प्रदेश के 57 जंगलों में वन कर्मियों ने बुझाई आग वनाग्नि की रोकथाम एवं आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नैनीताल एवं हल्द्वानी वन प्रभागों में व्यापक स्तर पर वनाग्नि मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। नैनीताल में यह मॉक ड्रिल पाइन्स आईटीआई परिसर में आयोजित की गई। मॉक ड्रिल का आयोजन आकाश गंगवार, प्रभागीय वनाधिकारी, नैनीताल एवं ममता चंद, उप प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देशन में किया गया। काल्पनिक परिदृश्य के तहत सूचना प्राप्त हुई कि नैना रेंज बीट के कक्ष संख्या 3 एवं 4 में किसी व्यक्ति की लापरवाही से वनाग्नि फैल गई है। सूचना मिलते ही गठित विभिन्न टास्क फोर्स टीमों द्वारा न्यूनतम रिस्पांस टाइम में मौके पर पहुंचकर फायर लाइन एवं कंट्रोल फायर के माध्यम से आग पर नियंत्रण पाया गया। मॉक ड्रिल के दौरान घायल व्यक्तियों को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान कर आगे के उपचार हेतु बी.डी. पांडे चिकित्सालय रेफर किया गया। इस दौरान वन विभाग के संचार केंद्र के साथ पुलिस संचार केंद्र भी सक्रिय रहा। मॉक ड्रिल में स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, बाल विकास विभाग, पशुपालन विभाग, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, उत्तराखंड रिजर्व पुलिस बल, कुमाऊं विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स, राजकीय औद्योगिक संस्थान तथा वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान विवेक राय, अपर जिलाधिकारी नैनीताल, जगदीश चंद्र, एसपी क्राइम, मेजर मनोज जोशी, एनडीआरएफ से लक्ष्मण थपियाल, एफएसओ देवेंद्र सिंह नेगी सहित विभिन्न टास्क फोर्स लीडर—वन क्षेत्र अधिकारी ललित मोहन कार्की, विजय भट्ट, योगेश चंद तिवारी, मनोज भगत, आनंद लाल एवं प्रशिक्षित वन क्षेत्र अधिकारी अभय जोशी उपस्थित रहे। इसी क्रम में हल्द्वानी वन प्रभाग में कुंदन कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी, हल्द्वानी के निर्देशन में छकाता रेंज अंतर्गत हनुमानगढ़ी क्रू स्टेशन के समीप वनाग्नि मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग, सीआरपीएफ, गैर-सरकारी संगठन, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामवासी, युवा मंगल दल एवं महिला मंगल दल के सदस्यों ने सहभागिता की। मॉक ड्रिल के दौरान सभी अग्निशमन उपकरणों, सुरक्षा संसाधनों एवं वायरलेस संचार उपकरणों का परीक्षण किया गया। मास्टर कंट्रोल रूम के साथ संचार व्यवस्था की जांच की गई तथा फील्ड कर्मचारियों एवं लाइन विभागों को उनके दायित्वों के संबंध में ब्रीफ किया गया। वन विभाग मुख्यालय देहरादून द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से फायर पॉइंट्स के जीपीएस निर्देशांक साझा किए गए, जिसके आधार पर फील्ड में कार्रवाई की गई। काल्पनिक स्थिति में फायर वॉचर के घायल होने की सूचना पर तत्काल एसडीआरएफ एवं चिकित्सा दल को तैनात किया गया। घायल को सुरक्षित निकालकर एम्बुलेंस के माध्यम से निकटतम सरकारी अस्पताल भेजा गया। आग के फैलने की सूचना पर अग्निशमन विभाग को बुलाया गया और स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कम समय में आग पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया गया। अंत में सभी टीमों के साथ डिब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर उप प्रभागीय अधिकारी गणेश जोशी, वन क्षेत्र अधिकारी लक्ष्मण सिंह मार्तोलिया, प्रदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना एवं वनाग्नि जैसी आपात स्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।
प्रदेश के 57 जंगलों में वन कर्मियों ने बुझाई आग वनाग्नि की रोकथाम एवं आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नैनीताल एवं हल्द्वानी वन प्रभागों में व्यापक स्तर पर वनाग्नि मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। नैनीताल में यह मॉक ड्रिल पाइन्स आईटीआई परिसर में आयोजित की गई। मॉक ड्रिल का आयोजन आकाश गंगवार, प्रभागीय वनाधिकारी, नैनीताल एवं ममता चंद, उप प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देशन में किया गया। काल्पनिक परिदृश्य के तहत सूचना प्राप्त हुई कि नैना रेंज बीट के कक्ष संख्या 3 एवं 4 में किसी व्यक्ति की लापरवाही से वनाग्नि फैल गई है। सूचना मिलते ही गठित विभिन्न टास्क फोर्स टीमों द्वारा न्यूनतम रिस्पांस टाइम में मौके पर पहुंचकर फायर लाइन एवं कंट्रोल फायर के माध्यम से आग पर नियंत्रण
