स्लग - बीएलओ (BLO) की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों और विधायक ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, मानसिक उत्पीड़न का लगाया आरोप स्थान खटीमा/नानकमत्ता रिपोर्ट -अशोक सरकार मो-9758494633 एंकर/विजुअल - उधमसिंह नगर जिले के खटीमा से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। खटीमा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस्लाम नगर (बूथ संख्या 79) में बीएलओ द्वारा संतोषजनक कार्य न करने और स्थानीय लोगों को परेशान करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में विधायक गोपाल सिंह राणा की मौजूदगी में उपजिलाधिकारी खटीमा को एक ज्ञापन सौंपा गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान समय में प्रदेश में S.I.R. का कार्य चल रहा है, जिसके तहत कई आम जनता को नोटिस प्राप्त हुए हैं। इन नोटिसों के निस्तारण और जनता की सहायता के लिए बूथ स्तर पर बीएलओ नियुक्त किए गए हैं। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि इस्लाम नगर (बूथ संख्या 79) की बीएलओ अधिकारी लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें परेशान कर रही हैं और उनका मानसिक उत्पीड़न कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद जब वे सहायता के लिए जाते हैं, तो उन्हें उचित सहयोग नहीं मिल पाता। नानकमत्ता के विधायक गोपाल सिंह राणा और स्थानीय लोगों इमरान खान, गौरव सिंह, फहीम अंसारी, तौकीर अंसारी सहित कई ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित बीएलओ के खिलाफ तत्काल और उचित कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। वहीं तहसीलदार वीरेंद्र सजवान का कहना है कि ज्ञापन को संबंधित अधिकारी A.E.R.O को भेजा जा रहा है अब देखना यह होगा कि इस शिकायत के बाद तहसील प्रशासन संबंधित बीएलओ पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित ग्रामीणों को कब तक राहत मिलती है। बाइट -गोपाल सिंह राणा (विधायक नानकमत्ता) बाइट -वीरेंद्र सजवान (तहसीलदार खटीमा)
स्लग - बीएलओ (BLO) की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों और विधायक ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, मानसिक उत्पीड़न का लगाया आरोप स्थान खटीमा/नानकमत्ता रिपोर्ट -अशोक सरकार मो-9758494633 एंकर/विजुअल - उधमसिंह नगर जिले के खटीमा से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। खटीमा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस्लाम नगर (बूथ संख्या 79) में बीएलओ द्वारा संतोषजनक कार्य न करने और स्थानीय लोगों को परेशान करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में विधायक गोपाल सिंह राणा की मौजूदगी में उपजिलाधिकारी खटीमा को एक ज्ञापन सौंपा गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान समय में प्रदेश में S.I.R. का कार्य चल रहा है, जिसके तहत कई आम जनता को नोटिस प्राप्त हुए हैं। इन नोटिसों के निस्तारण और जनता की सहायता के लिए बूथ स्तर पर बीएलओ नियुक्त किए गए हैं। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि इस्लाम नगर (बूथ संख्या 79) की बीएलओ अधिकारी लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें परेशान कर रही हैं और उनका मानसिक उत्पीड़न कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद जब वे सहायता के लिए जाते हैं, तो उन्हें उचित सहयोग नहीं मिल पाता। नानकमत्ता के विधायक गोपाल सिंह राणा और स्थानीय लोगों इमरान खान, गौरव सिंह, फहीम अंसारी, तौकीर अंसारी सहित कई ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित बीएलओ के खिलाफ तत्काल और उचित कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। वहीं तहसीलदार वीरेंद्र सजवान का कहना है कि ज्ञापन को संबंधित अधिकारी A.E.R.O को भेजा जा रहा है अब देखना यह होगा कि इस शिकायत के बाद तहसील प्रशासन संबंधित बीएलओ पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित ग्रामीणों को कब तक राहत मिलती है। बाइट -गोपाल सिंह राणा (विधायक नानकमत्ता) बाइट -वीरेंद्र सजवान (तहसीलदार खटीमा)
- स्लग- आरक्षण पर बयान को लेकर विधायक का पुतला दहन, भाजपा ने किया विरोध। स्थान: खटीमा, ऊधम सिंह नगर रिपोर्ट -अशोक सरकार मो-9758494633 एंकर/विजुअल: -खटीमा में अनुसूचित जाति समाज के विभिन्न संगठनों ने विधायक भुवन चंद्र कापड़ी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विधायक द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी से अनुसूचित जाति समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। इस दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।खटीमा के मुख्य चौक पर एकत्र हुए अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने विधायक भुवन चंद्र कापड़ी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विधायक की ओर से सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और ऐसे बयान किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देते।