सालिमपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: शादी से लौट रही कार अलीपुर के पास पलटी, तीन गंभीर घायल एक की हालत नाजुक, पीएमसीएच रेफर। सालिमपुर थाना क्षेत्र के अलीपुर गांव के सामने शुक्रवार, 20 फरवरी की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बेगूसराय से शादी समारोह में शामिल होकर पटना लौट रही एक कार सड़क किनारे खड़ी वाहन से टकराकर पलट गई। हादसे में कार सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस 112 टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बख्तियारपुर पहुंचाया गया। घायलों की पहचान रंजीत कुमार (निवासी- अरवल), मुकेश कुमार एवं कमलेश कुमार (दोनों निवासी- बेउर, पटना) के रूप में की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि एक घायल के सिर में गहरी चोट आई है और उसे तत्काल उन्नत चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है। अन्य दो की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह सड़क किनारे खड़ी अवैध गाड़ियों को माना जा रहा है। नेशनल हाईवे एवं स्टेट हाईवे पर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण पीछे से आ रहे चालकों को आगे की स्थिति का सही अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन, सामान्य प्रशासन और सड़क परिवहन विभाग से इस दिशा में ठोस कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि एक ओर सरकार सड़क सुरक्षा पखवाड़ा मना रही है, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर अवैध रूप से खड़े वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं। प्रशासनिक सख्ती की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
सालिमपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: शादी से लौट रही कार अलीपुर के पास पलटी, तीन गंभीर घायल एक की हालत नाजुक, पीएमसीएच रेफर। सालिमपुर थाना क्षेत्र के अलीपुर गांव के सामने शुक्रवार, 20 फरवरी की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बेगूसराय से शादी समारोह में शामिल होकर पटना लौट रही एक कार सड़क किनारे खड़ी वाहन से टकराकर पलट गई। हादसे में कार सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस 112 टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बख्तियारपुर पहुंचाया गया। घायलों की पहचान रंजीत कुमार (निवासी- अरवल), मुकेश कुमार एवं कमलेश कुमार (दोनों निवासी- बेउर, पटना) के रूप में की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि एक घायल के सिर में गहरी चोट आई है और उसे तत्काल उन्नत चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है। अन्य दो की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह सड़क किनारे खड़ी अवैध गाड़ियों को माना जा रहा है। नेशनल हाईवे एवं स्टेट हाईवे पर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण पीछे से आ रहे चालकों को आगे की स्थिति का सही अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन, सामान्य प्रशासन और सड़क परिवहन विभाग से इस दिशा में ठोस कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि एक ओर सरकार सड़क सुरक्षा पखवाड़ा मना रही है, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर अवैध रूप से खड़े वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं। प्रशासनिक सख्ती की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
- खबर पटना जिले के बख्तियारपुर से जहां शुक्रवार, 20 फरवरी की दोपहर करीब तीन बजे बख्तियारपुर में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए स्टेशन रोड पर सड़क किनारे लगाए गए अवैध दुकानों और ठेला-रिक्शा पर जुर्माना लगाया। यह अभियान एसडीएम बाढ़ गरिमा लोहिया के निर्देश पर चलाया गया। बताया गया कि पिछले दो दिनों से प्रशासन की ओर से माइकिंग कराकर दुकानदारों और ठेला चालकों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी जा रही थी। इसी क्रम में शुक्रवार को प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और अवैध रूप से सड़क किनारे लगाए गए दुकानों व ठेलों का चालान काटा। पहली बार पकड़े जाने पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि दोबारा अतिक्रमण करने पर एक हजार रुपये या उससे अधिक का दंड वसूला जाएगा। अभियान के दौरान अंचलाधिकारी निरंजन सुमन, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार तथा नोडल पदाधिकारी सह नगर प्रबंधक मोहित दुबे के साथ नगर परिषद और बख्तियारपुर थाना की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने मौके पर कई दुकानदारों को चेतावनी भी दी कि सड़क पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया कि होली पर्व तक समय-समय पर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। एसडीएम ने नगर प्रबंधक को निर्देश दिया है कि नियमित रूप से ड्राइव चलाकर सड़क किनारे हुए सभी अतिक्रमण को हटाया जाए और इसकी सूचना प्रशासन को दी जाए। वहीं पुरानी बाइपास इलाके को लेकर भी प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सड़क किनारे खाली स्थानों को चिन्हित कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और वहां वेंडिंग जोन तैयार किया जाए, ताकि बाजार क्षेत्र में लगने वाली सब्जी दुकानों को व्यवस्थित किया जा सके और यातायात में बाधा न हो। अभियान के दौरान एसडीएम से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। वहीं नगर प्रबंधक मोहित दुबे ने बताया कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- Post by संवाद डिजिटल टीवी न्यूज1
