एकता और भाईचारे का प्रतीक: सय्यद खुर्द साहब का आस्ताना 477वें उर्स की तैयारियां अंतिम दौर में लखीमपुर खीरी-खीरी टाउन। मोहल्ला सय्यदवाड़ा स्थित हज़रत सय्यद जलालुद्दीन उर्फ़ सय्यद खुर्द साहब (रह.) की दरगाह पर 477वें सालाना उर्स की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आस्ताना इन दिनों रौनक से गुलजार है और साफ-सफाई व सजावट का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। उर्स का आगाज़ 31 मार्च को मीलाद शरीफ, ग़ुस्ल और गागर चादर की रस्म के साथ होगा, जिसके बाद महफिले समा आयोजित की जाएगी। वहीं 1 अप्रैल को बाद नमाज़-ए-इशा महफिले मीलाद व महफिले समा का आयोजन किया जाएगा और सुबह 4 बजे कुल की रस्म अदा की जाएगी। जानकारी के अनुसार, सय्यद खुर्द साहब (रह.) बड़े मखदूम साहब खैराबादी (रह.) के खलीफा थे और सिलसिला-ए-चिश्तिया के प्रमुख बुजुर्गों में शुमार किए जाते हैं। उनके दादा पीर शाह मीना शाह लखनवी (रह.) भी अपने दौर के प्रसिद्ध सूफी संत रहे हैं। दरगाह के खादिम मोहम्मद हारून चिश्ती अपने वालिद मोहम्मद हनीफ कुरैशी के साथ मिलकर तैयारियों की देखरेख कर रहे हैं। आस्ताने पर पेंटिंग, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। खादिम हारून मियां चिश्ती ने बताया कि उर्स की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बाहर से आने वाले ज़ायरीनों के लिए ठहरने व लंगर का बेहतर इंतजाम किया गया है। उन्होंने कस्बे की तमाम अवाम से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर उर्स के कुल की रस्म में शिरकत करें और इस मुबारक मौके का हिस्सा बनें।
एकता और भाईचारे का प्रतीक: सय्यद खुर्द साहब का आस्ताना 477वें उर्स की तैयारियां अंतिम दौर में लखीमपुर खीरी-खीरी टाउन। मोहल्ला सय्यदवाड़ा स्थित हज़रत सय्यद जलालुद्दीन उर्फ़ सय्यद खुर्द साहब (रह.) की दरगाह पर 477वें सालाना उर्स की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आस्ताना इन दिनों रौनक से गुलजार है और साफ-सफाई व सजावट का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। उर्स का आगाज़ 31 मार्च को मीलाद शरीफ, ग़ुस्ल और गागर चादर की रस्म के साथ होगा, जिसके बाद महफिले समा आयोजित की जाएगी। वहीं 1 अप्रैल को बाद नमाज़-ए-इशा महफिले मीलाद व महफिले समा का आयोजन किया जाएगा और सुबह 4 बजे कुल की रस्म अदा की जाएगी। जानकारी के अनुसार, सय्यद खुर्द साहब (रह.) बड़े मखदूम साहब खैराबादी (रह.) के खलीफा थे और सिलसिला-ए-चिश्तिया के प्रमुख बुजुर्गों में शुमार किए जाते हैं। उनके दादा पीर शाह मीना शाह लखनवी (रह.) भी अपने दौर के प्रसिद्ध सूफी संत रहे हैं। दरगाह के खादिम मोहम्मद हारून चिश्ती अपने वालिद मोहम्मद हनीफ कुरैशी के साथ मिलकर तैयारियों की देखरेख कर रहे हैं। आस्ताने पर पेंटिंग, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। खादिम हारून मियां चिश्ती ने बताया कि उर्स की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बाहर से आने वाले ज़ायरीनों के लिए ठहरने व लंगर का बेहतर इंतजाम किया गया है। उन्होंने कस्बे की तमाम अवाम से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर उर्स के कुल की रस्म में शिरकत करें और इस मुबारक मौके का हिस्सा बनें।
- cm योगी मैं आस्था में विश्वास करता हूं, सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं, लेकिन अंधविश्वास को कतई नहीं मानता...1
- लखीमपुर खीरी। नौरंगाबाद निवासी शहीद इंद्रजीत गुप्ता को उनके पैतृक गांव पकरिया, सीतापुर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा जैसे ही गांव पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। हजारों की भीड़ ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को विदाई दी। अंतिम यात्रा के दौरान “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। लोगों ने शहीद की वीरता और बलिदान को नमन करते हुए पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के लोग और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने शहीद इंद्रजीत गुप्ता के बलिदान को याद करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। शहीद के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा और क्षेत्रवासियों ने गर्व के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। 🇮🇳1
