धौलपुर जिले में 25 मई को बड़ी संख्या में पेंशनर्स ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर और उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिला पेंशनर्स समाज के अध्यक्ष विशम्बरदयाल शर्मा और पुलिस कल्याण समिति के अध्यक्ष रवि कटारा के नेतृत्व में दिया गया। मीडिया प्रभारी सुरेश गोस्वामी के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य विभिन्न मांगों पर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। ज्ञापन में मुख्य रूप से चार मांगें रखी गईं। पहली मांग थी कि आर.जी.एच.एस. (RGHS) योजना को बीमा मोड पर न दिया जाए। दूसरी मांग में पेंशनर्स के लिए ओपीडी और आईपीडी की मौजूदा व्यवस्था को यथावत जारी रखने तथा मूल योजना में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने पर जोर दिया गया। तीसरी मांग यह थी कि अनुमोदित अस्पतालों और फार्मा स्टोर्स को समय पर नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि पेंशनर्स को बार-बार होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके। चौथी और अंतिम मांग प्रदेश के निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा को पहले की तरह जारी रखने से संबंधित थी। पेंशनर्स समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों को नहीं माना गया, तो वे पूरे राजस्थान में एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए विवश होंगे। ज्ञापन सौंपने से पहले हुई एक सभा को विशम्बरदयाल शर्मा, यादवेंद्र शर्मा और राजेंद्र शंकर शर्मा ने संबोधित किया, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया और पेंशनर्स समाज की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। यह ज्ञापन राजस्थान पेंशनर्स समाज जयपुर के आह्वान पर पूरे प्रदेश में उपखंड अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापनों की श्रृंखला का हिस्सा था। इस अवसर पर जिला मंत्री अनवार अहमद, रमेश चंद माहौर, यज्ञपति शर्मा, सुरेश गोस्वामी, श्रवण कुमार पाठक, रमाकांत शर्मा, रमेश चंद्रभानु, देवेंद्र कुमार शर्मा, रामसेवक गौड, रामेश्वर दयाल, महेश गोस्वामी, विशाल गिरी, अनिल कुमार, विजय सिंह, दिवाकांत सक्सेना और भगवान सिंह सहित कई अन्य पेंशनर्स भी मौजूद रहे।
धौलपुर जिले में 25 मई को बड़ी संख्या में पेंशनर्स ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर और उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिला पेंशनर्स समाज के अध्यक्ष विशम्बरदयाल शर्मा और पुलिस कल्याण समिति के अध्यक्ष रवि कटारा के नेतृत्व में दिया गया। मीडिया प्रभारी सुरेश गोस्वामी के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य विभिन्न मांगों पर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। ज्ञापन में मुख्य रूप से चार मांगें रखी गईं। पहली मांग थी कि आर.जी.एच.एस. (RGHS) योजना को बीमा मोड पर न दिया जाए। दूसरी मांग में पेंशनर्स के लिए ओपीडी और आईपीडी की मौजूदा व्यवस्था को यथावत जारी रखने तथा मूल योजना में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने पर जोर दिया गया। तीसरी मांग यह थी कि अनुमोदित अस्पतालों और फार्मा स्टोर्स को समय पर नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि पेंशनर्स को बार-बार होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके। चौथी और अंतिम मांग प्रदेश के निजी अस्पतालों
