दमोह जिले में ग्रामीण क्षेत्रों को शुद्ध एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित बेबस सुनार-2 समूह जल प्रदाय योजना का निरीक्षण आज प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्यमंत्री लखन पटेल और दमोह विधायक जयंत मलैया ने किया। निरीक्षण के दौरान सीतानगर डेम, परियोजना के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे इंटेक वेल और जल शोधन संयंत्र का अवलोकन कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। राज्यमंत्री श्री पटेल ने निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की चेतावनी दी, क्योंकि डेम और वाटर सप्लाई से संबंधित कार्य निर्धारित गति से नहीं चल रहा है और परियोजना का तय समय लगभग समाप्त हो चुका है, जिसे एक बार विस्तार भी दिया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा और स्पष्ट किया कि यदि कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो संबंधित एजेंसी का अनुबंध समाप्त कर दूसरी एजेंसी से कार्य कराया जाएगा। राज्यमंत्री श्री पटेल ने आगामी गर्मी तक हर हाल में क्षेत्र के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत लगभग 180 गांव शामिल हैं, जबकि करीब 100 गांवों का कार्य दूसरी एजेंसी के पास है, और सभी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। दमोह विधायक जयंत मलैया ने बताया कि सीतानगर डेम, इंटेक वेल और फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि इंटेक वेल का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और फिल्टर प्लांट से शुद्ध जल ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत कुल 13 जल टंकियां प्रस्तावित हैं, जिनमें से 11 टंकियों पर वर्तमान में निर्माण कार्य चल रहा है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी दिसंबर तक सभी टंकियों का निर्माण और गांवों तक पेयजल पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे अगले वर्ष क्षेत्र के लोगों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध होने लगेगा। विधायक श्री मलैया ने इमलाई क्षेत्र के ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्याओं का भी जिक्र किया, जिस पर अधिकारियों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा निर्मित जल योजना से इमलाई सहित अन्य क्षेत्रों को आवश्यकतानुसार पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। यह महत्वपूर्ण बहु-ग्राम जल प्रदाय योजना कुल 342 ग्रामों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराएगी। योजना के माध्यम से दमोह जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों - दमोह (37 ग्राम), हटा (108 ग्राम, जिसमें दमोह ब्लॉक के 9, हटा ब्लॉक के 77 और पटेरा ब्लॉक के 22 ग्राम) और पथरिया (180 ग्राम, जिसमें बटियागढ़ ब्लॉक के 115 और पथरिया ब्लॉक के 65 ग्राम) के साथ-साथ छतरपुर जिले की बिजावर विधानसभा के 17 ग्राम भी लाभान्वित होंगे। परियोजना पूर्ण होने के उपरांत क्षेत्र के ग्रामीण परिवारों को नियमित, सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल मिलेगा, जिससे वर्षों से बनी जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर व जनस्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस अवसर पर मनीष तिवारी, अमरदीप जैन लालू, नरोत्तम पटेल सहित अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामवासी मौजूद रहे।
दमोह जिले में ग्रामीण क्षेत्रों को शुद्ध एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित बेबस सुनार-2 समूह जल प्रदाय योजना का निरीक्षण आज प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्यमंत्री लखन पटेल और दमोह विधायक जयंत मलैया ने किया। निरीक्षण के दौरान सीतानगर डेम, परियोजना के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे इंटेक वेल और जल शोधन संयंत्र का अवलोकन कर कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। राज्यमंत्री श्री पटेल ने निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की चेतावनी दी, क्योंकि डेम और वाटर सप्लाई से संबंधित कार्य निर्धारित गति से नहीं चल रहा है और परियोजना का तय समय लगभग समाप्त हो चुका है, जिसे एक बार विस्तार भी दिया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा और स्पष्ट किया कि यदि कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो संबंधित एजेंसी का अनुबंध समाप्त कर दूसरी एजेंसी से कार्य कराया जाएगा। राज्यमंत्री श्री पटेल ने आगामी गर्मी तक हर हाल में क्षेत्र के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत लगभग 180 गांव शामिल हैं, जबकि करीब 100 गांवों का कार्य दूसरी एजेंसी के पास है, और सभी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। दमोह विधायक जयंत मलैया ने बताया कि सीतानगर डेम, इंटेक वेल और फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि इंटेक वेल का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और फिल्टर प्लांट से शुद्ध जल ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत कुल 13 जल टंकियां प्रस्तावित हैं, जिनमें से 11 टंकियों पर वर्तमान में निर्माण कार्य चल रहा है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी दिसंबर तक सभी टंकियों का निर्माण और गांवों तक पेयजल पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे अगले वर्ष क्षेत्र के लोगों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध होने लगेगा। विधायक श्री मलैया ने इमलाई क्षेत्र के ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्याओं का भी जिक्र किया, जिस पर अधिकारियों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा निर्मित जल योजना से इमलाई सहित अन्य क्षेत्रों को आवश्यकतानुसार पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। यह महत्वपूर्ण बहु-ग्राम जल प्रदाय योजना कुल 342 ग्रामों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराएगी। योजना के माध्यम से दमोह जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों - दमोह (37 ग्राम), हटा (108 ग्राम, जिसमें दमोह ब्लॉक के 9, हटा ब्लॉक के 77 और पटेरा ब्लॉक के 22 ग्राम) और पथरिया (180 ग्राम, जिसमें बटियागढ़ ब्लॉक के 115 और पथरिया ब्लॉक के 65 ग्राम) के साथ-साथ छतरपुर जिले की बिजावर विधानसभा के 17 ग्राम भी लाभान्वित होंगे। परियोजना पूर्ण होने के उपरांत क्षेत्र के ग्रामीण परिवारों को नियमित, सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल मिलेगा, जिससे वर्षों से बनी जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर व जनस्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस अवसर पर मनीष तिवारी, अमरदीप जैन लालू, नरोत्तम पटेल सहित अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामवासी मौजूद रहे।
