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कुछ लोगों द्वारा भरत तिवारी के एनकाउंटर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बीच, उनकी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जो किसी फिल्म की पटकथा सी लगती है। एक गांव, जो गंगा की बाढ़ में समा गया था, वहां के अधिकतर पिछड़े और दलित आबादी वाले लोगों ने दोबारा बसना शुरू किया। भरत तिवारी ने इन लोगों की बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज उठाना शुरू किया, जिसमें नई बस्ती तक सड़क, बिजली, चापाकल और राशन जैसी सुविधाएं शामिल थीं। जिस जगह पर लोग बसे थे, वह काफी नीचे थी और पानी भरने की समस्या थी, जिसके लिए भरत तिवारी लगातार अधिकारियों से मिट्टी भराव की गुहार लगा रहे थे ताकि लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। पिछले एक साल से वह स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से ज्ञापन, बातचीत, दबाव और विरोध प्रदर्शन सहित सभी माध्यमों से लगातार प्रयास कर रहे थे। धीरे-धीरे, प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना शुरू किया, जिससे वह व्यवस्था से निराश होने लगे और बाद में उन्हें 'मानसिक विक्षिप्त' करार दिया गया। भरत तिवारी को एक सच्चा हिन्दुस्तानी, देशभक्त और राष्ट्रवादी बताया गया, जो जनता के लिए काम करता था और देश से प्रेम करता था। लेकिन जब वह व्यवस्था से हार गया, और "काले अंग्रेजों वाले सिस्टम" ने उसे मजबूर कर दिया, तो इस नौजवान को लगा कि "बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत है।" उसने अपने गले का महावीरी बेचकर हथियार खरीदा और पुलिस वालों को इस बात का आश्वासन देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की कि वे झूठे वादे नहीं करेंगे और लोगों का काम पूरा करेंगे। पुलिस ने पहले आश्वासन दिया कि हथियार डालने पर उसके वादे पूरे किए जाएंगे। हालांकि, जैसे ही भरत तिवारी ने हथियार डाला, उन्हें गोली मार दी गई। भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताया गया है, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो और उन लोगों की बातें, जिनके लिए उन्होंने काम किया, उन्हें 'भगवान' मानती हैं। यह दावा किया जा रहा है कि एनकाउंटर वैसे भी कानूनी रास्ता नहीं है, और एक ऐसे समाजसेवी नौजवान का एनकाउंटर, जिसका कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं था, जो व्यवस्था से निराश होकर भटक गया और जिसने सरेंडर भी कर दिया था, "एक सरकारी हत्या" है।

1 hr ago
user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

कुछ लोगों द्वारा भरत तिवारी के एनकाउंटर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बीच, उनकी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जो किसी फिल्म की पटकथा सी लगती है। एक गांव, जो गंगा की बाढ़ में समा गया था, वहां के अधिकतर पिछड़े और दलित आबादी वाले लोगों ने दोबारा बसना शुरू किया। भरत तिवारी ने इन लोगों की बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज उठाना शुरू किया, जिसमें नई बस्ती तक सड़क, बिजली, चापाकल और राशन जैसी सुविधाएं शामिल थीं। जिस जगह पर लोग बसे थे, वह काफी नीचे थी और पानी भरने की समस्या थी, जिसके लिए भरत तिवारी लगातार अधिकारियों से मिट्टी भराव की गुहार लगा रहे थे ताकि लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। पिछले एक साल से वह स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से ज्ञापन, बातचीत, दबाव और विरोध प्रदर्शन सहित सभी माध्यमों से लगातार प्रयास कर रहे थे। धीरे-धीरे, प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना शुरू किया, जिससे वह व्यवस्था से निराश होने लगे और बाद में उन्हें 'मानसिक विक्षिप्त' करार दिया गया। भरत तिवारी को एक सच्चा हिन्दुस्तानी, देशभक्त और राष्ट्रवादी बताया गया, जो जनता के लिए काम करता था और देश से प्रेम करता था। लेकिन जब वह व्यवस्था से हार गया, और "काले अंग्रेजों वाले सिस्टम" ने उसे मजबूर कर दिया, तो इस नौजवान को लगा कि "बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत है।" उसने अपने गले का महावीरी बेचकर हथियार खरीदा और पुलिस वालों को इस बात का आश्वासन देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की कि वे झूठे वादे नहीं करेंगे और लोगों का काम पूरा करेंगे। पुलिस ने पहले आश्वासन दिया कि हथियार डालने पर उसके वादे पूरे किए जाएंगे। हालांकि, जैसे ही भरत तिवारी ने हथियार डाला, उन्हें गोली मार दी गई। भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताया गया है, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो और उन लोगों की बातें, जिनके लिए उन्होंने काम किया, उन्हें 'भगवान' मानती हैं। यह दावा किया जा रहा है कि एनकाउंटर वैसे भी कानूनी रास्ता नहीं है, और एक ऐसे समाजसेवी नौजवान का एनकाउंटर, जिसका कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं था, जो व्यवस्था से निराश होकर भटक गया और जिसने सरेंडर भी कर दिया था, "एक सरकारी हत्या" है।