- वैशाली थाना क्षेत्र के भागवतपुर पंचायत के हरपुर बसंत महतो टोला में गुरुवार देर रात भीषण अगलगी की घटना में 14 परिवारों का घर जलकर राख हो गया। आग उस वक्त लगी जब सभी लोग सो रहे थे। आग की तपिश महसूस होते ही लोग जान बचाकर बाहर भागे। ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, बाद में दमकल भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक घर, अनाज, कपड़े, बर्तन और जरूरी सामान जलकर खाक हो चुके थे। एक परिवार की मार्च में होने वाली शादी के लिए रखे 20 हजार रुपये भी आग की भेंट चढ़ गए। घटना की सूचना पर पंचायत के मुखिया अनिल राय पहुंचे और पीड़ितों को हरसंभव मदद व मुआवजे का आश्वासन दिया।1
- 12 वर्षीय बच्ची ज्योति कुमारी लापता, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बुढनी चक गांव के नया टोला निवासी उमेश पंडित की 12 वर्षीय पुत्री ज्योति कुमारी संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गई है। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 7:00 बजे ज्योति की मां ने उसे स्कूल जाने के लिए डांट-फटकार लगाई और एक थप्पड़ मार दिया। इसके बाद ज्योति घर से बाहर निकल गई। कुछ देर बाद जब उसकी मां ने उसे आवाज लगाई तो वह वापस नहीं आई। मां पहले घरेलू काम में लग गई, लेकिन काम खत्म होने के बाद जब आसपास खोजबीन की तो ज्योति का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने स्कूल और रिश्तेदारों के यहां भी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार परिजनों ने थाने में लिखित आवेदन देकर बच्ची के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि शाम तक ज्योति का कोई अता-पता नहीं चल सका था। घटना के बाद से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, ज्योति के पिता जो नवादा में मजदूरी का काम करते हैं, सूचना मिलते ही घर पहुंच गए हैं। परिवार और गांव के लोग बच्ची की सकुशल बरामदगी की दुआ कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- Post by User53622
- दिल्ली में आयोजित AI समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर गंभीर आरोप लगे हैं। स्टॉल पर दिखाए गए रोबोटिक डॉग को यूनिवर्सिटी की खुद की तकनीक बताया गया, लेकिन बाद में सामने आया कि यह विदेशी कंपनी का तैयार प्रोडक्ट था। मामला बढ़ने पर यूनिवर्सिटी ने सफाई और माफ़ी जारी की, लेकिन इस विवाद ने शिक्षा व्यवस्था, रिसर्च की सच्चाई और AI के नाम पर होने वाली ब्रांडिंग पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- ई का बिहार में होता ? 🤔😱😲😂1
- पटना जिले के बख्तियारपुर में शुक्रवार, 20 फरवरी की दोपहर बख्तियारपुर प्रखंड के अब्बू मोहम्मदपुर में रमजान माह के पहले जुमे की नमाज अकीदत और खुसू-खुज़ू के साथ अदा की गई। स्थानीय मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी जुटे और अल्लाह की इबादत कर अमन-चैन की दुआ मांगी। नमाज के बाद मस्जिद परिसर में विशेष उत्साह और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। रमजान इस्लाम धर्म का पवित्र महीना माना जाता है, जिसमें रोज़ा, नमाज, तरावीह और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। पहले जुमे की नमाज को लेकर मुस्लिम समाज में खास उत्साह रहता है। नमाज अदा करने के बाद जब लोगों से रमजान के महत्व के बारे में बातचीत की गई तो उनके चेहरों पर अलग ही खुशी झलक रही थी। अब्बू मोहम्मदपुर निवासी मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि रमजान केवल रोज़ा रखने का महीना नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, सब्र और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि लोग रमजान शुरू होने से पहले ही घरों की साफ-सफाई, इफ्तार की तैयारी और जरूरतमंदों की मदद की योजना बनाने में जुट जाते हैं। उनके अनुसार यह महीना इंसान को अपने व्यवहार और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर देता है। नमाज के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन सतर्क दिखा। नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मस्जिद से बाहर निकलते हुए लोगों ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी और समाज में शांति व सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। रमजान के पहले जुमे को लेकर क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता की भी झलक देखने को मिली।1