माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार जामताड़ा के माननीय राधा कृष्ण और डालसा के आदरणीय सचिव पवन कुमार के मार्गदर्शन में, दिनांक 24/05/2026 को जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड अंतर्गत चकनायपाड़ा गांव में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत डोर-टू-डोर कार्यक्रम के रूप में संचालित हुआ। इस कार्यक्रम में प्राधिकार के पीएलवी सह अधिकार मित्र अमित कुमार सिंह एवं जयंती दत्ता ने उपस्थित ग्रामीणों को आशा योजना, जागृति योजना और मोटर दुर्घटना दावा वाद से प्राप्त होने वाली मुआवजा राशि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। शिविर में बाल विवाह के विषय पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें बताया गया कि लड़कियों का 18 वर्ष से कम और लड़कों का 21 वर्ष से कम आयु में विवाह बाल विवाह कहलाता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार, बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। इसी क्रम में महिलाओं एवं किशोरियों को उनके विधिक एवं संवैधानिक अधिकारों से अवगत कराया गया। महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, बाल विवाह, मानव तस्करी, लैंगिक भेदभाव, कार्यस्थल पर उत्पीड़न तथा संपत्ति में उनके अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, यह भी बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद महिलाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता एवं विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार जामताड़ा के माननीय राधा कृष्ण और डालसा के आदरणीय सचिव पवन कुमार के मार्गदर्शन में, दिनांक 24/05/2026 को जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड अंतर्गत चकनायपाड़ा गांव में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत डोर-टू-डोर कार्यक्रम के रूप में संचालित हुआ। इस कार्यक्रम में प्राधिकार के पीएलवी सह अधिकार मित्र अमित कुमार सिंह एवं जयंती दत्ता ने उपस्थित ग्रामीणों को आशा योजना, जागृति योजना और मोटर दुर्घटना दावा वाद से प्राप्त होने वाली मुआवजा राशि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। शिविर में बाल विवाह के विषय पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें बताया गया कि लड़कियों का 18 वर्ष से कम और लड़कों का 21 वर्ष से कम आयु में विवाह बाल विवाह कहलाता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार, बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। इसी क्रम में महिलाओं एवं किशोरियों को उनके विधिक एवं संवैधानिक अधिकारों से अवगत कराया गया। महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, बाल विवाह, मानव तस्करी, लैंगिक भेदभाव, कार्यस्थल पर उत्पीड़न तथा संपत्ति में उनके अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, यह भी बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद महिलाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता एवं विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
- धनबाद जिले के मैथन-शंकर टॉकिज मार्ग पर झिलिया के पास निर्माणाधीन पुल का काम अचानक रोक दिया गया है। शिवलीबाड़ी उत्तर पंचायत की मुखिया मलका मेहर निगार ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर कार्यस्थल पर मोर्चा खोल दिया, जिसके बाद मैथन मोड से मैथन जाने वाले मुख्य मार्ग पर चल रहा यह निर्माण कार्य ठप हो गया। मुखिया और ग्रामीण एप्रोच सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह कदम इलाके में व्याप्त गंभीर जल संकट की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए उठाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी पंचायत लंबे समय से भीषण पेयजल समस्या से जूझ रही है, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि जब तक उनकी पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक न तो निर्माण कार्य को फिर से शुरू होने दिया जाएगा और न ही एप्रोच सड़क को आवागमन के लिए खोला जाएगा।6
- धनबाद के निरसा स्थित कुमारधुबी में एक गाड़ी के दुकान के चूल्हे से टकराने के बाद दो गुटों में तीखी झड़प हो गई। इस हिंसक भिड़ंत में कम से कम 4 लोग घायल हुए हैं।1
- झारखंड के दुमका जिले में एक पथ (रास्ता) बेहद जर्जर अवस्था में है। इस खराब हालत के कारण लोगों को उस पर चलने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।1
- दुमका के जामा थाना परिसर में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए शांति समिति की बैठक हुई। प्रशासन ने प्रतिबंधित पशुओं की बलि पर पूर्ण रोक लगाई और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। सभी समुदायों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई।1
