धूमधाम से मनाया महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव अंतराष्ट्रीय अग्रवाल चेतना शक्ति सम्मेलन के सदस्य व समाज की महिलाओं द्वारा अग्रवाल दिगंबर पदम प्रभु जैन मंदिर पर महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव धूम धाम से मनाया गया कार्यक्रम भगवान महावीर का पालन झुलाया वी मधुर मधुर भजन गए और सभी ने भक्ति भाव में मग्न होकर नृत्य किया कार्यक्रम में रुचि जैन, सुशील बंसल,सुनीता गोयल, सपना गोयल आदि महिलाओं का सहयोग रहा राष्ट्रीय अध्यक्ष सपना गोयल ने बताया.महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मदिवस है, जो अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, और ब्रह्मचर्य के सिद्धांतों के माध्यम से आत्म-कल्याण और शांति का संदेश देता है। यह पर्व करुणा, नैतिकता और सरल जीवन जीने की प्रेरणा देता है भगवान महावीर ने 'अहिंसा परमो धर्म:' का संदेश दिया, जो समस्त जीवों के प्रति दया और सम्मान सिखाता है। यह दिन जीवन के अंतिम लक्ष्य—मोक्ष—को प्राप्त करने के लिए कठोर साधना और सत्य के मार्ग पर चलने की याद दिलाता है।उनके सिद्धांत जैसे - सत्य (सच बोलना), अचौर्य (चोरी न करना), अपरिग्रह (संपत्ति का लोभ न करना), और ब्रह्मचर्य, एक अनुशासित और शांतिपूर्ण समाज के लिए आवश्यक हैं। भगवान महावीर ने राजसी सुख त्याग कर साधु जीवन अपनाया, जो भौतिकवाद से दूर आध्यात्मिक शांति का महत्व बताता है। इस दिन लोग मंदिरों में विशेष पूजा करते हैं, जरूरतमंदों को दान देते हैं और भगवान महावीर के उपदेशों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेते हैं
धूमधाम से मनाया महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव अंतराष्ट्रीय अग्रवाल चेतना शक्ति सम्मेलन के सदस्य व समाज की महिलाओं द्वारा अग्रवाल दिगंबर पदम प्रभु जैन मंदिर पर महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव धूम धाम
से मनाया गया कार्यक्रम भगवान महावीर का पालन झुलाया वी मधुर मधुर भजन गए और सभी ने भक्ति भाव में मग्न होकर नृत्य किया कार्यक्रम में रुचि जैन, सुशील बंसल,सुनीता गोयल, सपना गोयल आदि
महिलाओं का सहयोग रहा राष्ट्रीय अध्यक्ष सपना गोयल ने बताया.महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मदिवस है, जो अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, और ब्रह्मचर्य के सिद्धांतों के माध्यम से आत्म-कल्याण और
शांति का संदेश देता है। यह पर्व करुणा, नैतिकता और सरल जीवन जीने की प्रेरणा देता है भगवान महावीर ने 'अहिंसा परमो धर्म:' का संदेश दिया, जो समस्त जीवों के प्रति दया और सम्मान
सिखाता है। यह दिन जीवन के अंतिम लक्ष्य—मोक्ष—को प्राप्त करने के लिए कठोर साधना और सत्य के मार्ग पर चलने की याद दिलाता है।उनके सिद्धांत जैसे - सत्य (सच बोलना), अचौर्य (चोरी न
करना), अपरिग्रह (संपत्ति का लोभ न करना), और ब्रह्मचर्य, एक अनुशासित और शांतिपूर्ण समाज के लिए आवश्यक हैं। भगवान महावीर ने राजसी सुख त्याग कर साधु जीवन अपनाया, जो भौतिकवाद से दूर आध्यात्मिक
शांति का महत्व बताता है। इस दिन लोग मंदिरों में विशेष पूजा करते हैं, जरूरतमंदों को दान देते हैं और भगवान महावीर के उपदेशों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेते हैं
