मध्य प्रदेश के भितरवार में जमीन विवाद को लेकर एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक अधिवक्ता की दिनदहाड़े तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अधिवक्ता रतन सिंह यादव के रूप में हुई है। भितरवार-डबरा रोड स्थित न्यू आशा भोजनालय के पास उन्हें गर्दन के पास एक और छाती में दो गोलियां मारी गईं। गंभीर हालत में परिजन उन्हें पहले भितरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस वारदात के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, हरसी रोड स्थित करीब डेढ़ बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था, जिसमें न्यायालय का आदेश भी आ चुका था। रविवार को रतन सिंह यादव इस विवादित जमीन पर पहुंचे थे, जहां कथित रूप से उनका विवाद हुआ और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, हत्या का आरोप मृतक के चचेरे भाई राकेश यादव, भतीजे राहुल यादव और गब्बर सिंह रावत पर लगाया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद भितरवार अभिभाषक संघ में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही भितरवार एसडीओपी गगन हनवत और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश के लिए टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
मध्य प्रदेश के भितरवार में जमीन विवाद को लेकर एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक अधिवक्ता की दिनदहाड़े तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अधिवक्ता रतन सिंह यादव के रूप में हुई है। भितरवार-डबरा रोड स्थित न्यू आशा भोजनालय के पास उन्हें गर्दन के पास एक और छाती में दो गोलियां मारी गईं। गंभीर हालत में परिजन उन्हें पहले भितरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस वारदात के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, हरसी रोड स्थित करीब डेढ़ बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था, जिसमें न्यायालय का आदेश भी आ चुका था। रविवार को रतन सिंह यादव इस विवादित जमीन पर पहुंचे थे, जहां कथित रूप से उनका विवाद हुआ और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, हत्या का आरोप मृतक के चचेरे भाई राकेश यादव, भतीजे राहुल यादव और गब्बर सिंह रावत पर लगाया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद भितरवार अभिभाषक संघ में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही भितरवार एसडीओपी गगन हनवत और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश के लिए टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
- मध्य प्रदेश के भितरवार में जमीन विवाद को लेकर एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक अधिवक्ता की दिनदहाड़े तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अधिवक्ता रतन सिंह यादव के रूप में हुई है। भितरवार-डबरा रोड स्थित न्यू आशा भोजनालय के पास उन्हें गर्दन के पास एक और छाती में दो गोलियां मारी गईं। गंभीर हालत में परिजन उन्हें पहले भितरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस वारदात के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, हरसी रोड स्थित करीब डेढ़ बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था, जिसमें न्यायालय का आदेश भी आ चुका था। रविवार को रतन सिंह यादव इस विवादित जमीन पर पहुंचे थे, जहां कथित रूप से उनका विवाद हुआ और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, हत्या का आरोप मृतक के चचेरे भाई राकेश यादव, भतीजे राहुल यादव और गब्बर सिंह रावत पर लगाया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद भितरवार अभिभाषक संघ में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही भितरवार एसडीओपी गगन हनवत और थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश के लिए टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया रेलवे स्टेशन से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर को लेकर 'गजब प्रदेश' कहकर तीखा कटाक्ष किया गया है।1
- ग्वालियर के डबरा चोटयाल में स्थित गौ माता की गौशाला सेवा के इस दौर में मन की शांति का एक अनुपम जरिया बनी हुई है। यहाँ निस्वार्थ भाव से की जाने वाली गौ सेवा से लोगों को असीम मानसिक और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।1
- दतिया में बड़ी माता मंदिर के पास से कल शाम 4 बजे से एक 10 वर्षीय किशोरी बालिका अपने घर से अचानक गायब हो गई है। इस घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में बालिका अकेले ही जाती हुई दिखाई दे रही है। बच्ची के अचानक लापता होने से परेशान परिजनों ने तुरंत कोतवाली पुलिस को मामले की सूचना दी है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस बच्ची को खोजने के प्रयासों में जुट गई है, लेकिन फिलहाल अभी तक बच्ची का कोई भी सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में उपचुनाव के लिए ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह को प्रभारी बनाया गया है, लेकिन दूसरी ओर भाजपा के चुनाव कार्यालय पर लगे होर्डिंग्स, पोस्टर और बैनर पर उन्हें कोई जगह नहीं दी गई है। इस बड़ी अनदेखी को सांसद भारत सिंह कुशवाह का घोर अपमान माना जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद समस्त कुशवाह समाज बेहद आक्रोशित हो उठा है और भाजपा से सवाल पूछ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों किया गया। समाज ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि सांसद भारत सिंह कुशवाह का भाजपा द्वारा किया गया यह अपमान समाज बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा।1
- दतिया उपचुनाव को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं। इस समय हर तरफ इसी बात का मंथन चल रहा है कि इस चुनावी मुकाबले में कौन किस पर भारी रहने वाला है। उपचुनाव को लेकर उत्सुकता बनी हुई है कि आखिरकार इस मुकाबले में किसकी जीत दर्ज होगी।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा सिटी थाना क्षेत्र में पुलिस ने चरित्र पर संदेह के चलते पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। डबरा सिटी पुलिस ने महिला की संदिग्ध मौत के मामले की गंभीरता से जांच कर इस हत्याकांड का खुलासा किया। दरअसल, 16 जुलाई 2026 को रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे रहने वाली गीता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस की शुरुआती पूछताछ में मृतका के पति धर्मेंद्र उर्फ टिल्लू जाटव ने दावा किया था कि तबीयत खराब होने और कोई गोली खाने के कारण उसकी मौत हुई है। लेकिन पुलिस को घटनास्थल के सूक्ष्म निरीक्षण में मृतका के सिर के नीचे रखे तकिये पर खून के धब्बे, नाक से खून बहने के निशान और शरीर पर चोटें मिलीं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी उप निरीक्षक संजय शर्मा के नेतृत्व में की गई जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि महिला की मौत दम घुटने से हुई थी। मृतका के परिजनों ने अपने बयानों में बताया कि आरोपी पति अक्सर अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था और उसके साथ मारपीट करता था, साथ ही पहले भी उसे जान से मारने की धमकी दे चुका था। घटना के समय बंद कमरे में सिर्फ मृतका, उसका पति और उनके बच्चे मौजूद थे। वैज्ञानिक साक्ष्यों और बयानों के आधार पर डबरा पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र उर्फ टिल्लू जाटव के खिलाफ अपराध क्रमांक 386/26 धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया, जिसके बाद पूछताछ में आरोपी ने तकिये से मुंह दबाकर पत्नी की हत्या करने की बात कबूल कर ली है।4