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  • Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    1
    Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, अनूपपुर पुलिस लाइन में एक विशाल योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस लाइन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ उन्होंने सामूहिक रूप से योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और श्वास-प्रक्रियाओं का संचालन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने योग के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी बेहतर होता है, तनाव कम होता है, और कार्यक्षमता व एकाग्रता में वृद्धि होती है। पुलिस विभाग ने यह पहल अधिकारियों और कर्मचारियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा अधिक दायित्वनिष्ठ एवं कुशल बनाए रखने के उद्देश्य से की थी। इस अवसर पर, सभी उपस्थित कर्मियों ने अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने का संकल्प लिया।
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    21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, अनूपपुर पुलिस लाइन में एक विशाल योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस लाइन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जहाँ उन्होंने सामूहिक रूप से योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और श्वास-प्रक्रियाओं का संचालन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने योग के सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी बेहतर होता है, तनाव कम होता है, और कार्यक्षमता व एकाग्रता में वृद्धि होती है। पुलिस विभाग ने यह पहल अधिकारियों और कर्मचारियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा अधिक दायित्वनिष्ठ एवं कुशल बनाए रखने के उद्देश्य से की थी। इस अवसर पर, सभी उपस्थित कर्मियों ने अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने का संकल्प लिया।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    2 hrs ago
  • अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन करने वाले माफिया के खिलाफ लगातार चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। 20 जून, 2026 को वेंकटनगर चौकी पुलिस को ग्राम कदमसरा में मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम भेलमा गूजर नाला से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर एक ट्रेक्टर-ट्रॉली लपटा की ओर रेत बेचने जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम मुण्डा से लपटा की ओर जाने वाले मार्ग पर दबिश दी और अवैध रेत का परिवहन कर रहे एक ट्रेक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। इस कार्रवाई में 20 वर्षीय चालक आशीष राठौर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर ट्रेक्टर-ट्रॉली की जाँच की गई तो उसमें 02 घन मीटर रेत खनिज लोड पाया गया। चालक आशीष राठौर, निवासी ग्राम मुण्डा, थाना जैतहरी ने पूछताछ में बताया कि ट्रेक्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर MP65ZC7738) उसके पिता होरीलाल राठौर के नाम पर है, जो मजदूरी करने उड़ीसा गए हैं। उसने स्वीकार किया कि रेत गूजर नाला से लाई गई थी और उसके पास रेत परिवहन से संबंधित कोई वैध कागजात (टीपी) नहीं थे। आशीष राठौर ने ट्रेक्टर के रजिस्ट्रेशन कार्ड, बीमा कागजात और अपने लर्निंग लाइसेंस की छायाप्रतियां भी पेश कीं। आशीष राठौर द्वारा अवैध रूप से रेत (खनिज) चोरी कर परिवहन करना पाए जाने पर, उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 303(2), 305(ई), 317(5) और खनिज अधिनियम की धारा 4/21 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने नीले रंग के स्वराज 742 XT ट्रेक्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर MP65ZC7738, इंजन नंबर DE.4001/SHF22348, चेसिस नंबर MBNBT53NDSCF74255) को उसकी ट्रॉली और उसमें लदी 02 घन मीटर अवैध रेत सहित जब्त कर लिया। जब्त किए गए ट्रेक्टर-ट्रॉली और अवैध रेत की कुल अनुमानित कीमत ₹5,03,000/- बताई गई है (जिसमें ट्रेक्टर-ट्रॉली की कीमत ₹5,00,000/- और रेत की कीमत ₹3,000/- शामिल है)। जब्त संपत्ति को वेंकटनगर चौकी परिसर में सुरक्षा के लिए खड़ा कराया गया है। इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी वेंकटनगर उप निरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक सुरेश कुमार अहिरवार और आरक्षक विजय टाटू की सराहनीय भूमिका रही।
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    अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन करने वाले माफिया के खिलाफ लगातार चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। 20 जून, 2026 को वेंकटनगर चौकी पुलिस को ग्राम कदमसरा में मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम भेलमा गूजर नाला से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर एक ट्रेक्टर-ट्रॉली लपटा की ओर रेत बेचने जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम मुण्डा से लपटा की ओर जाने वाले मार्ग पर दबिश दी और अवैध रेत का परिवहन कर रहे एक ट्रेक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। इस कार्रवाई में 20 वर्षीय चालक आशीष राठौर को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस द्वारा रोके जाने पर ट्रेक्टर-ट्रॉली की जाँच की गई तो उसमें 02 घन मीटर रेत खनिज लोड पाया गया। चालक आशीष राठौर, निवासी ग्राम मुण्डा, थाना जैतहरी ने पूछताछ में बताया कि ट्रेक्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर MP65ZC7738) उसके पिता होरीलाल राठौर के नाम पर है, जो मजदूरी करने उड़ीसा गए हैं। उसने स्वीकार किया कि रेत गूजर नाला से लाई गई थी और उसके पास रेत परिवहन से संबंधित कोई वैध कागजात (टीपी) नहीं थे। आशीष राठौर ने ट्रेक्टर के रजिस्ट्रेशन कार्ड, बीमा कागजात और अपने लर्निंग लाइसेंस की छायाप्रतियां भी पेश कीं।