पाया गया। मॉक ड्रिल के दौरान घायल व्यक्तियों को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान कर आगे के उपचार हेतु बी.डी. पांडे चिकित्सालय रेफर किया गया। इस दौरान वन विभाग के संचार केंद्र के साथ पुलिस संचार केंद्र भी सक्रिय रहा। मॉक ड्रिल में स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, बाल विकास विभाग, पशुपालन विभाग, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, उत्तराखंड रिजर्व पुलिस बल, कुमाऊं विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स, राजकीय औद्योगिक संस्थान तथा वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान विवेक राय, अपर जिलाधिकारी नैनीताल, जगदीश चंद्र, एसपी क्राइम, मेजर मनोज जोशी, एनडीआरएफ से लक्ष्मण थपियाल, एफएसओ देवेंद्र सिंह नेगी सहित विभिन्न टास्क फोर्स लीडर—वन क्षेत्र अधिकारी ललित मोहन कार्की, विजय भट्ट, योगेश चंद तिवारी, मनोज भगत, आनंद लाल एवं
प्रशिक्षित वन क्षेत्र अधिकारी अभय जोशी उपस्थित रहे। इसी क्रम में हल्द्वानी वन प्रभाग में कुंदन कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी, हल्द्वानी के निर्देशन में छकाता रेंज अंतर्गत हनुमानगढ़ी क्रू स्टेशन के समीप वनाग्नि मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग, सीआरपीएफ, गैर-सरकारी संगठन, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामवासी, युवा मंगल दल एवं महिला मंगल दल के सदस्यों ने सहभागिता की। मॉक ड्रिल के दौरान सभी अग्निशमन उपकरणों, सुरक्षा संसाधनों एवं वायरलेस संचार उपकरणों का परीक्षण किया गया। मास्टर कंट्रोल रूम के साथ संचार व्यवस्था की जांच की गई तथा फील्ड कर्मचारियों एवं लाइन विभागों को उनके दायित्वों के संबंध में ब्रीफ किया गया। वन विभाग मुख्यालय देहरादून द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से फायर पॉइंट्स के जीपीएस निर्देशांक साझा किए गए,
जिसके आधार पर फील्ड में कार्रवाई की गई। काल्पनिक स्थिति में फायर वॉचर के घायल होने की सूचना पर तत्काल एसडीआरएफ एवं चिकित्सा दल को तैनात किया गया। घायल को सुरक्षित निकालकर एम्बुलेंस के माध्यम से निकटतम सरकारी अस्पताल भेजा गया। आग के फैलने की सूचना पर अग्निशमन विभाग को बुलाया गया और स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कम समय में आग पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया गया। अंत में सभी टीमों के साथ डिब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर उप प्रभागीय अधिकारी गणेश जोशी, वन क्षेत्र अधिकारी लक्ष्मण सिंह मार्तोलिया, प्रदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना एवं वनाग्नि जैसी आपात स्थितियों में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।
- तूफान तो आपने बहुत देखे होंगे, लेकिन अंतरिक्ष से आने वाले इस तूफान को आपने कभी नहीं देखा होगा। ये सौर तूफान है, जो चुपचाप सूर्य में होने वाले विस्फोटों से निकलता है और पलक झपकते ही हमारे सैटेलाइटस को खत्म कर जाता है। इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रिक का यह सबसे बड़ा दुश्मन है। दुनियाभर के सौर वैज्ञानिक इस पर नजर रखते हैं। इनके बारे में कहानी लम्बी कभी और चर्चा करेंगे। फिलहाल आप इस भयानक खतरे वाले वीडियो को देखिए।1
- हरिद्वार के बहादुरपुर जट में सुबह-सुबह कार्रवाई के लिए पहुंची विजिलेंस टीम को स्थानीय युवकों के विरोध और हमले का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि टीम किसी शिकायत के आधार पर छापेमारी करने पहुंची थी, तभी मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने विरोध शुरू कर दिया, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। सूचना मिलते ही पथरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है।1
- अल्मोड़ा। वनाग्नि की संभावित घटनाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सिमतोला इको पार्क में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा। मॉक ड्रिल के तहत सुबह सिमतोला क्षेत्र में आग लगने की काल्पनिक सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय किया गया। वन चेतना केंद्र एनटीडी को स्टेजिंग एरिया बनाकर राहत और बचाव कार्यों का संचालन किया गया। वन विभाग की टीम ने फायर लाइन बनाकर और उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रदर्शन किया। पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर यातायात और भीड़ नियंत्रण संभाला। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों ने घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास किया, जबकि चिकित्सा विभाग ने प्राथमिक उपचार और एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई। आपदा प्रबंधन विभाग ने पूरे अभियान का समन्वय किया। अभ्यास के दौरान विभागों की तैयारियों का आकलन किया गया और सुधार के बिंदुओं पर चर्चा हुई। वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त चंद्रशेखर जोशी ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने कहा कि ऐसे अभ्यास आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को मजबूत करते हैं और जन-धन की हानि को कम करने में सहायक होते हैं। प्रशासन ने लोगों से वनाग्नि के प्रति सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित विभागों को देने की अपील की है। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी सिविल सोयम प्रभाग प्रदीप धौलाखंडी, आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल, रेंजर मनोज सनवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1
