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डिंडोरी वनमंडल अधिकारी श्री अशोक सोलंकी की पहल पर साल बोरर कीट नियंत्रण के लिए एक व्यापक सर्वे और गणना अभियान शुरू किया गया है। यह कार्रवाई पूर्वी करंजिया और पश्चिमी करंजिया रेंज के जंगलों में की जा रही है, जिसका उद्देश्य साल बोरर के फैलाव को नियंत्रित करना है। यह नियंत्रण प्रक्रिया लगातार जारी है, और श्री सोलंकी की इस पहल से साल बोरर कीटों पर प्रभावी ढंग से काबू पाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Santosh Ahirwar
डिंडोरी वनमंडल अधिकारी श्री अशोक सोलंकी की पहल पर साल बोरर कीट नियंत्रण के लिए एक व्यापक सर्वे और गणना अभियान शुरू किया गया है। यह कार्रवाई पूर्वी करंजिया और पश्चिमी करंजिया रेंज के जंगलों में की जा रही है, जिसका उद्देश्य साल बोरर के फैलाव को नियंत्रित करना है। यह नियंत्रण प्रक्रिया लगातार जारी है, और श्री सोलंकी की इस पहल से साल बोरर कीटों पर प्रभावी ढंग से काबू पाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- मंडला जिला अस्पताल में पहली बार एक सफल सर्जरी को अंजाम दिया गया है। सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक युवक का ऑपरेशन अस्पताल में सफलतापूर्वक किया गया, जिसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।1
- प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक तीर्थ स्थल एवं पर्यटन केंद्र पवित्र नगरी अमरकंटक में ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी (भीमसैनी ग्यारस) और स्वाती नक्षत्र के पावन संयोग पर गुरुवार को हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इन श्रद्धालुओं ने स्नान, ध्यान, पूजन-अर्चन एवं दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। सुबह से ही श्रद्धालुओं का नर्मदा तटों पर आना शुरू हो गया था। श्रद्धालु अपने परिवारजनों एवं स्वजनों के साथ मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर जप, तप, साधना और पूजा-अर्चना में लगे रहे। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम स्थल स्थित पवित्र कुंड में आचमन एवं स्नान कर नर्मदा मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने मां नर्मदा के समक्ष अपने परिवार की कुशलता, सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, यश एवं उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। अनेक श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विधिवत पूजन-अर्चन एवं आरती संपन्न की। निर्जला एकादशी के अवसर पर पुष्पराजगढ़ अंचल, अनूपपुर, कोतमा, बुढार, धनपुरी, शहडोल, गौरेला, पेंड्रा, मरवाही, कोरबा, बिलासपुर, लोरमी एवं मुंगेली सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे। इनके अतिरिक्त, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्म लाभ अर्जित करने के लिए आए। नर्मदा नदी के रामघाट, कोटितीर्थ कुंड, पुष्कर बांध तथा आरंडी संगम सहित विभिन्न स्नान स्थलों पर पूरे दिन श्रद्धालुओं द्वारा स्नान, ध्यान एवं पूजन-अर्चन का क्रम जारी रहा। हालांकि, गत वर्षों की तुलना में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम दिखाई दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसका प्रमुख कारण किसानों का खेती-किसानी के कार्यों, खासकर जुताई एवं बुवाई में व्यस्त होना माना जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, निर्जला एकादशी का व्रत एवं स्नान वर्ष की सभी एकादशियों के समान ही पुण्यफल प्रदान करने वाला माना जाता है। इसी कारण इस पावन अवसर पर अमरकंटक में श्रद्धालुओं की विशेष आस्था देखने को मिली।1
- गोंडवाना साम्राज्य की महारानी वीरांगना दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर 24 जून को मंडला के घुघरी बस स्टैंड में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शुभ मौके पर महारानी वीरांगना दुर्गावती की प्रतिमा स्थापित की गई, जिससे पूरे गोंड समाज में खुशी की लहर देखी गई। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उम्मान सिंह भी उपस्थित हुए। यह आयोजन महारानी वीरांगना दुर्गावती के बलिदान को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए किया गया।1
- विकासखंड बीजाडांडी की ग्राम पंचायत कटंगी के बस्ती मार्ग में निर्मित सीसी सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है, जिसको लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। इस निर्माण कार्य में सरपंच, सचिव और उपयंत्री पर गंभीर मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि इन सभी ने मिलकर तय मापदंडों को पूरी तरह दरकिनार करते हुए व्यापक वित्तीय अनियमितता को अंजाम दिया है। आरोप है कि सड़क निर्माण में भारी मुनाफे के लालच में एस्टीमेट के विपरीत बेहद कमजोर मसाला इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें 28 तगाड़ी गिट्टी, 26 तगाड़ी रेत और मात्र 1 बोरी सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है, जो गुणवत्ता के मानकों के विपरीत है। निर्माण के दौरान न तो जमीन को मजबूत करने के लिए रोलर चलाया गया और न ही कांक्रीट को ठोस बनाने के लिए वाइब्रेटर का उपयोग हुआ, जिससे सड़क की मजबूती पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस घटिया और अनियमितता से भरे निर्माण पर आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की भी अपील की है ताकि इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।1
