उत्तर प्रदेश के निचलौल तहसील क्षेत्र की मदनपुरा गौशाला में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ता गौशाला की स्थिति का जायजा लेने पहुँचे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें लगभग दो घंटे तक गौशाला के मुख्य द्वार पर इंतज़ार करना पड़ा, क्योंकि कर्मचारियों ने गेट नहीं खोला। काफी मशक्कत के बाद जब गेट खोला गया, तो अंदर का नज़ारा देखकर सभी स्तब्ध रह गए; गौशाला परिसर में दो गायें मृत अवस्था में पड़ी थीं, जबकि एक अन्य गाय गंभीर हालत में तड़प रही थी। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मृत गायों की मौत कई घंटे पहले हो चुकी थी, उनकी आँखें कौवे नोच चुके थे और शव अकड़ चुके थे, जिससे अनुमान लगाया गया कि उनकी मृत्यु लगभग 10 से 12 घंटे पूर्व हुई होगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तत्काल पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी, जिसके बाद पशु चिकित्सकों ने बीमार गाय का इलाज शुरू किया। कार्यकर्ताओं ने गौशाला प्रबंधन और कर्मचारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विवाद तब और बढ़ गया जब कार्यकर्ताओं ने गौशाला परिसर के पीछे बड़ी संख्या में पशुओं की हड्डियाँ पड़ी देखीं। उनका आरोप है कि मृत गायों का उचित निस्तारण नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें खुले में फेंक दिया जाता है, जहाँ उनके शवों को जानवर नोचते हैं और अंततः केवल हड्डियाँ ही बचती हैं। कार्यकर्ताओं ने इन हड्डियों को मौके पर मौजूद अधिकारियों को दिखाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की। मामले की सूचना पर तहसीलदार अमित सिंह और खंड विकास अधिकारी मिठौरा मौके पर पहुँचे और प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। हालांकि, बजरंग दल कार्यकर्ताओं, जिनमें राहुल गुप्ता (जिला गौ रक्षा प्रमुख), चंदन दुबे और विवेक शामिल थे, ने इसे पहली घटना मानने से इनकार किया। उनका आरोप है कि गौशाला में लगातार गायों की मौत हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। इसी बात को लेकर कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही धरना-जैसा विरोध शुरू कर दिया और उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाद में पुलिस बल भी मौके पर पहुँचा और प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन वाहन में बैठाने की कोशिश की गई, और एक कार्यकर्ता ने धक्का-मुक्की में अपना गला दबाए जाने से चोट लगने का आरोप लगाया। उधर, प्रशासन की मौजूदगी में मृत गायों के शवों को ट्रेलर में रखकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि गौशाला प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और गायों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
उत्तर प्रदेश के निचलौल तहसील क्षेत्र की मदनपुरा गौशाला में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ता गौशाला की स्थिति का जायजा लेने पहुँचे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें लगभग दो घंटे तक गौशाला के मुख्य द्वार पर इंतज़ार करना पड़ा, क्योंकि कर्मचारियों ने गेट नहीं खोला। काफी मशक्कत के बाद जब गेट खोला गया, तो अंदर का नज़ारा देखकर सभी स्तब्ध रह गए; गौशाला परिसर में दो गायें मृत अवस्था में पड़ी थीं, जबकि एक अन्य गाय गंभीर हालत में तड़प रही थी। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मृत गायों की मौत कई घंटे पहले हो चुकी थी, उनकी आँखें कौवे नोच चुके थे और शव अकड़ चुके थे, जिससे अनुमान लगाया गया कि उनकी मृत्यु लगभग 10 से 12 घंटे पूर्व हुई होगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तत्काल पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी, जिसके बाद पशु चिकित्सकों ने बीमार गाय का इलाज शुरू किया। कार्यकर्ताओं ने गौशाला प्रबंधन और कर्मचारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विवाद तब और बढ़ गया जब कार्यकर्ताओं ने गौशाला परिसर के पीछे बड़ी संख्या में पशुओं की हड्डियाँ पड़ी देखीं। उनका आरोप है कि मृत गायों का उचित निस्तारण नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें खुले में फेंक दिया जाता है, जहाँ उनके शवों को जानवर नोचते हैं और अंततः केवल हड्डियाँ ही बचती हैं। कार्यकर्ताओं ने इन हड्डियों को मौके पर मौजूद अधिकारियों को दिखाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की। मामले की सूचना पर तहसीलदार अमित सिंह और खंड विकास अधिकारी मिठौरा मौके पर पहुँचे और प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। हालांकि, बजरंग दल कार्यकर्ताओं, जिनमें राहुल गुप्ता (जिला गौ रक्षा प्रमुख), चंदन दुबे और विवेक शामिल थे, ने इसे पहली घटना मानने से इनकार किया। उनका आरोप है कि गौशाला में लगातार गायों की मौत हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। इसी बात को लेकर कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही धरना-जैसा विरोध शुरू कर दिया और उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाद में पुलिस बल भी मौके पर पहुँचा और प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन वाहन में बैठाने की कोशिश की गई, और एक कार्यकर्ता ने धक्का-मुक्की में अपना गला दबाए जाने से चोट लगने का आरोप लगाया। उधर, प्रशासन की मौजूदगी में मृत गायों के शवों को ट्रेलर में रखकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि गौशाला प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और गायों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
