अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अंतर्गत जैव विविधता केंद्र ताला में एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय के मुख्य आतिथ्य में अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, स्कूली विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर बताया, जिसने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। श्रीमती सहाय ने जोर दिया कि नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से संतुलित और भावनात्मक रूप से सशक्त बनता है। उन्होंने आज की व्यस्त एवं तनावपूर्ण जीवनशैली में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शरीर को लचीला और मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक तनाव को कम करने, सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने तथा आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक होता है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से प्रतिदिन योग करने का संकल्प लेने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि सुबह की ताजी हवा लाखों रुपये की दवा के समान है और नियमित योगाभ्यास से अनेक बीमारियों से स्वतः मुक्ति मिल सकती है। इसी अवसर पर कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने नागरिकों से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर भी बात की। उन्होंने बताया कि विवाह, विवाह-विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण तथा लिव-इन रिलेशनशिप सहित विभिन्न सामाजिक एवं पारिवारिक विषयों पर यूसीसी के संभावित प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। कलेक्टर ने नागरिकों से समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने सुझाव निर्धारित समय सीमा, यानी 22 जून 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान कोलकाता से आयोजित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी जैव विविधता केंद्र ताला में देखा एवं सुना गया। उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और उनके संदेशों से प्रेरणा प्राप्त की, जिसमें उन्होंने योग को मानवता के कल्याण का माध्यम बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस योग कार्यक्रम में क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व श्री अनुपम सहाय, एसडीएम मानपुर सुश्री हरनीत कौर कलसी, ग्राम पंचायत ताला की सरपंच श्रीमती सहिला बानो, योग प्रशिक्षक, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री सुशील मिश्रा द्वारा किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अंतर्गत जैव विविधता केंद्र ताला में एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय के मुख्य आतिथ्य में अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, स्कूली विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर बताया, जिसने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। श्रीमती सहाय ने जोर दिया कि नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से संतुलित और भावनात्मक रूप से सशक्त बनता है। उन्होंने आज की व्यस्त एवं तनावपूर्ण जीवनशैली में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शरीर को लचीला और मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक तनाव को कम करने, सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने तथा आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक होता है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से प्रतिदिन योग करने का संकल्प लेने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि सुबह की ताजी हवा लाखों रुपये की दवा के समान है और नियमित योगाभ्यास से अनेक बीमारियों से स्वतः मुक्ति मिल सकती है। इसी अवसर पर कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने नागरिकों से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर भी बात की। उन्होंने बताया कि विवाह, विवाह-विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण तथा लिव-इन रिलेशनशिप सहित विभिन्न सामाजिक एवं पारिवारिक विषयों पर यूसीसी के संभावित प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। कलेक्टर ने नागरिकों से समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने सुझाव निर्धारित समय सीमा, यानी 22 जून 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान कोलकाता से आयोजित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी जैव विविधता केंद्र ताला में देखा एवं सुना गया। उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और उनके संदेशों से प्रेरणा प्राप्त की, जिसमें उन्होंने योग को मानवता के कल्याण का माध्यम बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस योग कार्यक्रम में क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व श्री अनुपम सहाय, एसडीएम मानपुर सुश्री हरनीत कौर कलसी, ग्राम पंचायत ताला की सरपंच श्रीमती सहिला बानो, योग प्रशिक्षक, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री सुशील मिश्रा द्वारा किया गया।