- धूमधाम से मनाया महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव अंतराष्ट्रीय अग्रवाल चेतना शक्ति सम्मेलन के सदस्य व समाज की महिलाओं द्वारा अग्रवाल दिगंबर पदम प्रभु जैन मंदिर पर महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव धूम धाम से मनाया गया कार्यक्रम भगवान महावीर का पालन झुलाया वी मधुर मधुर भजन गए और सभी ने भक्ति भाव में मग्न होकर नृत्य किया कार्यक्रम में रुचि जैन, सुशील बंसल,सुनीता गोयल, सपना गोयल आदि महिलाओं का सहयोग रहा राष्ट्रीय अध्यक्ष सपना गोयल ने बताया.महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मदिवस है, जो अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, और ब्रह्मचर्य के सिद्धांतों के माध्यम से आत्म-कल्याण और शांति का संदेश देता है। यह पर्व करुणा, नैतिकता और सरल जीवन जीने की प्रेरणा देता है भगवान महावीर ने 'अहिंसा परमो धर्म:' का संदेश दिया, जो समस्त जीवों के प्रति दया और सम्मान सिखाता है। यह दिन जीवन के अंतिम लक्ष्य—मोक्ष—को प्राप्त करने के लिए कठोर साधना और सत्य के मार्ग पर चलने की याद दिलाता है।उनके सिद्धांत जैसे - सत्य (सच बोलना), अचौर्य (चोरी न करना), अपरिग्रह (संपत्ति का लोभ न करना), और ब्रह्मचर्य, एक अनुशासित और शांतिपूर्ण समाज के लिए आवश्यक हैं। भगवान महावीर ने राजसी सुख त्याग कर साधु जीवन अपनाया, जो भौतिकवाद से दूर आध्यात्मिक शांति का महत्व बताता है। इस दिन लोग मंदिरों में विशेष पूजा करते हैं, जरूरतमंदों को दान देते हैं और भगवान महावीर के उपदेशों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेते हैं7
- *खेरखेड़ा में MLA ने रुकवाया नहर खुदाई निर्माण कार्य:* ग्रामीणों ने मुआवजे में सरकार पर भेदभाव का लगाया आरोप; बोले- उचित भुगतान नहीं तक काम नहीं *सुनील गौतम दैनिक भास्कर* *अपने शहर, जिला, पंचायत की ताजा खबरें दिनभर पढ़ें फ्री में, सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर*1
- शिव सिंह राजपूत दहिया जर्नलिस्ट अमरपाटन सतना मैहर मध्य प्रदेश भोपाल 99747788631
- शाहाबाद क्षेत्र के प्रमुख आस्था स्थल नगर कोट माताजी मंदिर पर चल रहे तीन दिवसीय रामनवमी मेले में रामनवमी पर भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे और मंदिर में दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की तथा दर्शनों के बाद यहां लगने वाले मेले में घूमने फिरने का आनंद लिया शुक्रवार को आयोजित इस मेले में शाहाबाद क्षेत्र के अलावा केलवाड़ा, मुंडियर, मामोनी, कालोनी समरानिया सहित मध्य प्रदेश के छर्च पोहरी तेंदुआ कोलारस शिवपुरी तक से आए श्रद्धालुओं ने दर्शन कर मनोकामनाएं मांगी माता जी के मंदिर पर विभिन्न अखाड़ों के द्वारा रामनवमी के अवसर पर निशान चढ़ाए गए जिनको लेकर भी काफी उत्साह देखा गया। विभिन्न अखाड़ों के साथ अखाड़ों के लांगुरिया और भक्त पारंपरिक गीतों के साथ पूजा अर्चना और भजनों पर झूमते नजर आए इस दौरान ड्रोन से भक्तों पर पुष्प वर्षा भी की गई। आज सवेरे से ही मेले में लोग नजर आने लगे और मेला धीरे धीरे बढ़ता रहा दोपहर बाद मेले में काफी भीड़ नजर आई मेले में भी काफी संख्या में फ्रूट जूस खिलौने कपड़े मिठाई, प्रसाद और महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन सहित विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी जिससे मेले में भी काफी रौनक बनी हुई है वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस के जवान और थानाधिकारी स्वयं मौजूद रहे जो कानून व्यवस्था सहित ट्रैफिक व्यवस्था को संभाले हुए रहे वहीं कस्बे के युवाओं स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं द्वारा मेले में जगह शीतल जल और पानी के प्याऊ लगाई कहीं ठंडाई पिलाई गई श्रद्धालुओं को छाया में बैठने की व्यवस्था भी की गई कुल मिलाकर रामनवमी के मेले को लेकर लोगों में खासा उत्साह नजर आ रहा है।4
