महाराजगंज जिले की पुरन्दरपुर पुलिस ने दान-दक्षिणा और पूजा-पाठ के बहाने लोगों को ठगकर आभूषण चुराने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुशीनगर जनपद के पडरौना थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर खुर्द निवासी अखिलेश पाण्डेय (37), शेरा पाण्डेय (40) और चन्दन पाण्डेय (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से नकदी और एक सोने की नथुनी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे दान-दक्षिणा मांगने या पूजा-पाठ कराने के बहाने घरों में घुसते थे। इसके बाद वे लोगों को बातों में उलझाकर महिलाओं के पहने हुए कीमती गहने चोरी कर लेते थे। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि ग्राम देवपुर में 6 जून 2026 को हुई चोरी की घटना को भी इन्हीं आरोपियों ने अंजाम दिया था। चोरी किए गए गहनों को नेपाल में बेचा गया था, और उसी बिक्री से प्राप्त ₹5760 नकद राशि उनके पास से बरामद की गई है। यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी फरेन्दा दीपशिखा वर्मा के पर्यवेक्षण में और प्रभारी निरीक्षक गौरव कन्नौजिया के नेतृत्व में पुरन्दरपुर पुलिस टीम द्वारा की गई। टीम ने 18 जून की रात करीब 11:40 बजे मधुकरपुर महदेवा स्थित पुराने पंचायत भवन के पास से इन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से ₹5760 नकद, एक सोने की नथुनी और एक हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल भी बरामद की है। ग्राम देवपुर निवासी गोविन्द चौरसिया की तहरीर पर थाना पुरन्दरपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राहुल यादव, हेड कांस्टेबल संतोष राव, कांस्टेबल सतीश कुमार, नीरज कुमार, मिथलेश कुमार और देवेन्द्र खरवार शामिल थे। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
महाराजगंज जिले की पुरन्दरपुर पुलिस ने दान-दक्षिणा और पूजा-पाठ के बहाने लोगों को ठगकर आभूषण चुराने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुशीनगर जनपद के पडरौना थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर खुर्द निवासी अखिलेश पाण्डेय (37), शेरा पाण्डेय (40) और चन्दन पाण्डेय (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से नकदी और एक सोने की नथुनी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे दान-दक्षिणा मांगने या पूजा-पाठ कराने के बहाने घरों में घुसते थे। इसके बाद वे लोगों को बातों में उलझाकर महिलाओं के पहने हुए कीमती गहने चोरी कर लेते थे। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि ग्राम देवपुर में 6 जून 2026 को हुई चोरी की घटना को भी इन्हीं आरोपियों ने अंजाम दिया था। चोरी किए गए गहनों को नेपाल में बेचा गया था, और उसी बिक्री से प्राप्त ₹5760 नकद राशि उनके पास से बरामद की गई है। यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी फरेन्दा दीपशिखा वर्मा के पर्यवेक्षण में और प्रभारी निरीक्षक गौरव कन्नौजिया के नेतृत्व में पुरन्दरपुर पुलिस टीम द्वारा की गई। टीम ने 18 जून की रात करीब 11:40 बजे मधुकरपुर महदेवा स्थित पुराने पंचायत भवन के पास से इन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से ₹5760 नकद, एक सोने की नथुनी और एक हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल भी बरामद की है। ग्राम देवपुर निवासी गोविन्द चौरसिया की तहरीर पर थाना पुरन्दरपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राहुल यादव, हेड कांस्टेबल संतोष राव, कांस्टेबल सतीश कुमार, नीरज कुमार, मिथलेश कुमार और देवेन्द्र खरवार शामिल थे। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- महराजगंज पुलिस ने आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से आज, 20.06.2026 को, एक मोटरसाइकिल रूट मार्च का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक महराजगंज श्री शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी फरेंदा सुश्री दीपशिखा वर्मा के नेतृत्व में, थाना पुरन्दरपुर पुलिस ने अपने क्षेत्र के संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान ग्राम रानीपुर, सेमरा महराज, ताल्ही, समरधीरा, भगवानपुर, हर्रैया रघुवीर, मोहनपुर, लालाइन पैसिया, कस्बा लक्ष्मीपुर, राजमंदिर और राजधानी सहित अन्य क्षेत्रों का दौरा किया गया। रूट मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने आमजन से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। पुलिस ने असामाजिक और अराजक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने, किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए लोगों को जागरूक किया। जनपद महराजगंज पुलिस ने स्पष्ट किया कि वह आगामी मोहर्रम पर्व को सकुशल एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पूरी तरह सतर्क एवं सजग है।1
- गोरखपुर के भौराबारी जंगल में लगभग 55 वर्षीय एक अज्ञात महिला का खून से लथपथ शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतका के शरीर पर धारदार हथियार से हमले के निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और तुरंत जांच में जुट गई। महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, जिससे यह मामला और अधिक उलझ गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि आगे की जांच की जा सके। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या महिला की हत्या जंगल में ही की गई थी, या कहीं और हत्या करने के बाद उसके शव को भौराबारी जंगल में लाकर फेंका गया है। मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस हर पहलू पर बारीकी से काम कर रही है।1
