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फिरोजाबाद के आर.के. कॉलेज में BALLB के छात्रों का कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ का पेपर छूटने का मामला अब महज़ परीक्षा प्रबंधन की लापरवाही तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने पूरे प्रवेश और शिक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेपर छूटने के बाद छात्रों और उनके परिजनों ने कॉलेज परिसर में भारी विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें उन्होंने कॉलेज प्रशासन की लापरवाही को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया था। विवाद उस समय और गहरा गया जब छात्रों को दोबारा परीक्षा दिलाने की बात सामने आई और इसके लिए प्रति छात्र लगभग ₹1500 का अतिरिक्त शुल्क लगाने की चर्चा शुरू हो गई। इस प्रकरण में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब स्वयं आर.के. कॉलेज प्रबंधन ने अपने लिखित जवाब में यह स्वीकार कर लिया कि संस्थान को BALLB कार्यक्रम संचालित करने की कोई स्वीकृति प्राप्त नहीं है। कॉलेज प्रबंधन ने दावा किया कि आर.के. कॉलेज केवल छात्रों को शिक्षण या कोचिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है, जबकि छात्रों का पंजीकरण अन्य मान्यता प्राप्त कॉलेजों में किया गया है। प्रबंधन का यह भी कहना है कि सभी छात्र इस व्यवस्था से पहले से ही अवगत थे। हालांकि, छात्रों और उनके परिजनों ने इस दावे का खंडन किया है। उनका आरोप है कि प्रवेश प्रक्रिया से लेकर फीस जमा करने तक का सारा काम आर.के. कॉलेज ने ही किया। उन्होंने अपनी फीस भी आर.के. कॉलेज में ही जमा की और उन्हें कभी यह नहीं बताया गया कि उनका पंजीकरण किसी अन्य संस्थान में किया जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि आर.के. कॉलेज को BALLB पाठ्यक्रम चलाने की अनुमति नहीं थी, तो कॉलेज परिसर में नियमित कक्षाएं आखिर किस आधार पर संचालित की जा रही थीं? क्या ये कक्षाएं कथित तौर पर “अटैचमेंट” या “संबद्ध व्यवस्था” की आड़ में चलाई जा रही थीं? यदि ऐसा था, तो संबंधित विभागों और जिला प्रशासन ने अब तक इस व्यवस्था की जांच क्यों नहीं की? छात्र अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कह रहे हैं कि प्रशासनिक खामियों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि वे इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर छात्रों के भविष्य से जुड़े इन गंभीर सवालों का क्या जवाब देते हैं और जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।

10 hrs ago
user_Shiva Gupta
Shiva Gupta
फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago
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फिरोजाबाद के आर.के. कॉलेज में BALLB के छात्रों का कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ का पेपर छूटने का मामला अब महज़ परीक्षा प्रबंधन की लापरवाही तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने पूरे प्रवेश और शिक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेपर छूटने के बाद छात्रों और उनके परिजनों ने कॉलेज परिसर में भारी विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें उन्होंने कॉलेज प्रशासन की लापरवाही को इस घटना का जिम्मेदार ठहराया था। विवाद उस समय और गहरा गया जब छात्रों को दोबारा परीक्षा दिलाने की बात सामने आई और इसके लिए प्रति छात्र लगभग ₹1500 का अतिरिक्त शुल्क लगाने की चर्चा शुरू हो गई। इस प्रकरण में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब स्वयं आर.के. कॉलेज प्रबंधन ने अपने लिखित जवाब में यह स्वीकार कर लिया कि संस्थान को BALLB कार्यक्रम संचालित करने की कोई स्वीकृति प्राप्त नहीं है। कॉलेज प्रबंधन ने दावा किया कि आर.के. कॉलेज केवल छात्रों को शिक्षण या कोचिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है, जबकि छात्रों का पंजीकरण अन्य मान्यता प्राप्त कॉलेजों में किया गया है। प्रबंधन का यह भी कहना है कि सभी छात्र इस व्यवस्था से पहले से ही अवगत थे। हालांकि, छात्रों और उनके परिजनों ने इस दावे का खंडन किया है। उनका आरोप है कि प्रवेश प्रक्रिया से लेकर फीस जमा करने तक का सारा काम आर.के. कॉलेज ने ही किया। उन्होंने अपनी फीस भी आर.के. कॉलेज में ही जमा की और उन्हें कभी यह नहीं बताया गया कि उनका पंजीकरण किसी अन्य संस्थान में किया जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि आर.के. कॉलेज को BALLB पाठ्यक्रम चलाने की अनुमति नहीं थी, तो कॉलेज परिसर में नियमित कक्षाएं आखिर किस आधार पर संचालित की जा रही थीं? क्या ये कक्षाएं कथित तौर पर “अटैचमेंट” या “संबद्ध व्यवस्था” की आड़ में चलाई जा रही थीं? यदि ऐसा था, तो संबंधित विभागों और जिला प्रशासन ने अब तक इस व्यवस्था की जांच क्यों नहीं की? छात्र अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कह रहे हैं कि प्रशासनिक खामियों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग पर टिकी हैं कि वे इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर छात्रों के भविष्य से जुड़े इन गंभीर सवालों का क्या जवाब देते हैं और जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।

