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रुद्रपुर में बदहाल सड़कों के खिलाफ डॉक्टरों का प्रदर्शन, OPD बंद कर सड़क पर उतरे डॉक्टर रुद्रपुर की डॉक्टर कॉलोनी में टूटी सड़कों से नाराज डॉक्टरों ने आज OPD बंद कर सांकेतिक धरना दिया।कॉलोनी में दो दर्जन से ज्यादा अस्पताल हैं, जहां रोज हजारों मरीज आते हैं, लेकिन जर्जर सड़कों से मरीजों को परेशानी हो रही है। लंबे समय से मांग के बाद भी नगर निगम ने सड़क नहीं बनाई।नाराज डॉक्टर आज सड़क पर उतर आए और तुरंत सड़क निर्माण की मांग की।

1 hr ago
user_Rudrapur News
Rudrapur News
Local News Reporter रुद्रपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
1 hr ago

रुद्रपुर में बदहाल सड़कों के खिलाफ डॉक्टरों का प्रदर्शन, OPD बंद कर सड़क पर उतरे डॉक्टर रुद्रपुर की डॉक्टर कॉलोनी में टूटी सड़कों से नाराज डॉक्टरों ने आज OPD बंद कर सांकेतिक धरना दिया।कॉलोनी में दो दर्जन से ज्यादा अस्पताल हैं, जहां रोज हजारों मरीज आते हैं, लेकिन जर्जर सड़कों से मरीजों को परेशानी हो रही है। लंबे समय से मांग के बाद भी नगर निगम ने सड़क नहीं बनाई।नाराज डॉक्टर आज सड़क पर उतर आए और तुरंत सड़क निर्माण की मांग की।