- महाराजगंज के मदनपुरा गौ सदन में गायों की मौत के मामले को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना के कारण गौ सदन में काफी बवाल देखने को मिला, जहाँ कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। विरोध प्रदर्शन के दौरान, मौके पर पुलिस और प्रशासन मौजूद थे, जिन्होंने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हटाया। इस पूरे प्रकरण में गौ सदन की व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के निचलौल तहसील क्षेत्र की मदनपुरा गौशाला में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ता गौशाला की स्थिति का जायजा लेने पहुँचे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें लगभग दो घंटे तक गौशाला के मुख्य द्वार पर इंतज़ार करना पड़ा, क्योंकि कर्मचारियों ने गेट नहीं खोला। काफी मशक्कत के बाद जब गेट खोला गया, तो अंदर का नज़ारा देखकर सभी स्तब्ध रह गए; गौशाला परिसर में दो गायें मृत अवस्था में पड़ी थीं, जबकि एक अन्य गाय गंभीर हालत में तड़प रही थी। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मृत गायों की मौत कई घंटे पहले हो चुकी थी, उनकी आँखें कौवे नोच चुके थे और शव अकड़ चुके थे, जिससे अनुमान लगाया गया कि उनकी मृत्यु लगभग 10 से 12 घंटे पूर्व हुई होगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तत्काल पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी, जिसके बाद पशु चिकित्सकों ने बीमार गाय का इलाज शुरू किया। कार्यकर्ताओं ने गौशाला प्रबंधन और कर्मचारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विवाद तब और बढ़ गया जब कार्यकर्ताओं ने गौशाला परिसर के पीछे बड़ी संख्या में पशुओं की हड्डियाँ पड़ी देखीं। उनका आरोप है कि मृत गायों का उचित निस्तारण नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें खुले में फेंक दिया जाता है, जहाँ उनके शवों को जानवर नोचते हैं और अंततः केवल हड्डियाँ ही बचती हैं। कार्यकर्ताओं ने इन हड्डियों को मौके पर मौजूद अधिकारियों को दिखाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की। मामले की सूचना पर तहसीलदार अमित सिंह और खंड विकास अधिकारी मिठौरा मौके पर पहुँचे और प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। हालांकि, बजरंग दल कार्यकर्ताओं, जिनमें राहुल गुप्ता (जिला गौ रक्षा प्रमुख), चंदन दुबे और विवेक शामिल थे, ने इसे पहली घटना मानने से इनकार किया। उनका आरोप है कि गौशाला में लगातार गायों की मौत हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। इसी बात को लेकर कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही धरना-जैसा विरोध शुरू कर दिया और उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाद में पुलिस बल भी मौके पर पहुँचा और प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन वाहन में बैठाने की कोशिश की गई, और एक कार्यकर्ता ने धक्का-मुक्की में अपना गला दबाए जाने से चोट लगने का आरोप लगाया। उधर, प्रशासन की मौजूदगी में मृत गायों के शवों को ट्रेलर में रखकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि गौशाला प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और गायों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे।1
- महाराजगंज जिले की पुरन्दरपुर पुलिस ने दान-दक्षिणा और पूजा-पाठ के बहाने लोगों को ठगकर आभूषण चुराने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुशीनगर जनपद के पडरौना थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर खुर्द निवासी अखिलेश पाण्डेय (37), शेरा पाण्डेय (40) और चन्दन पाण्डेय (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से नकदी और एक सोने की नथुनी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे दान-दक्षिणा मांगने या पूजा-पाठ कराने के बहाने घरों में घुसते थे। इसके बाद वे लोगों को बातों में उलझाकर महिलाओं के पहने हुए कीमती गहने चोरी कर लेते थे। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि ग्राम देवपुर में 6 जून 2026 को हुई चोरी की घटना को भी इन्हीं आरोपियों ने अंजाम दिया था। चोरी किए गए गहनों को नेपाल में बेचा गया था, और उसी बिक्री से प्राप्त ₹5760 नकद राशि उनके पास से बरामद की गई है। यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी फरेन्दा दीपशिखा वर्मा के पर्यवेक्षण में और प्रभारी निरीक्षक गौरव कन्नौजिया के नेतृत्व में पुरन्दरपुर पुलिस टीम द्वारा की गई। टीम ने 18 जून की रात करीब 11:40 बजे मधुकरपुर महदेवा स्थित पुराने पंचायत भवन के पास से इन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से ₹5760 नकद, एक सोने की नथुनी और एक हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल भी बरामद की है। ग्राम देवपुर निवासी गोविन्द चौरसिया की तहरीर पर थाना पुरन्दरपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राहुल यादव, हेड कांस्टेबल संतोष राव, कांस्टेबल सतीश कुमार, नीरज कुमार, मिथलेश कुमार और देवेन्द्र खरवार शामिल थे। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- कैम्पियरगंज क्षेत्र के भौराबारी जंगल में शनिवार को लगभग 55 वर्षीय एक महिला का खून से सना शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। जंगल के सुनसान इलाके में शव मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई, जिसके बाद कैम्पियरगंज पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में महिला के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए हमले के गंभीर निशान मिले हैं, और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि महिला की हत्या जंगल में ही की गई थी या फिर कहीं और हत्या कर शव को यहां लाकर फेंका गया। घटनास्थल से मिले खून के निशानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी हुई है। शव मिलने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं; स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतका क्षेत्र की निवासी प्रतीत नहीं होती, हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना बनी हुई है। पुलिस आसपास के थानों से गुमशुदा महिलाओं की जानकारी जुटा रही है और विभिन्न माध्यमों से शव की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस का मानना है कि पहचान होने के बाद हत्या के कारणों और आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के प्रमाण मिले हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि महिला की पहचान कराने और घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।2