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  • फ़िरोज़ाबाद के टूंडला क्षेत्र में नकली देशी घी का एक बड़ा खेल सामने आया है। जानकारी के अनुसार, यहाँ रिफाइंड तेल में एसेंस मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा था। खाद्य विभाग ने इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ करते हुए मौके पर छापा मारा।
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    फ़िरोज़ाबाद के टूंडला क्षेत्र में नकली देशी घी का एक बड़ा खेल सामने आया है। जानकारी के अनुसार, यहाँ रिफाइंड तेल में एसेंस मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा था। खाद्य विभाग ने इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ करते हुए मौके पर छापा मारा।
    user_AWAZ TV UTTAR PRADESH
    AWAZ TV UTTAR PRADESH
    फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • फ़िरोज़ाबाद में एक फ़ैक्ट्री, जिसने पिछले तीन साल में लाखों का कारोबार किया था, अब मिट्टी की कमी के कारण संकट का सामना कर रही है।
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    फ़िरोज़ाबाद में एक फ़ैक्ट्री, जिसने पिछले तीन साल में लाखों का कारोबार किया था, अब मिट्टी की कमी के कारण संकट का सामना कर रही है।
    user_Manish rajput नेशनल एक्सप्रेस
    Manish rajput नेशनल एक्सप्रेस
    पत्रकार फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • जनपद फिरोजाबाद के थाना शिकोहाबाद क्षेत्र में 19 जून 2026 को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि भूड़ा नहर में दो शव तैरते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस सूचना के तुरंत बाद थाना शिकोहाबाद पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों शवों को नहर से बाहर निकलवाया। पुलिस ने पाया कि दोनों शवों के हाथ चुन्नी से बंधे हुए थे। पुलिस को इनमें से एक शव की जेब से एक घड़ी, पर्स, मोबाइल फोन और जितेन्द्र कुमार पुत्र उमेशचन्द, निवासी शनैवा, थाना अवागढ़, जनपद एटा के नाम का आधार कार्ड बरामद हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों की शिनाख्त कराकर उनके परिजनों को सूचित कर दिया है। क्षेत्राधिकारी शिकोहाबाद द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शवों को पंचायतनामा की कार्यवाही के बाद पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया जा रहा है, और इस पूरे प्रकरण में साक्ष्य संकलन सहित अन्य आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
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    जनपद फिरोजाबाद के थाना शिकोहाबाद क्षेत्र में 19 जून 2026 को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि भूड़ा नहर में दो शव तैरते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस सूचना के तुरंत बाद थाना शिकोहाबाद पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों शवों को नहर से बाहर निकलवाया। पुलिस ने पाया कि दोनों शवों के हाथ चुन्नी से बंधे हुए थे।