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि विधायक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो समाज आंदोलन को और व्यापक करेगा। वहीं पूर्व सभासद श्याम भारती ने कहा कि यदि किसी भी समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती है तो उसका विरोध होना स्वाभाविक है और समाज इसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे और प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने की मांग की गई। फिलहाल इस पूरे मामले में विधायक भुवन चंद्र कापड़ी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बाइट- 1 रामू भारती प्रदेश मंत्री भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा उत्तराखंड बाइट-2 प्रकाश आर्य भाजपा नेता बाइट-3 गोविंद टम्टा उर्फ गुड्डू राज स्तरीय समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति सदस्य उत्तराखंड सरकार1
- सहगवां नगरिया में चेहल्लुम पर उमड़ा जनसैलाब, गंगा-जमुनी तहज़ीब की दिखी मिसाल1
- बेटी हुई है" यह स्लोगन जब सड़कों पर दौड़ती गुलाबी गुब्बारों से सजी कारों पर नज़र आया तो हर किसी का ध्यान इस ओर खिंच गया। मीनू बरकाती ने बेटी होने पर मनाई ऐसी खुशी कि लोग रह गये दंग।1
- स्लग - बीएलओ (BLO) की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों और विधायक ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, मानसिक उत्पीड़न का लगाया आरोप स्थान खटीमा/नानकमत्ता रिपोर्ट -अशोक सरकार मो-9758494633 एंकर/विजुअल - उधमसिंह नगर जिले के खटीमा से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। खटीमा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस्लाम नगर (बूथ संख्या 79) में बीएलओ द्वारा संतोषजनक कार्य न करने और स्थानीय लोगों को परेशान करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में विधायक गोपाल सिंह राणा की मौजूदगी में उपजिलाधिकारी खटीमा को एक ज्ञापन सौंपा गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान समय में प्रदेश में S.I.R. का कार्य चल रहा है, जिसके तहत कई आम जनता को नोटिस प्राप्त हुए हैं। इन नोटिसों के निस्तारण और जनता की सहायता के लिए बूथ स्तर पर बीएलओ नियुक्त किए गए हैं। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि इस्लाम नगर (बूथ संख्या 79) की बीएलओ अधिकारी लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें परेशान कर रही हैं और उनका मानसिक उत्पीड़न कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद जब वे सहायता के लिए जाते हैं, तो उन्हें उचित सहयोग नहीं मिल पाता। नानकमत्ता के विधायक गोपाल सिंह राणा और स्थानीय लोगों इमरान खान, गौरव सिंह, फहीम अंसारी, तौकीर अंसारी सहित कई ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित बीएलओ के खिलाफ तत्काल और उचित कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। वहीं तहसीलदार वीरेंद्र सजवान का कहना है कि ज्ञापन को संबंधित अधिकारी A.E.R.O को भेजा जा रहा है अब देखना यह होगा कि इस शिकायत के बाद तहसील प्रशासन संबंधित बीएलओ पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित ग्रामीणों को कब तक राहत मिलती है। बाइट -गोपाल सिंह राणा (विधायक नानकमत्ता) बाइट -वीरेंद्र सजवान (तहसीलदार खटीमा)1
- बीसलपुर में एचडीएफसी बैंक के कर्मचारियों की आवारा पशु से टकराने से मौत पीलीभीत। बीसलपुर में शुक्रवार रात ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहे HDFC बैंक के एक पर्सनल बैंकर की सड़क हादसे में मौत हो गई। बीसलपुर ब्लॉक के पास शिशु विहार स्कूल के निकट उनकी बाइक अचानक सामने आए एक आवारा पशु से टकरा गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल बैंक कर्मी को साथी कर्मचारी निजी वाहन से अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार, बैंक कर्मचारियों और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार बिलसंडा थाना क्षेत्र के गांव रौतापुर निवासी अर्पित गुप्ता (28) पुत्र श्रवण कुमार गुप्ता बीसलपुर स्थित HDFC बैंक में पर्सनल बैंकर के पद पर कार्यरत थे। करीब चार माह पहले ही उनका स्थानांतरण बीसलपुर शाखा में हुआ था। शुक्रवार रात लगभग 8:30 बजे वह बैंक की ड्यूटी समाप्त कर बाइक से अपने घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही अर्पित बीसलपुर ब्लॉक के आगे शिशु विहार स्कूल के पास पहुंचे, तभी अचानक सड़क पर आए एक आवारा पशु से उनकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि एंबुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद साथी बैंक कर्मी उन्हें निजी वाहन से बीसलपुर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। युवा बैंक कर्मी की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बैंक कर्मचारियों, मित्रों और शुभचिंतकों में शोक व्याप्त है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1