राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) UG-2026 परीक्षा के शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए दुमका अनुमंडल क्षेत्र में विधि-व्यवस्था संबंधी आवश्यक आदेश जारी किए गए हैं। यह परीक्षा 21 जून 2026 (रविवार) को दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक आयोजित होगी, जिसके लिए दुमका अनुमंडल क्षेत्र में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स दुमका और डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस दुमका को दो परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों के आसपास शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने और कदाचारमुक्त संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, अनुमंडल दंडाधिकारी, दुमका ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। इस आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों की 100 मीटर की परिधि में अनावश्यक भीड़ जमा करना, ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग, प्रदर्शन या धरना देना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, माइक्रोफोन, पेजर, हेल्थ बैंड जैसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को लेकर जाना वर्जित है। मीडिया कर्मियों का परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश भी प्रतिबंधित किया गया है, हालांकि यह आदेश परीक्षा संचालन में प्रतिनियुक्त अधिकारियों एवं कर्मियों पर लागू नहीं होगा। किसी भी प्रकार के कदाचार में संलिप्त पाए जाने वाले अभ्यर्थियों अथवा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों के रोक-थाम व निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन में सहयोग करने की अपील की है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) UG-2026 परीक्षा के शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए दुमका अनुमंडल क्षेत्र में विधि-व्यवस्था संबंधी आवश्यक आदेश जारी किए गए हैं। यह परीक्षा 21 जून 2026 (रविवार) को दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक आयोजित होगी, जिसके लिए दुमका अनुमंडल क्षेत्र में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स दुमका और डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस दुमका को दो परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों के आसपास शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने और कदाचारमुक्त संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, अनुमंडल दंडाधिकारी, दुमका ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। इस आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों की 100 मीटर की परिधि में अनावश्यक भीड़ जमा करना, ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग, प्रदर्शन या धरना देना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, माइक्रोफोन, पेजर, हेल्थ बैंड जैसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को लेकर जाना वर्जित है। मीडिया कर्मियों का परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश भी प्रतिबंधित किया गया है, हालांकि यह आदेश परीक्षा संचालन में प्रतिनियुक्त अधिकारियों एवं कर्मियों पर लागू नहीं होगा। किसी भी प्रकार के कदाचार में संलिप्त पाए जाने वाले अभ्यर्थियों अथवा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों के रोक-थाम व निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन में सहयोग करने की अपील की है।
- झारखंड के जामताड़ा जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया एक अस्पताल अब बंद पड़ा हुआ है। यह बहुमूल्य स्वास्थ्य सुविधा वर्तमान में शराबियों का अड्डा बन चुकी है, जिसकी यह दर्दनाक कहानी सामने आई है।1
- निरसा स्थित चापापुर ओसीपी (ओपन कास्ट प्रोजेक्ट) में की जा रही भारी ब्लास्टिंग के कारण गोपालगंज से बेनागोड़िया जाने वाली ग्रामीण सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए चापापुर ओसीपी का कार्य बंद करा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, चापापुर ओसीपी प्रबंधन, स्थानीय ग्रामीणों, जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी और श्रमिक नेता अशोक मंडल के बीच एक वार्ता आयोजित की गई। लंबी चर्चा के बाद, वार्ता सफल रही और प्रबंधन ने ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। प्रबंधन ने धंसी हुई सड़क की जल्द मरम्मत कराने, क्षेत्र की बिजली समस्या का समाधान करने, सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था करने तथा ग्रामीणों की मांग पर एक मंदिर का निर्माण कराने का भरोसा दिलाया। इन आश्वासनों के बाद, ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और ओसीपी का कार्य पुनः शुरू हो गया। हालांकि, श्रमिक नेता अशोक मंडल ने ईसीएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अनियंत्रित ब्लास्टिंग के कारण क्षेत्र में भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 100 वर्ष पुरानी पीडब्ल्यूडी सड़क भी ब्लास्टिंग के प्रभाव से क्षतिग्रस्त हो गई है। मंडल ने आरोप लगाया कि डीजीएमएस के नियमों के अनुसार आबादी, सड़क और मकानों के 100 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग नहीं की जा सकती, लेकिन इन नियमों की अनदेखी कर काम किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।7
