मधेपुरा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) की एक संयुक्त बैठक उस समय गरमा गई, जब जिले के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार के खिलाफ डॉक्टरों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया। आईएमए भवन में आयोजित इस बैठक में जिले भर से लगभग 50 डॉक्टर शामिल हुए, जिसकी अध्यक्षता आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने की। बैठक में डॉक्टरों ने सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे निजी क्लीनिक और अस्पताल संचालकों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बिना किसी ठोस कारण के निजी अस्पतालों पर जाकर अभद्र व्यवहार किया जाता है और चिकित्सकों को मानसिक रूप से परेशान किया जाता है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार यादव ने सिविल सर्जन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके व्यवहार को बिल्कुल भी व्यावहारिक नहीं बताया, यहां तक कि उन्होंने इसे मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति का व्यवहार बताया। आईएमए सचिव डॉ. अमित आनंद ने भी सिविल सर्जन के व्यवहार को अशोभनीय बताते हुए उनकी 'मानसिक गरीबी' का जिक्र किया। डॉक्टरों ने एक प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से मांग की कि राज्य स्तर पर एक समिति गठित कर सिविल सर्जन की मानसिक जांच कराई जाए और उचित कार्रवाई की जाए। आईडीए के डॉ. प्रमोद कुमार ने क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का हवाला देते हुए बताया कि 40 बेड से कम क्षमता वाले अस्पतालों के लिए रजिस्ट्रेशन का कोई स्पष्ट नियम नहीं है, फिर भी सिविल सर्जन नियमों की आड़ में डॉक्टरों के साथ बदतमीजी करते हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि सिविल सर्जन ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो आगे आंदोलन और सख्त कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी। इस बैठक में डॉ. नायडू कुमारी, डॉ. गंगेश गुंजन, डॉ. बीएन भारती सहित कई अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।
मधेपुरा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) की एक संयुक्त बैठक उस समय गरमा गई, जब जिले के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार के खिलाफ डॉक्टरों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया। आईएमए भवन में आयोजित इस बैठक में जिले भर से लगभग 50 डॉक्टर शामिल हुए, जिसकी अध्यक्षता आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने की। बैठक में डॉक्टरों ने सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा
कि वे निजी क्लीनिक और अस्पताल संचालकों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बिना किसी ठोस कारण के निजी अस्पतालों पर जाकर अभद्र व्यवहार किया जाता है और चिकित्सकों को मानसिक रूप से परेशान किया जाता है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार यादव ने सिविल सर्जन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके व्यवहार को बिल्कुल भी व्यावहारिक नहीं बताया, यहां तक कि उन्होंने इसे मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति
का व्यवहार बताया। आईएमए सचिव डॉ. अमित आनंद ने भी सिविल सर्जन के व्यवहार को अशोभनीय बताते हुए उनकी 'मानसिक गरीबी' का जिक्र किया। डॉक्टरों ने एक प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से मांग की कि राज्य स्तर पर एक समिति गठित कर सिविल सर्जन की मानसिक जांच कराई जाए और उचित कार्रवाई की जाए। आईडीए के डॉ. प्रमोद कुमार ने क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का हवाला देते हुए बताया कि 40 बेड से कम
क्षमता वाले अस्पतालों के लिए रजिस्ट्रेशन का कोई स्पष्ट नियम नहीं है, फिर भी सिविल सर्जन नियमों की आड़ में डॉक्टरों के साथ बदतमीजी करते हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि सिविल सर्जन ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो आगे आंदोलन और सख्त कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी। इस बैठक में डॉ. नायडू कुमारी, डॉ. गंगेश गुंजन, डॉ. बीएन भारती सहित कई अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।
- मधेपुरा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) की एक संयुक्त बैठक उस समय गरमा गई, जब जिले के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार के खिलाफ डॉक्टरों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया। आईएमए भवन में आयोजित इस बैठक में जिले भर से लगभग 50 डॉक्टर शामिल हुए, जिसकी अध्यक्षता आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र कुमार ने की। बैठक में डॉक्टरों ने सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे निजी क्लीनिक और अस्पताल संचालकों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बिना किसी ठोस कारण के निजी अस्पतालों पर जाकर अभद्र व्यवहार किया जाता है और चिकित्सकों को मानसिक रूप से परेशान किया जाता है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार यादव ने सिविल सर्जन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके व्यवहार को बिल्कुल भी व्यावहारिक नहीं बताया, यहां तक कि उन्होंने इसे मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति का व्यवहार बताया। आईएमए सचिव डॉ. अमित आनंद ने भी सिविल सर्जन के व्यवहार को अशोभनीय बताते हुए उनकी 'मानसिक गरीबी' का जिक्र किया। डॉक्टरों ने एक प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार से मांग की कि राज्य स्तर पर एक समिति गठित कर सिविल सर्जन की मानसिक जांच कराई जाए और उचित कार्रवाई की जाए। आईडीए के डॉ. प्रमोद कुमार ने क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का हवाला देते हुए बताया कि 40 बेड से कम क्षमता वाले अस्पतालों के लिए रजिस्ट्रेशन का कोई स्पष्ट नियम नहीं है, फिर भी सिविल सर्जन नियमों की आड़ में डॉक्टरों के साथ बदतमीजी करते हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि सिविल सर्जन ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो आगे आंदोलन और सख्त कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी। इस बैठक में डॉ. नायडू कुमारी, डॉ. गंगेश गुंजन, डॉ. बीएन भारती सहित कई अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।4
