हथगाम-थरियांव मार्ग निर्माण की मांग पर चक्का जाम। । एसडीएम के आश्वासन के बाद खत्म हुआ चक्का जाम, सैकड़ों लोगों ने उठाई हथगाम-थरियांव मार्ग निर्माण की मांग हथगाम/फतेहपुर। हथगाम-थरियांव मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर समाजसेवी बाबू सिंह खरहरा की अगुवाई में 10 अगस्त से चल रहा जन आंदोलन सोमवार को चक्का जाम में बदल गया। सोमवार दोपहर करीब दो बजे सैकड़ों आंदोलनकारी सड़क के बीच बैठ गए और आवागमन बाधित कर दिया। चक्का जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। चक्का जाम में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ रामदल अध्यक्ष आगेन्द्र साहू मय टीम शामिल हुए। इसके अलावा केतकी सिंह तथा हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र की विधायक ऊषा मौर्य के पुत्र विकल्प मौर्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग आंदोलन में पहुंचे। आंदोलनकारियों ने हथगाम-थरियांव मार्ग के निर्माण और चौड़ीकरण की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। आंदोलनकारियों का कहना था कि हथगाम-थरियांव मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और जलभराव होने से राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने मार्ग का स्थायी समाधान कराने की मांग की। ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें आंदोलनकारियों ने प्रशासन को दिए ज्ञापन में हथगाम-थरियांव मार्ग का तत्काल सर्वे कराकर सड़क का चौड़ीकरण कराने की मांग की। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क निर्माण, सड़क के दोनों ओर आवश्यकता के अनुसार इंटरलॉकिंग फुटपाथ तथा राहगीरों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग रखी गई। ज्ञापन में सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव का तत्काल अस्थायी समाधान कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच के लिए सक्षम अधिकारियों की निगरानी सुनिश्चित करने तथा स्थायी निर्माण एवं चौड़ीकरण के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने की मांग भी शामिल रही। आंदोलनकारियों ने क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही सड़क संबंधी समस्या का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की। एसडीएम के पहुंचने पर समाप्त हुआ धरना चक्का जाम की सूचना पर प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम खागा अश्वनी कुमार पाण्डेय ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों की मौजूदगी में उनकी मांगों को लेकर वार्ता हुई। एसडीएम के पहुंचने और बातचीत के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया। मौके पर सीओ थरियांव दुर्गेश दीप और नायब तहसीलदार भी मौजूद रहे। वहीं हथगाम थाना पुलिस तथा डायल 112 की टीम भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मौके पर मौजूद रही। पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि हथगाम-थरियांव मार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी बदहाली से लंबे समय से लोगों को परेशानी हो रही है। एसडीएम से वार्ता के बाद फिलहाल चक्का जाम समाप्त हो गया और मार्ग पर यातायात सुचारु कराया गया।
हथगाम-थरियांव मार्ग निर्माण की मांग पर चक्का जाम। । एसडीएम के आश्वासन के बाद खत्म हुआ चक्का जाम, सैकड़ों लोगों ने उठाई हथगाम-थरियांव मार्ग निर्माण की मांग हथगाम/फतेहपुर। हथगाम-थरियांव मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर समाजसेवी बाबू सिंह खरहरा की अगुवाई में 10 अगस्त से चल रहा जन आंदोलन सोमवार को चक्का जाम में बदल गया। सोमवार दोपहर करीब दो बजे सैकड़ों आंदोलनकारी सड़क के बीच बैठ गए और आवागमन बाधित कर दिया। चक्का जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। चक्का जाम में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ रामदल अध्यक्ष आगेन्द्र साहू