- Post by Kailash Gupta1
- कल जो वीडियो वायरल हुआ था कस्ता भारत गैस एजेंसी के संबंध में उसे विकलांग व्यक्ति ने स्वयं बगैर किसी जोर दबाव के अपना वीडियो वायरल किया है उसका कहना है कि उसे वीडियो से हमारा कोई लेना-देना नहीं है1
- लखीमपुर,,, आज फिर गूंजा विधायक थप्पड़ कांड.... मंच से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने क्या कहा सुनिए1
- लखीमपुर। शहर के बिलोवी मैदान में आयोजित विशाल संकल्प रैली में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपने संबोधन के दौरान कथित “विधायक थप्पड़ कांड” का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि खीरी में एक ओबीसी समाज के विधायक के साथ थप्पड़ मारने की घटना हुई, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आरोपी सत्ता से जुड़े समाज से आते हैं। चंद्रशेखर आजाद ने जनता से सवाल करते हुए कहा कि “ये लोग आपसे वोट भी ले लेते हैं और अपमान भी करते हैं।” उन्होंने लोगों से जागरूक होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और सोच-समझकर निर्णय लेने की अपील की। रैली में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जहां उन्होंने सामाजिक न्याय और सम्मान के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।1
- लखीमपुर मोहम्मदी मार्ग पर बाइक और डीसीएम में टक्कर हो गई। जिसमें छह माह की बच्ची और 28 वर्षीय शाहमीन की दर्दनाक मौत हो गई। डीसीएम लेकर भागने के प्रयास में ईरिक्शा में टक्कर मार दी। जिससे ई रिक्शा में सवार चालक समेत पांच लोग घायल हो गए। सभी घायल को सीएचसी से जिला अस्पताल ओयल रेफर कर दिया गया है। पठानन पुरवा निवासी इसराइल अपनी पत्नी शाहमीन और तीन बेटियों के साथ बाइक से नीमगांव अपने मामा के यहां शादी समारोह में जा रहे थे। इसराइल ने बताया वह लखीमपुर मोहम्मदी मार्ग स्थिति राजेपुर गांव का पास पहुंचे थे। उसी समय सामने से डीसीएम आ गई। बाइक चालक ने बताया डीसीएम चालक ने बाइक के पिछले हिस्से में टक्कर मार दी। जिससे बाइक पर बैठी शाहमीन और रशीदा बाइक से उछलकर डीसीएम के नीचे आ गई। पहिए के नीचे आए से छह माह की बच्ची रशीदा के दो टुकड़े हो गए और 28 वर्षीय शाहमीन के सीने के ऊपर हिस्सा कुचलकर अलग हो गया। जबकि बाइक चला रहे इसराइल 29 वर्ष आफरीन छह वर्ष और पलक तीन वर्ष उछलकर दूसरी तरफ गिरने से बाल बाल बच गए। दुर्घटना के बाद डीसीएम चालक मौके से भागने के प्रयास में आगे जा रहे रिक्शा में टक्कर मार दी। जिससे रिक्शा उछलकर सड़क किनारे पलट गया। ई रिक्शा में सवार चालक समेत पांचों लोग घायल हो गए। सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस से सीएचसी फरधान लाया गया। जहां से ई रिक्शा चालक राजकुमार को छोड़कर चार लोगों को जिला अस्पताल ओयल के लिए रेफर कर दिया गया है।दुर्घटना से मौके पर चीख पुकार मच गई। ग्रामीणों ने आकर डीसीएम मौके पर रोक लिया और चालक को पकड़ लिया। सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंच गई और चालक को कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों से छुड़ाया।1
- अंकित संवाद-शाहिद लखाही लुधियाना, पंजाब। शहर में सिस्टम की लापरवाही ने एक और खतरनाक हादसे को जन्म दे दिया। स्कूल से अपने बच्चे को लेकर बाइक पर घर लौट रहे एक पिता अचानक खुले पड़े सीवेज गड्ढे में जा गिरे। इस हादसे में पिता और बच्चा दोनों घायल हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से खुला पड़ा यह गड्ढा नगर निगम की अनदेखी का नतीजा है।1