- पाकुड़ जिला अदालत ने मंतोष कुमार सिंह की निर्मम हत्या और अपहरण के मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने इस मामले में राजन साह और मिलन कुमार साह नामक दो दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने हत्या की भयावह क्रूरता को देखते हुए एक विशेष आदेश भी दिया है। इसके तहत, दोनों दोषियों को उनकी सभी सजाएं एक के बाद एक, अलग-अलग भुगतनी होंगी, जिसे प्रभावी रूप से दोहरी उम्रकैद माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दोषी पर एक-एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना मार्च 2024 में हुई थी, जब मंतोष को पत्थर से कुचलकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया था।1
- झारखंड के जामताड़ा से स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करने वाला एक वीडियो सामने आया है। इस घटना में, एंबुलेंस के लिए कॉल करने के बावजूद सेवा उपलब्ध नहीं हुई, जिसके चलते एक मरीज को अस्पताल तक ले जाने के लिए ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा। इस गंभीर स्थिति पर सीधे तौर पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पर सवाल उठाए जा रहे हैं, पूछा जा रहा है कि क्या यही उनकी 'बदतमीजी सेवा' है, जिसके कारण आम लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- गोबिंदपुर थाना क्षेत्र के आसनबनी निवासी अकबर अंसारी के हत्याकांड मामले में आसनबनी 2 पंचायत के मुखिया गयासुद्दीन अंसारी ने मीडिया को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है।1
- आज शनिवार को बांका जिले के चांदन प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचल कार्यालय के सभागार में भू-विवाद से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए जनता दरबार का आयोजन किया गया। अंचल अधिकारी (सीओ) रविकांत कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस जनता दरबार में चांदन थाना के उप-निरीक्षक संजय कुमार सिंह और सुईयां थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार झा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। जनता दरबार के दौरान भू-विवाद से संबंधित कुल नौ नए और पुराने आवेदन प्राप्त हुए। तीनों थाना क्षेत्रों से संबंधित ज़मीन संबंधी आवेदन जनता दरबार में प्रस्तुत किए गए, जिनमें उचित कार्रवाई की मांग की गई थी। सुनवाई के क्रम में, प्राप्त आवेदनों में से पांच मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। वहीं, शेष बचे आवेदनों को आगे की जांच के लिए संबंधित पंचायत के राजस्व कर्मचारी को सौंप दिया गया है। इस अवसर पर राजस्व पदाधिकारी दीपका भारती, कर्मचारी रुपेश कुमार और मनीष कुमार भी मौजूद थे।1
- Post by Anilpaswan pair k1
- निरसा, गोपालगंज स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में कथित तौर पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर शनिवार को अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में छात्राओं को न तो पर्याप्त पेयजल मिल रहा है और न ही बिजली की उचित व्यवस्था है, जिसके कारण भीषण गर्मी के बीच उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन बच्चों के अभिभावकों पर स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) लेने का दबाव बना रहा है। नौवीं कक्षा की एक छात्रा लक्ष्मी गोराई ने भी भावुक होते हुए विद्यालय में पानी की कमी और छात्राओं से रोटी बनवाने का आरोप लगाया। अभिभावकों ने इस पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है, साथ ही जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से विद्यालय की समस्याओं का जल्द समाधान करने तथा छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की अपील की है। वहीं, विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या सबा नाज ने अभिभावकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय प्रबंधन छात्राओं की देखभाल पूरी जिम्मेदारी से करता है। प्रधानाचार्या के अनुसार, छात्राओं से सप्ताह में दो दिन रोटी बनवाई जाती है, जो कि उनकी गतिविधियों (एक्टिविटी) का एक हिस्सा है और इसका उद्देश्य उन्हें व्यवहारिक कौशल से परिचित कराना है। फिलहाल, अभिभावकों के आरोपों और विद्यालय प्रशासन के स्पष्टीकरण के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और प्रशासन द्वारा की जाने वाली जांच के नतीजों पर टिकी हुई हैं।6