रविवार को बीना के सर्वोदय चौराहा स्थित पोलियो बूथ पर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत बड़ी संख्या में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई, जिसमें कुल 193 नौनिहालों को 'दो बूंद जिंदगी की' दी गई। यह कार्यक्रम परमार्थ सेवा संगठन बीना, नगर रत्न अलंकार समिति बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल बीना द्वारा संयुक्त रूप से बूथ गोद लेकर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व सरपंच अध्यक्ष अनिल ओझा ने फीता काटकर किया, जिन्होंने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प मजबूत हो सके। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था प्रतिवर्ष इस अभियान में सहयोग करती है, जबकि कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लॉडियस ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को दवा पिलाने की अपील की। अभियान दिवस के प्रभारी रविशंकर अवस्थी और उदल सिंह यादव रहे, वहीं पूर्व विधायक महेश राय भी बूथ पर पहुंचकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। स्वास्थ्य विभाग और शासकीय चिकित्सालय की ओर से स्वयंसेवकों की ड्यूटी दो शिफ्ट में लगाई गई थी। इस अवसर पर ममता चौरसिया, इरफान खान, डालचंद पटेल, प्रमोद राय, डॉ. एल.एन. दुबे, मनोहर लाल दीक्षित, डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, आशुतोष तिवारी, बी.डी. पाराशर, रमेश नामदेव, राजेंद्र गोस्वामी, संतोष पटेल, पार्वती कुर्मी, रोशनी कुशवाहा, कृष्णकांत लखेरा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, पूजा परिहार, पूजा रजक, काजल रजक, भारती उपाध्याय, जीविका योगी, तनिष्का नामदेव, समृद्धि राय सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिससे अभियान को व्यापक जनसहयोग मिला।
रविवार को बीना के सर्वोदय चौराहा स्थित पोलियो बूथ पर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत बड़ी संख्या में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई, जिसमें कुल 193 नौनिहालों को 'दो बूंद जिंदगी की' दी गई। यह कार्यक्रम परमार्थ सेवा संगठन बीना, नगर रत्न अलंकार समिति बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल बीना द्वारा संयुक्त रूप से बूथ गोद लेकर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व सरपंच अध्यक्ष अनिल ओझा ने फीता काटकर किया, जिन्होंने
पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प मजबूत हो सके। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था प्रतिवर्ष इस अभियान में सहयोग करती है, जबकि कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लॉडियस ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को दवा पिलाने की अपील की। अभियान दिवस के प्रभारी रविशंकर अवस्थी और उदल सिंह यादव रहे, वहीं पूर्व विधायक महेश राय भी बूथ पर पहुंचकर बच्चों को पोलियो की दवा
पिलाई। स्वास्थ्य विभाग और शासकीय चिकित्सालय की ओर से स्वयंसेवकों की ड्यूटी दो शिफ्ट में लगाई गई थी। इस अवसर पर ममता चौरसिया, इरफान खान, डालचंद पटेल, प्रमोद राय, डॉ. एल.एन. दुबे, मनोहर लाल दीक्षित, डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, आशुतोष तिवारी, बी.डी. पाराशर, रमेश नामदेव, राजेंद्र गोस्वामी, संतोष पटेल, पार्वती कुर्मी, रोशनी कुशवाहा, कृष्णकांत लखेरा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, पूजा परिहार, पूजा रजक, काजल रजक, भारती उपाध्याय, जीविका योगी, तनिष्का नामदेव, समृद्धि राय सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिससे अभियान को व्यापक जनसहयोग मिला।
- बीना में देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर राधे राधे प्रभात मंडल द्वारा सुबह 5 बजे एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर का भ्रमण करते हुए वापस मां जागेश्वरी धाम और हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। सनातन परंपरा के तहत, अत्यधिक स्नान के कारण भगवान को ज्वर आने की मान्यता है, जिसके चलते वे लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस अवधि में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और केवल सेवायत ही भगवान की गोपनीय सेवा करते हैं। अनवसर काल में भगवान को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके उपचार और स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। इस दौरान भक्त सीधे दर्शन नहीं कर पाते, लेकिन भगवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। यह विश्राम अवधि पूरी होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होकर नानक वार्ड से पंचमुखी हनुमान होती हुई नगर भ्रमण पर निकलेगी, जहाँ नगर के सभी श्रद्धालु दर्शन का लाभ लेंगे। उस रात भगवान स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर विश्राम करेंगे और सुबह ढोल नगाड़ों के साथ पुनः हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर पर विराजमान होंगे।3
- सागर जिले के बीना में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी और पुनः मां जागेश्वरी धाम तथा हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। इस 15 दिवसीय अवधि में भगवान विश्राम करते हैं और मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। इस दौरान केवल सेवायत ही भगवान की विशेष सेवा करते हैं, उन्हें आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। अनवसर काल समाप्त होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होगी और नानक वार्ड, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस दौरान नगरवासी भगवान के दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे। रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर होगा, और अगले दिन ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान पुनः हरे राम मंदिर स्थित अपने मंदिर में विराजमान होंगे।2
