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हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सभा रहवा में पाँचवें बड़े मंगल के अवसर पर पूर्व प्रधान महेंद्र विक्रम सिंह उर्फ डब्बू सिंह द्वारा भगवान हनुमान जी के विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भव्य कार्यक्रम में सुंदरकांड पाठ, हवन-पूजन, कन्या पूजन और संत-महात्माओं का सम्मान भी किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने स्वयं अपने हाथों से भक्तों को प्रसाद वितरित किया। भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति से सराबोर यह आयोजन सामाजिक समरसता और जनकल्याण का एक महत्वपूर्ण संदेश देने वाला सिद्ध हुआ।
RAMA SHANKAR SHUKLA
हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सभा रहवा में पाँचवें बड़े मंगल के अवसर पर पूर्व प्रधान महेंद्र विक्रम सिंह उर्फ डब्बू सिंह द्वारा भगवान हनुमान जी के विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भव्य कार्यक्रम में सुंदरकांड पाठ, हवन-पूजन, कन्या पूजन और संत-महात्माओं का सम्मान भी किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने स्वयं अपने हाथों से भक्तों को प्रसाद वितरित किया। भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति से सराबोर यह आयोजन सामाजिक समरसता और जनकल्याण का एक महत्वपूर्ण संदेश देने वाला सिद्ध हुआ।
More news from Rae Bareli and nearby areas
- पांचवें बड़े मंगल के शुभ अवसर पर, हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने अपने क्षेत्र के विभिन्न भंडारों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को अपने हाथों से प्रसाद वितरित किया और हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने क्षेत्रवासियों को बड़े मंगल की शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुख-समृद्धि की कामना की।1
- रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे करवती मजरे ऐहार गांव में बिजली लाइन दुरुस्त करते समय एक संविदा लाइनमैन खंभे से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल लाइनमैन की पहचान गुरबक्शगंज थाना क्षेत्र के अटोरा बुजुर्ग गांव निवासी राजू (37) पुत्र बनवारी के रूप में हुई है। राजू बिजली लाइन की खराबी ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़ा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से सड़क पर जा गिरा। घटना के बाद उसके साथ मौजूद कर्मचारियों ने उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।1
- Post by विनय कुमार कनौजिया पत्रकार2
- प्रतापगढ़ के लालगंज विकास खंड अंतर्गत पहाड़पुर गौ आश्रय स्थल में गौवंश कम होने की शिकायतें निराधार पाई गईं। जांच के दौरान, अभिलेखों में दर्ज सभी गौवंश मौके पर मौजूद मिले। बजरंग दल, गौरक्षा दल और करणी सेना के पदाधिकारियों ने स्वयं स्थल का निरीक्षण कर हकीकत परखी। इन संगठनों के पदाधिकारियों ने कल ही एसडीएम, सीओ और स्थानीय थाने पर गौकशी का आरोप लगाया था। हालांकि, निरीक्षण के बाद अपने बयान में पदाधिकारियों ने स्वीकार किया कि उन्हें लोगों द्वारा गुमराह किया गया था और वे गौ आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट हैं।4
- ज्येष्ठ माह के पांचवें मंगलवार के अवसर पर, दिनांक 02 जून 2026 की रात्रि को प्रतापगढ़ स्थित प्राचीन श्री चित्रगुप्त भगवान पंचधाम मंदिर, टेऊंगा में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, प्रतापगढ़ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में श्री चित्रगुप्त भगवान और हनुमान जी का दिव्य पूजन, सुंदरकांड पाठ तथा एक विशाल भंडारा शामिल था। इसी दौरान, प्रतापगढ़ अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की जिला कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई।1
- वर्ष 1993 में वैशाली में हुए गोलीकांड का मामला देश की अदालतों में इतनी धीमी गति से चला कि फैसले का इंतजार करते-करते चार आरोपी सीधे परलोक सिधार गए। अब इस घटना के 33 साल बाद, जो आरोपी शेष बचे हैं, उनमें से एक को 84 वर्ष की आयु में आखिरकार जेल भेजा जा रहा है।1
- आगरा के थाना सदर क्षेत्र स्थित बैंक कॉलोनी, इंद्रापुरम में भोलेनाथ बेकर्स पर चोरी की एक घटना सामने आई है। बुर्का पहने एक महिला ने दुकान से कोल्ड ड्रिंक की पेटी चुरा ली, जिसकी पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बताया गया है कि महिला पेटीज खरीदने के बहाने दुकान पर पहुंची थी। जब दुकानदार उसे पेटीज देने में व्यस्त हो गया, तो उसने इसी मौके का फायदा उठाकर कोल्ड ड्रिंक की एक पेटी अपने थैले में रख ली और फिर वहां से निकल गई। घटना की सीसीटीवी फुटेज अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पीड़ित दुकानदार ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दे दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महिला की पहचान करने और आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार ने मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत, प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए न्यूनतम छह प्रसवपूर्व जांचें सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जबकि इससे पहले चार नियमित एएनसी जांचों का प्रावधान था। इस संबंध में परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य निगरानी मां और शिशु दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। छह निर्धारित जांचों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति पर अधिक बारीकी से नजर रखी जा सकेगी और एनीमिया, गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज), उच्च रक्तचाप, भ्रूण के विकास में असामान्यताओं तथा अन्य जोखिमपूर्ण स्थितियों की समय रहते पहचान संभव होगी। उनका कहना है कि समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकेगा और मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी, जिससे सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस. अस्थाना ने जानकारी दी कि नई व्यवस्था से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं के साथ अधिक नियमित संपर्क बनाए रखने का अवसर मिलेगा। प्रत्येक मुलाकात के दौरान महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के सेवन, आवश्यक जांचों, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव की तैयारी तथा नवजात शिशु की देखभाल के संबंध में परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार के सदस्यों को भी गर्भावस्था के दौरान दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों तथा प्रसव के बाद नवजात में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय पर स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क किया जा सके। यह नई व्यवस्था प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत भी मजबूत होगी, जिसके अंतर्गत प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। इन जांचों के माध्यम से उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान कर आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद में पीएमएसएमए के तहत कुल 37799 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई थी, जिनमें से 4920 महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था श्रेणी में चिन्हित किया गया और उनकी विशेष निगरानी तथा उपचार की व्यवस्था की गई। नई छह एएनसी विजिट का कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित किया गया है: पहली एएनसी गर्भावस्था का पंजीकरण होते ही 12 सप्ताह के भीतर; दूसरी एएनसी 16 से 20 सप्ताह के बीच; तीसरी एएनसी 24 से 28 सप्ताह के बीच; चौथी एएनसी 28 से 32 सप्ताह के बीच; पांचवीं एएनसी 32 से 36 सप्ताह के बीच; और छठी एएनसी 36 से 40 सप्ताह के बीच।1