जालौन के उरई में स्टेशन रोड निवासी गुरु मंत्रा फाउंडेशन के संस्थापक और पेशे से शिक्षक अजय कुमार ने कैंसर पीड़ित बच्चों की मदद को अपना जीवन समर्पित कर दिया है। वह अब तक लगभग 35 बच्चों का इलाज कराने में सहयोग कर चुके हैं और उन्हें बेहतर उपचार के लिए देश के विभिन्न अस्पतालों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। रविवार को शहर के ब्रजवासी रेस्टोरेंट में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान अजय कुमार ने बताया कि जागरूकता की कमी के कारण बच्चों में कैंसर की पहचान समय पर नहीं हो पाती, जिससे वे इलाज से वंचित रह जाते हैं। उनकी संस्था बच्चों को मुंबई, लखनऊ और ग्वालियर समेत कई बड़े शहरों के अस्पतालों में ले जाकर उनका इलाज कराने में मदद करती है। इस मिशन को आगे बढ़ाते हुए उनकी टीम अब पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में कैंसर जागरूकता अभियान चलाएगी ताकि लोग बीमारी के शुरुआती लक्षणों को पहचान सकें। संस्था का मुख्य लक्ष्य है कि किसी भी बच्चे की जान समय पर इलाज न मिलने की वजह से न जाए। इस दौरान शफीक खां, असलम सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
जालौन के उरई में स्टेशन रोड निवासी गुरु मंत्रा फाउंडेशन के संस्थापक और पेशे से शिक्षक अजय कुमार ने कैंसर पीड़ित बच्चों की मदद को अपना जीवन समर्पित कर दिया है। वह अब तक लगभग 35 बच्चों का इलाज कराने में सहयोग कर चुके हैं और उन्हें बेहतर उपचार के लिए देश के विभिन्न अस्पतालों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। रविवार को शहर के ब्रजवासी रेस्टोरेंट में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान अजय कुमार ने बताया कि जागरूकता की कमी के कारण बच्चों में कैंसर की पहचान समय पर नहीं हो पाती, जिससे वे इलाज से वंचित रह जाते हैं। उनकी संस्था बच्चों को मुंबई, लखनऊ और ग्वालियर समेत कई बड़े शहरों के अस्पतालों में ले जाकर उनका इलाज कराने में मदद करती है। इस मिशन को आगे बढ़ाते हुए उनकी टीम अब पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में कैंसर जागरूकता अभियान चलाएगी ताकि लोग बीमारी के शुरुआती लक्षणों को पहचान सकें। संस्था का मुख्य लक्ष्य है कि किसी भी बच्चे की जान समय पर इलाज न मिलने की वजह से न जाए। इस दौरान शफीक खां, असलम सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
- जालौन के उरई में स्टेशन रोड निवासी गुरु मंत्रा फाउंडेशन के संस्थापक और पेशे से शिक्षक अजय कुमार ने कैंसर पीड़ित बच्चों की मदद को अपना जीवन समर्पित कर दिया है। वह अब तक लगभग 35 बच्चों का इलाज कराने में सहयोग कर चुके हैं और उन्हें बेहतर उपचार के लिए देश के विभिन्न अस्पतालों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। रविवार को शहर के ब्रजवासी रेस्टोरेंट में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान अजय कुमार ने बताया कि जागरूकता की कमी के कारण बच्चों में कैंसर की पहचान समय पर नहीं हो पाती, जिससे वे इलाज से वंचित रह जाते हैं। उनकी संस्था बच्चों को मुंबई, लखनऊ और ग्वालियर समेत कई बड़े शहरों के अस्पतालों में ले जाकर उनका इलाज कराने में मदद करती है। इस मिशन को आगे बढ़ाते हुए उनकी टीम अब पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में कैंसर जागरूकता अभियान चलाएगी ताकि लोग बीमारी के शुरुआती लक्षणों को पहचान सकें। संस्था का मुख्य लक्ष्य है कि किसी भी बच्चे की जान समय पर इलाज न मिलने की वजह से न जाए। इस दौरान शफीक खां, असलम सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- जालौन में युवा समाजसेवी सूर्या उर्फ हनी यादव ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर सिर्फ श्रद्धांजलि देने के बजाय सेवा का अनोखा संकल्प लेकर एक नई मिसाल पेश की है। अपने पिता की याद में वे वृद्धाश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने वहां रह रहे बुजुर्गों का आशीर्वाद बनकर उनका दिल जीत लिया। हनी यादव ने बुजुर्गों के बीच पहुंचकर और सेवा का संकल्प लेकर समाज के सामने श्रद्धांजलि की जगह सेवा का एक सच्चा उदाहरण प्रस्तुत किया है।1
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का डिजिटल रुपया (e₹) देश में डिजिटल भुगतान को एक नए दौर में ले जा रहा है, जिससे अब लोगों को जेब में नकद रखने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह डिजिटल रुपया भारत की केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) है, जिसे सीधे भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया जाता है। यह किसी निजी कंपनी या क्रिप्टोकरेंसी की तरह नहीं है, बल्कि भारतीय मुद्रा का ही डिजिटल स्वरूप है। जिस तरह आपके पास रखा ₹100 का नोट वैध मुद्रा है, उसी तरह डिजिटल रुपया भी वैध भारतीय करेंसी है। डिजिटल रुपये की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे भुगतान करते समय छुट्टे पैसों की समस्या खत्म हो जाती है। यह यूपीआई (UPI) सहित सभी क्यूआर (QR) कोड पर भुगतान करने में सक्षम है, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों के लिए लेनदेन पहले से अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाता है। आरबीआई का कहना है कि यह लोगों को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से नकद जैसा अनुभव देगा, जिससे सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक भुगतान को बढ़ावा मिलेगा तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह रोजमर्रा की खरीदारी, छोटे-बड़े भुगतान और व्यापारिक लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।1
