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बहुअरवा की मुख्य सड़क की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ हल्की सी बारिश ने ही स्थिति को बद से बदतर कर दिया है। बहुअरवा के युवाओं द्वारा भेजे गए वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि कीचड़, जलजमाव और जगह-जगह टूट चुकी सड़क के कारण लोगों का आवागमन अत्यंत मुश्किल हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग घायल हो चुके हैं और कुछ परिवारों ने तो अपने प्रियजनों को भी खो दिया है। बहुअरवा की जनता अब जनप्रतिनिधियों – विधायक, सांसद और सरकार – से सवाल कर रही है कि वे आखिर कब इस गंभीर समस्या की जिम्मेदारी लेंगे। जनता स्पष्ट करती है कि उन्हें अब केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहिए। इस आवाज को जिम्मेदार लोगों तक पहुँचाने के लिए इसे और आगे बढ़ाने की अपील की गई है।
Kishore Mahendra Paswan
बहुअरवा की मुख्य सड़क की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ हल्की सी बारिश ने ही स्थिति को बद से बदतर कर दिया है। बहुअरवा के युवाओं द्वारा भेजे गए वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि कीचड़, जलजमाव और जगह-जगह टूट चुकी सड़क के कारण लोगों का आवागमन अत्यंत मुश्किल हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग घायल हो चुके हैं और कुछ परिवारों ने तो अपने प्रियजनों को भी खो दिया है। बहुअरवा की जनता अब जनप्रतिनिधियों – विधायक, सांसद और सरकार – से सवाल कर रही है कि वे आखिर कब इस गंभीर समस्या की जिम्मेदारी लेंगे। जनता स्पष्ट करती है कि उन्हें अब केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहिए। इस आवाज को जिम्मेदार लोगों तक पहुँचाने के लिए इसे और आगे बढ़ाने की अपील की गई है।
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- दरभंगा जिले के पुतई वार्ड-1 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आज एक एलएस द्वारा निरीक्षण किया गया, लेकिन इस पर बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसे निरीक्षणों में क्या देखा जाता है। यह प्रश्न उठाया गया है कि यदि सही तरीके से निरीक्षण होता, तो केंद्र में पिछले एक साल से बिजली कटी होने और स्मार्ट मीटर रिचार्ज न होने जैसी समस्याएँ अब तक हल हो चुकी होतीं। ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें बच्चों के भोजन में कटौती करना, खाद्य सामग्री को बाहर भेज देना, एक केले को कई बच्चों में बांटना और बच्चों को नियमित रूप से दूध न देना शामिल है। इन आरोपों को बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा गया है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि यदि बच्चों को दूषित या पर्याप्त भोजन नहीं मिला और कोई बच्चा बीमार पड़ गया, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, और क्या हमारे बच्चे वास्तव में सुरक्षित हैं। संबंधित विभाग, सीडीपीओ, एलएस और प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग की गई है।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए थानाध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में फरार चल रहे दो वारंटियों और उत्पाद अधिनियम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। थानाध्यक्ष की इस सख्त कार्रवाई से पूरे इलाके के अपराधियों और कानून का उल्लंघन करने वालों में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, थानाध्यक्ष राहुल कुमार को क्षेत्र में कुछ वारंटियों और आरोपियों के छिपे होने की सटीक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही उन्होंने बिना समय गंवाए एक विशेष टीम का गठन किया और खुद कमान संभालते हुए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, जिससे आरोपियों को भागने का मौका नहीं मिला। गिरफ्तार किए गए लोगों में कुमरौली (वार्ड नंबर 01) के वेचू कामत (स्वर्गीय कामेश्वर कामत के पुत्र), गंगापुर के चंदन ठाकुर (दीना ठाकुर के पुत्र) और खोन के तारानंद कुमार (उपेंद्र साह के पुत्र) शामिल हैं। वेचू कामत को न्यायालय द्वारा जारी वारंट के आलोक में, चंदन ठाकुर को लंबे समय से फरार वारंटी के तौर पर और तारानंद कुमार को उत्पाद वाद/शराब कानून उल्लंघन के मामले में आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। नवहट्टा में थानाध्यक्ष राहुल कुमार की कड़क और निष्पक्ष कार्यशैली की स्थानीय बुद्धिजीवियों और आम जनता द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पदभार संभालने के बाद से क्षेत्र में गश्त बढ़ी है और अपराधियों पर लगाम कसी गई है। खासकर शराब तस्करों और न्यायालय के आदेशों को नजरअंदाज करने वाले फरार वारंटियों के खिलाफ पुलिस के इस सख्त रवैये से आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है। इस संबंध में, थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने कड़े शब्दों में कहा कि क्षेत्र में अमन-चैन और कानून का राज स्थापित करना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों, वारंटियों और शराब माफियाओं को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि आम जनता बिना किसी भय के शांतिपूर्वक रह सके।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर, बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र में एक सामूहिक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बाबू बरही के जिला पार्षद और भाजपा के वरिष्ठ नेता रणधीर खन्ना ने देवतुल्य जनता और कार्यकर्ताओं के साथ योग करने का सौभाग्य प्राप्त किया। रणधीर खन्ना ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित इस सामूहिक योग शिविर में भाग लेकर लोगों को योग के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योग केवल एक व्यायाम मात्र नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को आपस में जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण विज्ञान है।3
- मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड अंतर्गत पतौना थाना क्षेत्र के परसौनी गांव में शनिवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक लड़की लगभग 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार लड़की को सुरक्षित नीचे उतार लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लड़की ने यह गंभीर कदम पारिवारिक विवाद और डांट-फटकार से आहत होकर उठाया था। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और लड़की की उचित काउंसलिंग भी कराई जा रही है।1
- बिजली के एक अधिक प्रवाहित तार के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। वार्ड पार्षद निरंजन सिंह ने इस घटना के संबंध में बताया कि मृतक के परिजनों को सरकारी अनुदान प्रदान किया जाएगा, और परिवार के एक सदस्य को रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा।1
- Post by PTB gramin1
- बिहार सरकार के विरोध में एक अर्थी जुलूस निकालकर भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर का तीव्र विरोध किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए भरत भूषण तिवारी को एक देशभक्त बताया।1
- बहुअरवा की मुख्य सड़क की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है, जहाँ हल्की सी बारिश ने ही स्थिति को बद से बदतर कर दिया है। बहुअरवा के युवाओं द्वारा भेजे गए वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि कीचड़, जलजमाव और जगह-जगह टूट चुकी सड़क के कारण लोगों का आवागमन अत्यंत मुश्किल हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग घायल हो चुके हैं और कुछ परिवारों ने तो अपने प्रियजनों को भी खो दिया है। बहुअरवा की जनता अब जनप्रतिनिधियों – विधायक, सांसद और सरकार – से सवाल कर रही है कि वे आखिर कब इस गंभीर समस्या की जिम्मेदारी लेंगे। जनता स्पष्ट करती है कि उन्हें अब केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहिए। इस आवाज को जिम्मेदार लोगों तक पहुँचाने के लिए इसे और आगे बढ़ाने की अपील की गई है।1