उत्तर प्रदेश सरकार ने मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत, प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए न्यूनतम छह प्रसवपूर्व जांचें सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जबकि इससे पहले चार नियमित एएनसी जांचों का प्रावधान था। इस संबंध में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य निगरानी मां और शिशु दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। छह निर्धारित जांचों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति पर अधिक बारीकी से नजर रखी जा सकेगी और एनीमिया, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), उच्च रक्तचाप, भ्रूण के विकास में असामान्यताओं तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थितियों की समय रहते पहचान संभव होगी। उनका कहना है कि समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकेगा और मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी, जिससे सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस. अस्थाना ने जानकारी दी कि नई व्यवस्था से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं के साथ अधिक नियमित संपर्क बनाए रखने का अवसर मिलेगा। प्रत्येक मुलाकात के दौरान महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के सेवन, आवश्यक जांचों, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव की तैयारी तथा नवजात शिशु की देखभाल के संबंध में परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार के सदस्यों को भी गर्भावस्था के दौरान दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों तथा प्रसव के बाद नवजात में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय पर स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क किया जा सके। यह नई व्यवस्था प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत भी मजबूत होगी, जिसके अंतर्गत प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। इन जांचों के माध्यम से उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान कर आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद में पीएमएसएमए के तहत कुल 37799 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई थी, जिनमें से 4920 महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था श्रेणी में चिन्हित किया गया और उनकी विशेष निगरानी तथा उपचार की व्यवस्था की गई। नई छह एएनसी विजिट का कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है: पहली एएनसी गर्भावस्था का पंजीकरण होते ही 12 सप्ताह के भीतर; दूसरी एएनसी 16 से 20 सप्ताह के बीच; तीसरी एएनसी 24 से 28 सप्ताह के बीच; चौथी एएनसी 28 से 32 सप्ताह के बीच; पांचवीं एएनसी 32 से 36 सप्ताह के बीच; और छठी एएनसी 36 से 40 सप्ताह के बीच।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत, प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए न्यूनतम छह प्रसवपूर्व जांचें सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जबकि इससे पहले चार नियमित एएनसी जांचों का प्रावधान था। इस संबंध में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य निगरानी मां और शिशु दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। छह निर्धारित जांचों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति पर अधिक बारीकी से नजर रखी जा सकेगी और एनीमिया, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), उच्च रक्तचाप, भ्रूण के विकास में असामान्यताओं तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थितियों की समय रहते पहचान संभव होगी। उनका कहना है कि समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकेगा और मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी, जिससे सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस. अस्थाना ने जानकारी दी कि नई व्यवस्था से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं के साथ अधिक नियमित संपर्क बनाए रखने का अवसर मिलेगा। प्रत्येक मुलाकात के दौरान महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के सेवन, आवश्यक जांचों, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव की तैयारी तथा नवजात शिशु की देखभाल के संबंध में परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार के सदस्यों को भी गर्भावस्था के दौरान दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों तथा प्रसव के बाद नवजात में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय पर स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क किया जा सके। यह नई व्यवस्था प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत भी मजबूत होगी, जिसके अंतर्गत प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। इन जांचों के माध्यम से उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान कर आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद में पीएमएसएमए के तहत कुल 37799 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई थी, जिनमें से 4920 महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था श्रेणी में चिन्हित किया गया और उनकी विशेष निगरानी तथा उपचार की व्यवस्था की गई। नई छह एएनसी विजिट का कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है: पहली एएनसी गर्भावस्था का पंजीकरण होते ही 12 सप्ताह के भीतर; दूसरी एएनसी 16 से 20 सप्ताह के बीच; तीसरी एएनसी 24 से 28 सप्ताह के बीच; चौथी एएनसी 28 से 32 सप्ताह के बीच; पांचवीं एएनसी 32 से 36 सप्ताह के बीच; और छठी एएनसी 36 से 40 सप्ताह के बीच।
- Post by विनय कुमार कनौजिया पत्रकार1
- प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी अभिषेक पांडे और अपर जिलाधिकारी आदित्य प्रजापति के निर्देश पर तहसीलदार सदर / प्रभारी जनगणना अधिकारी सदर ने सदर क्षेत्र में चल रहे भवन गणना कार्य का निरीक्षण किया। तहसीलदार सदर अनिल कुमार ने मौके पर पहुंचकर सुपरवाइजरों और प्रगणकों की उपस्थिति जाँची। इस दौरान, उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों को समय पर अपने क्षेत्र में रहकर भवन गणना का कार्य संपन्न करने का सख्त निर्देश दिया।1
- अमेठी पुलिस ने जायस थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक ने टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। दरअसल, जायस थाना क्षेत्र के रानी हरवंशगंज मजरे मवई आलमपुर निवासी आकाश पुत्र धर्मवीर ने 3 जून को जायस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 2 जून की शाम करीब चार बजे गांव के दुर्गेश, इमरान और अरमान छत के रास्ते से उनके घर में घुस गए थे, जब उनकी पत्नी अकेली थी। आरोपियों ने उनकी पत्नी को डरा-धमकाकर अलमारी और पेटी की चाबी ले ली, जिसके बाद वे रखे हुए सोने-चांदी के आभूषण और 10 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। जब उनकी पत्नी ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट भी की थी। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर एसपी सरवणन टी. के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की। सीओ दिनेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में थाना जायस पुलिस और स्वाट टीम ने मुखबिर की सूचना पर त्रिपुला तिराहे के पास घेराबंदी करके बाइक सवार दो आरोपियों, अरमान और दुर्गेश, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से एक जोड़ी पाजेब, एक जोड़ी पायल, तीन जोड़ी बिछिया, एक जोड़ी हाथफूल, चांदी के टुकड़े, मंगलसूत्र, मांग टीका, नथिया, टॉप्स और झुमकी समेत अन्य आभूषण बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपने साथी इमरान के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। पुलिस ने बताया कि कुछ अन्य आभूषण अभी बरामद किए जाने बाकी हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। इस घटना में शामिल एक अन्य आरोपी इमरान फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने घटना का शीघ्र खुलासा करने वाली थाना जायस पुलिस और स्वाट टीम की सराहना करते हुए पूरी टीम को 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।3
- अमेठी पुलिस ने जायस थाना क्षेत्र में हुई एक लूट की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक ने टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। यह मामला तब सामने आया जब जायस थाना क्षेत्र के रानी हरवंशगंज मजरे मवई आलमपुर निवासी आकाश पुत्र धर्मवीर ने 3 जून को जायस थाने में तहरीर दी। शिकायत के अनुसार, 2 जून की शाम करीब चार बजे गांव निवासी दुर्गेश, इमरान और अरमान छत के रास्ते उनके घर में दाखिल हुए। उस समय आकाश की पत्नी घर में अकेली थी। आरोपियों ने उनकी पत्नी को डरा-धमकाकर अलमारी और पेटी की चाबी ले ली, जिसके बाद उन्होंने घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और 10 हजार रुपये लूट लिए। जब पत्नी ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर एसपी सरवणन टी. के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की। सीओ दिनेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में थाना जायस पुलिस और स्वाट टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए त्रिपुला तिराहे के पास घेराबंदी की और बाइक सवार दो आरोपियों अरमान और दुर्गेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक जोड़ी पाजेब, एक जोड़ी पायल, तीन जोड़ी बिछिया, एक जोड़ी हाथफूल, चांदी के टुकड़े, मंगलसूत्र, मांग टीका, नथिया, टॉप्स और झुमकी समेत अन्य आभूषण बरामद किए। पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपने साथी इमरान के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की। पुलिस ने यह भी बताया कि कुछ अन्य आभूषण अभी बरामद किए जाने शेष हैं। आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें जेल भेज दिया गया है, जबकि इस घटना में शामिल एक और आरोपी इमरान अभी भी फरार है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने इस घटना का शीघ्र खुलासा करने के लिए थाना जायस पुलिस और स्वाट टीम की सराहना करते हुए पूरी टीम को 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।1
