कैम्पियरगंज क्षेत्र के भौराबारी जंगल में शनिवार को लगभग 55 वर्षीय एक महिला का खून से सना शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जंगल के सुनसान इलाके में शव मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई, जिसके बाद कैम्पियरगंज पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में महिला के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए हमले के गंभीर निशान मिले हैं, और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि महिला की हत्या जंगल में ही की गई थी या फिर कहीं और हत्या कर शव को यहां लाकर फेंका गया। घटनास्थल से मिले खून के निशानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी हुई है। शव मिलने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं; स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतका क्षेत्र की निवासी प्रतीत नहीं होती, हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना बनी हुई है। पुलिस आसपास के थानों से गुमशुदा महिलाओं की जानकारी जुटा रही है और विभिन्न माध्यमों से शव की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस का मानना है कि पहचान होने के बाद हत्या के कारणों और आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के प्रमाण मिले हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि महिला की पहचान कराने और घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
कैम्पियरगंज क्षेत्र के भौराबारी जंगल में शनिवार को लगभग 55 वर्षीय एक महिला का खून से सना शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जंगल के सुनसान इलाके में शव मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई, जिसके बाद कैम्पियरगंज पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में महिला के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए हमले के गंभीर निशान मिले हैं, और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि महिला की हत्या जंगल में ही की गई थी या फिर कहीं और हत्या कर शव को यहां लाकर फेंका गया। घटनास्थल से मिले खून के निशानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी हुई है। शव मिलने के
बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं; स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतका क्षेत्र की निवासी प्रतीत नहीं होती, हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना बनी हुई है। पुलिस आसपास के थानों से गुमशुदा महिलाओं की जानकारी जुटा रही है और विभिन्न माध्यमों से शव की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस का मानना है कि पहचान होने के बाद हत्या के कारणों और आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के प्रमाण मिले हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि महिला की पहचान कराने और घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
- दिल्ली के जनतर मंतर पर एक बड़े बवाल की खबर सामने आई है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है। इस घटनाक्रम के संबंध में यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना आज की प्रमुख खबरों में से एक है।1
- गोरखपुर के रामगढ़ ताल में नौका विहार के दौरान एक महिला ने किसी आपसी विवाद के बाद पानी में छलांग लगा दी। हालांकि, मौके पर मौजूद नाभिकों ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल कार्रवाई की, जिसके फलस्वरूप महिला की जान बच गई।1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा के निर्देश पर, आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से, थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडे ने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र में संध्याकालीन पैदल गश्त की। इस दौरान ताजिया जुलूस मार्ग का सघनता से भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। गश्त के दौरान, पुलिस टीम ने जुलूस मार्ग पर पड़ने वाले संवेदनशील स्थलों, प्रमुख चौराहों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों का विशेष तौर पर मुआयना किया। साथ ही, मार्ग में पड़ने वाले विद्युत तारों, अवरोधों और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थानों का भी परीक्षण किया गया, जिसकी जानकारी संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए तुरंत दी गई। थानाध्यक्ष ने ताजियेदारों, संभ्रांत नागरिकों और स्थानीय लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर उनसे पर्व को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के माहौल में मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी अफवाह, भ्रामक सूचना या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले कृत्यों के प्रति पूरी तरह सतर्क है और ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। पैदल गश्त के माध्यम से आमजन को सुरक्षा का एहसास दिलाया गया और उनसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया। पुलिस सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रख रही है, ताकि अफवाहों और भ्रामक प्रचार-प्रसार पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सके। थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पांडे ने संदेश दिया कि मोहर्रम का पर्व शांति, अनुशासन और आपसी सौहार्द का प्रतीक है, और सभी नागरिक प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करते हुए इस पर्व को शांतिपूर्ण एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराएं। महुली पुलिस ने "सुरक्षित पर्व, शांतिपूर्ण आयोजन एवं सौहार्दपूर्ण समाज" का संकल्प लिया है।4