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  • रुद्रपुर में बदहाल सड़कों के खिलाफ डॉक्टरों का प्रदर्शन, OPD बंद कर सड़क पर उतरे डॉक्टर रुद्रपुर की डॉक्टर कॉलोनी में टूटी सड़कों से नाराज डॉक्टरों ने आज OPD बंद कर सांकेतिक धरना दिया।कॉलोनी में दो दर्जन से ज्यादा अस्पताल हैं, जहां रोज हजारों मरीज आते हैं, लेकिन जर्जर सड़कों से मरीजों को परेशानी हो रही है। लंबे समय से मांग के बाद भी नगर निगम ने सड़क नहीं बनाई।नाराज डॉक्टर आज सड़क पर उतर आए और तुरंत सड़क निर्माण की मांग की।
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    रुद्रपुर में बदहाल सड़कों के खिलाफ डॉक्टरों का प्रदर्शन, OPD बंद कर सड़क पर उतरे डॉक्टर
रुद्रपुर की डॉक्टर कॉलोनी में टूटी सड़कों से नाराज डॉक्टरों ने आज OPD बंद कर सांकेतिक धरना दिया।कॉलोनी में दो दर्जन से ज्यादा अस्पताल हैं, जहां रोज हजारों मरीज आते हैं, लेकिन जर्जर सड़कों से मरीजों को परेशानी हो रही है। लंबे समय से मांग के बाद भी नगर निगम ने सड़क नहीं बनाई।नाराज डॉक्टर आज सड़क पर उतर आए और तुरंत सड़क निर्माण की मांग की।
    user_Rudrapur News
    Rudrapur News
    Local News Reporter रुद्रपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • Stickman ka jungle ka adventure Stickman #StickmanAdventure #JungleAdventure #StickmanJungle Stickman ka jungle ka Stickman #StickmanAdventure #JungleAdventure #StickmanJungle #StickmanAnimation #StickmanCartoon #JungleSurvival #AdventureStory #StickmanStory #AIAnimation #2DCartoon #CartoonComedy #JungleMystery adventure
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    Stickman ka jungle ka adventure Stickman #StickmanAdventure #JungleAdventure #StickmanJungle
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    user_StickmanRahul
    StickmanRahul
    रुद्रपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    13 hrs ago
  • लालकुआं के बिन्दूखत्ता को जल्द मिलेगा राजस्व गाँव का दर्जा, सरकार कर रही हे प्रयास। बिन्दुखत्ता राजस्व गाँव की मांग को लेकर चल रहे क्रमिक अनशन के बीच नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने बड़ा बयान दिया है उन्होंने कहा कि कई जगहों पर जैसे बिंदुखत्ता, बघा 54, और जिम कॉर्बेट के आसपास रिकॉर्ड में वन भूमि दर्ज है, लेकिन असल में वहां जंगल की जगह इमारतें और बाजार बस चुके हैं। वहां कोई वास्तविक वन क्षेत्र नहीं बचा है क्योंकि लोग दशकों से वहां रह रहे हैं। ​ उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ऐसे क्षेत्रों को राजस्व भूमि के रूप में मान्यता देने और वहां के लोगों को अधिकार देने का प्रयास कर रही है। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है तथा सरकार ने वन मंत्री के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसकी कार्यवाई के बाद केंद्र सरकार भेजा जाएगा वही केन्द्र की सहमति मिलने के बाद सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति और उनकी टीम द्वारा निरीक्षण के उपरांत इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव का दर्जा देने के केंद्र और राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। जल्द ही बिन्दुखत्ता राजस्व गाँव बनेगा।
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    लालकुआं के बिन्दूखत्ता को जल्द मिलेगा राजस्व गाँव का दर्जा, सरकार कर रही हे प्रयास। 
बिन्दुखत्ता राजस्व गाँव की मांग को लेकर चल रहे क्रमिक अनशन के बीच नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने बड़ा बयान दिया है उन्होंने कहा कि कई जगहों पर जैसे बिंदुखत्ता, बघा 54, और जिम कॉर्बेट के आसपास रिकॉर्ड में वन भूमि दर्ज है, लेकिन असल में वहां जंगल की जगह इमारतें और बाजार बस चुके हैं। वहां कोई वास्तविक वन क्षेत्र नहीं बचा है क्योंकि लोग दशकों से वहां रह रहे हैं।  
​                  उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ऐसे क्षेत्रों को राजस्व भूमि के रूप में मान्यता देने और वहां के लोगों को अधिकार देने का प्रयास कर रही है। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है तथा सरकार ने वन मंत्री के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया है। 
जिसकी कार्यवाई के बाद केंद्र सरकार भेजा जाएगा वही केन्द्र की सहमति मिलने के बाद सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति और उनकी टीम द्वारा निरीक्षण के उपरांत इस दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।  उन्होंने कहा कि बिन्दुखत्ता को राजस्व गाँव का दर्जा देने के केंद्र और राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। जल्द ही बिन्दुखत्ता राजस्व गाँव बनेगा।
    user_मुकेश कुमार
    मुकेश कुमार
    लालकुआँ, नैनीताल, उत्तराखंड•
    49 min ago
  • किच्छा की कंपनी में पिकअप की टक्कर से महिला कर्मचारी घायल! इलाज के दौरान मौ**त HR पर पति का बड़ा आरोप #Kichha #Lalpur #UttarakhandNews #BreakingNews #DarpanNews #JusticeForRekha किच्छा की कंपनी में पिकअप की टक्कर से महिला कर्मचारी घायल! इलाज के दौरान मौ**त HR पर पति का बड़ा आरोप #Kichha #Lalpur #UttarakhandNews #BreakingNews #DarpanNews #JusticeForRekha
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    किच्छा की कंपनी में पिकअप की टक्कर से महिला कर्मचारी घायल! इलाज के दौरान मौ**त HR पर पति का बड़ा आरोप

#Kichha #Lalpur #UttarakhandNews #BreakingNews #DarpanNews #JusticeForRekha
किच्छा की कंपनी में पिकअप की टक्कर से महिला कर्मचारी घायल! इलाज के दौरान मौ**त HR पर पति का बड़ा आरोप
#Kichha #Lalpur #UttarakhandNews #BreakingNews #DarpanNews #JusticeForRekha
    user_VINEET KUMAR
    VINEET KUMAR
    किच्छा, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • बिजली चोरी पर बड़ा एक्शन, सुबह पांच बजे से छापेमारी, 108 पर कार्यवाही रिपोर्टर : हल्द्वानी - 50 से 55 प्रतिशत तक लाइन लॉस वाले फीडर रडार पर - सात टीमों ने चलाया अभियान, मीटर सीज कर स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी -
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    बिजली चोरी पर बड़ा एक्शन, सुबह पांच बजे से छापेमारी, 108 पर कार्यवाही

रिपोर्टर : 