में कैशलेस इलाज की सुविधा को पहले की तरह जारी रखने से संबंधित थी। पेंशनर्स समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों को नहीं माना गया, तो वे पूरे राजस्थान में एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए विवश होंगे। ज्ञापन सौंपने से पहले हुई एक सभा को विशम्बरदयाल शर्मा, यादवेंद्र शर्मा और राजेंद्र शंकर शर्मा ने संबोधित किया, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया और पेंशनर्स समाज की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। यह ज्ञापन राजस्थान पेंशनर्स समाज जयपुर के आह्वान पर पूरे प्रदेश में उपखंड अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापनों की श्रृंखला का हिस्सा था। इस अवसर पर जिला मंत्री अनवार अहमद, रमेश चंद माहौर, यज्ञपति शर्मा, सुरेश गोस्वामी, श्रवण कुमार पाठक, रमाकांत शर्मा, रमेश चंद्रभानु, देवेंद्र कुमार शर्मा, रामसेवक गौड, रामेश्वर दयाल, महेश गोस्वामी, विशाल गिरी, अनिल कुमार, विजय सिंह, दिवाकांत सक्सेना और भगवान सिंह सहित कई अन्य पेंशनर्स भी मौजूद रहे।
- धौलपुर जिले में 25 मई को बड़ी संख्या में पेंशनर्स ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर और उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिला पेंशनर्स समाज के अध्यक्ष विशम्बरदयाल शर्मा और पुलिस कल्याण समिति के अध्यक्ष रवि कटारा के नेतृत्व में दिया गया। मीडिया प्रभारी सुरेश गोस्वामी के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य विभिन्न मांगों पर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। ज्ञापन में मुख्य रूप से चार मांगें रखी गईं। पहली मांग थी कि आर.जी.एच.एस. (RGHS) योजना को बीमा मोड पर न दिया जाए। दूसरी मांग में पेंशनर्स के लिए ओपीडी और आईपीडी की मौजूदा व्यवस्था को यथावत जारी रखने तथा मूल योजना में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने पर जोर दिया गया। तीसरी मांग यह थी कि अनुमोदित अस्पतालों और फार्मा स्टोर्स को समय पर नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि पेंशनर्स को बार-बार होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके। चौथी और अंतिम मांग प्रदेश के निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा को पहले की तरह जारी रखने से संबंधित थी। पेंशनर्स समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों को नहीं माना गया, तो वे पूरे राजस्थान में एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए विवश होंगे। ज्ञापन सौंपने से पहले हुई एक सभा को विशम्बरदयाल शर्मा, यादवेंद्र शर्मा और राजेंद्र शंकर शर्मा ने संबोधित किया, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया और पेंशनर्स समाज की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। यह ज्ञापन राजस्थान पेंशनर्स समाज जयपुर के आह्वान पर पूरे प्रदेश में उपखंड अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापनों की श्रृंखला का हिस्सा था। इस अवसर पर जिला मंत्री अनवार अहमद, रमेश चंद माहौर, यज्ञपति शर्मा, सुरेश गोस्वामी, श्रवण कुमार पाठक, रमाकांत शर्मा, रमेश चंद्रभानु, देवेंद्र कुमार शर्मा, रामसेवक गौड, रामेश्वर दयाल, महेश गोस्वामी, विशाल गिरी, अनिल कुमार, विजय सिंह, दिवाकांत सक्सेना और भगवान सिंह सहित कई अन्य पेंशनर्स भी मौजूद रहे।2
- आगरा जिले के तेहरा के पास एक गाँव में स्थित डाबर हॉट मिक्स प्लांट में आग लगने की घटना सामने आई है।1
- धौलपुर के बाड़ी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) इकाई ने "एक कदम बेजुबान पक्षियों के लिए" नामक मुहिम को आगे बढ़ाते हुए राजकीय महाविद्यालय बाड़ी में परिंडे लगाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी में मूक पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना है, जिसे मानवता का कार्य बताया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय बाड़ी के स्थानीय प्राचार्य मनोज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रचंड गर्मी में पानी को अमृत के समान माना जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मनुष्य तो प्यास लगने पर बोलकर पानी मांग सकता