*मैहर जीआरपी चौकी के प्रभारी कक्ष में टपक रही छत, बाल्टी लगाकर काम चलाने की मजबूरी; सरकारी दस्तावेजों पर मंडरा रहा खतरा* *मैहर जीआरपी चौकी के प्रभारी कक्ष में टपक रही छत, बाल्टी लगाकर काम चलाने की मजबूरी; सरकारी दस्तावेजों पर मंडरा रहा खतरा* मैहर - अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तकरीबन 58 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य होने के बावजूद मैहर रेलवे परिसर स्थित जीआरपी चौकी के प्रभारी कक्ष की छत बारिश में बदहाल नजर आ रही है। हल्की बारिश होते ही छत से पानी टपकने लगता है, जिसके चलते कार्यालय में बाल्टियां रखकर किसी तरह काम चलाना पड़ रहा है। छत से लगातार पानी गिरने के कारण जीआरपी प्रभारी सहित पुलिसकर्मियों के शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कार्यालय में रखी महत्वपूर्ण फाइलें, रजिस्टर, पत्राचार संबंधी दस्तावेज और अन्य शासकीय रिकॉर्ड भी पानी की चपेट में आने से खराब होने की आशंका बनी हुई है। यदि बारिश तेज होती है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। एक ओर स्टेशन परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से विकास और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े जीआरपी कार्यालय में कर्मचारी छत से टपकते पानी के बीच सरकारी काम करने को मजबूर हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए जा रहे हैं, तो जीआरपी चौकी जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय की छत की मरम्मत और जल रिसाव की समस्या पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया? पानी से सरकारी रिकॉर्ड खराब होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? करोड़ों का विकास, फिर भी छत से टपकता पानी—जीआरपी चौकी की यह तस्वीर व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
*मैहर जीआरपी चौकी के प्रभारी कक्ष में टपक रही छत, बाल्टी लगाकर काम चलाने की मजबूरी; सरकारी दस्तावेजों पर मंडरा रहा खतरा* *मैहर जीआरपी चौकी के प्रभारी कक्ष में टपक रही छत, बाल्टी लगाकर काम चलाने की मजबूरी; सरकारी दस्तावेजों पर मंडरा रहा खतरा* मैहर - अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तकरीबन 58 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य होने के बावजूद मैहर रेलवे परिसर स्थित जीआरपी चौकी के प्रभारी कक्ष की छत बारिश में बदहाल नजर आ रही है। हल्की बारिश होते ही छत से पानी टपकने लगता है, जिसके चलते कार्यालय में बाल्टियां रखकर किसी तरह काम चलाना पड़ रहा है। छत से लगातार पानी गिरने के कारण जीआरपी प्रभारी सहित पुलिसकर्मियों के शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कार्यालय में रखी महत्वपूर्ण फाइलें, रजिस्टर, पत्राचार संबंधी दस्तावेज और अन्य शासकीय रिकॉर्ड भी पानी की
चपेट में आने से खराब होने की आशंका बनी हुई है। यदि बारिश तेज होती है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। एक ओर स्टेशन परिसर में करोड़ों रुपये की लागत से विकास और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े जीआरपी कार्यालय में कर्मचारी छत से टपकते पानी के बीच सरकारी काम करने को मजबूर हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए जा रहे हैं, तो जीआरपी चौकी जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय की छत की मरम्मत और जल रिसाव की समस्या पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया? पानी से सरकारी रिकॉर्ड खराब होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? करोड़ों का विकास, फिर भी छत से टपकता पानी—जीआरपी चौकी की यह तस्वीर व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
- *सतना। रामपुर बाघेलान के बेला में चार घंटे से जाम की स्थिति, कई वाहन फंसे, रीवा, मुकुंदपुर, अमरपाटन और प्रयागराज और बनारस के ट्रैफिक निकलने में दिक्कत, रीवा शहर का एक पुल और मुकुंदपुर-गोविंदगढ़ मार्ग है बंद। आज रीवा में दो बड़ी बैठक थी इसलिए सतना जिले के कई अधिकारी भी जाम में फंसे।*1
- राजीव गांधी जयंती पर ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में संगोष्ठी आयोजित राजीव गांधी जयंती पर ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में संगोष्ठी आयोजित मैहर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. श्री राजीव गांधी जी की जयंती के अवसर पर आज ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय मैहर में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया तथा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्व. राजीव गांधी जी के आधुनिक भारत के निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, संचार एवं युवाओं को नई दिशा देने में उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी जी की दूरदर्शी सोच और आधुनिक भारत का सपना आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश प्रजापति महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष दीपा मिश्रा सुषमा अर्जरियासुल्ताना परवीन, सुनीता विश्वकर्मा, नीलम त्रिपाठी,, प्रतिमा द्विवेदी, मानसी द्विवेदी, नीलम बुनकर, रिंकी पटेल, लक्ष्मी कुशवाहा, सुनैना पटेल, सुषमा अजररिया जनकदुलारी, विनीता दहिया, उर्मिला पांडे अमृतलाल पटेल केशव प्रसाद चौरसिया विपिन सिंह नितिन सोनी रामप्रकाश गुप्ता शिव दिल जिला कांग्रेस के महामंत्री अमृतलाल पटेल महेंद्र पटेल शारदा पटेल सुखलाल कुशवाहा राजेंद्र बबलू पटेल देवेंद्र अग्रवाल जी वीरेंद्रनामदेव महेंद्र गोटिया अरविंद पटेल केशव प्रसाद चौरसिया बैजनाथ कुशवाहा नितिन शराब विपिन सिंह महेंद्र लोटिया शिव शंकर कुशवाहा शारदा पटेल गणेश चतुर्वेदी दीपू मिश्रासहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कांग्रेसजनों ने स्व. राजीव गांधी जी के विचारों एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया4
