मध्य प्रदेश के सतना जिले में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 के बाहर छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कथित परीक्षा धांधली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है। यह मामला एक अभ्यर्थी ध्रुव गौतम से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर परीक्षा में बैठने के लिए केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2, सतना भेजा गया था, लेकिन उसे गुमराह करके वापस भेज दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को लेकर छात्र के भविष्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि पीड़ित छात्र की पुन: परीक्षा (re-exam) कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा छात्र के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराएंगे। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहाँ कई लोग नीट (NEET) परीक्षार्थियों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इस मामले में निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। घटना स्थल पर पहुंचे एक संबंधित व्यक्ति ने मामले की जानकारी ली और इस मुद्दे को अधिकारियों तथा मीडिया के समक्ष मजबूती से उठाने का वादा किया है।
मध्य प्रदेश के सतना जिले में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 के बाहर छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कथित परीक्षा धांधली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है। यह मामला एक अभ्यर्थी ध्रुव गौतम से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर परीक्षा में बैठने के लिए केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2, सतना भेजा गया था, लेकिन उसे गुमराह करके वापस भेज दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को लेकर छात्र के भविष्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि पीड़ित छात्र की पुन: परीक्षा (re-exam) कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा छात्र के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराएंगे। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहाँ कई लोग नीट (NEET) परीक्षार्थियों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इस मामले में निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। घटना स्थल पर पहुंचे एक संबंधित व्यक्ति ने मामले की जानकारी ली और इस मुद्दे को अधिकारियों तथा मीडिया के समक्ष मजबूती से उठाने का वादा किया है।
- सतना जिले की उचेहरा तहसील में परसमनिया मार्ग पर, धनिया गाँव के घने जंगलों के बीच स्थित, सात प्राकृतिक जलधाराओं से घिरा भूतेश्वर महादेव धाम सदियों से आस्था और रहस्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। खुले आसमान के नीचे विराजमान इस स्वयंभू शिवलिंग तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को जंगल और जलधाराओं के मार्ग से होकर जाना पड़ता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद इस पवित्र स्थान पर कोई नहीं रुकता है। कहा जाता है कि रात के समय यहाँ डमरू, शंख और ढोल-नगाड़ों की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं, जिन्हें भगवान शिव के गणों द्वारा की जाने वाली अदृश्य आराधना का प्रतीक माना जाता है। भले ही इन मान्यताओं के कोई प्रत्यक्ष प्रमाण उपलब्ध न हों, लेकिन प्रकृति की अनुपम छटा, सात धाराओं का कल-कल संगीत और शिवभक्ति का अलौकिक वातावरण हर श्रद्धालु को गहरी शांति और आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है। यही भूतेश्वर महादेव धाम की सबसे बड़ी पहचान है, जिसके दर्शन के लिए दूर-दूर से शिवभक्त आते हैं।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 के बाहर छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कथित परीक्षा धांधली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है। यह मामला एक अभ्यर्थी ध्रुव गौतम से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर परीक्षा में बैठने के लिए केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2, सतना भेजा गया था, लेकिन उसे गुमराह करके वापस भेज दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को लेकर छात्र के भविष्य पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि पीड़ित छात्र की पुन: परीक्षा (re-exam) कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा छात्र के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराएंगे। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहाँ कई लोग नीट (NEET) परीक्षार्थियों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इस मामले में निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। घटना स्थल पर पहुंचे एक संबंधित व्यक्ति ने मामले की जानकारी ली और इस मुद्दे को अधिकारियों तथा मीडिया के समक्ष मजबूती से उठाने का वादा किया है।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने 21 जून को सतना जिले के मैहर स्थित बड़ा अखाड़ा परिसर में अपना स्थापना दिवस समारोह मनाया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर जितेंद्र वशिष्ठ रहे, जबकि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस.के. त्रिपाठी ने इसकी अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में संस्थापक गंगा विश्वकर्मा, इंद्रभान सिंह बघेल और भूपेंद्र सिंह परिहार शामिल थे, और कार्यक्रम का संचालन मंजू सर ने किया। समारोह को संबोधित करते हुए, पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र राय ने अपनी पार्टी को एक विशुद्ध हिंदूवादी पार्टी बताया, जो देश की अन्य पार्टियों से अलग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जन मोर्चा पार्टी में कोई भी गैर-हिंदू सदस्य नहीं रहेगा, जिसे उन्होंने पार्टी की सबसे बड़ी विशेषता करार दिया। राय ने संगठन की विचारधारा और विस्तार योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर दिलीप बुनकर, रविशंकर यादव, शैलेश सिंह, सोनू, ऋषु श्रीवास्तव, विष्णु सोनी, विष्णु गुप्ता, संजीव शर्मा और अनूप श्रीवास्तव सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। सभी वक्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह का समापन संगठन के विस्तार और पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के सर्वसम्मत संकल्प के साथ हुआ।1