आशीष राठौर द्वारा अवैध रूप से रेत (खनिज) चोरी कर परिवहन करना पाए जाने पर, उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 303(2), 305(ई), 317(5) और खनिज अधिनियम की धारा 4/21 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने नीले रंग के स्वराज 742 XT ट्रेक्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर MP65ZC7738, इंजन नंबर DE.4001/SHF22348, चेसिस नंबर MBNBT53NDSCF74255) को उसकी ट्रॉली और उसमें लदी 02 घन मीटर अवैध रेत सहित जब्त कर लिया। जब्त किए गए ट्रेक्टर-ट्रॉली और अवैध रेत की कुल अनुमानित कीमत ₹5,03,000/- बताई गई है (जिसमें ट्रेक्टर-ट्रॉली की कीमत ₹5,00,000/- और रेत की कीमत ₹3,000/- शामिल है)। जब्त संपत्ति को वेंकटनगर चौकी परिसर में सुरक्षा के लिए खड़ा कराया गया है। इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी वेंकटनगर उप निरीक्षक प्रवीण कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक सुरेश कुमार अहिरवार और आरक्षक विजय टाटू की सराहनीय भूमिका रही।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • शहडोल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के तहत धूमधाम से आयोजित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में सांसद ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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    शहडोल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के तहत धूमधाम से आयोजित किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में सांसद ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • नौरोजाबाद नगर परिषद में उस समय माहौल गरमा गया जब जनप्रतिनिधियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कार्यशैली को लेकर खुलकर नाराजगी जताई। पार्षदों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों का आरोप है कि सीएमओ नियमित रूप से समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते और कई बार कार्यालय से भी अनुपस्थित रहते हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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    नौरोजाबाद नगर परिषद में उस समय माहौल गरमा गया जब जनप्रतिनिधियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कार्यशैली को लेकर खुलकर नाराजगी जताई। पार्षदों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए।