- Post by Krishan yadav br 431
- मधेपुरा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहाँ मकई चुराते हुए रंगे हाथों पकड़े गए एक व्यक्ति ने, बजाय अपनी गलती स्वीकार करने के, उन ग्रामीणों पर ही SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करा दिया है जिन्होंने उसे पकड़ा था। इस घटना को 'उलटा चोर कोतवाल को डांटे' की कहावत के अनुरूप बताते हुए, इसे चोर की एक 'घिनौनी साजिश' करार दिया गया है।1
- सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर के सामने बना यात्री शेड समय से पहले ही जर्जर होकर ध्वस्त होने के कगार पर पहुँच गया है, जिससे लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। आरोप है कि इस यात्री शेड के नाम पर सरकारी राशि का जमकर बंदरबांट किया गया है। कई लोगों ने बताया कि यह यात्री शेड ईंट और सीमेंट की बजाय स्टील की चादरों और खूंटों से बनाया गया है, यही वजह है कि यह कुछ ही महीनों में टूट गया है और अब बैठने लायक नहीं बचा है। लोगों का कहना है कि यदि इसका निर्माण स्थायी सामग्री से होता तो यह अधिक समय तक चलता। इसके अतिरिक्त, प्रखंड कार्यालय में दिन भर सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन परिसर में न तो पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था है और न ही कोई उपयोग लायक शौचालय भवन। यह स्थिति लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बनती है। हालाँकि, परिसर में दर्जनों शौचालय भवन बनाए गए हैं, पर उनमें से एक भी इस्तेमाल में नहीं है, जिससे साफ जाहिर होता है कि सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर में योजनाओं के नाम पर सरकारी धन का बड़े पैमाने पर बंदरबांट कर लिया गया है।1
- जलई थाना क्षेत्र में बकरा ईद का पर्व गुरुवार को अत्यंत शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पर्व को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों में व्यापक उत्साह और खुशी देखने को मिली। सुबह से ही, विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की, जहाँ उन्होंने देश और समाज में अमन-चैन तथा भाईचारे की दुआ मांगी। नमाज के उपरांत, सभी लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर बकरा ईद की मुबारकबाद दी, जिसमें बच्चों और युवाओं का उत्साह विशेष रूप से देखने लायक था। पर्व के मद्देनजर स्थानीय बाजारों में भी दिनभर काफी चहल-पहल बनी रही। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जलई थाना पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही; थाना अध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस बल ने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त की, जिससे पर्व बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रशासन ने भी लोगों से आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की थी, जिसमें नागरिकों ने पूर्ण सहयोग दिया। इस अवसर पर, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी लोगों को बकरा ईद की शुभकामनाएं देते हुए आपसी एकता और भाईचारे का महत्वपूर्ण संदेश दिया।1
- पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने गुरुवार सुबह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के पटना स्थित सरकारी आवास पर पहुंचकर सभी को चौंका दिया। मुलाकात के दौरान नीतीश कुमार ने जमीनी कामकाज की समीक्षा की और विजय चौधरी को शाम तक एक विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया, ताकि प्रशासनिक कार्यों में गति लाई जा सके। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने विजय चौधरी से कहा कि शाम में आकर एक-एक चीज बताएं कि क्या हो रहा है और क्या नहीं हो रहा है, और अच्छे से काम करें। इस औचक दौरे के बाद राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में तेज चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसी बीच, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहाँ वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। इसके बाद, मुख्यमंत्री होटल अशोका में आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधी चाहे किसी भी जाति का क्यों न हो, पुलिस उसे 48 घंटे में जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए कोई जाति या धर्म मायने नहीं रखता, और जो लोग इसकी चर्चा करते हैं, वे इसी सोच के कारण कभी आगे नहीं बढ़ पाए। भ्रष्टाचारियों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सत्ता में रहकर अचानक अमीर बनना चाहते हैं, उनके घरों पर कड़ाई से छापा मारा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शॉर्टकट अपनाने वालों का ठिकाना बेउर जेल होगा, और यदि सत्ता के केंद्र में बैठा व्यक्ति ही जाति में उलझा रहेगा, तो राज्य में कभी समृद्धि नहीं आ सकती।1
- एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें एक शराबी युवक ने एक पिता के सामने ही उनकी बेटी का हाथ पकड़ लिया। इस आपत्तिजनक हरकत के बाद उस शराबी युवक का जो 'हाल' हुआ है, वह पूरा घटनाक्रम इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है।1
- मधेपुरा में स्वास्थ्य संबंधी एक विवाद गहरा गया है। इस मामले में सिविल सर्जन ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए इसे एक सोची-समझी साज़िश करार दिया है।1