- डरे हुए यात्रियों ने हंगामा किया और सीधे ड्राइवर के पास पहुंचे, जहां सच्चाई सामने आई। काफी मशक्कत के बाद यात्रियों ने बस रुकवाई बस पूरी तरह सवारियों से भरी थी कंडक्टर पूरे समय रहा चुप बस के बिना परमिट होने की भी चर्चा ये घटना सीधे तौर पर यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ है अब सवाल ये है कि आखिर ऐसे लापरवाह ड्राइवरों और ट्रेवल्स पर कार्रवाई कब होगी? क्या आप भी ऐसी लापरवाही का सामना कर चुके हैं? कमेंट में बताएं1
- रायपुर क्षेत्र के सुनेल रोड पर स्थित श्री पंचमुखी बालाजी मंदिर पर नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री पंचमुखी बालाजी मंदिर रामायण पाठ के समापन पर पूर्णाहुति का आयोजन किया जाता है। पूर्णाहुति के मुख्य आकर्षण: हवन और यज्ञ: नवरात्रि के नौ दिनों तक चलने वाली रामायण पाठ और (अखंड ज्योति) के बाद नवमी तिथि को भव्य हवन किया जाता है। बाला जी का श्रृंगार: मंदिर में बालाजी के विभिन्न रूपों का श्रृंगार किया जाता है। कन्या पूजन: पूर्णाहुति के दिन कन्याओं को भोजन कराकर उन्हें दक्षिणा दी जाती है, जिसे माता का स्वरूप माना जाता है। हवन के पश्चात भक्तों के लिए प्रसाद का वितरण किया जाता है।3
- Post by Manmohan Kirar Bmori2
- *मैहर कलेक्टर के आदेशों पर समिति के कर्मचारी का एक वीडियो सामने आया है जिससे यह साफ पता चलता है कि आखिरकार अतिक्रमण की असली वजह क्या है?* मैहर✍️ आप इस वीडियो के माध्यम से देख सकते है कि असल में मामला क्या है क्यों गरीबों के मुंह का निवाला छीना जा रहा है दिनांक 18/03/2026 देर रात करीब 8:30 बजे के अतिक्रमण कार्यवाही शुरू की जाती है बिना किसी सूचना के प्रारंभ की जाती है जिसमें की कुछ दुकानदार अपनी अपनी दुकानों को बंद करके अपने अपने घर चले जाते है तो कुछ की दुकानें खुली होती है अब आगमन होता है मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ जी ,मैहर एस. डी.एम. दिव्या पटेल जी, मैहर सी. एस.पी. महेंद्र सिंह जी एवं मैहर के वर्तमान मैहर एस. पी. मान्यनीय अवधेश प्रताप सिंह जी का फिर चालू होता है असली खेल जहां अजय सन्नाद के द्वारा अपनी समिति के फायदे की खातिर 1000 रूपये की मांग छोटे –छोटे दुकानदार जो सिंदूर कॉम्प्लेक्स में लगाए हुए है उनसे की जाती है सवाल पूछने पर कि 1000 रूपये की मांग आप क्यों कर रहे है तो कर्मचारी के द्वारा यह बताया जाता है कि मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ जी ने आदेश किया है जब बकायदा कर्मचारी के द्वारा यह देखा जाता है कि लोगों ने उसका वीडियो बना लिया है और लोग सवाल पूछने लगे है तो वह रसीद की कार्यवाही को बंद कर देता है, उसके बाद दुकान जिन दुकानदरों के द्वारा वीडियो बनाया गया था उनका नुकसान करने के उद्देश्य से 15 वर्ष से सिंदूर कॉम्प्लेक्स में लगी जाली को कटा गया वीडियो बनाने और सवाल पूछने पर इतनी बड़ी सजा जबकि उस वीडियो में गलत नहीं पूछा गया था आज के इस लोकतांत्रिक देश में सवाल पूछने का अधिकार सभी को है अपने हक के लिए सवाल पूछने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट हमें देती है देश का संविधान हमें देता है , तो अब आप सभी बताए कि क्या यह व्यापार का काम नहीं है ? क्या यह व्यवस्था का काम है ? क्या यही वजह है?1