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आगरा के थाना सदर क्षेत्र स्थित बैंक कॉलोनी, इंद्रापुरम में भोलेनाथ बेकर्स पर चोरी की एक घटना सामने आई है। बुर्का पहने एक महिला ने दुकान से कोल्ड ड्रिंक की पेटी चुरा ली, जिसकी पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बताया गया है कि महिला पेटीज खरीदने के बहाने दुकान पर पहुंची थी। जब दुकानदार उसे पेटीज देने में व्यस्त हो गया, तो उसने इसी मौके का फायदा उठाकर कोल्ड ड्रिंक की एक पेटी अपने थैले में रख ली और फिर वहां से निकल गई। घटना की सीसीटीवी फुटेज अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पीड़ित दुकानदार ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दे दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महिला की पहचान करने और आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
Komal Gupta
आगरा के थाना सदर क्षेत्र स्थित बैंक कॉलोनी, इंद्रापुरम में भोलेनाथ बेकर्स पर चोरी की एक घटना सामने आई है। बुर्का पहने एक महिला ने दुकान से कोल्ड ड्रिंक की पेटी चुरा ली, जिसकी पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बताया गया है कि महिला पेटीज खरीदने के बहाने दुकान पर पहुंची थी। जब दुकानदार उसे पेटीज देने में व्यस्त हो गया, तो उसने इसी मौके का फायदा उठाकर कोल्ड ड्रिंक की एक पेटी अपने थैले में रख ली और फिर वहां से निकल गई। घटना की सीसीटीवी फुटेज अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पीड़ित दुकानदार ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दे दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महिला की पहचान करने और आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
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- *महिला पुलिस की मौजूदगी में एसओ ने महिला को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल* _कानून कहता है महिला को महिला ही हैंडल करे, फिर एसओ ने क्यों उठाया हाथ?_ *परानपुर (कंधई),* कंधई थाना क्षेत्र के परानपुर गांव में विवादित सफेदा का पेड़ काटने के दौरान एसओ आदित्य सिंह पर एक महिला को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक मौके पर महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। इसके बावजूद एसओ पर महिला को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले दिनों आंधी में गांव में यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया था। रास्ता बंद होने और मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों में विवाद था। मंगलवार को एसओ आदित्य सिंह पुलिस बल, महिला सिपाही व राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। राजस्व टीम की मौजूदगी में पेड़ काटने के लिए आरा चलाया गया। आरोप है कि कुछ महिलाएं आरा रोकने के लिए आगे बढ़ीं। वायरल वीडियो में धक्का-मुक्की के बीच एसओ पर एक महिला को थप्पड़ मारते दिखाया गया ह *महिला पुलिस की मौजूदगी में एसओ ने महिला को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल* _कानून कहता है महिला को महिला ही हैंडल करे, फिर एसओ ने क्यों उठाया हाथ?_ *परानपुर (कंधई),* कंधई थाना क्षेत्र के परानपुर गांव में विवादित सफेदा का पेड़ काटने के दौरान एसओ आदित्य सिंह पर एक महिला को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक मौके पर महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। इसके बावजूद एसओ पर महिला को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले दिनों आंधी में गांव में यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया था। रास्ता बंद होने और मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों में विवाद था। मंगलवार को एसओ आदित्य सिंह पुलिस बल, महिला सिपाही व राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। राजस्व टीम की मौजूदगी में पेड़ काटने के लिए आरा चलाया गया। आरोप है कि कुछ महिलाएं आरा रोकने के लिए आगे बढ़ीं। वायरल वीडियो में धक्का-मुक्की के बीच एसओ पर एक महिला को थप्पड़ मारते दिखाया गया है। *एसओ का पक्ष:* एसओ आदित्य सिंह ने थप्पड़ मारने के आरोप को खारिज किया है। उनका कहना है कि महिलाएं चल रहे आरे की तरफ दौड़ पड़ी थीं। हादसा रोकने के लिए उन्हें हटाया गया था। *कानूनी सवाल:* CrPC की धारा 51(2) और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन साफ कहती है कि महिला से जुड़ी कार्रवाई महिला पुलिसकर्मी ही करे। NHRC के नियम भी यही हैं कि महिला पुलिस की मौजूदगी में पुरुष अधिकारी महिला पर बल प्रयोग न करे। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि थप्पड़ "न्यूनतम बल" की श्रेणी में नहीं आता। अगर महिला सिपाही मौके पर थीं तो महिलाओं को हटाने की जिम्मेदारी उन्हीं की थी। ऐसे में एसओ का सीधे हस्तक्षेप करना विभागीय नियमों का उल्लंघन है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार ने मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत, प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए न्यूनतम छह प्रसवपूर्व जांचें सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जबकि इससे पहले चार नियमित एएनसी जांचों का प्रावधान था। इस संबंध में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य निगरानी मां और शिशु दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। छह निर्धारित जांचों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति पर अधिक बारीकी से नजर रखी जा सकेगी और एनीमिया, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), उच्च रक्तचाप, भ्रूण के विकास में असामान्यताओं तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थितियों की समय रहते पहचान संभव होगी। उनका कहना है कि समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकेगा और मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी, जिससे सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस. अस्थाना ने जानकारी दी कि नई व्यवस्था से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं के साथ अधिक नियमित संपर्क बनाए रखने का अवसर मिलेगा। प्रत्येक मुलाकात के दौरान महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के सेवन, आवश्यक जांचों, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव की तैयारी तथा नवजात शिशु की देखभाल के संबंध में परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार के सदस्यों को भी गर्भावस्था के दौरान दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों तथा प्रसव के बाद नवजात में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय पर स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क किया जा सके। यह नई व्यवस्था प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत भी मजबूत होगी, जिसके अंतर्गत प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। इन जांचों के माध्यम से उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान कर आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद में पीएमएसएमए के तहत कुल 37799 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई थी, जिनमें से 4920 महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था श्रेणी में चिन्हित किया गया और उनकी विशेष निगरानी तथा उपचार की व्यवस्था की गई। नई छह एएनसी विजिट का कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है: पहली एएनसी गर्भावस्था का पंजीकरण होते ही 12 सप्ताह के भीतर; दूसरी एएनसी 16 से 20 सप्ताह के बीच; तीसरी एएनसी 24 से 28 सप्ताह के बीच; चौथी एएनसी 28 से 32 सप्ताह के बीच; पांचवीं एएनसी 32 से 36 सप्ताह के बीच; और छठी एएनसी 36 से 40 सप्ताह के बीच।1
- Post by विनय कुमार कनौजिया पत्रकार1
- एंटी करप्शन की टीम ने मोदीनगर तहसील में आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल जगत सिंह को ₹6000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।1
- एक पीडब्ल्यूडी कर्मी की सर्पदंश से मृत्यु हो गई है। इस दुखद घटना के उपरांत, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।1
- प्रतापगढ़ के लालगंज विकास खंड अंतर्गत पहाड़पुर गौ आश्रय स्थल में गौवंश कम होने की शिकायतें निराधार पाई गईं। जांच के दौरान, अभिलेखों में दर्ज सभी गौवंश मौके पर मौजूद मिले। बजरंग दल, गौरक्षा दल और करणी सेना के पदाधिकारियों ने स्वयं स्थल का निरीक्षण कर हकीकत परखी। इन संगठनों के पदाधिकारियों ने कल ही एसडीएम, सीओ और स्थानीय थाने पर गौकशी का आरोप लगाया था। हालांकि, निरीक्षण के बाद अपने बयान में पदाधिकारियों ने स्वीकार किया कि उन्हें लोगों द्वारा गुमराह किया गया था और वे गौ आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट हैं।4
- रायबरेली में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के आदेश पर अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ एक बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया गया। जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 प्रशांत कुमार और उनकी टीम ने सदर तहसील के थाना गुरबक्शगंज के संदिग्ध ग्रामों, घाटमपुर और पथरीगढ़ में अवैध कच्ची शराब बनाने वाले अड्डों और संदिग्ध घरों पर दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान, जिले में कुल 40 लीटर अवैध कच्ची शराब और 250 किलोग्राम लहन बरामद किया गया। बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत 03 अभियोग पंजीकृत किए गए। इस अभियान में एक अभियुक्त को गिरफ्तार भी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी।2
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने मात्र 12 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में, जिसमें चार हत्याएं शामिल थीं, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।1
- दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में स्थित एक रेस्टोरेंट में आग लगने की सूचना के बाद हड़कंप मच गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। घटना को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या के संबंध में अभी तक आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के कारणों और इससे हुए नुकसान का सही आकलन सामने आ सकेगा।1