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को मध्य प्रदेश के बीना स्थित सर्वोदय चौराहा पर आयोजित पोलियो बूथ को व्यापक जनसहयोग मिला। परमार्थ सेवा संगठन बीना, नगर रत्न अलंकार समिति बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल बीना ने संयुक्त रूप से इस बूथ को गोद लेकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। इस दौरान कुल 193 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी और पूर्व सरपंच अध्यक्ष अनिल ओझा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पाँच वर्ष तक के सभी नौनिहाल बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलानी चाहिए, ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प और मजबूत हो सके। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था प्रतिवर्ष पल्स पोलियो अभियान में सहयोग करती है। कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लॉडियस ने इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए सभी के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया और उन अभिभावकों से आगे आने का आग्रह किया जिन्होंने अभी तक अपने बच्चों को पोलियो की दवा नहीं पिलाई है। अभियान दिवस के प्रभारी रविशंकर अवस्थी और उदल सिंह यादव रहे। पूर्व विधायक महेश राय भी बूथ पर पहुँचे और बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। स्वास्थ्य विभाग और शासकीय चिकित्सालय की ओर से दो शिफ्ट में स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इस कार्यक्रम में ममता चौरसिया, इरफान खान, डालचंद पटेल, प्रमोद राय, डॉ. एल.एन. दुबे, मनोहर लाल दीक्षित, डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, आशुतोष तिवारी, बी.डी. पाराशर, रमेश नामदेव, राजेंद्र गोस्वामी, संतोष पटेल, पार्वती कुर्मी, रोशनी कुशवाहा, कृष्णकांत लखेरा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, पूजा परिहार, पूजा रजक, काजल रजक, भारती उपाध्याय, जीविका योगी, तनिष्का नामदेव और समृद्धि राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- चुनाव में जीत का जश्न मनाना तो सभी करते हैं, लेकिन हार के बाद भी मुस्कुराते हुए लोगों का धन्यवाद करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। बीना अधिवक्ता संघ के चुनाव में आज ऐसा ही एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जहाँ सुरेंद्र कुमार चौधरी चुनाव हारने के बावजूद मुस्कुराते हुए लोगों का धन्यवाद करने पहुंचे। उनके इस कदम ने लोकतंत्र और खेल भावना की एक शानदार मिसाल पेश की, जिससे वह चुनाव में हारे हुए उम्मीदवार होने के बावजूद लोगों के दिलों के विजेता बन गए।1
- सीएसपी सागर श्री ललित कश्यप जी ने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव, सतर्कता बरतने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने सभी से आह्वान किया है कि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। सागर पुलिस के अनुसार, साइबर सुरक्षा ही डिजिटल युग में सच्ची सुरक्षा है।1
- विदिशा जिले के उनारसीकला थाना क्षेत्र के ग्राम गोलना में एक महिला और उसकी बेटी के साथ घर में घुसकर बेरहमी से मारपीट की गई। घटना में घायल हुई महिला मोहर बाई को जिला अस्पताल विदिशा में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने बताया कि इस मारपीट के दौरान उनकी बेटी का मोबाइल और मंगलसूत्र भी आरोपी ले गए। मोहर बाई के अनुसार, गांव के कुछ लोग उनके भाई को मारने के लिए ढूंढ रहे थे। उन्हें शक था कि भाई मोहर बाई के घर में छिपा हुआ है। इसी बात पर आरोपियों ने लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से उनके घर में जबरन घुसकर मोहर बाई और उनकी बेटी को पीटा। मारपीट के बाद घायलों को पहले लटेरी अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। मोहर बाई का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने यह भी शिकायत की है कि घटना के संबंध में अब तक पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।4
- विदिशा जिले के भिलांय गांव में स्थित पहाड़ों पर हरियाली वापस आ चुकी है। इसके साथ ही, यह भी बताया गया है कि इन पहाड़ों में जंगली जानवर भी निवास करते हैं।1
- रविवार को बीना के सर्वोदय चौराहा स्थित पोलियो बूथ पर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत बड़ी संख्या में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई, जिसमें कुल 193 नौनिहालों को 'दो बूंद जिंदगी की' दी गई। यह कार्यक्रम परमार्थ सेवा संगठन बीना, नगर रत्न अलंकार समिति बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल बीना द्वारा संयुक्त रूप से बूथ गोद लेकर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व सरपंच अध्यक्ष अनिल ओझा ने फीता काटकर किया, जिन्होंने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प मजबूत हो सके। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था प्रतिवर्ष इस अभियान में सहयोग करती है, जबकि कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लॉडियस ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को दवा पिलाने की अपील की। अभियान दिवस के प्रभारी रविशंकर अवस्थी और उदल सिंह यादव रहे, वहीं पूर्व विधायक महेश राय भी बूथ पर पहुंचकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। स्वास्थ्य विभाग और शासकीय चिकित्सालय की ओर से स्वयंसेवकों की ड्यूटी दो शिफ्ट में लगाई गई थी। इस अवसर पर ममता चौरसिया, इरफान खान, डालचंद पटेल, प्रमोद राय, डॉ. एल.एन. दुबे, मनोहर लाल दीक्षित, डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, आशुतोष तिवारी, बी.डी. पाराशर, रमेश नामदेव, राजेंद्र गोस्वामी, संतोष पटेल, पार्वती कुर्मी, रोशनी कुशवाहा, कृष्णकांत लखेरा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, पूजा परिहार, पूजा रजक, काजल रजक, भारती उपाध्याय, जीविका योगी, तनिष्का नामदेव, समृद्धि राय सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिससे अभियान को व्यापक जनसहयोग मिला।3