- कव्वाली अच्छी लगी हो तो लाइक करना फॉलो करना 🙏🙏👍👍1
- Post by शैल शक्ति1
- Post by Laxman bisht1
- *चम्पावत: सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026 की तैयारियों का जिलाधिकारी मनीष कुमार ने लिया जायजा,1
- *किसानों की आर्थिकी की मजबूती हेतु जो भी संभव होगा वह किया जाएगा* जिलाधिकारी *आर्थिक रूप से कमजोर लोगों हेतु लालकुआं में बनाए गए आवासों का किराया नहीं बढ़ेगा-जिलाधिकारी रयाल* मा० मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार प्रदेश में आम जनमानस को केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने तथा जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार* अभियान के दूसरे चरण के अंतर्गत जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में बुधवार को नगर पंचायत लालकुआं परिसर में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र से आए लोगों द्वारा सिंचाई, विद्युत, सड़क, पेयजल, आदि से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता से रखा। शिविर में नगर पंचायत लालकुआं अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सरकार द्वारा बनाए गए आवासों में रह रहे लोगों द्वारा अवगत कराया कि नगर पंचायत द्वारा उनका भवन किराया बढ़ाया जा रहा है, जिसे न बढ़ाए जाने की मांग परिवारों द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल कार्यवाही करते हुए अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लालकुआं को निर्देश दिए कि इन सभी परिवारों का भवन किराया न बढ़ाया जाय, पूर्व में निर्धारित दरों पर ही उनसे किराया लिया जाए। इसके साथ ही इन परिवारों द्वारा पेयजल की भी समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी, पेयजल की समस्या के संबंध में भी जिलाधिकारी ने जल स्थान को दो दिन के भीतर प्रत्येक परिवार के घर पर जाकर पेयजल की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त इन भवनों की जीर्ण शीर्ण स्थिति पर उप जिलाधिकारी एवं ईओ नगर पालिका को संबंधित कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के समन्वय कर तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। शिविर में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए किसानों द्वारा सिंचाई की समस्या से अवगत कराया। जिसमें अनेक गांवों में क्षतिग्रस्त सिंचाई गूल को शीघ्र मरम्मत कराए जाने, नई गूलों का निर्माण किए जाने, गूलों में हुए अतिक्रमण को हटाए जाने, बंद सिंचाई नहरों व गूलों की सफाई करने की मांग रखी गई। इन सभी समस्याओं को गंभीरता पूर्वक लेते हुए *जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों हेतु हर संभव मदद की जाएगी* उन्होंने सिंचाई एवं लघु सिंचाई एवं नलकूप विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को पर्याप्त सिंचाईं सुविधा मिले यह जिम्मेदारी विभागों की है उन्होंने इन सभी गूलों एवं नहरों की मरम्मत, सफाई करने के साथ ही नई गूलों के प्रस्ताव तैयार कर अगली जिला योजना में प्रस्तावित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने इन गूलों एवं नहरों में हुए *अतिक्रमण को भी तत्काल हटाने की कार्यवाही के निर्देश अधिकारियों को दिए।* उन्होंने कहा कि भविष्य में सिंचाई से संबंधित समस्या प्रकाश में नहीं आनी चाहिए जो भी कार्य कराए जाने हैं यथाशीघ्र कर लिए जाए ,इन कार्यों में किसी प्रकार की भी लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। शिविर में क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या के संबंध में भी ग्रामीणों द्वारा अवगत कराया,उन्होंने मांग की कि लो वोल्टेज के कारण सिंचाई पम्पिंग में भी समस्या उत्पन्न होती है, उन्होंने अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाने की मांग की गई,उक्त समस्या के समाधान हेतु जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को मौके पर जाकर अधिक क्षमता के ट्रांसफर लगाए जाने हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि लो वोल्टेज के कारण सिंचाई व्यवस्था में भी समस्या उत्पन्न होती है उक्त समस्या के समाधान हेतु विद्युत विभाग व