कदौरा बरी मार्ग बना मुसीबत का रास्ता गढ़ों में तब्दील सड़कों पर जिंदगी दांव पर कदौरा-बेरी मार्ग बना मुसीबत का रास्ता, गड्ढों में तब्दील सड़क पर जिंदगी दांव पर स्कूली बच्चों से लेकर मरीजों तक परेशान, ई-रिक्शा हादसों का बढ़ा खतरा; जनप्रतिनिधियों के विकास के दावों पर उठे सवाल कदौरा। कदौरा से बेरी जाने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति ने क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी में डाल दिया है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी पड़ी सड़क के कारण इस मार्ग से गुजरना किसी खतरे से कम नहीं है। हालात यह हैं कि स्कूली बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर ई-रिक्शा से स्कूल जाने को मजबूर हैं और आए दिन ई-रिक्शा के पलटने अथवा दुर्घटना का शिकार होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। हादसों में बच्चों के चोटिल होने से अभिभावकों में भी चिंता बढ़ती जा रही है। गड्ढों में तब्दील सड़क, हर कदम पर हादसे का खतरा कदौरा-बेरी मार्ग की हालत देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़क लंबे समय से जिम्मेदार विभाग की उपेक्षा का शिकार है। सड़क पर बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा भी नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। सबसे ज्यादा चिंता स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों के बैठने और खराब सड़क के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चे सुबह घर से स्कूल के लिए निकलते हैं तो मन में यही डर बना रहता है कि वह सुरक्षित वापस लौटेंगे या नहीं। एंबुलेंस के लिए भी नहीं बचता रास्ता सड़क की बदहाली के साथ-साथ जाम की समस्या भी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। कई बार सड़क पर वाहनों की भीड़ के कारण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में यदि किसी मरीज को लेकर एंबुलेंस इसी रास्ते से गुजर रही हो तो उसकी मुश्किल और बढ़ जाती है। सवाल यह है कि अगर किसी गंभीर मरीज की हालत नाजुक हो और एंबुलेंस जाम में फंस जाए तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेंगे? चुनाव में बड़े-बड़े वादे, सड़क पर कोई ध्यान नहीं स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचकर सड़क और विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। जनता से वोट मांगे जाते हैं और क्षेत्र की तस्वीर बदलने का भरोसा दिलाया जाता है। लेकिन चुनाव बीतने के बाद कदौरा-बेरी मार्ग की बदहाली किसी को दिखाई नहीं देती। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर विकास के दावे केवल कागजों और चुनावी मंचों तक ही क्यों सीमित रह जाते हैं? क्या जनता को सिर्फ वोट के लिए याद किया जाता है? क्या जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी चुनाव के बाद खत्म हो जाती है? एसी गाड़ियों से निकलकर सड़क की हकीकत देखें जनप्रतिनिधि क्षेत्रवासियों ने विधायक और सांसद से तीखे शब्दों में अपील की है कि वे केवल अधिकारियों की रिपोर्ट और कागजी दावों पर भरोसा न करें, बल्कि एसी गाड़ियों से बाहर निकलकर खुद कदौरा-बेरी मार्ग की जमीनी हकीकत देखें। एक बार इस बदहाल सड़क पर पैदल चलकर देखें, ई-रिक्शा में बैठकर सफर करें और स्कूली बच्चों व राहगीरों की परेशानी को महसूस करें। तब शायद उन्हें समझ आएगा कि ग्रामीण जनता किन परिस्थितियों में रोजाना आवागमन करने को मजबूर है। हादसा होने से पहले जागना जरूरी लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत अब सिर्फ सुविधा का सवाल नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा और जिंदगी का सवाल बन चुकी है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, संबंधित विभाग, विधायक और सांसद से मांग की है कि कदौरा-बेरी मार्ग की तत्काल जांच कराकर जल्द से जल्द सड़क का निर्माण अथवा मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए। लोगों का कहना है कि अब आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए। जनता की मांग साफ है—पहले सड़क बचाइए, फिर विकास के दावे कीजिए। किसी मासूम के घायल होने या किसी की जान जाने का इंतजार मत कीजिए। राहगीर समस्त क्षेत्र बसी
