अयोध्या के बहुचर्चित राम जन्मभूमि दान गबन मामले में जेल में बंद सभी आठों अभियुक्तों की न्यायिक हिरासत को आगामी 27 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। एसआईटी जांच की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के बाद इन आठ अभियुक्तों को जेल भेजा गया था, जिनकी ज्यूडिशियल रिमांड आज पूरी हो गई थी। भ्रष्टाचार निवारण जज रजत वर्मा के आज अवकाश पर होने के कारण, इस मामले की सुनवाई प्रभारी जज प्रतिभा नारायण के ई सी एक्ट के न्यायालय में हुई, जहां न्यायिक रिमांड हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। अभियुक्तों के अधिवक्ता कुल शेखर सिंह ने जानकारी दी है कि जांच कर रही पुलिस ने अभियुक्त सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू की सात दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने के लिए न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। पुलिस ने चोरी की कीमती वस्तुएं जैसे सोना, चांदी, जेवरात और नगद धनराशि बरामद करने के लिए यह एक हफ्ते की रिमांड मांगी है, जिसकी सुनवाई आगामी 14 जुलाई को होगी।
अयोध्या के बहुचर्चित राम जन्मभूमि दान गबन मामले में जेल में बंद सभी आठों अभियुक्तों की न्यायिक हिरासत को आगामी 27 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। एसआईटी जांच की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के बाद इन
आठ अभियुक्तों को जेल भेजा गया था, जिनकी ज्यूडिशियल रिमांड आज पूरी हो गई थी। भ्रष्टाचार निवारण जज रजत वर्मा के आज अवकाश पर होने के कारण, इस मामले की सुनवाई प्रभारी जज प्रतिभा नारायण के ई सी एक्ट के न्यायालय में
हुई, जहां न्यायिक रिमांड हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। अभियुक्तों के अधिवक्ता कुल शेखर सिंह ने जानकारी दी है कि जांच कर रही पुलिस ने अभियुक्त सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू की सात दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड
लेने के लिए न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। पुलिस ने चोरी की कीमती वस्तुएं जैसे सोना, चांदी, जेवरात और नगद धनराशि बरामद करने के लिए यह एक हफ्ते की रिमांड मांगी है, जिसकी सुनवाई आगामी 14 जुलाई को होगी।
- अयोध्या के कचहरी परिसर में प्रदर्शन करते हुए फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों का गुस्सा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करते हुए राम जन्मभूमि थाने का घेराव करेंगे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि एफआईआर दर्ज न होने के संबंध में एक बार फिर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से वार्ता की जाएगी। इसके बाद बार एसोसिएशन के वकील कचहरी परिसर से सीधे थाना रामजन्म भूमि पर जाकर बैठ जाएंगे।1
- अयोध्या में कॉलेज हड़पने का एक सनसनीखेज आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर कॉलेज के प्रबंधक ने खुद एक प्रेसवार्ता आयोजित की और सबके सामने सबूत पेश किए हैं।1
- अयोध्या के जिला पुरुष चिकित्सालय में औचक निरीक्षण के दौरान मरीजों की जान से जुड़ी जीवनरक्षक व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अयोध्या मंडल के अपर निदेशक डॉ. बृजेश कुमार सिंह चौहान ने सोमवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक अव्यवस्थाओं का अंबार मिला। इस दौरान सबसे बड़ी चूक ऑक्सीजन प्लांट के बंद पाए जाने पर सामने आई। जब एडी हेल्थ इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे, तो वहां की ऑक्सीजन पाइपलाइन में ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप थी। इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद मैट्रन को जमकर फटकार लगाई। इसके तुरंत बाद सीएमएस डॉ. राजेश सिंह को बुलाकर ऑक्सीजन प्लांट चलाने वाले कर्मचारी को तलब किया गया, जिसने सफाई दी कि कंप्रेशर में पानी भरने के कारण प्लांट नहीं चल रहा है। इस तर्क पर भड़कते हुए डॉ. चौहान ने कहा कि अस्पताल की यह हालत देखकर लगता है कि कोई बड़ी घटना होने पर स्टाफ सिलेंडर लेकर इधर-उधर दौड़ता नजर आएगा। उन्होंने इस भारी लापरवाही के लिए सीएमएस को भी फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड में अन्य खामियां भी मिलीं, जहां तैनात इमरजेंसी चिकित्सक डॉ. विशाल चौधरी और फार्मासिस्ट सर्वेश निर्धारित वेशभूषा में नहीं थे। एडी हेल्थ ने सीएमएस को सख्त निर्देश दिए कि इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन फ्लोमीटर और एक ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर अनिवार्य रूप से बैकअप के तौर पर आरक्षित रखे जाएं। साथ ही अस्पताल में बिजली और जनरेटर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। डॉ. बृजेश सिंह ने साफ चेतावनी दी है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा और ऑक्सीजन जैसी जीवनरक्षक व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर कार्रवाई तय है।3
- अयोध्या में आयोजित किया गया एक जन्मदिन समारोह सम्मान और संस्कार के उत्सव के रूप में मनाया गया।1