पार्षदों का आरोप है कि सीएमओ नियमित रूप से समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते और कई बार कार्यालय से भी अनुपस्थित रहते हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उमरिया जिले के जैव विविधता केंद्र ताला-बांधवगढ़ में एक सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों एवं नागरिकों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी है कि वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के साथ सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में योग का महत्व भगवान श्रीकृष्ण के काल से ही सर्वस्वीकृत और सार्वभौमिक रहा है। डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों और वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित किया, जिनके कारण आज योग विश्वभर में करोड़ों लोगों के स्वस्थ जीवन का आधार बन चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि योग केवल प्राणायाम और आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासित, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और योग दिवस कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उमरिया जिले के जैव विविधता केंद्र ताला-बांधवगढ़ में एक सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों एवं नागरिकों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

इसी क्रम में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी है कि वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के साथ सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में योग का महत्व भगवान श्रीकृष्ण के काल से ही सर्वस्वीकृत और सार्वभौमिक रहा है।

डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों और वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित किया, जिनके कारण आज योग विश्वभर में करोड़ों लोगों के स्वस्थ जीवन का आधार बन चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि योग केवल प्राणायाम और आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासित, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की सर्वोत्तम पद्धति है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और योग दिवस कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें।
    user_जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    जिला ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    Carpenter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर उमरिया जिला चिकित्सालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ लगभग 530 लोगों की स्क्रीनिंग और जांच की गई। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.एस. चंदेल की अध्यक्षता और सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. मुकुल तिवारी के निर्देशन में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान सिकल सेल रोग के प्रति जनजागरूकता फैलाने, स्क्रीनिंग, जांच, उपचार, सिकल सेल कार्ड वितरण और हाइड्रॉक्सी यूरिया दवा वितरण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की गईं। इस अवसर पर राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के तहत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में एनीमिया और सिकल सेल की स्क्रीनिंग, जांच, उपचार प्रबंधन, काउंसलिंग और रोकथाम संबंधी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.एस. चंदेल ने इस संबंध में बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में सिकल सेल की जांच एवं उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समय-समय पर अपनी जांच कराकर इस बीमारी की रोकथाम और उपचार का लाभ उठाएं। इस कार्यक्रम में आरएमओ डॉ. संदीप सिंह, डॉ. मुकुल तिवारी, विशेषज्ञ चिकित्सक, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और वरिष्ठ नागरिक सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
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    विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर उमरिया जिला चिकित्सालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ लगभग 530 लोगों की स्क्रीनिंग और जांच की गई। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.एस. चंदेल की अध्यक्षता और सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. मुकुल तिवारी के निर्देशन में संपन्न हुआ।

