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रियासी के तहसील चसाना अंतर्गत ब्लॉक बन्ना के अंदर सड़क की हालत बेहद खराब है। इस खस्ताहाल सड़क को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है और वे चाहते हैं कि इस बदहाली की तस्वीर को गुलाबगढ़ के एमएलए तक पहुंचाया जाए। उनका मानना है कि यह फोटो विधायक तक जरूर पहुंचनी चाहिए ताकि उन्हें भी अपने क्षेत्र के इस गांव की सड़कों की वास्तविक और दयनीय हालत का पता चल सके।
Al Abrar 0786
रियासी के तहसील चसाना अंतर्गत ब्लॉक बन्ना के अंदर सड़क की हालत बेहद खराब है। इस खस्ताहाल सड़क को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है और वे चाहते हैं कि इस बदहाली की तस्वीर को गुलाबगढ़ के एमएलए तक पहुंचाया जाए। उनका मानना है कि यह फोटो विधायक तक जरूर पहुंचनी चाहिए ताकि उन्हें भी अपने क्षेत्र के इस गांव की सड़कों की वास्तविक और दयनीय हालत का पता चल सके।
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- जम्मू के बिशनाह में विधायक डॉ राजीव कुमार भगत के एक उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। विधायक के कार्यक्रमों की कवरेज करने वाले उनके निजी सहायक द्वारा पत्रकार गगन के साथ जमकर बदसलूकी और गाली-गलौज की गई। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पत्रकार गगन ने कार्यक्रम में उपस्थित एक उच्च अधिकारी से आम जनता से जुड़ा एक सवाल पूछ लिया। जनहित का यह सवाल सुनते ही विधायक का निजी सहायक अचानक भड़क गया और पत्रकार के साथ बदतमीजी करते हुए गाली-गलौज करने लगा। इस घटना से आक्रोशित पत्रकारों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर बिशनाह थाने के बाहर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पीड़ित पत्रकार गगन ने आरोपी व्यक्ति के खिलाफ पुलिस को लिखित में शिकायत दर्ज कराई है।1
- बारामूला के तंगमार्ग स्थित ज़ायका होटल में गौसिया टूर एंड ट्रैवेल्स द्वारा हज और उमराह जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पवित्र हज और उमराह यात्रा पर जाने के इच्छुक तीर्थयात्रियों को उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करना था, ताकि उन्हें इस पवित्र यात्रा के संबंध में महत्वपूर्ण और जरूरी जानकारी मिल सके।2
- जम्मू-कश्मीर में चुनाव संपन्न होने और एक चुनी हुई सरकार के अस्तित्व में आने के बाद, राज्य का दर्जा बहाल करने में की जा रही देरी पर तीखा रुख अपनाया गया है। उमर अब्दुल्ला ने पुरजोर तरीके से कहा है कि राज्य का दर्जा देना सत्ता में बैठे लोगों की मर्जी पर निर्भर कोई एहसान नहीं है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव हो चुके हैं, तो राज्य का दर्जा देने में देरी करने का मापदंड आखिर क्या है? उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि 'सही समय' का अर्थ केवल किसी विशेष राजनीतिक दल के सत्ता में आने का इंतजार करना है, तो जनता को यह बात साफ-साफ बताई जानी चाहिए। लोकतंत्र किसी भी तरह की शर्तों पर नहीं चल सकता और संवैधानिक प्रतिबद्धताओं को राजनीतिक सौदेबाजी का मोहरा नहीं बनाया जा सकता। जनता ने बैलेट के जरिए अपना फैसला दे दिया है, इसलिए उनके जनादेश का सम्मान होना चाहिए और राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा पूरा किया जाना चाहिए।1
- दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में स्थित नल्ला आवूरा क्षेत्र में बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ के कारण भारी तबाही हुई है। इस बाढ़ के चलते प्रभावित क्षेत्र में मलबे का भारी जमाव हो गया है और कई जगहों पर रुके हुए पानी के बड़े तालाब बन गए हैं।1
- जम्मू-कश्मीर के मानसर की पवित्र धरती से आस्था और भक्ति का एक अद्भुत नजारा सामने आया है, जहां लोग घर बैठे ही प्राचीन बाबा शेषनाग देव मानसर जी के दिव्य दर्शन कर सकते हैं। बाबा के पावन आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे, इसी मंगलकामना के साथ लोग 'जय बाबा शेषनाग देव' का जाप कर रहे हैं। भक्ति के इस पावन प्रवाह से जुड़ते हुए लोगों से भी कमेंट में “जय बाबा शेषनाग” लिखने का आह्वान किया जा रहा है।1
- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित नाला ओवरा में बादल फटने की घटना सामने आई है। इस अचानक हुई घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है और मौके पर तत्काल प्रतिक्रिया शुरू कर दी गई है।1
- जम्मू-कश्मीर के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने राजनीतिक खरीद-फरोख्त को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब खरीद-फरोख्त की राजनीति काम नहीं आने वाली है। कैबिनेट मंत्री ने बेहद आक्रामक और मजबूत लहजे में दोटूक कहा है कि "कोई मुझे खरीद नहीं सकता।" सतीश शर्मा का यह बयान सीधे तौर पर राजनीतिक सौदेबाजी की कोशिशों को खारिज करता है।1
- भूकंप, बाढ़, युद्ध और हमलों जैसे बुरे हालातों के कारण लोगों की जिंदगी पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है। इस समय हर व्यक्ति को अपनी अच्छी भूमिका निभानी चाहिए, क्योंकि जब खुद के घर में शांति होगी, तभी मोहल्ले, क्षेत्र, राज्य और फिर देश में भी हालात बेहतर होंगे। लेकिन कुछ राजनेता ऐसा नहीं होने देंगे। कश्मीर के पहलगाम में आई पहली बाढ़ के साथ ही चीन, ताजिकिस्तान, भारत और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में हालात बेहद खराब हो गए हैं, जहाँ बाढ़ का पानी खतरनाक स्तर पर पहुँच चुका है। इसके अलावा, मेरठ में एक पुलिसकर्मी को बेहद बेरहमी से पीटा गया है।4