तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलें तबाह, किसानों की बढ़ी चिंता, लगभग 3 घण्टे से लगातार जारी बारिश से सड़के,खेत जलमग्न, कुछ ही मिनटों की मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, ग्रामीण आंचल के गांव प्रभावित नागौर,, मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तेज आकाशीय गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश का रूप ले लिया। करीब 3 घण्टो से लगातार हो रही बारिश से शहर की सड़कें,खेत जलमग्न हो गए। कुछ ही मिनटों में हुई तेज बारिश ने पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर दिया। बिन मौसम हो रही बरसात हर तरफ से नुकसान देय साबित हो रही है। वहीं आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी ओलावृष्टि होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई। जहां एक ओर इस बारिश से आमजन को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के लिए यह राहत आफत बन गई। अचानक बदले मौसम के कारण खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खासकर गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कई खेतों में पानी भर जाने से फसलें गिर गईं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। स्थानीय किसानों ने बताया कि फसल कटाई के समय आई इस बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही है, क्योंकि इस नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर खेत जलमग्न हो गए हैं, जिससे फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने एक बार फिर किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे वे आने वाले दिनों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलें तबाह, किसानों की बढ़ी चिंता, लगभग 3 घण्टे से लगातार जारी बारिश से सड़के,खेत जलमग्न, कुछ ही मिनटों की मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, ग्रामीण आंचल के गांव प्रभावित नागौर,, मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तेज आकाशीय गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश का रूप ले लिया। करीब 3 घण्टो से लगातार हो रही बारिश से शहर की सड़कें,खेत जलमग्न हो गए। कुछ ही मिनटों में हुई तेज बारिश ने पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर दिया। बिन मौसम हो रही बरसात हर तरफ से नुकसान देय साबित हो रही है। वहीं आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी ओलावृष्टि होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई। जहां एक ओर इस बारिश से आमजन को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के लिए यह राहत आफत बन गई। अचानक बदले मौसम के कारण खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खासकर गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कई खेतों में पानी भर जाने से फसलें गिर गईं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। स्थानीय किसानों ने बताया कि फसल कटाई के समय आई इस बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही है, क्योंकि इस नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर खेत जलमग्न हो गए हैं, जिससे फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने एक बार फिर किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे वे आने वाले दिनों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
- राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया गया नागौर,,विश्व स्वास्थ्य दिवस के अव सर पर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, नागौर में एक गरिमामय एवं जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी विषयों के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिला टी.बी. अधिकारी डॉ. श्रवण राव रहे, जिन्होंने अपने संबोधन में टी.बी. उन्मूलन एवं जनस्वास्थ्य की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि यह अभियान देश से टी.बी. को जड़ से समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. संदीप चौधरी ने की। अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह संदेश देता है कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, बल्कि समाज में भी जागरूकता फैलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। साथ ही उन्होंने आयुष्मान भारत योजना एवं निरामय राजस्थान योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार द्वारा आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. चारु तनेजा एवं डॉ. रामदेव टाक ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मानसिक स्वास्थ्य, योग, संतुलित जीवनशैली एवं शुद्ध खान-पान के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में तनावमुक्त जीवन के लिए योग एवं सही आहार अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम के संयोजक हेमंत उज्जवल ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जारी संदेश भी पढ़कर सुनाया, जिसमें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, तथा प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्रा प्रियल एवं भवानी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य जागरूकता पर प्रभावी वक्तव्य दिए। अंत में सभी उपस्थितजनों ने स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु संकल्प लिया। इसके अतिरिक्त जिले के अन्य राजकीय चिकित्सा संस्थानों में भी विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।2
- बीकानेर की शेरनी की दोनों बहनों को भी एक्सीडेंट हुआ #Sherni1
- Post by SSSO NEWS1
- नई दिल्ली पत्रकार इकबाल खान डासना मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अभिनेता सलमान खान और आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। गौरतलब है कि यति नरसिंहानंद पहले भी कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो चुकी है।1
- Post by SSSO News1
- आज प्रतियोगिता परीक्षा को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश के बाद भी रोडवेज चालक द्वारा निर्धारित बस स्टैंड पर बस नहीं रोकी गई जिसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है।मिली जानकारी के अनुसार श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के कई गांव में राजस्थान रोडवेज बस द्वारा निर्धारित बस स्टॉप पर बस नहीं रोकी गई जिससे परीक्षा देने जाने वाले परीक्षार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।1
- Gangaur festival, the longest running religious festival, was organised today with great enthusiasm in Junagadh campus.1
- कुछ ही मिनटों की मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, ग्रामीण आंचल के गांव प्रभावित नागौर,, मंगलवार सुबह मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तेज आकाशीय गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश का रूप ले लिया। करीब 3 घण्टो से लगातार हो रही बारिश से शहर की सड़कें,खेत जलमग्न हो गए। कुछ ही मिनटों में हुई तेज बारिश ने पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर दिया। बिन मौसम हो रही बरसात हर तरफ से नुकसान देय साबित हो रही है। वहीं आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी ओलावृष्टि होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई। जहां एक ओर इस बारिश से आमजन को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के लिए यह राहत आफत बन गई। अचानक बदले मौसम के कारण खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खासकर गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। कई खेतों में पानी भर जाने से फसलें गिर गईं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। स्थानीय किसानों ने बताया कि फसल कटाई के समय आई इस बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही है, क्योंकि इस नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर खेत जलमग्न हो गए हैं, जिससे फसलों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने एक बार फिर किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे वे आने वाले दिनों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।1