*सराय अकिल की ऐतिहासिक रंगभरी होली की बारात में पथराव, पुलिस की लापरवाही पड़ी भारी, बाद में दौड़ी पुलिस* कौशाम्बी –: नगर पंचायत सराय अकिल में रविवार को निकाली गई ऐतिहासिक रंगभरी होली की बारात के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब भावनटोलीया और मौलवीगंज मोहल्ले के बीच अचानक पथराव की घटना हो गई। देखते ही देखते दोनों मोहल्लों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि सराय अकिल में हर वर्ष होली के अवसर पर सात दिनों तक रंग खेलने और रंगभरी होली की पारंपरिक बारात निकालने की परंपरा है। इसी क्रम में रविवार को बुद्धपुरी ब्राम्हण टोला से विशाल बारात नगर भ्रमण के लिए निकली थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। बारात जब भावनटोलीया और मौलवीगंज क्षेत्र के बीच पहुंची, तभी किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद पथराव शुरू हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक इतने बड़े और भीड़भाड़ वाले आयोजन के बावजूद मौके पर पर्याप्त पुलिस फोर्स मौजूद नहीं थी, जिससे स्थिति अचानक बिगड़ गई। पथराव की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हालात बिगड़ने लगे। स्थिति को काबू में करने के लिए बाद में पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालात को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर बुलानी पड़ी, जिसके बाद इलाके में गश्त बढ़ाकर माहौल को शांत कराया गया। फिलहाल पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि सराय अकिल की रंगभरी होली में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ती है और संभावित विवाद को देखते हुए पहले से पीएसी व भारी पुलिस बल तैनात किया जाता रहा है। लेकिन इस बार इतने बड़े पारंपरिक आयोजन के बावजूद बारात की सुरक्षा में केवल एक दरोगा और कुछ सिपाहियों को ही लगाया गया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी भीड़ वाले कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों रखी गई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद एक स्थानीय पत्रकार का मोबाइल भी छीने जाने की बात सामने आई है, जिससे पत्रकारों में भी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं इस पूरे मामले पर जब थाना सराय अकिल के इंस्पेक्टर वीर प्रताप सिंह से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उनका कहना था कि “अभी मैं व्यस्त हूं, अभी किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। जैसे ही तहरीर मिलती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
*सराय अकिल की ऐतिहासिक रंगभरी होली की बारात में पथराव, पुलिस की लापरवाही पड़ी भारी, बाद में दौड़ी पुलिस* कौशाम्बी –: नगर पंचायत सराय अकिल में रविवार को निकाली गई ऐतिहासिक रंगभरी होली की बारात के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब भावनटोलीया और मौलवीगंज मोहल्ले के बीच अचानक पथराव की घटना हो गई। देखते ही देखते दोनों मोहल्लों में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि सराय अकिल में हर वर्ष होली के अवसर पर सात दिनों तक रंग खेलने और रंगभरी होली की पारंपरिक बारात निकालने की परंपरा है। इसी क्रम में रविवार को बुद्धपुरी ब्राम्हण टोला से विशाल बारात नगर भ्रमण के लिए निकली थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। बारात जब भावनटोलीया और मौलवीगंज क्षेत्र के बीच पहुंची, तभी किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद पथराव शुरू हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक इतने बड़े और भीड़भाड़ वाले आयोजन के बावजूद मौके पर पर्याप्त पुलिस फोर्स मौजूद नहीं थी, जिससे स्थिति अचानक बिगड़ गई। पथराव की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हालात बिगड़ने लगे। स्थिति को काबू में करने के लिए बाद में पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालात को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर बुलानी पड़ी, जिसके बाद इलाके में गश्त बढ़ाकर माहौल को शांत कराया गया। फिलहाल पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि सराय अकिल की रंगभरी होली में हर वर्ष बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ती है और संभावित विवाद को देखते हुए पहले से पीएसी व भारी पुलिस बल तैनात किया जाता रहा है। लेकिन इस बार इतने बड़े पारंपरिक आयोजन के बावजूद बारात की सुरक्षा में केवल एक दरोगा और कुछ सिपाहियों को ही लगाया गया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी भीड़ वाले कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों रखी गई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद एक स्थानीय पत्रकार का मोबाइल भी छीने जाने की बात सामने आई है, जिससे पत्रकारों में भी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं इस पूरे मामले पर जब थाना सराय अकिल के इंस्पेक्टर वीर प्रताप सिंह से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उनका कहना था कि “अभी मैं व्यस्त हूं, अभी किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। जैसे ही तहरीर मिलती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में “पंडित” शब्द को लेकर पूछे गए कथित आपत्तिजनक प्रश्न के मामले को गंभीरता से लेते हुए मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है। विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि भर्ती परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंच पर इस प्रकार का प्रश्न पूछे जाने से सामाजिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और यह समाज में आपसी सौहार्द के विपरीत है। उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग या समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि इसमें किसी संस्था या व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विधायक ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में समरसता और भाईचारे के विरुद्ध षड्यंत्र जैसी प्रतीत होती हैं, इसलिए भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी विधायक के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि द्वारा समाज के सम्मान और सौहार्द की रक्षा के लिए आवाज उठाना एक जिम्मेदार पहल है।1