- महाराजगंज के चौक बाज़ार में एक ठेला वाले अपने स्वादिष्ट मटर के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं। उनके द्वारा बनाए गए मटर को लोग बेहद पसंद करते हैं और यह अपनी ख़ास गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।2
- पंडित देवीशरण शास्त्री ने समस्याओं से चिंतित व्यक्तियों को बिना किसी झिझक के उनसे फोन पर संपर्क करने का आह्वान किया है, जहाँ उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया है। इच्छुक व्यक्ति उनसे संपर्क सूत्र 6307689226 पर बात कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, स्टार पब्लिक न्यूज़ द्वारा आज दिनांक 20-06-2026 की सभी चंद्र राशियों का दैनिक राशिफल भी जारी किया गया है।1
- महाराजगंज में पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर अपने अभियान को और सख्त कर दिया है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में, महाराजगंज पुलिस ने फरेंदा-सोनौली इंटरनेशनल हाईवे-24 पर विशेष कार्रवाई की है। इस दौरान, स्पीड राडार गन का उपयोग कर वाहनों की गति की जाँच की गई और तय सीमा से अधिक गति से चलने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस ने इस अभियान के तहत वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित तथा जिम्मेदारी से वाहन चलाने की अपील भी की। उन्हें विशेष रूप से यह चेतावनी दी गई कि तेज रफ्तार जानलेवा हो सकती है, इसलिए नियमों का पालन करना और सुरक्षित रहना अत्यंत आवश्यक है।1
- महराजगंज के नौतनवा विकास खण्ड के ग्राम शेष फरेन्दा में भ्रष्टाचार का एक वीभत्स परिणाम सामने आया है, जहाँ गाँव की एक पोखरी पर निर्मित सुंदरीकरण गेट ढह जाने से उसके मलबे के नीचे दबकर एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने स्थानीय लोगों में गहरा रोष उत्पन्न कर दिया है और यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी मासूम की ज़िंदगी का दर्दनाक उदाहरण बन गई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे और उन्होंने मासूम को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, प्राथमिक उपचार के दौरान ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद खबर के बाद से ही मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और पूरे घर में मातम पसरा हुआ है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुँची और घटना की जांच पड़ताल में जुट गई है।2
- महराजगंज के फरेंदा तहसील परिसर में आयोजित तहसील समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी (डीएम) और अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस कार्यक्रम में राजस्व, पुलिस, विकास और अन्य विभागों से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई, जहाँ बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचे थे। अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।1
- महाराजगंज जिले की पुरन्दरपुर पुलिस ने दान-दक्षिणा और पूजा-पाठ के बहाने लोगों को ठगकर आभूषण चुराने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुशीनगर जनपद के पडरौना थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर खुर्द निवासी अखिलेश पाण्डेय (37), शेरा पाण्डेय (40) और चन्दन पाण्डेय (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से नकदी और एक सोने की नथुनी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे दान-दक्षिणा मांगने या पूजा-पाठ कराने के बहाने घरों में घुसते थे। इसके बाद वे लोगों को बातों में उलझाकर महिलाओं के पहने हुए कीमती गहने चोरी कर लेते थे। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि ग्राम देवपुर में 6 जून 2026 को हुई चोरी की घटना को भी इन्हीं आरोपियों ने अंजाम दिया था। चोरी किए गए गहनों को नेपाल में बेचा गया था, और उसी बिक्री से प्राप्त ₹5760 नकद राशि उनके पास से बरामद की गई है। यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी फरेन्दा दीपशिखा वर्मा के पर्यवेक्षण में और प्रभारी निरीक्षक गौरव कन्नौजिया के नेतृत्व में पुरन्दरपुर पुलिस टीम द्वारा की गई। टीम ने 18 जून की रात करीब 11:40 बजे मधुकरपुर महदेवा स्थित पुराने पंचायत भवन के पास से इन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से ₹5760 नकद, एक सोने की नथुनी और एक हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल भी बरामद की है। ग्राम देवपुर निवासी गोविन्द चौरसिया की तहरीर पर थाना पुरन्दरपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राहुल यादव, हेड कांस्टेबल संतोष राव, कांस्टेबल सतीश कुमार, नीरज कुमार, मिथलेश कुमार और देवेन्द्र खरवार शामिल थे। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- महराजगंज जिले में परिवहन विभाग ने बकाया वाहन कर की वसूली के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। जिले के कुल 1040 वाहनों पर लगभग ₹9.95 करोड़ का टैक्स बकाया है। इस बकाया राशि को वसूलने के लिए वाहन स्वामियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। यदि वाहन मालिक 45 दिनों के भीतर अपना बकाया टैक्स जमा नहीं करते हैं, तो रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे और राजस्व विभाग के माध्यम से कड़ी वसूली की जाएगी।1
- NH 24 पर पैसिया बाबू के समीप शुक्रवार शाम हुई एक सड़क दुर्घटना में तीन लोग घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब कोल्हूई निवासी वीरेंद्र यादव अपनी बाइक से घर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक अन्य बाइक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइकों पर सवार सभी लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए।2