रोहतास जिले के दावथ प्रखंड के मालियाबाग गाँव में पिछले पांच दिनों से चल रहे श्री शायर डिहवार महायज्ञ का रविवार को हवन, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हो गया। समापन के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। सुबह से ही यज्ञ मंडप वैदिक मंत्रों की गूंज से पवित्र रहा, जहाँ मुख्य यजमानों ने आचार्य कामता बाबा के सान्निध्य में सवा लाख मंत्रों की पूर्णाहुति डाली। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे, जिससे आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यज्ञ समिति के अध्यक्ष ने बताया कि पांच दिनों तक चले इस महायज्ञ में प्रतिदिन भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इस यज्ञ का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की सुख-शांति बनाए रखना, अच्छी बारिश की कामना करना और विश्व कल्याण की प्रार्थना करना था। यज्ञ समिति ने इस सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सहयोग करने वाले सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया, जिसके लिए समिति को सभी ने बधाई दी।
रोहतास जिले के दावथ प्रखंड के मालियाबाग गाँव में पिछले पांच दिनों से चल रहे श्री शायर डिहवार महायज्ञ का रविवार को हवन, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हो गया। समापन के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर
पुण्य लाभ अर्जित किया। सुबह से ही यज्ञ मंडप वैदिक मंत्रों की गूंज से पवित्र रहा, जहाँ मुख्य यजमानों ने आचार्य कामता बाबा के सान्निध्य में सवा लाख मंत्रों की पूर्णाहुति डाली। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों से
हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे, जिससे आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यज्ञ समिति के अध्यक्ष ने बताया कि पांच दिनों तक चले इस महायज्ञ में प्रतिदिन भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इस यज्ञ का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की सुख-शांति बनाए रखना, अच्छी बारिश
की कामना करना और विश्व कल्याण की प्रार्थना करना था। यज्ञ समिति ने इस सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सहयोग करने वाले सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया, जिसके लिए समिति को सभी ने बधाई दी।
- रोहतास जिले के दावथ प्रखंड के मालियाबाग गाँव में पिछले पांच दिनों से चल रहे श्री शायर डिहवार महायज्ञ का रविवार को हवन, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हो गया। समापन के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। सुबह से ही यज्ञ मंडप वैदिक मंत्रों की गूंज से पवित्र रहा, जहाँ मुख्य यजमानों ने आचार्य कामता बाबा के सान्निध्य में सवा लाख मंत्रों की पूर्णाहुति डाली। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे, जिससे आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यज्ञ समिति के अध्यक्ष ने बताया कि पांच दिनों तक चले इस महायज्ञ में प्रतिदिन भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इस यज्ञ का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की सुख-शांति बनाए रखना, अच्छी बारिश की कामना करना और विश्व कल्याण की प्रार्थना करना था। यज्ञ समिति ने इस सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सहयोग करने वाले सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया, जिसके लिए समिति को सभी ने बधाई दी।4
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- औरंगाबाद के हसपुरा में श्मशान घाट पर बाउंड्री वॉल निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य बाधित किए जाने के विरोध में बाजार बंद रहा। यह कार्य हसपुरा बस स्टैंड के समीप चल रहा था, जिसे एक जीप प्रतिनिधि ने सीओ के पास आवेदन देकर रुकवा दिया। इस कार्रवाई के विरोध स्वरूप, हसपुरा का बाजार पूर्णतः बंद रहा।1
- बकीपुर उप चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा है कि पार्टी इस उप चुनाव में एकमत होकर और अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। प्रशांत किशोर के अनुसार, पार्टी न केवल मजबूती से चुनाव लड़ेगी बल्कि निश्चित रूप से जीत भी दर्ज करेगी।1
- ईमीडिया के अभिषेक कुमार ने यह सवाल उठाया है कि जब लोगों को सुबह उठने के बाद से हर चीज पर टैक्स देना पड़ता है, तो उनका यह पैसा आखिर जाता कहाँ है। यह प्रश्न इस चिंता को दर्शाता है कि करदाताओं का धन किस प्रकार उपयोग किया जा रहा है।1
- बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और रोहतास जिले के प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी ने हाल ही में सासाराम का दौरा किया, जहाँ उन्होंने जिलास्तरीय बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की और मीडिया से बातचीत करते हुए भ्रष्टाचार तथा स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई कड़े बयान दिए। भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर जोर देते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि रोहतास में लगातार विभिन्न विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों पर हो रही कार्रवाई सराहनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारियों से यह सिर्फ शुरुआत है और जनता की कमाई लूटने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि सरकार साफ-सुथरी व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में, सासाराम सदर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने के मामले पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने रोहतास के सिविल सर्जन को अल्टीमेटम दिया। मंत्री ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले डॉक्टरों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री अशोक चौधरी ने पटना में राबड़ी आवास खाली करने के नोटिस पर चल रही बयानबाजी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने साफ कहा कि राबड़ी आवास कोई निजी संपत्ति नहीं बल्कि सरकारी आवास है, जो लोकतंत्र में सत्ता बदलने पर नियमानुसार खाली करना पड़ता है। किसानों के लिए खुशखबरी देते हुए उन्होंने बताया कि आगामी सीजन के लिए खाद की किल्लत से निपटने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह तैयार है और पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने हेतु रोडमैप तैयार कर लिया गया है, ताकि किसानों को कोई समस्या न हो।3
- अरवल जिले के मेहंदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपालपुर गांव में जलनिकासी की समस्या का समाधान करने के नाम पर मुख्य सड़क को काट दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने अपने घरों से नाली का पानी निकालने के लिए, बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और वैकल्पिक व्यवस्था के, जेसीबी से सड़क कटवा दी। इस गैर-जिम्मेदाराना कदम के कारण इस्माइलपुर और कोयल भूपत गांव के हजारों लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिससे दोनों गांवों का संपर्क मार्ग बाधित हो गया। बताया गया है कि गोपालपुर में नाली का पानी जाम होने से कई घरों में जलजमाव की स्थिति बन गई थी, और पानी निकासी के लिए पाइप डालने की योजना थी, लेकिन पाइप व निर्माण सामग्री की व्यवस्था करने से पहले ही सीधे सड़क काट दी गई। सड़क काटे जाने के कारण इस्माइलपुर और कोयल भूपत गांव का आवागमन लगभग 18 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा। मरीजों, स्कूली बच्चों और दैनिक मजदूरी करने वालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी, और कई लोग घंटों तक फंसे रहे। मामले की सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) डॉ. मनोज कुमार ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद कटे हुए हिस्से में मिट्टी भराई कराई गई। हालांकि, तीन दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है; फिलहाल केवल साइकिल और बाइक ही किसी तरह गुजर पा रही हैं, जबकि चारपहिया वाहन, एंबुलेंस और अन्य बड़े वाहनों का आवागमन अब भी बंद है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि एक गांव की समस्या को हल करने के लिए दो गांवों की जीवनरेखा को ही काट दिया गया। उनका कहना है कि यदि जलनिकासी की समस्या थी तो संबंधित विभाग और प्रशासन को सूचना देकर तकनीकी समाधान निकाला जाना चाहिए था, न कि बिना तैयारी और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के सड़क काट देनी चाहिए थी। ग्रामीण प्रशासन और संबंधित विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं कि सार्वजनिक सड़क काटे जाने के दौरान वे कहां थे, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी। इस संबंध में पूछे जाने पर कलेर के अंचलाधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क को तत्काल पूरी तरह दुरुस्त कर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन योग्य बनाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।1