- दमोह जिले के हटा में एमएलबी रोड की मुख्य सड़क पर एक पानी की पाइपलाइन में लीकेज के कारण लगातार पानी बह रहा है। इस समस्या से सड़क से आने-जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ दुकानदारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस लीकेज का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। उन्होंने संबंधित जिम्मेदारों से जल्द से जल्द इस समस्या को ठीक करने की गुहार लगाई है। पाइपलाइन लीकेज के कारण सड़कों पर बह रहे इस पानी के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी बेखबर बने हुए हैं।1
- दमोह देहात थाना क्षेत्र की सागर नाका चौकी अंतर्गत देवरान गांव में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। बारिश और तेज हवा से बचने के लिए भूसा भरने गए मजदूर एक ट्रॉली के नीचे बैठे थे, तभी ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन तत्काल दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद अथाई बरपटी निवासी सीताराम यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटना में घायल चुन्नू यादव का उपचार जारी है। मृतक के भतीजे कारण यादव ने बताया कि दोनों मजदूर अस्थाई क्षेत्र से देवरान भूसा भरने गए थे। इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाकर मर्ग कायम करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- पन्ना जिले की पवई पुलिस ने बाइक चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है, जहाँ लगभग डेढ़ लाख रुपये मूल्य की तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पवई पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर इस मामले को सुलझाया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पवई और अमानगंज क्षेत्र से इन बाइकों की चोरी करने का जुर्म कबूल कर लिया है।1
- दमोह सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बड़ापुरा में शनिवार रात करीब 9 बजे शिक्षा विभाग के एक बाबू पर चाकू से हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया गया। घायल बाबू को इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉ. यशपाल और डॉ. दिव्यांशु अवस्थी ने उनका इलाज किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ापुरा निवासी 56 वर्षीय देवेंद्र राज, जो शिक्षा विभाग में बाबू हैं और करोड़ी लाल के पुत्र हैं, से अरविंद नामक एक व्यक्ति ने शराब के लिए पैसे मांगे थे। जब देवेंद्र राज ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी अरविंद ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली से मनीष कुमार, एएसआई अलजार सिंह सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी अरविंद की तलाश कर रही है।1
- कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र के ग्राम अमगवां से कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ एक अपाहिज किसान रामकिशोर पिछले दो महीनों से न्याय की गुहार लगाने के लिए रीठी थाने और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है। शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण यह पीड़ित किसान दूसरों के कंधों पर सवार होकर पुलिस के आला अफसरों तक पहुँच रहा है, लेकिन रीठी पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप है। शुक्रवार को पीड़ित किसान रामकिशोर एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुँचा और अपनी आपबीती सुनाते हुए स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि बीते 8 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:30 बजे, पुरानी रंजिश और एक सोची-समझी साजिश के तहत गांव के ही 14 रसूखदार दबंग लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी जैसे जानलेवा हथियारों से लैस होकर उसके घर में घुस आए और जान से मारने की नीयत से उस पर और उसके पूरे परिवार पर हमला किया। हमलावरों में मिल्लूलाल उर्फ बंधा, शंकर कुशवाहा, राघवेंद्र, सुखलाल बर्मन, राहुल बंशकार, धर्मेंद्र, एकलव्य, शनि, लक्ष्मीकांत, सुकल, वर्षा, कमलेश बाई, बल्लू और तेजीलाल शामिल थे। किसान रामकिशोर का आरोप है कि इस हमले में उसकी बेटियों के हाथ टूट गए और परिवार के कई सदस्य घायल हुए। घटना के तुरंत बाद रीठी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने मामले को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस ने न तो आरोपियों के खिलाफ उचित और कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और न ही उनकी गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस कदम उठाया, जिसके चलते सभी 14 आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और केस वापस न लेने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार अब खौफ के साये में अपने ही घर में जीने को मजबूर है। स्थानीय रीठी पुलिस की इस हीलाहवाली से निराश होकर, रामकिशोर ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस पूरे मामले की किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए और आरोपियों के खिलाफ साधारण धाराओं के बजाय 'हत्या के प्रयास' (अटेम्प्ट टू मर्डर) का मामला दर्ज किया जाए। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि यह भूमि विवाद का मामला था, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि अभी मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मध्यप्रदेश में लाडली बहना योजना पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं। इसी राज्य के बुरहानपुर जिले में लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो इस योजना पर हो रहे भारी भरकम खर्च के विपरीत एक गंभीर जमीनी हकीकत को दर्शाता है।1