हल्द्वानी 
- 50 से 55 प्रतिशत तक लाइन लॉस वाले फीडर रडार पर
-  सात टीमों ने चलाया अभियान, मीटर सीज कर स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी
-
    user_
    Haldwani, Nainital•
    24 min ago
  • बाजपुर के 20 गांवों की 5838 एकड़ जमीन का मुद्दा राष्ट्रीय मंच पर गरजे किसान नेता जगतार सिंह बाजवा बाजपुर के 20 गांवों की 5838 एकड़ जमीन का मुद्दा राष्ट्रीय मंच पर गरजे किसान नेता जगतार सिंह बाजवा संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में उठी भूमिधरी अधिकारों की आवाज, दिसंबर में उत्तराखंड आ सकती है टीम बाजपुर। 20 गांवों की 5838 एकड़ जमीन का मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गूंजा है। हरियाणा के करनाल में आयोजित संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय बैठक में भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने किसानों के भूमिधरी अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। बैठक में किसान नेता राकेश टिकैत, जोगेंद्र सिंह उगराहां और अशोक धवले सहित वरिष्ठ किसान नेताओं की मौजूदगी में बाजवा ने कहा कि छह साल से अधिक समय बीतने के बावजूद हजारों परिवार अपने भूमिधरी अधिकारों की बहाली का इंतजार कर रहे हैं। सरकार से कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। बाजवा की मांग को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने दिसंबर में उत्तराखंड की टीम भेजने का आश्वासन दिया है। वहीं, बाजवा ने बाजपुर क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा भी राष्ट्रीय बैठक में उठाया। अब किसानों की निगाहें दिसंबर में प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे और जमीन के मामले में होने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    बाजपुर के 20 गांवों की 5838 एकड़ जमीन का मुद्दा राष्ट्रीय मंच पर गरजे किसान नेता जगतार सिंह बाजवा
बाजपुर के 20 गांवों की 5838 एकड़ जमीन का मुद्दा राष्ट्रीय मंच पर गरजे किसान नेता जगतार सिंह बाजवा
संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में उठी भूमिधरी अधिकारों की आवाज, दिसंबर में उत्तराखंड आ सकती है टीम
बाजपुर। 20 गांवों की 5838 एकड़ जमीन का मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गूंजा है। हरियाणा के करनाल में आयोजित संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय बैठक में भूमि बचाओ मुहिम के संयोजक किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने किसानों के भूमिधरी अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। बैठक में किसान नेता राकेश टिकैत, जोगेंद्र सिंह उगराहां और अशोक धवले सहित वरिष्ठ किसान नेताओं की मौजूदगी में बाजवा ने कहा कि छह साल से अधिक समय बीतने के बावजूद हजारों परिवार अपने भूमिधरी अधिकारों की बहाली का इंतजार कर रहे हैं। सरकार से कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। बाजवा की मांग को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने दिसंबर में उत्तराखंड की टीम भेजने का आश्वासन दिया है। वहीं, बाजवा ने बाजपुर क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा भी राष्ट्रीय बैठक में उठाया। अब किसानों की निगाहें दिसंबर में प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे और जमीन के मामले में होने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
    user_LOVE SHRIVASTAV
    LOVE SHRIVASTAV
    Local News Reporter बाजपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    15 hrs ago
  • सारंगा तेरी याद में,,,1961 का मुकेश का गाया यह गीत आज भी लोगों की जुबान से नहीं उतर पाया है। सुनिए इन पंक्तियों में प्रेमी अपने प्रिय के बिछुड़ने की पीड़ा व्यक्त करता है। उसे न दिन में चैन मिलता है, न रात में नींद। वह साथ बिताए पलों और गांव की पुरानी यादों में खोया रहता है। आम की डाल पर झूला, पीपल की छांव और पैरों में लगी मेहंदी जैसे बिंब प्रेम की उन स्मृतियों को जीवंत बनाते हैं, जो समय बीतने के बाद भी मन में बनी रहती हैं। मुकेश और रफी के संस्करण में क्या अंतर है? इस गीत को दोनों महान गायकों ने अपनी अलग शैली में गाया। मुकेश की आवाज में