जमुई जिले के सोनो प्रखंड की दहियारी पंचायत स्थित आसनातरी गांव में आज भी एक भी सरकारी विद्यालय नहीं है। लगभग 300 की आबादी वाले इस गांव के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए रोजाना घने जंगल को पार कर बटिया जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई बच्चे मजबूरी में निजी विद्यालयों में पढ़ रहे हैं, जिससे अभिभावकों को महंगी फीस और बच्चों की सुरक्षा दोनों की चिंता सताती रहती है। जंगली जानवरों के डर के कारण माता-पिता रोज बच्चों को मुख्य सड़क तक छोड़ने और छुट्टी के बाद वापस लेने जाते हैं। इस विकट स्थिति से निजात पाने के लिए ग्रामीणों और छात्रों ने गांव में जल्द से जल्द सरकारी प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके तथा उन्हें प्रतिदिन जंगल पार करने की मजबूरी से राहत मिले।
जमुई जिले के सोनो प्रखंड की दहियारी पंचायत स्थित आसनातरी गांव में आज भी एक भी सरकारी विद्यालय नहीं है। लगभग 300 की आबादी वाले इस गांव के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए रोजाना घने जंगल को पार कर बटिया जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई बच्चे मजबूरी में निजी विद्यालयों में पढ़ रहे हैं, जिससे अभिभावकों को महंगी फीस और बच्चों की सुरक्षा दोनों की चिंता सताती रहती है। जंगली जानवरों के डर के कारण माता-पिता रोज बच्चों को मुख्य सड़क तक छोड़ने और छुट्टी के बाद वापस लेने जाते हैं। इस विकट स्थिति से निजात पाने के लिए ग्रामीणों और छात्रों ने गांव में जल्द से जल्द सरकारी प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके तथा उन्हें प्रतिदिन जंगल पार करने की मजबूरी से राहत मिले।
- जमुई जिले के सोनो प्रखंड की दहियारी पंचायत स्थित आसनातरी गांव में आज भी एक भी सरकारी विद्यालय नहीं है। लगभग 300 की आबादी वाले इस गांव के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए रोजाना घने जंगल को पार कर बटिया जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई बच्चे मजबूरी में निजी विद्यालयों में पढ़ रहे हैं, जिससे अभिभावकों को महंगी फीस और बच्चों की सुरक्षा दोनों की चिंता सताती रहती है। जंगली जानवरों के डर के कारण माता-पिता रोज बच्चों को मुख्य सड़क तक छोड़ने और छुट्टी के बाद वापस लेने जाते हैं। इस विकट स्थिति से निजात पाने के लिए ग्रामीणों और छात्रों ने गांव में जल्द से जल्द सरकारी प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके तथा उन्हें प्रतिदिन जंगल पार करने की मजबूरी से राहत मिले।1
- बिहार के लाला के लिए पूरे उत्साह और गर्व के साथ सराहना व्यक्त करते हुए कहा गया है, "जिया हो बिहार के लाला जी"।1
- जमुई में शेयर मार्केट क्लास सीखने के लिए इच्छुक लोग दिए गए मोबाइल नंबर 7050773787 पर संपर्क कर सकते हैं। यह विशेष ऑफर केवल सीमित समय के लिए ही उपलब्ध कराया गया है।1
- लोकतंत्र की असली कामयाबी तभी संभव है जब देश की जनता में सत्ता के दुरुपयोग को रोकने की पूरी क्षमता होगी। सत्ता के गलत इस्तेमाल को रोकने की जनता की यही शक्ति लोकतंत्र को असल मायनों में सफल बनाती है।1
- जमुई जिले के चकाई मुख्य चौक पर लंबे समय से बनी जलजमाव की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में शनिवार को एनएच डिवीजन लखीसराय–मुंगेर की एक उच्चस्तरीय टीम ने चकाई मुख्य चौक का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों की इस टीम ने मौके पर जाकर नाले की गहराई, जल निकासी व्यवस्था और पूरे ड्रेनेज सिस्टम का बारीकी से जायजा लिया। इस निरीक्षण दल में कार्यपालक अभियंता रंजीत कुमार, सहायक अभियंता रामप्रवेश चौधरी और कनीय अभियंता सीता कुमारी शामिल थे। इन अधिकारियों ने मौके पर मौजूद स्थानीय दुकानदारों और आम लोगों से भी सीधा संवाद किया और इस जलजमाव के कारण उन्हें होने वाली विभिन्न समस्याओं को सुना। एनएच विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय जनता और दुकानदारों को भरोसा दिलाया है कि आगामी श्रावणी मेला शुरू होने से पहले ही इस जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान ढूंढने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। विभाग का मुख्य उद्देश्य है कि देवघर जाने वाले कांवरियों और यहां के स्थानीय नागरिकों को आने वाले समय में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- जमुई के सिकंदरा में एक महिला के साथ कथित रूप से दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। वारदात का विरोध करने पर महिला के साथ मारपीट भी की गई है। घटना को अंजाम देने के बाद से आरोपी फरार है।1