उमरिया जिले के अन्तिम छोर पर, अनुपपुर की सीमा से सटे तिवनी गांव के पास अमौदा बिजौरा में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए राहत और उपचार कार्यों की कमान संभाल ली है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर राखी सहाय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुंचकर घायल मरीजों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को सभी घायलों को गुणवत्तापूर्ण और समुचित उपचार प्रदान करने, साथ ही गंभीर रूप से घायल मरीजों की विशेष निगरानी रखने तथा उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। कलेक्टर ने पीड़ित परिवारों को हर संभव प्रशासनिक सहायता का भी भरोसा दिलाया। दूसरी ओर, पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे ने दुर्घटना से प्रभावित सभी व्यक्तियों का सत्यापित और लिखित विवरण तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा है। प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार, इस हादसे में पड़मनिया निवासी भूपत सिंह (50 वर्ष), गिजरी निवासी बीर सिंह (60 वर्ष), पड़मनिया निवासी घनश्याम सिंह (45 वर्ष) और गिजरी निवासी सहबल बैगा (55 वर्ष) की दुखद मृत्यु हो गई है। वहीं, सूत्रों से यह सूचना भी मिली है कि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दो अन्य घायलों का निधन हो गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस हृदयविदारक दुर्घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और राहत दल लगातार प्रभावित परिवारों की सहायता में जुटे हुए हैं, और पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक व संवेदना का वातावरण व्याप्त है।
उमरिया जिले के अन्तिम छोर पर, अनुपपुर की सीमा से सटे तिवनी गांव के पास अमौदा बिजौरा में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए राहत और उपचार कार्यों की कमान संभाल ली है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर राखी सहाय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुंचकर घायल मरीजों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को सभी घायलों को गुणवत्तापूर्ण और समुचित उपचार प्रदान करने, साथ ही गंभीर रूप से घायल मरीजों की विशेष निगरानी रखने तथा उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। कलेक्टर ने पीड़ित परिवारों को हर संभव प्रशासनिक सहायता का भी भरोसा दिलाया। दूसरी ओर, पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे ने दुर्घटना से प्रभावित सभी व्यक्तियों का सत्यापित और लिखित विवरण तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा है। प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार, इस हादसे में पड़मनिया निवासी भूपत सिंह (50 वर्ष), गिजरी निवासी बीर सिंह (60 वर्ष), पड़मनिया निवासी घनश्याम सिंह (45 वर्ष) और गिजरी निवासी सहबल बैगा (55 वर्ष) की दुखद मृत्यु हो गई है। वहीं, सूत्रों से यह सूचना भी मिली है कि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दो अन्य घायलों का निधन हो गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस हृदयविदारक दुर्घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और राहत दल लगातार प्रभावित परिवारों की सहायता में जुटे हुए हैं, और पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक व संवेदना का वातावरण व्याप्त है।
- शहडोल जिले के सोन टोला वाटर प्लांट में नहाने गया एक किशोर डूब गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद किशोर का शव बरामद कर लिया गया है।1
- शहडोल के आरटीओ कार्यालय में एक समुदाय विशेष से संबंधित धार्मिक पुस्तक को एक बक्से में रखे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा है। इस घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने सोहागपुर पुलिस थाने और कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की गहनता से जाँच करने की मांग की है।1
- उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम माला में 'जनता के द्वार, प्रशासन तैयार' की भावना के साथ एक रात्रि जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने सभी की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।3
- डिंडौरी जिले की कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने ग्राम पंचायत घुसिया माल के ढीमरटोला में पेयजल की लंबी समस्या का त्वरित समाधान कर प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कार्रवाई तब हुई जब कुछ दिन पूर्व ढीमरटोला के ग्रामीण पेयजल संकट को लेकर जनसुनवाई में कलेक्टर के पास पहुँचे थे। समस्या की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दो दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे और इन्हीं निर्देशों के क्रियान्वयन का जायजा लेने वे स्वयं गांव पहुँचीं। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की कमी के कारण उन्हें कुओं में उतरकर पानी भरना पड़ रहा था। स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन करने के बाद, कलेक्टर ने खराब पड़े बोरवेल में अपने समक्ष एक नया पंप लगवाकर उसे चालू कराया और घर-घर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी करवाईं। उन्होंने स्वयं बोरवेल का पानी पीकर उसकी गुणवत्ता जाँची और बच्चों को भी पानी पिलाया। ग्रामीणों की सुविधा के लिए दो-दो हजार लीटर क्षमता की दो पानी टंकियां भी स्थापित की गईं और कम वोल्टेज की समस्या सामने आने पर तत्काल स्टेबलाइजर लगाने के निर्देश देकर व्यवस्था को सुचारु बनाया गया। इस दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों का निरीक्षण भी किया। कलेक्टर की इस मौजूदगी और त्वरित निर्णयों से गांव में उत्साह का माहौल बन गया, जहाँ ग्रामीणों ने पहली बार किसी वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर खड़े होकर समस्या का समाधान करते देखा। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए, कलेक्टर ने गर्मी के मौसम में पानी के सदुपयोग की अपील की और मोटर संचालन की जिम्मेदारी किसी जिम्मेदार व्यक्ति को सौंपने का सुझाव दिया ताकि पूरे गांव को समय पर पर्याप्त पानी मिल सके। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने जल संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने ग्रामीणों को सोखता टैंक निर्माण की जानकारी दी और उन्हें घरों में ऐसे टैंक बनाने के लिए प्रेरित किया, यह समझाते हुए कि इससे भूजल स्तर संरक्षित रहेगा और वर्षा जल संचयन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर रामबाबू देवांगन, सुंदरलाल यादव, चेतराम अहिरवार, प्रमोद उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कलेक्टर की इस पहल ने न केवल पेयजल संकट का समाधान किया, बल्कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास की एक नई मिसाल भी कायम की है।2
- समनापुर क्षेत्र में नौतपा के दौरान हुई बारिश ने गर्मी का असर काफी कम कर दिया है। इस बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। किसान भी इस बारिश को फायदेमंद मान रहे हैं, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ी है और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में भी मदद मिलेगी।1
- डिंडोरी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली एंबुलेंस व्यवस्था खुद ही खराब स्थिति में है। इस बदहाली के कारण गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालत यह है कि जिला अस्पताल से जबलपुर सहित अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर किए गए मरीजों को एंबुलेंस के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। डिंडोरी जिले में वर्तमान में जननी एक्सप्रेस, बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) समेत कुल 29 एंबुलेंस वाहन संचालित हैं। हालांकि, इनमें से कई वाहन लंबे समय से खराब होकर खड़े हैं और मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस स्थिति के चलते जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।1
- डिंडोरी जिले में नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच, शनिवार शाम करीब 5:00 बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। मोहदा छांटा क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिससे कुछ समय के लिए जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था, और तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ था, जिससे आमजन गर्मी से काफी परेशान थे। शाम को अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी। इस दौरान कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर भागना पड़ा, जबकि बाजारों और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। तेज हवा के कारण पेड़ों की डालियां झूमने लगीं और कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित होने की सूचना मिली। हालांकि, इस अचानक हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया, और किसानों व ग्रामीणों ने भी इस बारिश को गर्मी से राहत देने वाला बताया।2
- उमरिया जिले के पाली थाना अंतर्गत तिवनी गांव में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दो से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग दो दर्जन लोग घायल हो गए। यह हादसा दोपहर दो से ढाई बजे के बीच तब हुआ, जब पाली से सटे ग्राम गिंजरी से दो दर्जन से अधिक लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर अनूपपुर जिले के ग्राम बिजौरा में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। तिवनी (शनिधाम) गांव के पास एक पुलिया पर अज्ञात कारणों से ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। संयोग से ट्रैक्टर पुलिया के नीचे नहीं गिरा, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। हादसे के तुरंत बाद 108 एम्बुलेंस की सहायता से सभी घायलों को पाली अस्पताल पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल और शहडोल अस्पताल रेफर किया गया है।1