- Post by शिव सागर मौर्य1
- Post by T B NEWS1
- जनपद कौशाम्बी के मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के भरसवा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने एक खूंखार जंगली जानवर को गांव के पास घूमते हुए देखा। अचानक सामने आए इस जंगली जानवर को देखकर लोगों में दहशत फैल गई और गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों के अनुसार यह जंगली जानवर खेतों और बागों के बीच से तेजी से भागता हुआ दिखाई दिया। कुछ युवकों ने साहस दिखाते हुए दूर से उसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में जानवर काफी तेज गति से भागता नजर आ रहा है, जिससे उसकी पहचान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जानवर के देखे जाने की खबर मिलते ही पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया। लोग अपने बच्चों और मवेशियों को लेकर सतर्क हो गए हैं। कई ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यह कोई तेंदुआ या अन्य जंगली जानवर हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और इलाके में जांच शुरू कर दी है। टीम आसपास के खेतों, बागों और झाड़ियों में सर्च अभियान चलाकर जानवर के पैरों के निशान और अन्य सुराग तलाश रही है, ताकि उसकी सही पहचान की जा सके। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। फिलहाल भरसवा गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की निगाहें जंगल और खेतों की तरफ टिकी हैं, जबकि प्रशासन और वन विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।1
- *मौके पर डायल 112 व कोखराज पुलिस पहुँची और लाश को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया* *विनय कुमार रिपोर्टर हिन्दी दैनिक समाचार पत्र नेजा 8174801662* जनपद कौशाम्बी जिले के थाना कोखराज क्षेत्र अन्तर्गत गांव काकराबाद के एक व्यक्ति ने आज दिनांक 15 03 2026 को सुबह-सुबह महुआ के पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर लिया है सूचना पाकर मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने मृतक के डेड बॉडी को कब्जे में लेकर मर्चुरी हाउस पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है घर के लोगो का रो रो कर बुरा हाल हो गया है मौत की जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई है। जानकारी के मुताबिक कोखराज थाना क्षेत्र के काकराबाद निवासी नरेश उम्र लगभग 47 वर्ष पुत्र बहोरी बीते तीन दिनों से परेशान रहते थे दिन रविवार को सुबह नरेश ने गौरेया वीर बाबा ककरहा के पास महुआ के पेड़ में रस्सी के सहारे फाँसी लगा कर आत्महत्या कर लिया पेड़ से लटकती लाश जब ग्रामीणों ने देखा तो बात जंगल आग कि तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई घटनास्थल पर ग्रामीणों की ज्यादा भीड़ लग गई परिजनों को सूचना मिलते ही घर पर कोहराम मच गया रोते बिलखते परिवार घटनास्थल पर पहुंच गया है आत्महत्या की सूचना जैसे ही ग्रामीणों को मिली मौके पर सैकडों ग्रामीणों की भीड़ लग गयी ग्रामीणों के अनुसार नरेश परेशान रहता था परिजनों ने बताया कि वह दो तीन दिन से अधिक परेशान रहते थे ग्रामीणों की सूचना पर डायल 112 व कोखराज पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के लाश को कब्जे में लेकर मर्चुरी हाउस पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है2
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- कौशांबी। घरेलू गैस सिलेंडरों की जमाखोरी, कालाबाजारी और अवैध उपयोग रोकने के लिए जिले में प्रशासन की टीमों ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कई रेस्टोरेंट, ढाबों और फास्ट फूड सेंटरों की जांच की गई। जांच के दौरान मंझनपुर चौराहा स्थित जसलोक फास्टफूड सेंटर, केजीएन रेस्टोरेंट, शिवा फास्टफूड, केशरवानी नाश्ता भंडार, आलम मुरादाबादी चिकन बिरयानी, केशरवानी फास्टफूड के अलावा सैयद सरावां स्थित आयुष केसरवानी स्वीट हाउस और इमामगंज चौराहा स्थित ओम स्वीट हाउस में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान सात खाली और एक भरा घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किया गया है। संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। जिला पूर्ति अधिकारी मंगेश कुमार मौर्य ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन की ओर से तहसील स्तर पर राजस्व विभाग, पूर्ति विभाग और बाट-माप विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने बताया कि उपजिलाधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावी कार्रवाई कर रही हैं, ताकि गैस सिलेंडर निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध हो सके और अवैध उपयोग पर रोक लगाई जा सके।1