पुलिस को इनमें से एक शव की जेब से एक घड़ी, पर्स, मोबाइल फोन और जितेन्द्र कुमार पुत्र उमेशचन्द, निवासी शनैवा, थाना अवागढ़, जनपद एटा के नाम का आधार कार्ड बरामद हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों की शिनाख्त कराकर उनके परिजनों को सूचित कर दिया है। क्षेत्राधिकारी शिकोहाबाद द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शवों को पंचायतनामा की कार्यवाही के बाद पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया जा रहा है, और इस पूरे प्रकरण में साक्ष्य संकलन सहित अन्य आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
    user_देवेंद्र सिंह पत्रकार
    देवेंद्र सिंह पत्रकार
    Local News Reporter फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद के निर्देशानुसार, जनपद में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना दक्षिण पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना दक्षिण पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए हरियाणा मार्का की अवैध अंग्रेजी शराब की एक बड़ी खेप बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
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    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद के निर्देशानुसार, जनपद में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना दक्षिण पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना दक्षिण पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए हरियाणा मार्का की अवैध अंग्रेजी शराब की एक बड़ी खेप बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
    user_दैनिक  लक्ष्यसीमा (LSNNEWS),
    दैनिक लक्ष्यसीमा (LSNNEWS),
    Newspaper publisher फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में 45 करोड़ रुपये की लागत से बना रेलवे ओवरब्रिज इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। कभी शहर की बड़ी उपलब्धि माने जाने वाले इस पुल के एक हिस्से से कंक्रीट टूटने की घटना ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ये सवाल केवल पुल की संरचना को लेकर नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी केंद्रित हैं। रेलवे स्टेशन तिकोनिया को लेबर कॉलोनी से जोड़ने वाला यह ओवरब्रिज रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही का मुख्य मार्ग है, जहाँ हाल ही में कंक्रीट का हिस्सा टूटकर गिरने से सड़क पर एक गड्ढा बन गया था। घटना के बाद सेतु निगम ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि किसी भारी वाहन में खराबी आने के बाद पुल पर जैक लगाने से अत्यधिक दबाव पड़ा, जिसके कारण कंक्रीट का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएंगे। इस बीच, विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिसमें सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार निर्माण और निगरानी से जुड़े कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है और यदि लापरवाही साबित होती है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। समाजवादी पार्टी ने पुल के निर्माण की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि सदर विधायक मनीष असीजा ने मुख्यमंत्री और सेतु निगम के अधिकारियों को पत्र लिखकर इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी जनता की राय बंटी हुई है; एक पक्ष विधायक की पहल को जनहित में उठाया गया कदम बता रहा है, तो दूसरा पक्ष इसे घटना के बाद की औपचारिक कार्रवाई और लीपापोती करार दे रहा है। हालांकि, राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप से परे, आम जनता का सीधा सवाल है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस पुल में ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई – क्या यह केवल एक तकनीकी घटना थी, या फिर निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण में कहीं कोई चूक हुई? फिलहाल पुल की मरम्मत के बाद यातायात फिर से शुरू कर दिया गया है, लेकिन जनता अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, क्योंकि उन्हें सिर्फ एक गड्ढे का नहीं, बल्कि उस भरोसे का भी जवाब चाहिए जिसके आधार पर वे हर दिन इस पुल से गुजरते हैं।
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    उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में 45 करोड़ रुपये की लागत से बना रेलवे ओवरब्रिज इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। कभी शहर की बड़ी उपलब्धि माने जाने वाले इस पुल के एक हिस्से से कंक्रीट टूटने की घटना ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ये सवाल केवल पुल की संरचना को लेकर नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी केंद्रित हैं। रेलवे स्टेशन तिकोनिया को लेबर कॉलोनी से जोड़ने वाला यह ओवरब्रिज रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही का मुख्य मार्ग है, जहाँ हाल ही में कंक्रीट का हिस्सा टूटकर गिरने से सड़क पर एक गड्ढा बन गया था।