मय टीम शामिल हुए। इसके अलावा केतकी सिंह तथा हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र की विधायक ऊषा मौर्य के पुत्र विकल्प मौर्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग आंदोलन में पहुंचे। आंदोलनकारियों ने हथगाम-थरियांव मार्ग के निर्माण और चौड़ीकरण की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। आंदोलनकारियों का कहना था कि हथगाम-थरियांव मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और जलभराव होने से राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने मार्ग का स्थायी समाधान कराने की मांग की। ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें आंदोलनकारियों ने प्रशासन को दिए ज्ञापन में हथगाम-थरियांव मार्ग का तत्काल सर्वे कराकर सड़क का चौड़ीकरण कराने
की मांग की। इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क निर्माण, सड़क के दोनों ओर आवश्यकता के अनुसार इंटरलॉकिंग फुटपाथ तथा राहगीरों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग रखी गई। ज्ञापन में सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव का तत्काल अस्थायी समाधान कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच के लिए सक्षम अधिकारियों की निगरानी सुनिश्चित करने तथा स्थायी निर्माण एवं चौड़ीकरण के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने की मांग भी शामिल रही। आंदोलनकारियों ने क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही सड़क संबंधी समस्या का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की। एसडीएम के पहुंचने पर समाप्त हुआ धरना चक्का जाम की सूचना पर प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम खागा अश्वनी
कुमार पाण्डेय ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों की मौजूदगी में उनकी मांगों को लेकर वार्ता हुई। एसडीएम के पहुंचने और बातचीत के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया। मौके पर सीओ थरियांव दुर्गेश दीप और नायब तहसीलदार भी मौजूद रहे। वहीं हथगाम थाना पुलिस तथा डायल 112 की टीम भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मौके पर मौजूद रही। पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। आंदोलनकारियों ने कहा कि हथगाम-थरियांव मार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी बदहाली से लंबे समय से लोगों को परेशानी हो रही है। एसडीएम से वार्ता के बाद फिलहाल चक्का जाम समाप्त हो गया और मार्ग पर यातायात सुचारु कराया गया।
- मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाराबंकी के प्रमुख शिव मंदिरों पर हुई पुष्प वर्षा, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाराबंकी के प्रमुख शिव मंदिरों पर हुई पुष्प वर्षा, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे लखनऊ/बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा और विशेष निर्देशों के अनुरूप सावन के पावन महीने में प्रदेश भर के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ उनका भव्य स्वागत किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जनपद बाराबंकी के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक शिव मंदिरों पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से पुष्प वर्षा की गई, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश थे कि पवित्र श्रावण मास में शिवालयों में दर्शन के लिए आने वाले शिव भक्तों का अभिनंदन किया जाए और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस निर्देश का पालन करते हुए जिला प्रशासन ने बाराबंकी के तीन प्रमुख और प्राचीन मंदिरों—महादेवा मंदिर (राम नगर), बुढ़वा बाबा मंदिर (राम सनेही घाट), और औसनेश्वर मंदिर (हैदरगढ़)—को विशेष रूप से सजाया और संवारा। सावन के विशेष अवसरों पर जब इन तीनों ऐतिहासिक मंदिरों पर आसमान से पुष्पों की वर्षा की गई, तो वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मंदिर परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजने लगे। श्रद्धालुओं ने इस अनूठी और भव्य पहल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन की इस सुंदर व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण दूर-दूर से आए शिव भक्तों ने कतारों में लगकर शांतिपूर्ण ढंग से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इस आयोजन से न केवल धार्मिक आस्था को और बल मिला, बल्कि बाराबंकी आने वाले श्रद्धालुओं में भी अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला।1