आयोजन के दौरान सिकल सेल रोग के प्रति जनजागरूकता फैलाने, स्क्रीनिंग, जांच, उपचार, सिकल सेल कार्ड वितरण और हाइड्रॉक्सी यूरिया दवा वितरण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की गईं। इस अवसर पर राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के तहत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में एनीमिया और सिकल सेल की स्क्रीनिंग, जांच, उपचार प्रबंधन, काउंसलिंग और रोकथाम संबंधी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.एस. चंदेल ने इस संबंध में बताया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में सिकल सेल की जांच एवं उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समय-समय पर अपनी जांच कराकर इस बीमारी की रोकथाम और उपचार का लाभ उठाएं। इस कार्यक्रम में आरएमओ डॉ. संदीप सिंह, डॉ. मुकुल तिवारी, विशेषज्ञ चिकित्सक, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और वरिष्ठ नागरिक सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • कुछ लोगों द्वारा भरत तिवारी के एनकाउंटर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बीच, उनकी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जो किसी फिल्म की पटकथा सी लगती है। एक गांव, जो गंगा की बाढ़ में समा गया था, वहां के अधिकतर पिछड़े और दलित आबादी वाले लोगों ने दोबारा बसना शुरू किया। भरत तिवारी ने इन लोगों की बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज उठाना शुरू किया, जिसमें नई बस्ती तक सड़क, बिजली, चापाकल और राशन जैसी सुविधाएं शामिल थीं। जिस जगह पर लोग बसे थे, वह काफी नीचे थी और पानी भरने की समस्या थी, जिसके लिए भरत तिवारी लगातार अधिकारियों से मिट्टी भराव की गुहार लगा रहे थे ताकि लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। पिछले एक साल से वह स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से ज्ञापन, बातचीत, दबाव और विरोध प्रदर्शन सहित सभी माध्यमों से लगातार प्रयास कर रहे थे। धीरे-धीरे, प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना शुरू किया, जिससे वह व्यवस्था से निराश होने लगे और बाद में उन्हें 'मानसिक विक्षिप्त' करार दिया गया। भरत तिवारी को एक सच्चा हिन्दुस्तानी, देशभक्त और राष्ट्रवादी बताया गया, जो जनता के लिए काम करता था और देश से प्रेम करता था। लेकिन जब वह व्यवस्था से हार गया, और "काले अंग्रेजों वाले सिस्टम" ने उसे मजबूर कर दिया, तो इस नौजवान को लगा कि "बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत है।" उसने अपने गले का महावीरी बेचकर हथियार खरीदा और पुलिस वालों को इस बात का आश्वासन देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की कि वे झूठे वादे नहीं करेंगे और लोगों का काम पूरा करेंगे। पुलिस ने पहले आश्वासन दिया कि हथियार डालने पर उसके वादे पूरे किए जाएंगे। हालांकि, जैसे ही भरत तिवारी ने हथियार डाला, उन्हें गोली मार दी गई। भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताया गया है, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो और उन लोगों की बातें, जिनके लिए उन्होंने काम किया, उन्हें 'भगवान' मानती हैं। यह दावा किया जा रहा है कि एनकाउंटर वैसे भी कानूनी रास्ता नहीं है, और एक ऐसे समाजसेवी नौजवान का एनकाउंटर, जिसका कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं था, जो व्यवस्था से निराश होकर भटक गया और जिसने सरेंडर भी कर दिया था, "एक सरकारी हत्या" है।
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    कुछ लोगों द्वारा भरत तिवारी के एनकाउंटर पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बीच, उनकी कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जो किसी फिल्म की पटकथा सी लगती है। एक गांव, जो गंगा की बाढ़ में समा गया था, वहां के अधिकतर पिछड़े और दलित आबादी वाले लोगों ने दोबारा बसना शुरू किया। भरत तिवारी ने इन लोगों की बुनियादी जरूरतों के लिए आवाज उठाना शुरू किया, जिसमें नई बस्ती तक सड़क, बिजली, चापाकल और राशन जैसी सुविधाएं शामिल थीं। जिस जगह पर लोग बसे थे, वह काफी नीचे थी और पानी भरने की समस्या थी, जिसके लिए भरत तिवारी लगातार अधिकारियों से मिट्टी भराव की गुहार लगा रहे थे ताकि लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। पिछले एक साल से वह स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से ज्ञापन, बातचीत, दबाव और विरोध प्रदर्शन सहित सभी माध्यमों से लगातार प्रयास कर रहे थे।

धीरे-धीरे, प्रशासन ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान करना शुरू किया, जिससे वह व्यवस्था से निराश होने लगे और बाद में उन्हें 'मानसिक विक्षिप्त' करार दिया गया। भरत तिवारी को एक सच्चा हिन्दुस्तानी, देशभक्त और राष्ट्रवादी बताया गया, जो जनता के लिए काम करता था और देश से प्रेम करता था। लेकिन जब वह व्यवस्था से हार गया, और "काले अंग्रेजों वाले सिस्टम" ने उसे मजबूर कर दिया, तो इस नौजवान को लगा कि "बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत है।" उसने अपने गले का महावीरी बेचकर हथियार खरीदा और पुलिस वालों को इस बात का आश्वासन देने के लिए मजबूर करने की कोशिश की कि वे झूठे वादे नहीं करेंगे और लोगों का काम पूरा करेंगे।

पुलिस ने पहले आश्वासन दिया कि हथियार डालने पर उसके वादे पूरे किए जाएंगे। हालांकि, जैसे ही भरत तिवारी ने हथियार डाला, उन्हें गोली मार दी गई। भरत तिवारी को एक क्रांतिकारी बताया गया है, जिसके अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो और उन लोगों की बातें, जिनके लिए उन्होंने काम किया, उन्हें 'भगवान' मानती हैं। यह दावा किया जा रहा है कि एनकाउंटर वैसे भी कानूनी रास्ता नहीं है, और एक ऐसे समाजसेवी नौजवान का एनकाउंटर, जिसका कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं था, जो व्यवस्था से निराश होकर भटक गया और जिसने सरेंडर भी कर दिया था, "एक सरकारी हत्या" है।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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