- कबीरधाम पुलिस ने बुलेट और अन्य वाहनों में इस्तेमाल हो रहे मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत 10 जब्त किए गए मॉडिफाइड साइलेंसरों को जेसीबी मशीन से कुचलकर नष्ट कर दिया गया, जिसका उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण स्थापित करना और आम नागरिकों को अनावश्यक शोर से होने वाली परेशानी से राहत दिलाना है। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र सिंह और श्री अमित पटेल के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। इसी क्रम में, कवर्धा एसडीओपी श्री आशीष शुक्ला, थाना प्रभारी कोतवाली श्री योगेश कश्यप और कोतवाली पुलिस टीम ने कवर्धा शहर में एक विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, 10 वाहनों में नियमों के विपरीत मॉडिफाइड साइलेंसर लगे पाए गए। पुलिस टीम द्वारा इन वाहनों को थाना कोतवाली लाया गया, जहां वाहन मालिकों की उपस्थिति में मॉडिफाइड साइलेंसरों को निकलवाया गया। संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें भविष्य में ऐसे साइलेंसरों का उपयोग न करने की सख्त हिदायत दी गई। पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों को बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसरों से निकलने वाली अत्यधिक तेज आवाज आमजन, बुजुर्गों, मरीजों एवं विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बनती है, और यह ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ यातायात नियमों का भी उल्लंघन है। कवर्धा एसडीओपी श्री आशीष शुक्ला ने जानकारी दी कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कबीरधाम पुलिस जिले में लगातार ऐसे वाहनों की पहचान कर रही है और उनके विरुद्ध कोतवाली एवं यातायात पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों में केवल कंपनी द्वारा निर्धारित मानक उपकरणों का ही उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। कबीरधाम पुलिस ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों का संचालन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- मंडला और डिंडोरी के निवासियों के लिए, निषाद जी पी.ओ.पी. वाले सभी प्रकार के फॉल्स सीलिंग कार्य उपलब्ध करा रहे हैं। इच्छुक ग्राहक फॉल्स सीलिंग से संबंधित किसी भी काम को करवाने के लिए 7225009544 पर WhatsApp या कॉल के माध्यम से सीधा संपर्क कर सकते हैं।1
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- मंडला में रानी दुर्गावती बलिदान दिवस के अवसर पर 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का शुभारंभ किया गया। इस पहल के तहत, मंडला पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ एक जागरूकता रैली का आयोजन किया, जिसके माध्यम से लोगों को डिजिटल सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत अनूपपुर पुलिस विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। यह अभियान 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक पूरे मध्यप्रदेश में चलाया जा रहा है। अनूपपुर में पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब जी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम जी एवं एसडीओपी श्री नवीन तिवारी जी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा इन कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। अभियान के तहत, गुरुवार को भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा अनूपपुर में बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ मिलकर लगभग 100 ग्राहकों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त, शासकीय तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में प्राचार्य श्री अनिल सक्सेना, प्राध्यापकों और लगभग 600 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कोतवाली टी.आई. अरविंद जैन के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह और आरक्षक प्रकाश तिवारी की टीम ने इन कार्यक्रमों में जानकारी दी। दी गई जानकारी में साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया गया, जैसे अनजान व्यक्ति द्वारा मोबाइल फोन पर कॉल या एसएमएस के माध्यम से ओटीपी साझा न करना, अनजान लिंक पर क्लिक न करना, और अनजान नंबरों से वीडियो कॉल अटेंड न करना। लोगों को अनजान कॉलर पर भरोसा करके किसी भी तरह का ट्रांजेक्शन या लेनदेन करने से बचने, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्राइवेसी फीचर्स को सक्रिय रखने, और लॉटरी, इनाम, कैशबैक, KBC लकी ड्रा, नौकरी, लोन, बीमा आदि जैसे आकर्षक प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह दी गई। साथ ही, किसी भी संस्थान या कंपनी के कस्टमर केयर नंबर के लिए उनकी आधिकारिक वेबसाइट/एप्लिकेशन का उपयोग करने, गूगल सर्च से मिले नंबरों पर भरोसा न करने और ऑनलाइन शॉपिंग के लिए विश्वसनीय एवं प्रमाणित ई-कॉमर्स वेबसाइटों या एप्लिकेशन का ही प्रयोग करने की हिदायत दी गई। साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, सभी सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप्लिकेशन जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, व्हाट्सएप, टेलीग्राम पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन विकल्प चालू रखने, अपने सभी डिवाइसों को अपडेटेड एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर से सुरक्षित रखने और अनजान ईमेल या लिंक खोलने से पहले उनकी प्रामाणिकता की जांच करने के लिए कहा गया। सिम खरीदने के लिए संबंधित कंपनी के आधिकारिक स्टोर पर जाने और यदि कोई स्वयं को बैंक कर्मचारी बताकर जानकारी मांगे तो तत्काल अपने बैंक के अधिकारी-कर्मचारी से संपर्क करने की सलाह दी गई। डिजिटल अरेस्ट जैसे भयभीत करने वाले कॉल से सावधान रहने को कहा गया, क्योंकि भारतीय कानून में इसका कोई प्रावधान नहीं है। फर्जी शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म एप्लिकेशन में निवेश करने से बचने और टेलीग्राम ऐप पर वर्क फ्रॉम होम या टास्क पूरा करके पैसे कमाने के झांसे में न आने की भी चेतावनी दी गई। विशेष रूप से यह समझाया गया कि ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए यूपीआई पिन डालना होता है, लेकिन पेमेंट प्राप्त करने के लिए कभी नहीं। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एपीके फाइलें डाउनलोड या इंस्टॉल न करने और लोन के लिए आरबीआई से जुड़ी वित्तीय संस्थाओं या बैंकों से जानकारी लेने के बाद ही लोन ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई। अंत में, अपना बैंक खाता और सिम किसी भी स्थिति में किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न देने का आग्रह किया गया। यदि कोई साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो तत्काल 'गोल्डन आवर' में राष्ट्रीय साइबर क्राइम टोल-फ्री हेल्पलाइन 1930 या इसकी वेबसाइट पर, या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई। ऐसा करने से ट्रांसफर की गई रकम को संबंधित खातों से निकाले जाने से पहले फ्रीज कराकर वापस दिलवाने में मदद मिल सकती है।1