कदौरा बरी मार्ग बना मुसीबत का रास्ता गढ़ों में तब्दील सड़कों पर जिंदगी दांव पर कदौरा-बेरी मार्ग बना मुसीबत का रास्ता, गड्ढों में तब्दील सड़क पर जिंदगी दांव पर स्कूली बच्चों से लेकर मरीजों तक परेशान, ई-रिक्शा हादसों का बढ़ा खतरा; जनप्रतिनिधियों के विकास के दावों पर उठे सवाल कदौरा। कदौरा से बेरी जाने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति ने क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी में डाल दिया है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और उखड़ी पड़ी सड़क के कारण इस मार्ग से गुजरना किसी खतरे से कम नहीं है। हालात यह हैं कि स्कूली बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर ई-रिक्शा से स्कूल जाने को मजबूर हैं और आए दिन ई-रिक्शा के पलटने अथवा दुर्घटना का शिकार होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। हादसों में बच्चों के चोटिल होने से अभिभावकों में भी चिंता बढ़ती जा रही है। गड्ढों में तब्दील सड़क, हर कदम पर हादसे का खतरा कदौरा-बेरी मार्ग की हालत देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़क लंबे समय से जिम्मेदार विभाग की उपेक्षा का शिकार है। सड़क पर बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा भी नहीं लग पाता, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। सबसे ज्यादा चिंता स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों के बैठने और खराब सड़क के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चे सुबह घर से स्कूल के लिए निकलते हैं तो मन में यही डर बना रहता है कि वह सुरक्षित वापस लौटेंगे या नहीं। एंबुलेंस के लिए भी नहीं बचता रास्ता सड़क की बदहाली के साथ-साथ जाम की समस्या भी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। कई बार सड़क पर वाहनों की भीड़ के कारण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में यदि किसी मरीज को लेकर एंबुलेंस इसी रास्ते से गुजर रही हो तो उसकी मुश्किल और बढ़ जाती है। सवाल यह है कि अगर किसी गंभीर मरीज की हालत नाजुक हो और एंबुलेंस जाम में फंस जाए तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी घटना के बाद ही जागेंगे? चुनाव में बड़े-बड़े वादे, सड़क पर कोई ध्यान नहीं स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचकर सड़क और विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। जनता से वोट मांगे जाते हैं और क्षेत्र की तस्वीर बदलने का भरोसा दिलाया जाता है। लेकिन चुनाव बीतने के बाद कदौरा-बेरी मार्ग की बदहाली किसी को दिखाई नहीं देती। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर विकास के दावे केवल कागजों और चुनावी मंचों तक ही क्यों सीमित रह जाते हैं? क्या जनता को सिर्फ वोट के लिए याद किया जाता है? क्या जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी चुनाव के बाद खत्म हो जाती है? एसी गाड़ियों से निकलकर सड़क की हकीकत देखें जनप्रतिनिधि क्षेत्रवासियों ने विधायक और सांसद से तीखे शब्दों में अपील की है कि वे केवल अधिकारियों की रिपोर्ट और कागजी दावों पर भरोसा न करें, बल्कि एसी गाड़ियों से बाहर निकलकर खुद कदौरा-बेरी मार्ग की जमीनी हकीकत देखें। एक बार इस बदहाल सड़क पर पैदल चलकर देखें, ई-रिक्शा में बैठकर सफर करें और स्कूली बच्चों व राहगीरों की परेशानी को महसूस करें। तब शायद उन्हें समझ आएगा कि ग्रामीण जनता किन परिस्थितियों में रोजाना आवागमन करने को मजबूर है। हादसा होने से पहले जागना जरूरी लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत अब सिर्फ सुविधा का सवाल नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा और जिंदगी का सवाल बन चुकी है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, संबंधित विभाग, विधायक और सांसद से मांग की है कि कदौरा-बेरी मार्ग की तत्काल जांच कराकर जल्द से जल्द सड़क का निर्माण अथवा मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए। लोगों का कहना है कि अब आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए। जनता की मांग साफ है—पहले सड़क बचाइए, फिर विकास के दावे कीजिए। किसी मासूम के घायल होने या किसी की जान जाने का इंतजार मत कीजिए। राहगीर समस्त क्षेत्र बसी
