पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने गुरुवार सुबह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के पटना स्थित सरकारी आवास पर पहुंचकर सभी को चौंका दिया। मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार ने जमीनी कामकाज की समीक्षा की और विजय चौधरी को शाम तक एक विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया, ताकि प्रशासनिक कार्यों में गति लाई जा सके। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने विजय चौधरी से कहा कि शाम में आकर एक-एक चीज बताएं कि क्या हो रहा है और क्या नहीं हो रहा है, और अच्छे से काम करें। इस औचक दौरे के बाद राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में तेज चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसी बीच, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहाँ वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद, मुख्यमंत्री होटल अशोका में आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधी चाहे किसी भी जाति का क्यों न हो, पुलिस उसे 48 घंटे में जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए कोई जाति या धर्म मायने नहीं रखता, और जो लोग इसकी चर्चा करते हैं, वे इसी सोच के कारण कभी आगे नहीं बढ़ पाए। भ्रष्टाचारियों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सत्ता में रहकर अचानक अमीर बनना चाहते हैं, उनके घरों पर कड़ाई से छापा मारा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शॉर्टकट अपनाने वालों का ठिकाना बेउर जेल होगा, और यदि सत्ता के केंद्र में बैठा व्यक्ति ही जाति में उलझा रहेगा, तो राज्य में कभी समृद्धि नहीं आ सकती।
पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने गुरुवार सुबह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के पटना स्थित सरकारी आवास पर पहुंचकर सभी को चौंका दिया। मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार ने जमीनी कामकाज की समीक्षा की और विजय चौधरी को शाम तक एक विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया, ताकि प्रशासनिक कार्यों में गति लाई जा सके। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने विजय चौधरी से कहा कि शाम में आकर एक-एक चीज बताएं कि क्या हो रहा है और क्या नहीं हो रहा है, और अच्छे से काम करें। इस औचक दौरे के बाद राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में तेज चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसी बीच, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहाँ वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद, मुख्यमंत्री होटल अशोका में आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधी चाहे किसी भी जाति का क्यों न हो, पुलिस उसे 48 घंटे में जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए कोई जाति या धर्म मायने नहीं रखता, और जो लोग इसकी चर्चा करते हैं, वे इसी सोच के कारण कभी आगे नहीं बढ़ पाए। भ्रष्टाचारियों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सत्ता में रहकर अचानक अमीर बनना चाहते हैं, उनके घरों पर कड़ाई से छापा मारा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शॉर्टकट अपनाने वालों का ठिकाना बेउर जेल होगा, और यदि सत्ता के केंद्र में बैठा व्यक्ति ही जाति में उलझा रहेगा, तो राज्य में कभी समृद्धि नहीं आ सकती।
- बकरीद पर्व के दौरान नौहट्टा थाना क्षेत्र में शांति व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से आज एक फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च नौहट्टा थाना अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जो थाना क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील और मुख्य इलाकों से होकर गुजरा। फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करना और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। इस दौरान प्रशासन ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनसे त्योहार के अवसर पर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।1
- मधेपुरा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) की एक संयुक्त बैठक उस समय गरमा गई, जब जिले के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार के खिलाफ डॉक्टरों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया। आईएमए भवन में आयोजित इस बैठक में जिले भर से लगभग 50 डॉक्टर शामिल हुए, जिसकी अध्यक्षता आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने की। बैठक में डॉक्टरों ने सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे निजी क्लीनिक और अस्पताल संचालकों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बिना किसी ठोस कारण के निजी अस्पतालों पर जाकर अभद्र व्यवहार किया जाता है और चिकित्सकों को मानसिक रूप से परेशान किया जाता है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार यादव ने सिविल सर्जन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके व्यवहार को बिल्कुल भी व्यावहारिक नहीं बताया, यहां तक कि उन्होंने इसे मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति का व्यवहार बताया। आईएमए सचिव डॉ. अमित आनंद ने भी सिविल सर्जन के व्यवहार को अशोभनीय बताते हुए उनकी 'मानसिक गरीबी' का जिक्र किया। डॉक्टरों ने एक प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से मांग की कि राज्य स्तर पर एक समिति गठित कर सिविल सर्जन की मानसिक जांच कराई जाए और उचित कार्रवाई की जाए। आईडीए के डॉ. प्रमोद कुमार ने क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का हवाला देते हुए बताया कि 40 बेड से कम क्षमता वाले अस्पतालों के लिए रजिस्ट्रेशन का कोई स्पष्ट नियम नहीं है, फिर भी सिविल सर्जन नियमों की आड़ में डॉक्टरों के साथ बदतमीजी करते हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि सिविल सर्जन ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो आगे आंदोलन और सख्त कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी। इस बैठक में डॉ. नायडू कुमारी, डॉ. गंगेश गुंजन, डॉ. बीएन भारती सहित कई अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।4
- Post by Krishan yadav br 431
- मधेपुरा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहाँ मकई चुराते हुए रंगे हाथों पकड़े गए एक व्यक्ति ने, बजाय अपनी गलती स्वीकार करने के, उन ग्रामीणों पर ही SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करा दिया है जिन्होंने उसे पकड़ा था। इस घटना को 'उलटा चोर कोतवाल को डांटे' की कहावत के अनुरूप बताते हुए, इसे चोर की एक 'घिनौनी साजिश' करार दिया गया है।1
- Post by Md Asgar Ali1
- मधेपुरा में स्वास्थ्य संबंधी एक विवाद गहरा गया है। इस मामले में सिविल सर्जन ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए इसे एक सोची-समझी साज़िश करार दिया है।1
- मंत्री रत्नेश सदा हाल ही में सहरसा पहुँचे, जहाँ उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर रमन झा ने मंत्री रत्नेश सदा का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।1
- मधेपुरा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के संगठनात्मक चुनाव के तहत जिला अध्यक्ष पद का चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। सागर सेवा सदन में आयोजित इस चुनाव में रविशंकर कुमार उर्फ पिंटू मेहता को सर्वसम्मति से लगातार तीसरी बार पार्टी का जिला अध्यक्ष चुना गया। यह चुनाव प्रक्रिया जिला निर्वाचन पदाधिकारी अशोक मेहता की अध्यक्षता और जिला पर्यवेक्षक दीपक वर्मा की देखरेख में पूरी की गई। परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में काफी उत्साह देखा गया और उन्होंने पिंटू मेहता का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। तीसरी बार यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद, नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष रविशंकर कुमार उर्फ पिंटू मेहता ने पार्टी नेतृत्व और सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, युवाओं और आम कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ना, तथा जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना उनके मुख्य उद्देश्य होंगे। इस अवसर पर प्रो. मृत्युंजय मेहता, सीताराम कुशवाहा, मो. इफ्तिखार, गुड्डू आलम, गुलाब देवी, अमित कुशवाहा सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मधेपुरा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के इस संगठनात्मक चुनाव के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम शुरू होगा।4
- झंझारपुर के सिमरा महादलित बस्ती में एक आपसी विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि स्थिति बेकाबू हो गई। इस घटना के दौरान महिला से लेकर बुजुर्ग और युवा तक, सभी लोग हाथों में लाठी लेकर बीच सड़क पर आ गए और जमकर हंगामा किया। विवाद बढ़ने के साथ ही, वहां लाठी-डंडे भी चले, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1