Shuru
Apke Nagar Ki App…
फर्जी डिग्री वाले कर रहे थे भर्ती । Yogi Adityanath का बड़ा हमला🔥 #breakingnews #shortsfeed #shorts
Kantap tv
फर्जी डिग्री वाले कर रहे थे भर्ती । Yogi Adityanath का बड़ा हमला🔥 #breakingnews #shortsfeed #shorts
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Kantap tv1
- Post by Sadeep Kumar Kumar1
- Post by मूलचंद कुशवाहा1
- Post by AGRA NEWS NETWORK1
- Post by Manoriya2
- खबर मध्यप्रदेश के रीवा जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र से है आपको बता दें कि सेमरिया से लगातार पशु तस्करी का मामला आए दिन सुर्खियों में बना रहता है जहां एक बार फिर से भैंस तस्करी ओर भैंस चोरी का वीडियो लोगों की चर्चा पर बना हुआ है, आपको बता दें कि इस समय मवेशी ऐरा हैं जिससे जब मर्जी तब बाहरी गाड़ी बुलाकर रातों रात भैंसें गायब हो जाती हैं विगत कुछ दिनों पहले ही सेमरिया के पटेहरा से रात में कुछ भैंसें गायब हुई थी, वहीं बरबाह से भी 5 बड़ी 2 छोटी भैंसें गायब है जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है,वहीं एक विडीयो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जोकि रात 12.50का बताया जा रहा है आखिर रात को हि क्यों निकलते हैं भैंस लेकर? अगर कड़ाई से पूंछताछ हुई तो हो रही पशु तस्करी में बड़े सरगना का नाम निकलकर सामने आ सकता है, वहीं इस संबंध में जब समाजसेवियों से चर्चा की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि अक्सर देखा जाए तो बड़ी बड़ी गाड़ियों में भरकर भैंसें बाहर भेजी जाती हैं, जोकि बिना पुलिस के सह के संभव नहीं इसकी जांच जरूरी है, साथ ही कहा कि विगत रात कुछ लोगों द्वारा गाड़ी को रोककर पूछा गया तो निकलकर एक नाम सामने आ रहा है शेरू तिवारी का आख़िर ये शेरू तिवारी है कौन? हालांकि वाहन और उसमें लोड भैंसों को सेमरिया पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है? यह सराहनीय कार्य सेमरिया क्षेत्र के बरा ग्राम पंचायत के युवा सरपंच ज्ञानेंद्र सिंह किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने रीवा जोन आईजी गौरव राजपूत व पुलिस कप्तान शैलेन्द्र सिंह चौहान से इस भैंस तस्करी के मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है?? अब देखना यह होगा कि इसमें पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है या कारवाई महज खानापूर्ति तक सीमित रह जाती है यह भी एक बड़ा सवाल है???1
- 1 - सिद्धार्थनगर हादसा: मौत की सीढ़ियां और सिस्टम का 'हवा-हवाई' रेस्क्यू सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में शनिवार को जो हुआ, उसे 'हादसा' कहना दरअसल प्रशासनिक अपराध पर पर्दा डालने जैसा है। कांशीराम आवास परिसर में स्थित पानी की टंकी की सीढ़ी का टूटकर गिरना महज एक निर्माण की विफलता नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचार की उस सड़न का नतीजा है, जिसने एक मासूम की जान ले ली और दो परिवारों को ताउम्र का दर्द दे दिया। विकास की जर्जर हकीकत जिस समय शासन-प्रशासन फाइलों में विकास की ऊंची इमारतें खड़ी कर रहा था, ठीक उसी वक्त कांशीराम आवास की पानी की टंकी मौत का ढांचा बनकर खड़ी थी। शनिवार को जब पांच बच्चे उस पर चढ़े, तो सीढ़ियां ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। एक मासूम की 'दर्दनाक मौत' सीधे तौर पर उस विभाग के माथे पर कलंक है, जिसकी जिम्मेदारी इन संरचनाओं की देखरेख और मरम्मत की थी। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में था? रेस्क्यू की लाचारी: ज़मीन पर फेल, आसमान पर टिकी उम्मीद हादसे के बाद का मंजर और भी भयावह था। दो किशोर घंटों तक मौत के साये में टंकी के ऊपर फंसे रहे। गोरखपुर से एसडीआरएफ (SDRF) की टीम पहुंची तो जरूर, लेकिन 'रास्ता न होने' का बहाना बनाकर हाथ खड़े कर दिए। यह सवाल पूछना लाजिमी है कि क्या हमारी आपदा राहत टीमें इतनी लाचार हैं कि वे बिना हेलीकॉप्टर के एक सीढ़ी विहीन टंकी से दो बच्चों को नीचे नहीं उतार सकती थीं? रविवार की सुबह 5 बजे जब हेलीकॉप्टर पहुंचा, तब जाकर उन दो जानों को बचाया जा सका। लेकिन इस रेस्क्यू ऑपरेशन की चमक के पीछे उस नाकामी को नहीं छिपाया जा सकता, जिसके कारण बच्चों को पूरी रात खुले आसमान के नीचे खौफ में बितानी पड़ी। कड़े सवाल, जिनका जवाब चाहिए: रखरखाव का बजट कहाँ गया? कांशीराम आवास की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। जर्जर सीढ़ियों की मरम्मत समय पर क्यों नहीं की गई? सुरक्षा में चूक किसकी? पानी की टंकी जैसे संवेदनशील स्थानों पर बच्चों की पहुंच को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे? एसडीआरएफ की विफलता: क्या आधुनिक उपकरणों से लैस टीम के पास एक ऊंची इमारत से रेस्क्यू करने का कोई वैकल्पिक तरीका नहीं था? निष्कर्ष: हेलीकॉप्टर से बच्चों को उतारकर प्रशासन अपनी पीठ थपथपा सकता है, लेकिन वह उस मां के आंसू नहीं पोंछ सकता जिसका बच्चा अब कभी घर नहीं लौटेगा। यह समय मुआवजे का मरहम लगाने का नहीं, बल्कि उन दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने का है जिन्होंने 'कमीशनखोरी' की नींव पर ये मौत की सीढ़ियां बनाई थीं। 2 -ट्रांसफ़ॉर्मर के ठीक सामने इलेक्ट्रिक गाड़ियां पार्क नहीं करनी चाहिए, और न ही लोगों को खड़ा होना चाहिए; एक तय सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। गाड़ी पार्क करने या उसके बहुत पास खड़े होने से खतरनाक नतीजे हो सकते हैं। अगर आप बहुत पास खड़े होंगे, तो मैग्नेटिक फ़ील्ड आपको अपनी ओर खींच लेगी—पीछे कुछ नहीं छोड़ेगी, यहां तक कि आपकी हड्डियों का ढांचा भी नहीं। 3 - सन्न रह गया कप्तानगंज: कचोलिया में अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी, हत्या या हादसा? बस्ती। जनपद के थाना कप्तानगंज अंतर्गत नगर पंचायत के करचोलिया गांव में रविवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने गांव के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा देखा। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही कप्तानगंज पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और जांच पड़ताल शुरू की, लेकिन खबर लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। रहस्यमयी परिस्थितियों में मिला शव रविवार की छुट्टी वाली सुबह करचोलिया गांव के लिए किसी बुरे सपने की तरह आई। सुबह-सुबह जब ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कामों के लिए बाहर निकले, तो गांव के किनारे पड़े शव को देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रथम दृष्टया मामला काफी संदिग्ध नजर आ रहा है। शरीर की स्थिति और घटना के स्थान को देखते हुए ग्रामीण इसे हत्या से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि पुलिस अभी किसी भी नतीजे पर पहुँचने से बच रही है। शिनाख्त बनी पुलिस के लिए चुनौती मौके पर पहुँची थाना कप्तानगंज पुलिस ने आसपास के दर्जनों लोगों से पूछताछ की और शव की पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। मृतक कहाँ का रहने वाला है और यहाँ कैसे पहुँचा, यह फिलहाल एक पहेली बना हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। दहशत के साये में ग्रामीण इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मंझरिया और आसपास के गांवों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह सरेआम शव मिलना कानून-व्यवस्था के प्रति चिंता पैदा करता है। क्या कहती है पुलिस? "शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं और पुलिस हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है।" — थाना प्रभारी, कप्तानगंज भारतसूत्र लाइव टीवी न्यूज चैनल सह सम्पादक ् ओल इंडिया भारत राजीव कुमार सिंह सिकरवार 🇮🇳 वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज चैनल आगरा उत्तर प्रदेश 🌹 🙏 🇮🇳 ✍️ 🚩 अखबार समृद्ध भारत हिंदी दैनिक समाचार पेपर जबलपुर मध्य प्रदेश दैनिक उजाला आज तक हिंदी पेपर आगरा उत्तर प्रदेश 🌹🌹🙏🇮🇳✍️🚩 9756737560 = 94588754224
- Post by Kantap tv1