- सतना जिले के नागौद-परसमनिया मार्ग पर यात्री सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। इस मार्ग पर संचालित कुछ यात्री वाहन न केवल अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठा रहे हैं, बल्कि वे यात्रियों के साथ-साथ भारी मात्रा में लोहे की सरिया और अन्य निर्माण सामग्री भी ढो रहे हैं। पहाड़ी और घुमावदार रास्ते पर ऐसे ओवरलोड वाहनों का संचालन दुर्घटना की आशंका को कई गुना बढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यात्री वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर उनके बीच लोहे की सरिया जैसी भारी सामग्री रखी जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उनका कहना है कि विशेष रूप से परसमनिया घाटी के तीखे मोड़ों और ढलानों पर इन वाहनों का चलना सीधे तौर पर हादसों को न्योता देने जैसा है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि इस मार्ग पर चल रहे ओवरलोड वाहनों की तत्काल जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।1
- मैहर सिविल अस्पताल की वर्तमान स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। इस संबंध में यह सवाल बार-बार उठाया जा रहा है कि अस्पताल के हालात आखिर कब सुधरेंगे, जो कि इसकी बदहाली की ओर इशारा करता है।1
- रीवा के एक नामचीन होटल से शुरू हुआ पारिवारिक और कानूनी विवाद अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है, जो हाई-प्रोफाइल सरकारी अधिकारियों से जुड़ा होने के कारण पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। रीवा के एक होटल के कमरे से शुरू हुआ यह हाई-प्रोफाइल ड्रामा अब कथित मारपीट के सीसीटीवी वीडियो, घरेलू हिंसा के गंभीर आरोपों और पुलिस थाने में चोरी की एफआईआर तक जा पहुंचा है। कांस्टेबल पत्नी भारती उपाध्याय ने अपने पति, जो वन विभाग में रेंजर के पद पर पदस्थ बृजेन्द्र पांडेय हैं, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भारती उपाध्याय का दावा है कि उन्होंने बीते 15 जून को अपने पति को रीवा के एक होटल के कमरे में किसी अन्य युवती के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। महिला कांस्टेबल का आरोप है कि जब उन्होंने पति की इस हरकत का विरोध किया, तो रेंजर पति बृजेन्द्र पांडेय ने उनके साथ होटल के कमरे और परिसर में बेरहमी से मारपीट की। इस कथित मारपीट का एक सीसीटीवी फुटेज और वीडियो भी सामने आया है, जिसने इस पूरे मामले को और तूल दे दिया है। होटल के भीतर मचे इस बवाल के बाद मामला पूरी तरह कानूनी पेचीदगियों में उलझ गया है। पीड़ित कांस्टेबल पत्नी की शिकायत और सामने आए वीडियो के आधार पर घरेलू हिंसा के आरोपों के साथ-साथ चोरी की धाराओं में भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले और वायरल वीडियो की बारीकी से जांच कर रही है।1
- रीवा संभाग के नवागत कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने रविवार रात माता शारदा नगरी मैहर पहुंचकर विधि-विधान से पूजन-दर्शन और आरती की। उन्होंने सरस्वती स्वरूप माता शारदा का आशीर्वाद प्राप्त किया और मंदिर प्रांगण का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इस अवसर पर मीडिया से चर्चा करते हुए कमिश्नर श्री सिंह ने अपनी प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संभाग के सभी जिलों और ब्लॉकों का सर्वांगीण विकास उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी। साथ ही, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और उनका सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी उनकी पहली प्राथमिकता होगी। कमिश्नर शीलेंद्र सिंह सोमवार, 22 जून को रीवा संभाग का विधिवत पदभार ग्रहण करेंगे। मैहर प्रवास के दौरान उनके साथ कलेक्टर विदिशा मुखर्जी, एसडीएम दिव्या पटेल, तहसीलदार जितेंद्र पटेल सहित शारदा देवी मंदिर प्रबंधन समिति के कर्मचारी उपस्थित थे।1
- सतना जिले के नागौद क्षेत्र में हरदुआ विद्युत उपकेंद्र पर उस समय हड़कंप मच गया, जब आउटसोर्स ऑपरेटर अजय वर्मा नौकरी से निकाले जाने के विरोध में चालू बिजली के पोल पर चढ़ गया। उसने आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी दी, जिससे मौके पर मौजूद लोग और अधिकारी सकते में आ गए। अजय वर्मा का आरोप है कि कार्यपालन अभियंता पल्लव स्वर्णकार आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में की गई कटौती का विरोध करने का बदला ले रहे हैं। उसके अनुसार, कुछ दिनों पहले हुई मानदेय कटौती का सभी कर्मचारियों ने विरोध किया था, जिसके बाद कई कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया है, जबकि कुछ को दूरस्थ स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसी कार्रवाई के विरोध में अजय वर्मा सबस्टेशन की चालू लाइन पर चढ़ा और अपनी मांगें पूरी न होने पर जान देने की धमकी देने लगा। इस घटना की सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। नागौद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है और कर्मचारी को सुरक्षित नीचे उतारने तथा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।3