- जालौन के कोंच में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार सुबह 10 बजे कोंच कोतवाली परिसर, एसडीएम आवास, सीओ आवास और क्षेत्र की सभी पुलिस चौकियों पर विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। कोतवाली परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हेमंत पटेल, क्षेत्राधिकारी (सीओ) परमेश्वर प्रसाद और कोतवाली प्रभारी ब्रजेश बहादुर सिंह ने पौधे रोपकर इस अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बढ़ती गर्मी, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अभियान के दौरान पुलिस विभाग की ओर से लोगों को पौधे भी वितरित किए गए और उनसे अपने घरों, विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों तथा खाली जमीन पर पौधे लगाकर उनका संरक्षण करने का आग्रह किया गया। इस मौके पर क्राइम इंस्पेक्टर अरुण कुमार, उपनिरीक्षक अशोक कुमार, सागर चौकी प्रभारी सुमित पांडेय, राहुल कुमार और अभिषेक भदौरिया सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जालौन में महावृक्षारोपण अभियान के तहत पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी उचित देखभाल करने की अपील की। कैबिनेट मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं और स्वच्छ पर्यावरण के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे एक पौधा लगाकर हरित और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दें। इसके साथ ही उन्होंने "हर घर एक पेड़ लगाओ" का नारा देकर हरित यूपी का संदेश प्रसारित किया।1
- जालौन के थाना एट क्षेत्र में हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के नेतृत्व में थाना एट पुलिस, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल, नकदी, घटना में इस्तेमाल की गई बलेनो कार और अवैध तमंचा बरामद किया है। यह वारदात 7 जुलाई की रात को हुई थी। थाना एट क्षेत्र के रहने वाले लक्ष्मी नारायण ने 10 जुलाई को थाने में तहरीर देकर बताया था कि जब वह अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी एक बलेनो कार में सवार 3-4 अज्ञात बदमाशों ने उनकी बाइक के आगे कार लगाकर रास्ता रोक लिया। बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की और उनकी मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन तथा ₹8,000 नकद लूटकर फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीमों का गठन किया गया था। शनिवार को चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया और पूछताछ के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान झांसी निवासी विवेक अहिरवार (20 वर्ष), विनय कुमार (22 वर्ष) और साकिर (20 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई मोटरसाइकिल, ₹4,500 नकदी, घटना में प्रयुक्त बलेनो कार, एक 315 बोर का अवैध तमंचा और दो कारतूस बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार आरोपी विवेक अहिरवार के खिलाफ पहले से भी एक आपराधिक मुकदमा दर्ज है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और मुखबिर की मदद से इस घटना का सफल खुलासा किया गया है और जिले में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस बड़ी कामयाबी और उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक जालौन ने संयुक्त पुलिस टीम को ₹15,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।4
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई शहर में कोंच रोड स्थित एक चर्चित रेस्टोरेंट पर शनिवार को महिला कल्याण विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी की। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान रेस्टोरेंट परिसर में चार युवतियां और दो युवक मौजूद मिले। इनमें से दो युवतियों की उम्र को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ, जिसके बाद उन्हें आयु सत्यापन, पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए महिला थाना भेज दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान संयुक्त टीम ने रेस्टोरेंट के संचालन से जुड़े लाइसेंस, कर्मचारियों का विवरण, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि रेस्टोरेंट नियमों के अनुरूप चल रहा है या नहीं। छापेमारी की सूचना मिलते ही रेस्टोरेंट के बाहर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और फिलहाल किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद यदि कोई नियम उल्लंघन या अनियमितता पाई जाती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें।3