है, लेकिन बेजुबान पशु-पक्षियों को पानी के लिए तड़पना पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों के बाहर कुछ पानी की व्यवस्था करें, क्योंकि यही सच्ची मानवता है। ABVP के जिला संयोजक समरथ गुर्जर ने भी कहा कि जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर हो, तो प्रत्येक व्यक्ति को पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था कर इस पुण्य कार्य में सबसे आगे आना चाहिए और उनकी जान बचानी चाहिए। उन्होंने सभी से अपने घरों की छतों और बाहर परिंडे रखकर या विभिन्न माध्यमों से पानी का प्रबंध करने का आग्रह किया ताकि पशु-पक्षी गर्मी में इधर-उधर ज्यादा समय तक न भटकें। ABVP की महाविद्यालय इकाई अध्यक्षा गुनगुन परमार ने बताया कि विद्यार्थी परिषद "सेवा फॉर डेवलपमेंट" आयाम के तहत बेजुबान पक्षियों की सुरक्षा एवं संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परिंडे लगा रही है। उन्होंने इस भीषण गर्मी के मौसम में परिंडे लगाकर पानी की व्यवस्था करने को जीव मात्र के कल्याण और पुण्य का काम बताया। इस दौरान प्राचार्य एम के सिंह, जिला संयोजक समरथ गुर्जर, सह प्राचार्य धर्मेंद्र सिंह मीणा, गुमान सिंह मीणा, केदार सिंह, दिनेश सिंह, इकाई अध्यक्षा गुनगुन परमार, शिवानी शर्मा, हरिओम, चेतन शर्मा, विशाल सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।3
- 'मैजिक लॉक' नामक एक डिवाइस के बारे में बताया गया है, जो गैस लीकेज को रोकने और घरों को आग लगने से बचाने में सहायक है। यह डिवाइस परिवार की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय बताया जा रहा है। इसे लगवाने के इच्छुक लोगों से संपर्क करने का आह्वान किया गया है, और यह केवल ₹299 में उपलब्ध है, जिससे लोग अपने परिवार की जान बचा सकें।2
- राजाखेड़ा क्षेत्र के ग्राम रामसिंह का पुरा में श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत (ब्लॉक राजाखेड़ा) के तत्वावधान में दिल्ली के संस्थापक महाराजा अनंगपाल सिंह तोमर और वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के बोर्ड का भव्य अनावरण किया गया। इस अवसर पर एक विशाल जनसभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षत्रिय समाज के बुजुर्गों और युवाओं ने भारी संख्या में भागीदारी की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संगठन के संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ रहे, जिन्होंने फीता काटकर विधिवत रूप से बोर्ड का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने समाज की एकता पर जोर देते हुए कहा कि “जहां श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के कार्यकर्ताओं का पसीना बहेगा, वहां कृष्णा परमार सैंपऊ का खून बहेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के मान-सम्मान के लिए सदैव तत्पर रहेगा। विशिष्ट अतिथियों में राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश सिंह सिकरवार, राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. रघुराज प्रताप सिंह, उत्तर प्रदेश प्रदेश मीडिया प्रभारी रामेश्वर सिंह तोमर, धौलपुर जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार और आगरा जिला अध्यक्ष विश्वास सिंह परमार शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक प्रवक्ता भूपेंद्र सिंह तोमर ने किया, जबकि जिला प्रचारक धर्मेंद्र सिंह तोमर और ग्राम रामसिंह का पुरा के संगठन कार्यकर्ता इसके मुख्य आयोजक थे। इस महत्वपूर्ण अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र सिंह चौहान, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सत्यभान सिंह तोमर, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मनोज राघव, प्रदेश सलाहकार राजस्थान रिंकू सिंह तोमर, जिला सलाहकार आगरा गौरव चौहान, जिला