- जिले के निरसा थाना अंतर्गत बैजना पंचायत में मुखिया द्वारा धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी राजू भुइंया ने मुखिया अजय पासवान पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने भयादोहन कर उनसे 9 लाख 30 हजार रुपये ठग लिए। इस संबंध में राजू भुइंया ने निरसा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, मुखिया अजय पासवान ने अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। यह मामला वर्ष 2024 का बताया जा रहा है, जब राजू भुइंया के पुत्र की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। दुख की इस घड़ी में मुखिया अजय पासवान ने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति दिखाकर उनका भरोसा जीता। इसके बाद, बेटे की मौत के गम में डूबे परिवार को थाना और कोर्ट का भय दिखाकर मुखिया ने कथित तौर पर उनसे पैसे वसूले। राजू भुइंया ने जानकारी दी कि बेटे की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली थी। इसी को आधार बनाकर मुखिया ने कोर्ट में बच्चे की कस्टडी के लिए केस करवा दिया, हालांकि न्यायालय ने बच्चे की कस्टडी दादा-दादी यानी राजू भुइंया और उनकी पत्नी को ही सौंपी। न्यायालय के इस आदेश के बावजूद, मुखिया ने थाना के नाम पर पैसे ठगे और बच्चे के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने के बहाने 6 लाख रुपये लिए, जिसे पीड़ित के अनुसार मुखिया ने खुद हजम कर लिया। यह धोखाधड़ी तब उजागर हुई जब पीड़ित ने मुखिया से बैंक में पैसा जमा करने की रसीद मांगी। राजू भुइंया ने यह भी बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद मुखिया ने जबरन उनसे बॉन्ड पेपर बनवाकर अंगूठा लगवा लिया। बेटे को खोने के गम और इस डर से कि कहीं पोता भी न छिन जाए, पीड़ित ने मुखिया को पैसे दे दिए। पीड़ित के अनुसार, थाना के नाम पर 80 हजार रुपये, कोर्ट के नाम पर 2 लाख 50 हजार रुपये और बच्चे के नाम पर FD के लिए 6 लाख रुपये लिए गए, जिनका कुल योग 9 लाख 30 हजार रुपये होता है। पीड़ित राजू भुइंया का आरोप है कि जैसे ही मुखिया का भेद खुला, उन्होंने पीड़ित के खिलाफ धमकी देने की शिकायत थाने में दर्ज करवा दी। जब मीडिया ने धोखाधड़ी और गबन के इन आरोपों पर मुखिया अजय पासवान से बात की, तो उन्होंने किसी भी पैसे के लेनदेन से साफ इनकार कर दिया। मुखिया ने दावा किया कि कुछ "दलाल तबके के लोगों" द्वारा पीड़ित को बहकाया जा रहा है।1
- धनबाद के बलियापुर स्थित अंसारी बस्ती में गोसिया मस्जिद के पास सोलर टंकी और पावर मशीन दो साल से खराब पड़ी है। इससे स्थानीय लोगों को पीने के पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि इस पर ध्यान नहीं दे रहा।4
- धनबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026’ के तहत आयोजित इस शिविर में संगठन विस्तार, कार्यपद्धति, बूथ प्रबंधन और आगामी पंचायत व विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तृत मंथन किया गया। प्रशिक्षण शिविर में वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं को अनुशासन और संगठन की मजबूती का पाठ पढ़ाया, साथ ही पार्टी की विचारधारा, कार्य विस्तार, बूथ प्रबंधन, सोशल मीडिया, नमो ऐप और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने पर भी चर्चा की। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अनुशासित रहकर पार्टी की रीति-नीति को घर-घर पहुंचाने की अपील की। शिविर के दूसरे दिन बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, झरिया विधायक रागिनी सिंह और धनबाद विधायक राज सिन्हा समेत कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। पहले दिन राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, डॉ. नीरा यादव और अभय सिंह ने विभिन्न विषयों पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की योजनाओं और अखंड भारत की अवधारणा पर भी जोर दिया गया। भाजपा विधायकों ने राज्य की हेमंत सरकार पर पानी, बिजली और विकास जैसे मुद्दों पर पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में ये सेवाएं बदहाल हैं और जनता आगामी चुनाव में इसका जवाब देगी। विधायकों ने ‘मईया सम्मान योजना’ के सत्यापन को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। नेताओं ने दावा किया कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में भाजपा मजबूत हुई है, उसी तरह झारखंड में भी आने वाले समय में भाजपा की सरकार बनेगी। शिविर के समापन सत्र में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रविंद्र राय ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और 2027 के पंचायत चुनाव में भाजपा की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।1
- झारखंड के धनबाद जिले के धनसार थाना क्षेत्र में संचालित देवप्रभा कोल माइनिंग प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि आउटसोर्सिंग कंपनी की मनमानी और लगातार हो रही ब्लास्टिंग के कारण उनके घरों में दरारें पड़ रही हैं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी द्वारा लगातार ब्लास्टिंग और डस्टिंग किए जाने से आसपास के घरों में दरारें आ रही हैं, साथ ही पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल है। उनका आरोप है कि कंपनी ने पहले बाउंड्री के बाहर खुदाई न करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब रात के समय बाउंड्री वॉल तोड़कर आगे भी खुदाई की जा रही है। इन्हीं मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे युवा समाजसेवी सह दलित नेता मुकेश भुईयां को पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने के बाद लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। इसके बाद, बड़ी संख्या में ग्रामीण धनसार थाना पहुँच गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से आउटसोर्सिंग कंपनी की मनमानी पर रोक लगाने और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि ग्रामीण प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।1