- दिनांक 20/06/2026 को सिद्धार्थनगर जनपद की बांसी तहसील में प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर सक्रिय रूप से जुटा। जिलाधिकारी (DM) सिद्धार्थनगर शशांक शेखर की उपस्थिति में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 81 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इन प्राप्त शिकायतों में से 50 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। प्रशासन ने इन समस्याओं के प्रति तत्परता दिखाते हुए, मौके पर ही 10 मामलों का तत्काल निस्तारण किया, जिससे जनता को त्वरित राहत मिल सके।1
- उत्तर प्रदेश के निचलौल तहसील क्षेत्र की मदनपुरा गौशाला में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ता गौशाला की स्थिति का जायजा लेने पहुँचे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें लगभग दो घंटे तक गौशाला के मुख्य द्वार पर इंतज़ार करना पड़ा, क्योंकि कर्मचारियों ने गेट नहीं खोला। काफी मशक्कत के बाद जब गेट खोला गया, तो अंदर का नज़ारा देखकर सभी स्तब्ध रह गए; गौशाला परिसर में दो गायें मृत अवस्था में पड़ी थीं, जबकि एक अन्य गाय गंभीर हालत में तड़प रही थी। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मृत गायों की मौत कई घंटे पहले हो चुकी थी, उनकी आँखें कौवे नोच चुके थे और शव अकड़ चुके थे, जिससे अनुमान लगाया गया कि उनकी मृत्यु लगभग 10 से 12 घंटे पूर्व हुई होगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तत्काल पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी, जिसके बाद पशु चिकित्सकों ने बीमार गाय का इलाज शुरू किया। कार्यकर्ताओं ने गौशाला प्रबंधन और कर्मचारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विवाद तब और बढ़ गया जब कार्यकर्ताओं ने गौशाला परिसर के पीछे बड़ी संख्या में पशुओं की हड्डियाँ पड़ी देखीं। उनका आरोप है कि मृत गायों का उचित निस्तारण नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें खुले में फेंक दिया जाता है, जहाँ उनके शवों को जानवर नोचते हैं और अंततः केवल हड्डियाँ ही बचती हैं। कार्यकर्ताओं ने इन हड्डियों को मौके पर मौजूद अधिकारियों को दिखाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की। मामले की सूचना पर तहसीलदार अमित सिंह और खंड विकास अधिकारी मिठौरा मौके पर पहुँचे और प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। हालांकि, बजरंग दल कार्यकर्ताओं, जिनमें राहुल गुप्ता (जिला गौ रक्षा प्रमुख), चंदन दुबे और विवेक शामिल थे, ने इसे पहली घटना मानने से इनकार किया। उनका आरोप है कि गौशाला में लगातार गायों की मौत हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। इसी बात को लेकर कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही धरना-जैसा विरोध शुरू कर दिया और उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाद में पुलिस बल भी मौके पर पहुँचा और प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन वाहन में बैठाने की कोशिश की गई, और एक कार्यकर्ता ने धक्का-मुक्की में अपना गला दबाए जाने से चोट लगने का आरोप लगाया। उधर, प्रशासन की मौजूदगी में मृत गायों के शवों को ट्रेलर में रखकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि गौशाला प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और गायों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे।1
- महराजगंज जनपद के नौतनवा विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम शेष फरेन्दा में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां गांव की पोखरी पर बना सुंदरीकरण गेट अचानक ढह जाने से मलबे में दबकर एक मासूम बच्चे की जान चली गई। इस घटना को 'भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी' ज़िंदगी बताया जा रहा है। घटना के तुरंत बाद परिजन बच्चे को आनन-फानन में अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।1
- गोरखपुर में मुस्लिम समाज के लोग 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर क्या विचार रखते हैं, इस पर चर्चा की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के एक मुसलमान ने राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर मुख्यमंत्री योगी से अपनी मांग रखी है।1
- महराजगंज जिले के मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र स्थित मदनपुरा गोसदन में शनिवार को दो गौवंशीय पशुओं की मौत के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने गोसदन में व्याप्त अव्यवस्था और लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार अमित कुमार सिंह और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे। इस दौरान, जब मृत पशुओं को जेसीबी से हटाने का प्रयास किया गया, तो बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इसका कड़ा विरोध किया, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एस.एन. भट्ट ने पुष्टि की है कि दो पशुओं की मौत हुई है और एक अन्य पशु का उपचार चल रहा है। प्रशासन इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।1