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जनपद बिजनौर से जुड़ी बड़ी खबरें जर्नलिस्ट सतवेन्दर सिंह गुजराल के साथ प्रस्तुत की जा रही हैं। इसमें बिजनौर जिले से संबंधित मुख्य समाचारों की जानकारी दी गई है।
Satvendar singh Gujr
जनपद बिजनौर से जुड़ी बड़ी खबरें जर्नलिस्ट सतवेन्दर सिंह गुजराल के साथ प्रस्तुत की जा रही हैं। इसमें बिजनौर जिले से संबंधित मुख्य समाचारों की जानकारी दी गई है।
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- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज के दौरान बिजनौर निवासी पत्रकार अज़हान अंसारी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। अज़हान अंसारी का आरोप है कि कवरेज के दौरान दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं तथा उनका मोबाइल फोन और चश्मा भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और मामले में जांच की मांग उठ रही है।1
- जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ हुए बर्बरतापूर्ण व्यवहार के विरोध में भीम आर्मी चीफ (@bhimarmychief) संसद भवन परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए हैं। इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर से सामने आए बर्बर दृश्यों ने इतिहास के काले अध्याय जलियांवाला बाग की याद दिला दी है। इस अमानवीय व्यवहार ने मन को गहराई तक झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से देना लोकतांत्रिक मूल्यों पर बड़ा आघात है। इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ शुरू किया गया यह शांतिपूर्ण संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती।1
- बिजनौर के नजीबाबाद के गाँव जालपुर में एक खतरनाक गुलदार पकड़ा गया है। इस गुलदार को वन विभाग ने अपनी निगरानी में ले लिया है और इसे विभाग की देखरेख में रखा गया है।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में लापता हुई एक दलित युवती के परिजनों ने जबरन धर्मान्तरण का आरोप लगाया है। इस मामले में नर्सिंग होम संचालक समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।1
- मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित महावीर चौक पर मंगलवार देर रात चल रहे धरने के दौरान अचानक हल्का तनाव पैदा हो गया। प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद एक कथित रूप से नशे में धुत्त व्यक्ति ने कुछ आपत्तिजनक शब्द कह दिए, जिससे माहौल गरमा गया। इस बात से उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने उस व्यक्ति को पकड़ने का प्रयास किया, जिससे मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। वहां तैनात पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किसी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया गया, बल्कि सूझबूझ से काम लेते हुए शांति व्यवस्था कायम रखी गई। सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर किसी भी अप्रिय घटना को टाल दिया और पूरे मामले को शांतिपूर्ण ढंग से संभाल लिया। इसके बाद धरना शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।1
- जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ हुए बर्बरतापूर्ण व्यवहार पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया गया है। इस घटना की तुलना इतिहास के काले अध्याय जलियांवाला बाग से करते हुए कहा गया है कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से देना लोकतांत्रिक मूल्यों पर गहरा आघात है। इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, संसद भवन परिसर में बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरना शुरू कर दिया गया है। भीम आर्मी चीफ (@bhimarmychief) की ओर से इस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष का ऐलान करते हुए स्पष्ट किया गया है कि जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और घटना के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।1
- मुजफ्फरनगर शहर के महावीर चौक पर समाजवादी पार्टी का धरना प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। इस धरने में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सरकार की नीतियों और स्थानीय मुद्दों को लेकर विरोध जताया तथा अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। धरना स्थल से राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर समाजवादी पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी और जरूरत पड़ने पर इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। देर रात तक बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के डटे रहने से मौके पर राजनीतिक गतिविधियां पूरी तरह बनी रहीं।1
- प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी धरने पर बैठ गए हैं। वहीं, मौके से प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को पुलिस उठाकर अपने साथ ले गई है।1