दर्द, सहजता और भीतर तक उतर जाने वाली उदासी महसूस होती है, जबकि मोहम्मद रफी के संस्करण में उनकी विशिष्ट गायकी और सुरों की मिठास सुनने को मिलती है। गीत को राग यमन कल्याण पर आधारित भी बताया जाता है। गीत के बोल भरत व्यास ने लिखे और संगीत सरदार मलिक ने दिया। फिल्म का निर्देशन धीरूभाई देसाई ने किया था। इस गीत को आज भी याद किए जाने की वजह सिर्फ इसकी मधुर धुन नहीं, बल्कि इसका भाव है। यह बताता है कि किसी व्यक्ति के साथ बिताए गए थोड़े-से पल भी जीवन भर की स्मृति बन सकते हैं। प्रेम में बिछोह की पीड़ा, गांव की याद और बीते दिनों की कसक इसे एक साधारण प्रेमगीत से कहीं अधिक बना देती है। गीत सुनने के लिए: मुकेश का ‘सारंगा तेरी याद में’।
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    सारंगा तेरी याद में,,,1961 का मुकेश का गाया यह गीत आज भी    लोगों की जुबान से नहीं उतर पाया है। सुनिए 
इन पंक्तियों में प्रेमी अपने प्रिय के बिछुड़ने की पीड़ा व्यक्त करता है। उसे न दिन में चैन मिलता है, न रात में नींद। वह साथ बिताए पलों और गांव की पुरानी यादों में खोया रहता है। आम की डाल पर झूला, पीपल की छांव और पैरों में लगी मेहंदी जैसे बिंब प्रेम की उन स्मृतियों को जीवंत बनाते हैं, जो समय बीतने के बाद भी मन में बनी रहती हैं। 
मुकेश और रफी के संस्करण में क्या अंतर है?
इस गीत को दोनों महान गायकों ने अपनी अलग शैली में गाया। मुकेश की आवाज में दर्द, सहजता और भीतर तक उतर जाने वाली उदासी महसूस होती है, जबकि मोहम्मद रफी के संस्करण में उनकी विशिष्ट गायकी और सुरों की मिठास सुनने को मिलती है। गीत को राग यमन कल्याण पर आधारित भी बताया जाता है। 
गीत के बोल भरत व्यास ने लिखे और संगीत सरदार मलिक ने दिया। फिल्म का निर्देशन धीरूभाई देसाई ने किया था। 
इस गीत को आज भी याद किए जाने की वजह सिर्फ इसकी मधुर धुन नहीं, बल्कि इसका भाव है। यह बताता है कि किसी व्यक्ति के साथ बिताए गए थोड़े-से पल भी जीवन भर की स्मृति बन सकते हैं। प्रेम में बिछोह की पीड़ा, गांव की याद और बीते दिनों की कसक इसे एक साधारण प्रेमगीत से कहीं अधिक बना देती है।
गीत सुनने के लिए: मुकेश का ‘सारंगा तेरी याद में’।
    user_NTL
    NTL
    कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    57 min ago
  • ओलावृष्टि से 100 गांवों की फसल तबाह - बाजपुर और गदरपुर ब्लॉक को आपदा ग्रस्त घोषित करने की मांग पर धरने पर किसान बाजपुर और गदरपुर में ओलावृष्टि से बड़ा नुकसान। परसों हुई ओलावृष्टि में बाजपुर के 50-55 और गदरपुर के 45-50 गांव तबाह हो गए हैं। किसानों ने मुआवजे की मांग की थी। विधायक अरविंद पांडे ने बैठक में एक दिन का समय मांगा, किसानों ने दो दिन दे दिए, लेकिन अभी तक मुआवजे की कोई घोषणा नहीं हुई।किसानों की दो मांगें हैं - पहला, दोनों ब्लॉकों को आपदा ग्रस्त घोषित किया जाए। दूसरा, कच्चे आढ़तियों की तौल 1 अक्टूबर से शुरू होनी थी, लेकिन अभी तक सेंटर शुरू नहीं हुए। धान तैयार है, मंडी में औने-पौने दाम मिल रहे हैं।इन्हीं दो मांगों को लेकर आज किसान जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने पर बैठे हैं।
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    ओलावृष्टि से 100 गांवों की फसल तबाह - बाजपुर और गदरपुर ब्लॉक को आपदा ग्रस्त घोषित करने की मांग पर धरने पर किसान

बाजपुर और गदरपुर में ओलावृष्टि से बड़ा नुकसान। परसों हुई ओलावृष्टि में बाजपुर के 50-55 और गदरपुर के 45-50 गांव तबाह हो गए हैं।
किसानों ने मुआवजे की मांग की थी। विधायक अरविंद पांडे ने बैठक में एक दिन का समय मांगा, किसानों ने दो दिन दे दिए, लेकिन अभी तक मुआवजे की कोई घोषणा नहीं हुई।किसानों की दो मांगें हैं - पहला, दोनों ब्लॉकों को आपदा ग्रस्त घोषित किया जाए। दूसरा, कच्चे आढ़तियों की तौल 1 अक्टूबर से शुरू होनी थी, लेकिन अभी तक सेंटर शुरू नहीं हुए। धान तैयार है, मंडी में औने-पौने दाम मिल रहे हैं।इन्हीं दो मांगों को लेकर आज किसान जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने पर बैठे हैं।
    user_Rudrapur News
    Rudrapur News
    Local News Reporter रुद्रपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
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