प्रभारी आगरा राहुल धाकरे, जिला महासचिव जयपाल परमार, कृष्णकांत परमार, अजय सिकरवार, जिला प्रवक्ता अंकेश तोमर और ब्लॉक अध्यक्ष सैंपऊ बंटू सिसोदिया सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की व्यवस्था में ब्लॉक महामंत्री अशोक तोमर, ब्लॉक संयोजक बलवीर तोमर, ब्लॉक सचिव रोहित तोमर, ब्लॉक सलाहकार सौरभ तोमर, ग्राम अध्यक्ष रामू तोमर और ग्राम उपाध्यक्ष यतेंद्र तोमर का विशेष सहयोग रहा। इनके साथ ही, मुला सिंह तोमर, जगन्नाथ सिंह तोमर, लाखन तोमर, दीनदयाल तोमर, निहाल सिंह तोमर, मोती सिंह तोमर, उदय सिंह तोमर, बीरी सिंह तोमर, साहब सिंह तोमर, महेश तोमर, राजकुमार तोमर और सत्येंद्र सिंह तोमर सहित सैकड़ों संगठन कार्यकर्ता व ग्रामीण भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।2
- धौलपुर जिले के अधन्नपुर गाँव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति के सागर में सराबोर नजर आया। कथाव्यास पूज्य लोकेशानंद महाराज ने अपनी सुमधुर वाणी से गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, राजा बलि प्रसंग और प्रभु श्रीराम एवं श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का अत्यंत जीवंत एवं भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। स्वामी लोकेशानंद महाराज ने गजेंद्र मोक्ष और समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुए कहा कि संकट के समय जब संसार के सभी रिश्ते-नाते साथ छोड़ देते हैं, तब केवल परमात्मा ही सच्चे रक्षक बनते हैं; भगवान ने गजेंद्र की करुण पुकार सुनकर ग्राह का वध किया और उसे मोक्ष प्रदान किया। उन्होंने बताया कि मानव मन ही समुद्र है, जिसमें विचारों का मंथन होता है, और जीवन में सफलता के लिए विकारों का विष त्यागकर गुणों का अमृत अपनाना जरूरी है। वामन अवतार और राजा बलि के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए महाराज जी ने दान से मनुष्य का अहंकार दूर होने की बात कही। उन्होंने बताया कि राजा बलि ने अपना सब कुछ भगवान वामन के चरणों में अर्पित कर दिया था, जिससे प्रसन्न होकर भगवान ने स्वयं उनके द्वारपाल बनना स्वीकार किया, यह प्रसंग हमें निस्वार्थ समर्पण की सीख देता है। जैसे ही प्रभु श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग आया, पूरा पंडाल 'नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' और 'भए प्रगट कृपाला' के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भजनों की थाप पर भावविभोर होकर झूमने और नाचने लगे, जिससे पूरा माहौल गोकुल और अयोध्या धाम जैसा दिव्य प्रतीत हो रहा था। कथा के समापन पर मुख्य यजमान सोबरन सिंह अरेला, भगवंत प्रसाद पीटीआई और उनके परिजनों ने व्यास पीठ की महाआरती की। इस अवसर पर राजेश मरैया, बृजेश उपाध्याय, संतोष, पुरुषोत्तम, योगेश चौबे, ब्रजमोहन, दिनेश चंद्र रावत, मोतीराम शर्मा, राजकुमार बित्थरिया, शाशिकांत, भीमसेन, लोकेंद्र, आदित्येन्द्र, कृष्णकांत, मुकेश सूतैल, संग्राम पंडित, सुभाष भारद्वाज, हरिनिवास प्रधान, श्यामसुंदर शर्मा, देवेश मरैया सहित भारी संख्या में स्थानीय नागरिक और मातृशक्ति उपस्थित रही।1
- सम्राट चौधरी द्वारा दिए गए एक बयान के बाद, तेजस्वी यादव ने उस पर करारा पलटवार किया है। इस घटनाक्रम से बिहार की राजनीति में अचानक गर्माहट देखी जा रही है, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।1
- मिली जानकारी के अनुसार, जहाँ एक ओर स्वयंसेवक पूरी सक्रियता और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य निभा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दुर्भाग्यवश वेतनभोगी कर्मचारी अपने दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। बताया गया है कि कुछ कर्मचारियों की इसी लापरवाही के कारण हजारों की संख्या में लोग परेशानी और पीड़ा का सामना कर रहे हैं।1