घटना के बाद सेतु निगम ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि किसी भारी वाहन में खराबी आने के बाद पुल पर जैक लगाने से अत्यधिक दबाव पड़ा, जिसके कारण कंक्रीट का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएंगे। इस बीच, विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिसमें सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार निर्माण और निगरानी से जुड़े कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है और यदि लापरवाही साबित होती है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। समाजवादी पार्टी ने पुल के निर्माण की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि सदर विधायक मनीष असीजा ने मुख्यमंत्री और सेतु निगम के अधिकारियों को पत्र लिखकर इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी जनता की राय बंटी हुई है; एक पक्ष विधायक की पहल को जनहित में उठाया गया कदम बता रहा है, तो दूसरा पक्ष इसे घटना के बाद की औपचारिक कार्रवाई और लीपापोती करार दे रहा है। हालांकि, राजनीति और आरोप-प्रत्यारोप से परे, आम जनता का सीधा सवाल है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस पुल में ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई – क्या यह केवल एक तकनीकी घटना थी, या फिर निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण में कहीं कोई चूक हुई? फिलहाल पुल की मरम्मत के बाद यातायात फिर से शुरू कर दिया गया है, लेकिन जनता अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, क्योंकि उन्हें सिर्फ एक गड्ढे का नहीं, बल्कि उस भरोसे का भी जवाब चाहिए जिसके आधार पर वे हर दिन इस पुल से गुजरते हैं।
    user_MTF News फीरोजाबाद Taliv raza
    MTF News फीरोजाबाद Taliv raza
    फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • भारत भूषण तिवारी ने अपनी एक लिरिक्स शॉर्ट फिल्म वीडियो का उल्लेख किया है। उन्होंने 'अन्य दिन' से जुड़ी किसी बात को लेकर अपनी गहरी पीड़ा और भावनाएं व्यक्त की हैं, जो उनके संदेश में स्पष्ट रूप से झलकती हैं।
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    भारत भूषण तिवारी ने अपनी एक लिरिक्स शॉर्ट फिल्म वीडियो का उल्लेख किया है। उन्होंने 'अन्य दिन' से जुड़ी किसी बात को लेकर अपनी गहरी पीड़ा और भावनाएं व्यक्त की हैं, जो उनके संदेश में स्पष्ट रूप से झलकती हैं।
    user_Gaurav Kumar
    Gaurav Kumar
    शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 min ago
  • उत्तर प्रदेश के टूंडला स्थित चूल्हावली रोड पर खाद्य विभाग ने एक बड़े अभियान के तहत नकली देसी घी बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में ₹5.5 लाख मूल्य का 525 किलोग्राम फर्जी घी बरामद किया गया है, जिसके साथ एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। यह गोरखधंधा एक किराए के मकान से चलाया जा रहा था और खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। मुखबिर की सटीक सूचना पर मारे गए छापे में पता चला कि रिफाइंड और केमिकल का इस्तेमाल कर नकली देसी घी तैयार किया जा रहा था, जिसे 35 टीन में भरकर रखा गया था। सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. चंदन पांडे के निर्देशन में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने देसी घी के नाम पर चल रहे 'जहर के कारोबार' की पोल खोल दी है, जिससे नकली घी माफियाओं पर शिकंजा कस गया है।
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    उत्तर प्रदेश के टूंडला स्थित चूल्हावली रोड पर खाद्य विभाग ने एक बड़े अभियान के तहत नकली देसी घी बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में ₹5.5 लाख मूल्य का 525 किलोग्राम फर्जी घी बरामद किया गया है, जिसके साथ एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। यह गोरखधंधा एक किराए के मकान से चलाया जा रहा था और खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

मुखबिर की सटीक सूचना पर मारे गए छापे में पता चला कि रिफाइंड और केमिकल का इस्तेमाल कर नकली देसी घी तैयार किया जा रहा था, जिसे 35 टीन में भरकर रखा गया था। सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. चंदन पांडे के निर्देशन में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने देसी घी के नाम पर चल रहे 'जहर के कारोबार' की पोल खोल दी है, जिससे नकली घी माफियाओं पर शिकंजा कस गया है।
    user_Anuj Rawat Editor In Chief
    Anuj Rawat Editor In Chief
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • जनपद फिरोजाबाद के थाना शिकोहाबाद क्षेत्र में 19 जून 2026 को भूड़ा नहर से दो शव बरामद किए गए। डायल-112 के माध्यम से मिली सूचना पर थाना शिकोहाबाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और दोनों शवों को नहर से बाहर निकलवाया। जाँच के दौरान यह सामने आया कि दोनों शवों के हाथ चुन्नी से बंधे हुए थे। एक शव की जेब से घड़ी, पर्स, मोबाइल फोन और जितेन्द्र कुमार पुत्र उमेशचन्द निवासी शनैवा, थाना अवागढ़, जनपद एटा के नाम का आधार कार्ड बरामद हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों की शिनाख्त कराकर उनके परिजनों को इस संबंध में सूचना दे दी है। क्षेत्राधिकारी शिकोहाबाद ने जानकारी दी कि शवों का पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी करने के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है। इस प्रकरण के संबंध में साक्ष्य संकलन और अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही जारी है।
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    जनपद फिरोजाबाद के थाना शिकोहाबाद क्षेत्र में 19 जून 2026 को भूड़ा नहर से दो शव बरामद किए गए। डायल-112 के माध्यम से मिली सूचना पर थाना शिकोहाबाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और दोनों शवों को नहर से बाहर निकलवाया। जाँच के दौरान यह सामने आया कि दोनों शवों के हाथ चुन्नी से बंधे हुए थे।

एक शव की जेब से घड़ी, पर्स, मोबाइल फोन और जितेन्द्र कुमार पुत्र उमेशचन्द निवासी शनैवा, थाना अवागढ़, जनपद एटा के नाम का आधार कार्ड बरामद हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों की शिनाख्त कराकर उनके परिजनों को इस संबंध में सूचना दे दी है।

क्षेत्राधिकारी शिकोहाबाद ने जानकारी दी कि शवों का पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी करने के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है। इस प्रकरण के संबंध में साक्ष्य संकलन और अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही जारी है।
    user_MTF News फीरोजाबाद Taliv raza
    MTF News फीरोजाबाद Taliv raza
    फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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