- कौशाम्बी। नागपंचमी के अवसर पर सोमवार को कड़ा चौराहे से शिवाला महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। डीजे और गाजे-बाजे के साथ निकली यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालु भक्त नाचते-गाते और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए शिवाला महादेव मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान से जलाभिषेक किया। कांवड़ यात्रा के दौरान आकर्षक सांस्कृतिक झांकी भी निकाली गई, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकाल कमेटी, बजरंगी कमेटी और बाल गणेश कमेटी की ओर से दमालू एवं जलपान की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में चेयरमैन प्रतिनिधि अरुण केसरवानी, मुन्ना साहू, विनय पांडेय, पप्पू मोदनवाल, राहुल कुशवाहा, दिनेश सोनकर, अजय मोदनवाल, सोनू साहू, गनी गुप्ता, सचिन मोदनवाल, अंकित मोदनवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज़ सच के साथ, आपकी आवाज़ आपकी पहचान1
- ऊंचाहार में धूमधाम से मनाई गई नाग पंचमी, गायत्री नगर और महादेवन गुप्तेश्वर धाम में हुए भव्य आयोजन ऊंचाहार (रायबरेली)। ऊंचाहार क्षेत्र में 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गायत्री नगर मोहल्ले और प्राचीन महादेव गुप्तेश्वर धाम मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। गायत्री नगर में अग्रहरि समाज के अध्यक्ष शिव कुमार अग्रहरि, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कृष्ण चंद्र जायसवाल, बबुल्ले गुप्ता (भोले), ओम प्रकाश साहू, आतिश साहू, निर्मल पेड़ीवाल, चौधरी चाचा, अरुण गुप्ता, सभासद शैलेश गुप्ता और नरेंद्र गुप्ता की अगुवाई में पारंपरिक गुड़िया पीटने का कार्यक्रम संपन्न हुआ। कपड़े की गुड़िया को 11 बार सीधा और 11 बार उल्टा पीटकर दफनाने का यह पौराणिक रिवाज सर्प दोष निवारण, प्रायश्चित, भाई-बहन के प्रेम और जीव संरक्षण का संदेश देता है। इस दौरान अभय, संतोष, शिवांश, मनीष, हरिओम, शुभम और आनंद गुप्ता मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर, प्राचीन महादेव गुप्तेश्वर धाम में पूर्व चेयरमैन प्रमोद गुप्ता के नेतृत्व में पूजा-अर्चना के बाद भव्य अखाड़े और गुड़िया पीटने का आयोजन हुआ। अखाड़े में पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया, जहाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को पूर्व चेयरमैन द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र गुप्ता, लाल बहादुर मौर्य, बीनू चौरसिया, राहुल गुप्ता, जयश्याम जायसवाल, वासुदेव यादव, मुन्ना मौर्य, प्रमोद मौर्या, दिलीप मौर्या, मोहन चौरसिया और राज जायसवाल सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण के साथ आयोजन का समापन हुआ।1
- आखिर गलती किससे हो गई? आखिर गलती किससे हो गई और कौन-सी गलती हो गई कि आज ऐसा बयान देना पड़ रहा है? परमहंस आचार्य जी के तेवर भाजपा और उसके विरोधियों को लेकर बिल्कुल अलग दिखाई दे रहे थे, वही आज अचानक भाजपा और उसकी नीतियों पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। राम मंदिर चढ़ावा मामले में भी उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है—आखिर अचानक विचारधारा में यह बदलाव कैसे आया?बयान सुनकर तो कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे पुरानी फिल्मों का कोई दृश्य चल रहा हो—जहां पात्र वही बात कहता है, जो उससे कहलवाई जाती है। 😂 अब इसके पीछे वजह क्या है, यह तो परमहंस आचार्य ही बेहतर बता सकते हैं। क्या भाजपा से कोई नाराजगी हुई है? क्या किसी नेता ने आईना दिखा दिया? क्या राजनीतिक अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं? या फिर सचमुच भाजपा सरकार और उसकी नीतियों को लेकर उनकी आंखें खुल गई हैं?और अगर आखिरी संभावना सही है, तो फिर सवाल यह भी है कि आंखें खुलने में इतनी देर क्यों लगी?बहरहाल, राजनीति में बयान बदलना कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब कोई व्यक्ति कल तक किसी के समर्थन में खड़ा दिखाई दे और आज उसी के खिलाफ मोर्चा खोल दे, तो जनता सवाल जरूर पूछेगी—आखिर बदलाव विचारों में आया है या परिस्थितियों में? जवाब जो भी हो, इतना तय है कि इस बदले हुए सुर ने लोगों को चर्चा का नया विषय जरूर दे दिया है। 😂1