- बहिन की तबियत खराब का झांसा देकर बहनोई को घर बुलाकर साले ने कर दी धुनाई बहिन की तबियत खराब का झांसा देकर बहनोई को घर बुलाकर साले ने कर दी धुनाई कमरे में ले जाकर लाठी डंडों से मारकर बहनोई को किया लहूलुहान बहनोई हुआ गंभीर रूप से लहूलुहान ए गंभीर चोट शिकायत करने पर दी गई जान से मारने की धमकी उरई कोतवाली क्षेत्र के उमरार खेरा का मामला1
- पेट्रोल पंप पर विवाद, कर्मचारी से मारपीट के आरोप; वायरल वीडियो ने बढ़ाए सवाल कालपी के एक पेट्रोल पंप पर 31 अगस्त की शाम पेट्रोल को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। कर्मचारी ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर कुछ लोगों पर गाली-गलौज, मारपीट, कपड़े फाड़ने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। बताया गया कि बोतल में पेट्रोल देने से इनकार के बाद विवाद बढ़ा। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होती दिखाई दे रही है। फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। पूरे मामले की सच्चाई CCTV फुटेज, वीडियो और दोनों पक्षों के बयान के बाद ही स्पष्ट होगी। नोट: यह खबर उपलब्ध प्रार्थना पत्र, वीडियो और प्राप्त जानकारी के आधार पर है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का बयान सामने आने पर उसे भी स्थान दिया जाएगा। खबर का उद्देश्य किसी की छवि खराब करना नहीं, बल्कि मामले की निष्पक्ष जानकारी देना है। #KalpiNews #JalaunNews #Kalpi #Jalaun #BreakingNews #CrimeNews #PetrolPump #PetrolPumpDispute #ViralVideo #CCTV #PoliceInvestigation #KalpiPolice #JalaunPolice #UPNews #UttarPradeshNews #LatestNews #NewsUpdate #ViralNews #KalpiNewsUpdate1
- सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कानपुर देहात पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए 488 वाहनों का चालान किया गया पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना आदि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान *कुल 488 वाहनों* का चालान किया गया। इसके साथ ही, जनपदीय पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए निरंतर जारी रहेगा।1
- 🚨 कानपुर देहात: संदलपुर रोड पर अनियंत्रित कार गड्ढे में गिरी, बिजली का खंभा टूटा 🚨 कानपुर देहात: संदलपुर रोड पर अनियंत्रित कार गड्ढे में गिरी, बिजली का खंभा टूटा सिकंदरा, कानपुर देहात। सिकंदरा कस्बे के संदलपुर रोड पर विमला गार्डेन के सामने मंगलवार को एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे के दौरान कार की चपेट में आने से बिजली का लाइट खंभा भी टूट गया। दुर्घटनाग्रस्त कार का नंबर UP77 AC 7999 बताया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। फिलहाल दुर्घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है। घटना के बाद सड़क किनारे सुरक्षा व्यवस्था और जर्जर सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता देखने को मिली। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बने गड्ढों और सुरक्षा व्यवस्था पर जिम्मेदार विभाग को ध्यान देना चाहिए। 📍 सिकंदरा, कानपुर देहात | उत्तर प्रदेश खबर कानपुर देहात पत्रकार — इकबाल अहमद2
- 🚨 कानपुर देहात: संदलपुर रोड पर अनियंत्रित कार गड्ढे में गिरी, बिजली का खंभा टूटा 🚨 कानपुर देहात: संदलपुर रोड पर अनियंत्रित कार गड्ढे में गिरी, बिजली का खंभा टूटा सिकंदरा, कानपुर देहात। सिकंदरा कस्बे के संदलपुर रोड पर विमला गार्डेन के सामने मंगलवार को एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे के दौरान कार की चपेट में आने से बिजली का लाइट खंभा भी टूट गया। दुर्घटनाग्रस्त कार का नंबर UP77 AC 7999 बताया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। फिलहाल दुर्घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है। घटना के बाद सड़क किनारे सुरक्षा व्यवस्था और जर्जर सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता देखने को मिली। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बने गड्ढों और सुरक्षा व्यवस्था पर जिम्मेदार विभाग को ध्यान देना चाहिए। 📍 सिकंदरा, कानपुर देहात | उत्तर प्रदेश खबर कानपुर देहात2