- उमरिया जिले के घुलघुली क्षेत्र में आज, 21 जून 2026 को, लगातार दूसरे दिन तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के चलते आम जनता को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों में भी रौनक लौट आई है। ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं और उनमें भारी उत्साह की लहर देखी जा रही है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला है। अपने संदेश में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग सभी को जोड़ने और साथ लाने का कार्य करता है।1
- नौरोजाबाद नगर परिषद में उस समय माहौल गरमा गया जब जनप्रतिनिधियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कार्यशैली को लेकर खुलकर नाराजगी जताई। पार्षदों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों का आरोप है कि सीएमओ नियमित रूप से समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते और कई बार कार्यालय से भी अनुपस्थित रहते हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।3
- शहडोल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के तहत धूमधाम से आयोजित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में सांसद ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।2
- सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के विरुद्ध आपत्तिजनक चित्र और अभद्र टिप्पणी युक्त पोस्ट करने के मामले में प्रबोध पांडे के खिलाफ थाना में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि इस पोस्ट से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य एवं तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराते समय सिल्लू रजक, अविनाश मिश्रा, धीरू मिश्रा, मुकेश दुवेदी, विकाश जोतवानी, अमन यादव, देव केवट, मोनु सेन, अमित धुर्वे, शनि रिशु पनिका, नितिन सूरी, रज्जन रजक एवं अन्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, देवी-देवता अथवा धार्मिक प्रतीकों का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इन सभी ने कहा कि सभी धर्मों एवं आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।3
- Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार1
- बड़वारा क्षेत्र की पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि वे क्षेत्र के दलित और आदिवासी बच्चों को नशे की आग में धकेल रहे हैं। आरोप है कि लगातार विरोध प्रदर्शनों के बावजूद, पुलिस और प्रशासन शराब माफियाओं पर लगाम लगाने में पूरी तरह असमर्थ हैं। इस स्थिति पर यह सवाल भी उठाया गया है कि आखिर किसके इशारे पर यह सब हो रहा है।1
- कुछ लोगों द्वारा भरत तिवारी के एनकाउंटर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बीच, उनकी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जो किसी फिल्म की पटकथा सी लगती है। एक गांव, जो गंगा की बाढ़ में समा गया था, वहां के अधिकतर पिछड़े और दलित आबादी वाले लोगों ने दोबारा बसना शुरू किया। भरत तिवारी ने इन लोगों की बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज उठाना शुरू किया, जिसमें नई बस्ती तक सड़क, बिजली, चापाकल और राशन जैसी सुविधाएं शामिल थीं। जिस जगह पर लोग बसे थे, वह काफी नीचे थी और पानी भरने की समस्या थी, जिसके लिए भरत तिवारी लगातार अधिकारियों से मिट्टी भराव की गुहार लगा रहे थे ताकि लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। पिछले एक साल से वह स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से ज्ञापन, बातचीत, दबाव और विरोध प्रदर्शन सहित सभी माध्यमों से लगातार प्रयास कर रहे थे। धीरे-धीरे, प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना शुरू किया, जिससे वह व्यवस्था से निराश होने लगे और बाद में उन्हें 'मानसिक विक्षिप्त' करार दिया गया। भरत तिवारी को एक सच्चा हिन्दुस्तानी, देशभक्त और राष्ट्रवादी बताया गया, जो जनता के लिए काम करता था और देश से प्रेम करता था। लेकिन जब वह व्यवस्था से हार गया, और "काले अंग्रेजों वाले सिस्टम" ने उसे मजबूर कर दिया, तो इस नौजवान को लगा कि "बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत है।" उसने अपने गले का महावीरी बेचकर हथियार खरीदा और पुलिस वालों को इस बात का आश्वासन देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की कि वे झूठे वादे नहीं करेंगे और लोगों का काम पूरा करेंगे। पुलिस ने पहले आश्वासन दिया कि हथियार डालने पर उसके वादे पूरे किए जाएंगे। हालांकि, जैसे ही भरत तिवारी ने हथियार डाला, उन्हें गोली मार दी गई। भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताया गया है, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो और उन लोगों की बातें, जिनके लिए उन्होंने काम किया, उन्हें 'भगवान' मानती हैं। यह दावा किया जा रहा है कि एनकाउंटर वैसे भी कानूनी रास्ता नहीं है, और एक ऐसे समाजसेवी नौजवान का एनकाउंटर, जिसका कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं था, जो व्यवस्था से निराश होकर भटक गया और जिसने सरेंडर भी कर दिया था, "एक सरकारी हत्या" है।1