायक महेश राय भी बूथ पर पहुँचे और बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। स्वास्थ्य विभाग और शासकीय चिकित्सालय की ओर से दो शिफ्ट में स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इस कार्यक्रम में ममता चौरसिया, इरफान खान, डालचंद पटेल, प्रमोद राय, डॉ. एल.एन. दुबे, मनोहर लाल दीक्षित, डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, आशुतोष तिवारी, बी.डी. पाराशर, रमेश नामदेव, राजेंद्र गोस्वामी, संतोष पटेल, पार्वती कुर्मी, रोशनी कुशवाहा, कृष्णकांत लखेरा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, पूजा परिहार, पूजा रजक, काजल रजक, भारती उपाध्याय, जीविका योगी, तनिष्का नामदेव और समृद्धि राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- चुनाव में जीत का जश्न मनाना तो सभी करते हैं, लेकिन हार के बाद भी मुस्कुराते हुए लोगों का धन्यवाद करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। बीना अधिवक्ता संघ के चुनाव में आज ऐसा ही एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जहाँ सुरेंद्र कुमार चौधरी चुनाव हारने के बावजूद मुस्कुराते हुए लोगों का धन्यवाद करने पहुंचे। उनके इस कदम ने लोकतंत्र और खेल भावना की एक शानदार मिसाल पेश की, जिससे वह चुनाव में हारे हुए उम्मीदवार होने के बावजूद लोगों के दिलों के विजेता बन गए।1
- बीना में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य स्नान यात्रा निकाली गई, जो मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुज़रते हुए हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर पहुँची। यहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र कलशों के जल से भगवान का पारंपरिक महाअभिषेक संपन्न हुआ। सनातन परंपरा के अनुसार, अत्यधिक स्नान के कारण भगवान को ज्वर हो जाता है, जिसके बाद वे लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस अवधि को अनवसर (अनसार) काल कहा जाता है, जिसमें मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं और केवल सेवायत भगवान की गोपनीय सेवा एवं उपचार करते हैं। इस दौरान भगवान को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार काढ़ा, औषधीय भोग, फल और हल्का प्रसाद अर्पित किया जाता है, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभ और उपचार का समय माना जाता है। भक्त भले ही प्रत्यक्ष दर्शन न कर पाएँ, फिर भी वे भगवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। विश्राम अवधि पूरी होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन (नेत्रोत्सव) के नाम से जाना जाता है और इसका विशेष धार्मिक महत्व है। इसके अगले दिन, 17 जुलाई को भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाएगी। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि इस दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर विराजमान होकर हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर से नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। यह रथ यात्रा नानक वार्ड और पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुज़रेगी, जहाँ श्रद्धालु दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। रथ यात्रा के दौरान भगवान का रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर में होगा, जिसके बाद अगले दिन प्रातःकाल ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच भगवान पुनः शोभायात्रा के साथ हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर में विराजमान होंगे। देव स्नान पूर्णिमा के इस आयोजन ने पूरे नगर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया और स्नान यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। आगामी नवयौवन दर्शन और रथ यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उल्लास बना हुआ है।4
- बीना में जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियों के बीच श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। हाल ही में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी और पुनः मां जागेश्वरी धाम तथा हरे राम मंदिर पहुँची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का पवित्र कलशों के जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। इस अवधि में भगवान लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस दौरान मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं, और केवल सेवायत ही भगवान की विशेष सेवा करते हैं। भगवान को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। अनवसर काल की समाप्ति के बाद 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एक भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होगी और नानक वार्ड, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस दौरान नगरवासी भगवान के दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे। यात्रा का रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर होगा, और अगले दिन ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान पुनः हरे राम मंदिर स्थित अपने मंदिर में विराजमान होंगे।1
- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी होने की खबर पर एक तीखा और व्यंग्यात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। यह विश्लेषण उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और उठ रहे सवालों के आधार पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था या समुदाय की मानहानि करना नहीं है, बल्कि आस्था, सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को उठाना है। इस वीडियो में राम मंदिर से चढ़ावे की चोरी, विशेषकर चरण पादुका और आभूषणों की चोरी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई है। विश्लेषण 'परम भक्त' जो मंदिर में चढ़ावा चढ़ाते रहे, और 'परम कमबख्त' जो उसे उड़ाते रहे, के बीच के विरोधाभास को व्यंग्यात्मक ढंग से उजागर करता है। इसमें आस्था के नाम पर हुई इस चोरी में लिप्त 'पापियों पर तीखा व्यंग्य' किया गया है, जैसा कि 'केके की कलम से' यह विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। यह 'Kesri News' की ओर से 'ख़बर WITH KK' द्वारा पेश किया गया एक बेबाक विश्लेषण है, और दर्शकों से ऐसे ही बेबाक विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्ट के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने का आह्वान किया गया है।1