- अयोध्या के बहुचर्चित राम जन्मभूमि दान गबन मामले में जेल में बंद सभी आठों अभियुक्तों की न्यायिक हिरासत को आगामी 27 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। एसआईटी जांच की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के बाद इन आठ अभियुक्तों को जेल भेजा गया था, जिनकी ज्यूडिशियल रिमांड आज पूरी हो गई थी। भ्रष्टाचार निवारण जज रजत वर्मा के आज अवकाश पर होने के कारण, इस मामले की सुनवाई प्रभारी जज प्रतिभा नारायण के ई सी एक्ट के न्यायालय में हुई, जहां न्यायिक रिमांड हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। अभियुक्तों के अधिवक्ता कुल शेखर सिंह ने जानकारी दी है कि जांच कर रही पुलिस ने अभियुक्त सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू की सात दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने के लिए न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। पुलिस ने चोरी की कीमती वस्तुएं जैसे सोना, चांदी, जेवरात और नगद धनराशि बरामद करने के लिए यह एक हफ्ते की रिमांड मांगी है, जिसकी सुनवाई आगामी 14 जुलाई को होगी।4
- अयोध्या में राम मंदिर प्रकरण को लेकर अधिवक्ता संघ ने पुलिस प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। फैजाबाद अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पंडित कालिका प्रसाद मिश्रा ने ऐलान किया है कि यदि सुबह तक इस मामले में संबंधित मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो अधिवक्ता थाना राम जन्मभूमि का घेराव करेंगे। अधिवक्ता संघ ने आरोप लगाया है कि इस मामले में दी गई शिकायत पर पुलिस द्वारा अब तक कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि कानून के अनुसार इस पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता है, तो अधिवक्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। संघ ने साफ किया है कि उनकी मांग मामले में निष्पक्ष जांच और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप एफआईआर दर्ज कराने की है। इस चेतावनी के बाद अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- अयोध्या के विकासखंड बीकापुर के अटल बिहारी वाजपेई सभागार में सोमवार को क्षेत्र पंचायत की बैठक आयोजित की गई। ब्लॉक प्रमुख दिनेश कुमार वर्मा की अध्यक्षता और सहायक विकास अधिकारी बद्रीनाथ पांडेय के संचालन में हुई इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के बजट तथा कराए गए कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। खंड विकास अधिकारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए ₹4 करोड़ 50 लाख के बजट की कार्य योजना पारित हुई थी, जिसमें से अब तक ₹2 करोड़ 90 लाख के विकास कार्य कराए जा चुके हैं और अन्य प्रस्तावित कार्य जारी हैं। इसके साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए ₹3 करोड़ 90 लाख के विकास कार्यों का प्रस्ताव भी क्षेत्र पंचायत द्वारा पारित किया गया। बैठक के दौरान पशुपालन, समाज कल्याण, पंचायत, राजस्व, स्वास्थ्य और स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई। सदन में जिला पंचायत सदस्य अतुल यादव ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। वहीं, जैनपुर के क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश कुमार ने अपने क्षेत्र में कोई विकास कार्य न होने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर ब्लॉक प्रमुख ने प्रस्ताव मिलने पर कार्य कराने का आश्वासन दिया। बैठक के समापन पर खंड विकास अधिकारी और ब्लॉक प्रमुख द्वारा ग्राम प्रधानों व सदस्यों को रोपण के लिए पौधों का वितरण भी किया गया। इस बैठक में राजस्व, पुलिस, विद्युत और नलकूप सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि सूचना दिए जाने के बावजूद अनुपस्थित रहे। अधिकारियों की इस गैर-जिम्मेदारी पर ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने गहरी नाराजगी जताई और सदन में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। इस संबंध में ब्लॉक प्रमुख दिनेश कुमार वर्मा ने कहा कि बैठक में उपस्थित न होने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी को पत्र भेजा जाएगा।1
- अयोध्या में राम मंदिर गबन मामले को लेकर धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे ने सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी को साक्ष्य सौंप दिए हैं। बीती देर रात उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एसआईटी के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया। संतोष दुबे ने वर्तमान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ट्रस्ट पर अब जनता का कोई भरोसा नहीं रह गया है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि नए गठित होने वाले ट्रस्ट में शहीद कारसेवकों के परिजनों को शामिल किया जाए। इसके साथ ही, चूंकि भगवान श्रीराम सूर्यवंशी हैं, इसलिए ट्रस्ट में कम से कम एक सूर्यवंशी क्षत्रिय प्रतिनिधि को स्थान मिलना चाहिए। राम मंदिर आंदोलन में लाठियां और गोलियां खाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस गबन से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा जताते हुए इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद व्यक्त की है। संतोष दुबे ने अयोध्या के संतों पर निशाना साधते हुए दावा किया कि यहां केवल पांच संत ही ईमानदार हैं, जबकि बाकी सभी पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। उन्होंने अंत में खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके द्वारा लगाए गए आरोप गलत साबित होते हैं, तो उन्हें चौराहे पर फांसी दे दी जाए।2