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झारखंड के जामताड़ा से स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करने वाला एक वीडियो सामने आया है। इस घटना में, एंबुलेंस के लिए कॉल करने के बावजूद सेवा उपलब्ध नहीं हुई, जिसके चलते एक मरीज को अस्पताल तक ले जाने के लिए ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा। इस गंभीर स्थिति पर सीधे तौर पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पर सवाल उठाए जा रहे हैं, पूछा जा रहा है कि क्या यही उनकी 'बदतमीजी सेवा' है, जिसके कारण आम लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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झारखंड के जामताड़ा से स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करने वाला एक वीडियो सामने आया है। इस घटना में, एंबुलेंस के लिए कॉल करने के बावजूद सेवा उपलब्ध नहीं हुई, जिसके चलते एक मरीज को अस्पताल तक ले जाने के लिए ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा। इस गंभीर स्थिति पर सीधे तौर पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पर सवाल उठाए जा रहे हैं, पूछा जा रहा है कि क्या यही उनकी 'बदतमीजी सेवा' है, जिसके कारण आम लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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- झारखंड के जामताड़ा से स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करने वाला एक वीडियो सामने आया है। इस घटना में, एंबुलेंस के लिए कॉल करने के बावजूद सेवा उपलब्ध नहीं हुई, जिसके चलते एक मरीज को अस्पताल तक ले जाने के लिए ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा। इस गंभीर स्थिति पर सीधे तौर पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री पर सवाल उठाए जा रहे हैं, पूछा जा रहा है कि क्या यही उनकी 'बदतमीजी सेवा' है, जिसके कारण आम लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- आज शनिवार को बांका जिले के चांदन प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचल कार्यालय के सभागार में भू-विवाद से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए जनता दरबार का आयोजन किया गया। अंचल अधिकारी (सीओ) रविकांत कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस जनता दरबार में चांदन थाना के उप-निरीक्षक संजय कुमार सिंह और सुईयां थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार झा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। जनता दरबार के दौरान भू-विवाद से संबंधित कुल नौ नए और पुराने आवेदन प्राप्त हुए। तीनों थाना क्षेत्रों से संबंधित ज़मीन संबंधी आवेदन जनता दरबार में प्रस्तुत किए गए, जिनमें उचित कार्रवाई की मांग की गई थी। सुनवाई के क्रम में, प्राप्त आवेदनों में से पांच मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। वहीं, शेष बचे आवेदनों को आगे की जांच के लिए संबंधित पंचायत के राजस्व कर्मचारी को सौंप दिया गया है। इस अवसर पर राजस्व पदाधिकारी दीपका भारती, कर्मचारी रुपेश कुमार और मनीष कुमार भी मौजूद थे।1
- झारखंड के जामताड़ा जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया एक अस्पताल अब बंद पड़ा हुआ है। यह बहुमूल्य स्वास्थ्य सुविधा वर्तमान में शराबियों का अड्डा बन चुकी है, जिसकी यह दर्दनाक कहानी सामने आई है।1
- गोबिंदपुर थाना क्षेत्र के आसनबनी निवासी अकबर अंसारी के हत्याकांड मामले में आसनबनी 2 पंचायत के मुखिया गयासुद्दीन अंसारी ने मीडिया को विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है।1
- एक 'एनकाउंटर' को लेकर सीधे तौर पर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें यह गंभीर संदेह व्यक्त किया गया है कि कहीं यह सच्चाई को दबाने का एक प्रयास तो नहीं है। इस मुद्दे को बिहार सरकार और बिहार पुलिस से जोड़ा गया है, और इसके माध्यम से न्याय की पुरजोर माँग की गई है।1
- निरसा स्थित चापापुर ओसीपी (ओपन कास्ट प्रोजेक्ट) में की जा रही भारी ब्लास्टिंग के कारण गोपालगंज से बेनागोड़िया जाने वाली ग्रामीण सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए चापापुर ओसीपी का कार्य बंद करा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, चापापुर ओसीपी प्रबंधन, स्थानीय ग्रामीणों, जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी और श्रमिक नेता अशोक मंडल के बीच एक वार्ता आयोजित की गई। लंबी चर्चा के बाद, वार्ता सफल रही और प्रबंधन ने ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। प्रबंधन ने धंसी हुई सड़क की जल्द मरम्मत कराने, क्षेत्र की बिजली समस्या का समाधान करने, सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था करने तथा ग्रामीणों की मांग पर एक मंदिर का निर्माण कराने का भरोसा दिलाया। इन आश्वासनों के बाद, ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और ओसीपी का कार्य पुनः शुरू हो गया। हालांकि, श्रमिक नेता अशोक मंडल ने ईसीएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अनियंत्रित ब्लास्टिंग के कारण क्षेत्र में भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 100 वर्ष पुरानी पीडब्ल्यूडी सड़क भी ब्लास्टिंग के प्रभाव से क्षतिग्रस्त हो गई है। मंडल ने आरोप लगाया कि डीजीएमएस के नियमों के अनुसार आबादी, सड़क और मकानों के 100 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग नहीं की जा सकती, लेकिन इन नियमों की अनदेखी कर काम किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।7
- झारखंड भाषा खतियान संघर्ष समिति (JBKSS) के केंद्रीय महामंत्री अशोक मंडल जी के साथ एक 'खास बातचीत' का आयोजन किया गया है। यह एक विशेष इंटरव्यू है, जिसमें झारखंड की राजनीति, स्थानीय नीति, और खतियान आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर युवा आवाज़ को शामिल किया गया है।1
- बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने भारत-भूषण तिवारी से जुड़े एनकाउंटर मामले पर अपनी राय रखी है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में दोषी के खिलाफ त्वरित सुनवाई (स्पीडी ट्रायल) चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए।1