- कौशाम्बी जनपद के काजीपुर के निवासी 19 वर्ष से शिव बाबू के मृत्यु के बाद दूसरे दिन पहुंचे भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के कौशांबी विधानसभा अध्यक्ष पंकज मौर्य कौशाम्बी जनपद के काजीपुर के निवासी 19 वर्ष से शिव बाबू के मृत्यु के बाद दूसरे दिन पहुंचे भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के कौशांबी विधानसभा अध्यक्ष पंकज मौर्य1
- 16 मिनट मे 16 रुपया का ऑफर फिर चली लाठी #10newsnation #tennewsnation #brekingnews #breakingnews 16 मिनट मे 16 रुपया का ऑफर फिर चली लाठी #10newsnation #tennewsnation #brekingnews #breakingnews1
- चाकवन चौराहे पर पुलिस का एक्शन, अभियान तेज! कौशाम्बी। थाना कोखराज क्षेत्र के चाकवन चौराहा ओवरब्रिज के नीचे पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस की सक्रियता से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाई दे रही है। 👉 अपराध और अराजकता पर नजर, पुलिस का अभियान लगातार जारी। स्थानीय लोगों ने पुलिस की सक्रियता को सराहनीय कदम बताया। थाना कोखराज पुलिस की मुस्तैदी—इलाके में सुरक्षा का भरोसा मजबूत। 🚔1
- लखनऊ में Gen-Alpha का अनोखा प्रदर्शन: शिक्षकों की कमी से परेशान स्कूली छात्राओं ने दुबग्गा बाईपास किया जाम लखनऊ में Gen-Alpha का अनोखा प्रदर्शन: शिक्षकों की कमी से परेशान स्कूली छात्राओं ने दुबग्गा बाईपास किया जाम लखनऊ: राजधानी लखनऊ में इन दिनों युवा पीढ़ी का अनोखा और मुखर अंदाज देखने को मिल रहा है। 'Gen-Z' के बाद अब 'Gen-Alpha' पीढ़ी के बच्चों ने भी अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरना शुरू कर दिया है। ताजा मामला दुबग्गा बाईपास का है, जहां जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की स्कूली छात्राओं ने बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी और इसके कारण लगातार बाधित हो रही पढ़ाई से आक्रोशित छात्राओं ने दुबग्गा बाईपास पर सड़क के बीचों-बीच बैठकर धरना दिया। इस अचानक हुए प्रदर्शन से मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। शिक्षकों की कमी से भविष्य पर संकट प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि उनके विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों के कई पद खाली पड़े हैं। विषयों के शिक्षक न होने के कारण उनकी पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है। बोर्ड परीक्षाओं और आगामी सत्रों की तैयारी को लेकर छात्राएं काफी चिंतित हैं। उनका आरोप है कि कई बार विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिसके चलते उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा। नारेबाजी कर प्रशासनिक तंत्र को चेताया धरना प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनकी प्रमुख मांग है कि विद्यालय में तुरंत नए शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं को समझा-बुझाकर शांत कराया और उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाकर जल्द से जल्द उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राओं ने धरना समाप्त किया। यह घटना शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।1
- उत्तर प्रदेश में 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में ऐतिहासिक वृद्धि, ई-पॉस फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ,,,,, उचित दर विक्रेताओं के साथ सरकार—सम्मान भी, सहयोग भी आज लोक भवन, लखनऊ में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के मुख्य आतिथ्य में प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं का लाभांश ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति कुंतल करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उचित दर विक्रेता गरीब परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके सम्मान और हित में लिया गया यह निर्णय उनके परिश्रम को सम्मान देने वाला कदम है। साथ ही ई-पॉस आधारित फीडबैक प्रणाली शुरू की गई, जिससे उनकी समस्याएं और सुझाव सीधे विभाग तक पहुंचेंगे। खाद्य एवं रसद विभाग के कैबिनेट मंत्री के रूप में यह मेरे लिए गौरव का विषय है कि उचित दर विक्रेताओं के हित में इस महत्वपूर्ण निर्णय को आगे बढ़ाने का अवसर मिला।1