नलकूप विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही करें। शिविर में कुल 105 शिकायतें दर्ज कराई गई जिसमें से अधिकांश समस्याओं का जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही निस्तारण कराया गया। शेष समस्याओं के 15 दिन के भीतर समाधान हेतु संबंधित विभागों को निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन समस्याओं का यहां समाधान नहीं हुआ संबंधित विभाग उनका निस्तारण करते हुए संबंधित को भी अवगत कराएंगे। इस दौरान विभिन्न व्यक्तियों द्वारा लालकुआं क्षेत्र में अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायत भी जिलाधिकारी के सम्मुख रखी जिस संबंध में जिलाधिकारी ने राजस्व, पुलिस व आबकारी विभाग को नियमित छापेमारी कार्यवाही के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों के बिक्री और प्रचलन के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है इसे संयुक्त रूप से अभियान लगातार क्षेत्र में जारी रहेगा। शिविर में पेपर मिल द्वारा खुले में डाले जा रहे गंदे पानी से हो रहे प्रदूषण की शिकायत जिलाधिकारी के सम्मुख रखी गई इस संबंध में जिलाधिकारी ने आस्वस्त कराया की उत्सर्जन के जो भी मानक होंगे वह सुनिश्चित कराए जाएंगे इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से जांच की जाएगी उत्सर्जन सुरक्षित रहेगा। शिविर में विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की समस्या से भी जिलाधिकारी को अवगत कराया गया,इस संबंध में पेयजल विभाग के अधिकारियों को समस्या के समाधान हेतु निर्देश दिए गए। इस दौरान विभिन्न लोगों द्वारा लंबे समय से रह रहे लोगों को भूमि मालिकाना हक दिलाए जाने के संबंध में आवेदन दिया गया जिस पर जिलाधिकारी ने अवगत कराया की इस संबंध में जिला स्तर पर कमेटी बनाई जा रही है शीघ्र ही कार्रवाई कराई जाएगी। शिविर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लालकुआं में एक्सरे मशीन उपलब्ध कराए जाने की मांग पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया की टेक्नीशियन न होने के कारण एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं जिस संबंध में जिलाधिकारी ने टेक्नीशियन का पद स्वीकृति हेतु शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश एसीएमओ को दिए। शिविर में गोला नदी में हो रहे भू कटाव की समस्या रखी गई इस संबंध में सिंचाई विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए। शिविर में गंगापुर कबड़वाल में घनी आबादी के बीच लगाए गए स्टोन क्रेशर के कारण हो रही समस्या व नुकसान आदि की समस्याएं रखी गई इस संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन समस्याओं का समाधान मौके पर नहीं हो पाया है, उन समस्याओं को संबंधित विभागीय अधिकारी सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवम् संतुष्टि के आधार पर निस्तारित करना सुनिश्चित करें। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 125 लोगों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा दी गई। इसी प्रकार आयुर्वेदिक विभाग द्वारा 60 व होम्योपैथिक विभाग द्वारा 55 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निशुल्क दवा दी गई। पंचायतीराज विभाग द्वारा 12 परिवार रजिस्टर की नकल दी गई, 8 जन्म-मृत्यु पंजीकरण किए गए,8 बीपीएल नकल दी गई। श्रम विभाग द्वारा 12 व्यक्तियों को को विभाग में पंजीकृत करने हेतु जानकारी देते हुए आवेदन प्रदान किए गए । पशुपालन विभाग द्वारा 24 पशुपालकों को वी विभागीय योजना से लाभान्वित किया गया। मतस्य विभाग द्वारा 3,विद्युत विभाग द्वारा 6, कृषि विभाग द्वारा 18,उद्यान विभाग द्वारा 14 व उद्योग विभाग द्वारा 10 लोगों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करते हुए जानकारी दी गयी। बाल विकास विभाग द्वारा 4 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की गई।नसहकारिता विभाग द्वारा 11 व्यक्तियों को विभागीय योजना की जानकारी दी गयी। समाज कल्याण विभाग द्वारा 7 लाभार्थियों को समाज कल्याण की योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविर में राजस्व विभाग द्वारा विभिन्न प्रमाण पत्र की कार्यवाही की गई। शिविर में 12 आधार कार्ड भी बनाए गए। इस दौरान अध्यक्ष नगर पंचायत लालकुआं सुरेन्द्र सिंह लौटनी, भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री दीपेंद्र कोश्यारी, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, ज्येष्ठ उप प्रमुख हल्द्वानी कमल भण्डारी, उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार,तहसीलदार कुलदीप पाण्डे सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्थानीय जनता सहित विभागों के अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित थे2