- अमेठी में, 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत अपराधों और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में मोहनगंज पुलिस ने मारपीट के एक मामले में वांछित चल रहे दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई एक महिंद्रा थार गाड़ी और उसकी डिग्गी से दो डंडे बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रायबरेली जनपद के मिल एरिया थाना क्षेत्र के दाउद नगर निवासी ऋषभ सिंह पुत्र अमरजीत सिंह और नसीराबाद थाना क्षेत्र के मेढ़ौना निवासी अंकुर उर्फ वैभव श्रीवास्तव पुत्र राजेश के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 31.05.2026 को पुरानी रंजिश के चलते रायबरेली जनपद के चंदापुर थाना क्षेत्र के समरहदा निवासी श्याम बिहारी मौर्या पुत्र राम बहादुर के साथ मारपीट की थी। इस घटना में महिंद्रा थार (UP32 RH7271) का उपयोग किया गया था, और बरामद डंडे, जो हमेशा थार की डिग्गी में रखे रहते थे, इन्हीं से श्याम बिहारी के साथ मारपीट की गई थी। मोहनगंज पुलिस द्वारा बरामदगी और गिरफ्तारी के संबंध में वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। ये दोनों अभियुक्त मारपीट के इस मामले में वांछित चल रहे थे और उन्हें तीसरे दिन गिरफ्तार किया गया है।2
- रायबरेली में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के आदेश पर अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ एक बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया गया। जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 प्रशांत कुमार और उनकी टीम ने सदर तहसील के थाना गुरबक्शगंज के संदिग्ध ग्रामों, घाटमपुर और पथरीगढ़ में अवैध कच्ची शराब बनाने वाले अड्डों और संदिग्ध घरों पर दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान, जिले में कुल 40 लीटर अवैध कच्ची शराब और 250 किलोग्राम लहन बरामद किया गया। बरामद लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत 03 अभियोग पंजीकृत किए गए। इस अभियान में एक अभियुक्त को गिरफ्तार भी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी।2
- हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सभा रहवा में पाँचवें बड़े मंगल के अवसर पर पूर्व प्रधान महेंद्र विक्रम सिंह उर्फ डब्बू सिंह द्वारा भगवान हनुमान जी के विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भव्य कार्यक्रम में सुंदरकांड पाठ, हवन-पूजन, कन्या पूजन और संत-महात्माओं का सम्मान भी किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने स्वयं अपने हाथों से भक्तों को प्रसाद वितरित किया। भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति से सराबोर यह आयोजन सामाजिक समरसता और जनकल्याण का एक महत्वपूर्ण संदेश देने वाला सिद्ध हुआ।1
- लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह हरदोई रोड स्थित शिफा हॉस्पिटल के सामने एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की जान चली गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुर्घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस के अनुसार, यह हादसा बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे हुआ, जिसमें ट्रक संख्या KA-67-1429 और मोटरसाइकिल संख्या UP-51-BA-8047 के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर सवार दोनों युवक बुरी तरह घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही दुबग्गा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल दोनों घायलों को अस्पताल भिजवाया। उपचार के दौरान, गोंडा जनपद के तबेपुर पतीजिया बुजुर्ग निवासी अमृतलाल पुत्र रामपाल की मृत्यु हो गई। वहीं, प्रयागराज के महाराजपुर, पिपरी जंघई निवासी विपुल कुमार द्विवेदी पुत्र अजीत कुमार द्विवेदी गंभीर रूप से घायल हैं।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में लालगंज थाना क्षेत्र के कुचरिया गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। इस घटना में, एक अज्ञात वाहन ने एक युवक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1