- ब्रेकिंग जालौन जेवरात चोरी की रिपोर्ट लिखाने के लिए भटक रही महिला, बस ड्राइवर व कंडक्टर पर जेवर चोरी का आरोप, बस की डिग्गी में रखे बैग से गायब हुए थे लाखों रुपए के जेवर, जालौन कोतवाली पहुंचने पर नहीं लिखी गई महिला की एफआईआर, पीड़िता ने एसपी को सौंपा शिकायती पत्र, आरोपियों पर कार्यवाही व जेवरात दिलाने की मांग, जालौन कोतवाली क्षेत्र का मामला। ब्रेकिंग जालौन जेवरात चोरी की रिपोर्ट लिखाने के लिए भटक रही महिला, बस ड्राइवर व कंडक्टर पर जेवर चोरी का आरोप, बस की डिग्गी में रखे बैग से गायब हुए थे लाखों रुपए के जेवर, जालौन कोतवाली पहुंचने पर नहीं लिखी गई महिला की एफआईआर, पीड़िता ने एसपी को सौंपा शिकायती पत्र, आरोपियों पर कार्यवाही व जेवरात दिलाने की मांग, जालौन कोतवाली क्षेत्र का मामला।2
- जालौन में पहूज नदी में बहे युवक का शव पांच दिन बाद बरामद, 28 वर्षीय हरिशंकर कौरव की तलाश खत्म हुई जालौन में पहूज नदी में बहे युवक का शव पांच दिन बाद बरामद, 28 वर्षीय हरिशंकर कौरव की तलाश खत्म हुई। तेज बहाव में बह गया था युवक, हादसे के बाद लगातार उसकी तलाश की जा रही थी। घटनास्थल से करीब 50 किलोमीटर दूर मिला शव, रेंढ़र थाना क्षेत्र के लहूदी-लगामपुरा में झाड़ियों के बीच बरामद हुआ। कैलिया थाना क्षेत्र के सलैया गांव का रहने वाला था हरिशंकर, नदी में बहने के बाद परिवार में मचा था कोहराम। पांच दिन बाद शव मिलने से इलाके में शोक, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।1
- फिरोजपुर गांव में लगातार बारिश से कच्चे मकान की छत भरभराकर गिरी, गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर बर्बाद जनपद कानपुर देहात में लगातार हो रही बारिश अब आमजन के लिए मुसीबत बनती जा रही है। मंगलवार सुबह करीब सात बजे फिरोजपुर गांव निवासी संजय कुमार के कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। छत गिरने से मकान के अंदर रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया। अचानक छत गिरने से परिवार के सामने रहने और गृहस्थी का सामान सुरक्षित रखने की समस्या खड़ी हो गई है। घटना के बाद पीड़ित परिवार परेशान है। संजय कुमार ने प्रशासन से मकान और गृहस्थी के सामान को हुए नुकसान का आकलन कराकर उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। सिकंदरा उप जिलाधिकारी उषा सिंह ने बताया की जानकारी मिली है लेखपाल को मौके पर भेजकर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी1
- 80 वर्षीय वृद्धा को बनाया हवस का शिकार, विरोध पर दी जान से मारने की धमकी मुकदमा दर्ज 80 वर्षीय वृद्धा को बनाया हवस का शिकार, विरोध पर दी जान से मारने की धमकी मुकदमा दर्ज बरामदे के बाहर झोपड़ी में सो रही थी वृद्धा, रोने की आवाज सुनकर पहुंची पड़ोसी महिला; ललकारने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भागा मंगलपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। घर के बाहर झोपड़ी में सो रही 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ गांव के ही एक युवक ने कथित रूप से जबरन दुष्कर्म किया। महिला के रोने की आवाज सुनकर पड़ोस की महिला मौके पर पहुंची और आरोपी को ललकारा। इस पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकला। घटना की जानकारी होने के बाद गांव में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, 28 अगस्त की रात 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला अपने घर के बाहर बरामदे के समीप बनी झोपड़ी में अकेली सो रही थीं। आरोप है कि रात करीब 11:30 बजे गांव का ही विष्णु प्रताप वहां पहुंचा और वृद्धा को दबोच लिया। आरोप है कि आरोपी ने उनकी वृद्धावस्था और असहाय स्थिति का फायदा उठाकर उनके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसी दौरान महिला के रोने की आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाली एक महिला मौके पर पहुंच गई। उसने आरोपी को ललकारते हुए घटना का विरोध किया। इस पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया। घटना के बाद पीड़िता ने किसी तरह अपने परिजनों को आपबीती बताई। परिजनों ने बताया कि बेटों के बाहर होने के कारण तत्काल पुलिस को सूचना नहीं दी जा सकी। लोकलाज के चलते भी मामला दबा रहा। सोमवार देर शाम बेटे घर पहुंचे तो उन्हें घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर नामजद आरोपी विष्णु प्रताप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। मंगलपुर प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार यादव ने मंगलवार शाम पांच बजे बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।1