- सतना-सेमरिया मार्ग में उफनाई देवरा क्रमांक 1 की नदी, कोटर पुलिस मौके पर, लगा लंबा जाम4
- खबर अमरपाटन/ताला जांबाज चौकी प्रभारी मुकुन्दपुर ने पेश की मानवता की मिसाल उफनाती मुर्जुआ नदी में रात में चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन खबर अमरपाटन/ताला जांबाज चौकी प्रभारी मुकुन्दपुर ने पेश की मानवता की मिसाल उफनाती मुर्जुआ नदी में रात में चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन नदी के तेज़ बहाव में फंसे ट्रक के ड्राइवर क्लीनियर की बचाई जान1
- करहिया में CSP रितु उपाध्याय ने पेश की मानवता की मिसाल, बाढ़ के बीच 80 वर्षीय बुजुर्ग का किया सुरक्षित रेस्क्यू रीवा के करहिया क्षेत्र में बाढ़ के बीच पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। बाढ़ के पानी में फंसे करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग को पुलिस टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस दौरान CSP रितु उपाध्याय ने बुजुर्ग को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके सामान को भी व्यवस्थित तरीके से बाहर निकलवाया। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता का यह दृश्य सामने आने के बाद लोग पुलिस टीम की जमकर सराहना कर रहे हैं। करहिया में CSP रितु उपाध्याय ने पेश की मानवता की मिसाल, बाढ़ के बीच 80 वर्षीय बुजुर्ग का किया सुरक्षित रेस्क्यू रीवा के करहिया क्षेत्र में बाढ़ के बीच पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। बाढ़ के पानी में फंसे करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग को पुलिस टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस दौरान CSP रितु उपाध्याय ने बुजुर्ग को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके सामान को भी व्यवस्थित तरीके से बाहर निकलवाया। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता का यह दृश्य सामने आने के बाद लोग पुलिस टीम की जमकर सराहना कर रहे हैं।3
- mere Ghar mein Pani Bhar ja raha hai nikalne ka koi rasta nahin Hai na hi koi sunvaee ho rahi hai jila Satna se bol raha hun Gram Post Rajwada sapti mafi1
- *नागौद नई गल्ला मंडी के सामने खंबे में लगी आग रुक रुक कर लगभग 30 मिनट से जल रही आग खंबे में करंट उतरने की बड़ी दुर्घटना होने की संभावना*1
- गजब: पुलिस की "शानदार" त्वरित कार्रवाई... इटावा। इटावा जिले में पत्नी और सास की हत्या के आरोपी सत्येंद्र के दोस्त मुकेश को पुलिस ने एनकाउंटर में पकड़ लिया। घायल मुकेश की मौके पर ही इंस्पेक्टर साहब ने पट्टी बांध दी और हाथोंहाथ पूछताछ भी पूरी कर ली।1
- खबर अमरपाटन/ग्राम कस्तरा जब सारा भारत स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मना रहा था उस सम ग्राम कस्तरा वासी अपने बचाव के लिए रास्ता खोज रहे थे जब सारा भारत स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मना रहा था उस सम ग्राम कस्तरा वासी अपने बचाव के लिए रास्ता खोज रहे थे जनपद पंचायत अमरपाटन अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत जमुना कस्तरा का है मामला बताते नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा था ग्रामीणों की तरह अपने और अपने परिवार को सुरक्षित किया जाय ऐसा लग रहा था की कही गांव में पानी प्रवेश कर गया तो क्या होगा रात के अंधेरे में लोग डर के मारे सहमे रहे आज दूसरे दिन भी गांव में परेशानियों का सामना कर रहे हैं मुकुन्दपुर मुख्य बजार जहां से ग्रामीण रोज मर्रा ख़रीद दारी करते मुकुन्दपुर जाने के लिए रास्ता उफ़ान पर था गांव में मौजूद बुजुर्ग जो बीमार है उन्हें दवाइयां और अन्य जरूरत की सामग्री की दरकार आजादी के अस्सी साल बीतने के बाद भी ग्रामीण आवागमन रास्ते के लिए जद्दोजहद कर रहे है ग्रामीण जन अपने समस्याओं से जूझ रहे हैं ऐसा लगता है कि यदि कोई विपरीत परिस्थितियां आ जाएं तो हम किस प्रकार से अपने को बचा पाएंगे कस्तरा गांव चारों तरफ से नदियों से घिरा हुआ है सिर्फ एक ही निकासी के लिए मुख्य मार्ग है जिससे जिस रास्ते से गांव से बाहर जाया जा सकता है वो पुलिया ना होने के चलते हल्की बारिश भी आवागमन को रोक देता है और ग्रामीण रप्टे से पानी नीचे आने तक गांव में कैद हो जाते हैं ग्रामीणों ने कई बार शासन प्रशासन सहित राजनेताओं से पुल निर्माण कराये जाने की मांग की लेकिन आस्वासन ही हाथ लगा मुर्जुआ नाले में जो रफ्ता बना हुआ है वह कुमार अर्जुन सिंह के समय का था आज वह बहुत ही गहराई पर है बहुत जल्द ही पानी उसके ऊपर आ जाता है और आवागमन बंद हो जाता है जिस कारण से सभी ग्रामवासी हमेशा अपनी बात को प्रशासन के सामने रखते रहे है कि यह पुल ऊंचा हो जाए तो कस्तरा गांव के लोग भी मुख्य मार्ग से जुड़ जाएंगे ग्रामीणों ने प्रसासन से समस्या के निदान के लिए ध्यान आकर्षित किया है2