बेटियों के 'सुरक्षा कवच' पर भारी पड़ रही भ्रांतियां; सैंज अस्पताल में SDM के तीखे तेवर, देखें वीडियो रिपोर्ट 2 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। उपमंडल अधिकारी (नागरिक) पंकज शर्मा ने वीरवार को नागरिक अस्पताल सैंज का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसडीएम के अचानक पहुंचने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान जहां एक ओर अस्पताल की सुविधाओं की पोल खुली, वहीं बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाए जा रहे 'HPV टीकाकरण अभियान' की जमीनी हकीकत देखकर एसडीएम ने गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त की। ग्राउंड रिपोर्ट: 'डर' के आगे हार रही है बेटियों की 'सुरक्षा' निरीक्षण के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. नीलम शर्मा ने एक कड़वी सच्चाई पेश की। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद स्थानीय लोग इस जीवनरक्षक टीके में रुचि नहीं ले रहे हैं। आशा वर्करों की फीडबैक के अनुसार: भ्रांतियों का जाल: अभिभावकों के मन में वैक्सीन को लेकर कई तरह के भ्रम और डर बैठे हुए हैं। जागरूकता का अभाव: सूचना की कमी के कारण लोग इसे अपनी बेटियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा मान रहे हैं। झिझक: फील्ड में काम कर रही टीमों को अभिभावकों के कड़े विरोध और झिझक का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की 'सेहत' की भी हुई जांच एसडीएम पंकज शर्मा ने केवल टीकाकरण ही नहीं, बल्कि अस्पताल के अन्य विभागों का भी बारीकी से निरीक्षण किया: ओपीडी और लेबर रूम: सुविधाओं और साफ-सफाई के मानकों की जांच की गई। स्टॉक रजिस्टर: दवाइयों की उपलब्धता और रिकॉर्ड के रख-रखाव को देखा गया। निशुल्क सुविधा: एसडीएम ने इस बात पर जोर दिया कि जो टीका निजी अस्पतालों में हजारों रुपये का मिलता है, सरकार उसे मुफ्त उपलब्ध करवा रही है, जिसका लाभ हर पात्र बच्ची को मिलना चाहिए। "बेटियों का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सर्वाइकल कैंसर एक जानलेवा बीमारी है और यह टीका उससे बचने का एकमात्र 'अभेद कवच' है। मैं सभी अभिभावकों से अपील करता हूं कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और 5 अप्रैल को होने वाले अगले चरण में अपनी 14-15 साल की बेटियों का टीकाकरण सुनिश्चित करें।" — पंकज शर्मा, एसडीएम बंजार मिशन 5 अप्रैल: प्रशासन ने कसी कमर टीकाकरण के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रशासन ने अब पूरी ताकत झोंक दी है। 5 अप्रैल को होने वाले अगले चरण के लिए स्वास्थ्य विभाग और आशा वर्करों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर लोगों की शंकाओं को दूर करें।
बेटियों के 'सुरक्षा कवच' पर भारी पड़ रही भ्रांतियां; सैंज अस्पताल में SDM के तीखे तेवर, देखें वीडियो रिपोर्ट 2 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। उपमंडल अधिकारी (नागरिक) पंकज शर्मा ने वीरवार को नागरिक अस्पताल सैंज का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसडीएम के अचानक पहुंचने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान जहां एक ओर अस्पताल की सुविधाओं की पोल खुली, वहीं बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाए जा रहे 'HPV टीकाकरण अभियान' की जमीनी हकीकत देखकर एसडीएम ने गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त की। ग्राउंड रिपोर्ट: 'डर' के आगे हार रही है बेटियों की 'सुरक्षा' निरीक्षण के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. नीलम शर्मा ने एक कड़वी सच्चाई पेश की। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद स्थानीय लोग इस जीवनरक्षक टीके में रुचि नहीं ले रहे हैं। आशा वर्करों की फीडबैक के अनुसार: भ्रांतियों का जाल: अभिभावकों के मन में वैक्सीन को लेकर कई तरह के भ्रम और डर बैठे हुए हैं। जागरूकता का अभाव: सूचना की कमी के कारण लोग इसे अपनी बेटियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा मान रहे हैं। झिझक: फील्ड में काम कर रही टीमों को अभिभावकों के कड़े विरोध और झिझक का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की 'सेहत' की भी हुई जांच एसडीएम पंकज शर्मा ने केवल टीकाकरण ही नहीं, बल्कि अस्पताल के अन्य विभागों का भी बारीकी से निरीक्षण किया: ओपीडी और लेबर रूम: सुविधाओं और साफ-सफाई के मानकों की जांच की गई। स्टॉक रजिस्टर: दवाइयों की उपलब्धता और रिकॉर्ड के रख-रखाव को देखा गया। निशुल्क सुविधा: एसडीएम ने इस बात पर जोर दिया कि जो टीका निजी अस्पतालों में हजारों रुपये का मिलता है, सरकार उसे मुफ्त उपलब्ध करवा रही है, जिसका लाभ हर पात्र बच्ची को मिलना चाहिए। "बेटियों का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सर्वाइकल कैंसर एक जानलेवा बीमारी है और यह टीका उससे बचने का एकमात्र 'अभेद कवच' है। मैं सभी अभिभावकों से अपील करता हूं कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और 5 अप्रैल को होने वाले अगले चरण में अपनी 14-15 साल की बेटियों का टीकाकरण सुनिश्चित करें।" — पंकज शर्मा, एसडीएम बंजार मिशन 5 अप्रैल: प्रशासन ने कसी कमर टीकाकरण के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रशासन ने अब पूरी ताकत झोंक दी है। 5 अप्रैल को होने वाले अगले चरण के लिए स्वास्थ्य विभाग और आशा वर्करों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर लोगों की शंकाओं को दूर करें।
- रिपोर्ट 2 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज घाटी की अति दुर्गम पंचायतों गाड़ा पारली,देहूरी धार और शेंशर की समस्याओं को लेकर पूर्व पंचायत समिति सदस्य धर्मपाल ठाकुर ने DC कुल्लू से मुलाकात की तथा क्षेत्र की शिक्षा स्वास्थ्य योजना सहित अन्य जरूरतों को पूरा करने की मांगों को उठाया1
- Post by Papu ram Papu ram2
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- Post by Himachal Update 24 News1
- हमीरपुर की सड़कों पर सियासत गरम 🔥 राजेंद्र राणा का बड़ा हमला | “सिस्टम गड्ढों में”1
- दूध उत्पादकों की समस्याओं को लेकर 23 अप्रैल को दत्तनगर में होगा प्रदर्शन, रामपुर बैठक में बनी रणनीति1
- Post by Dev Raj Thakur1
- रिपोर्ट 2 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। उपमंडल अधिकारी (नागरिक) पंकज शर्मा ने वीरवार को नागरिक अस्पताल सैंज का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एसडीएम के अचानक पहुंचने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान जहां एक ओर अस्पताल की सुविधाओं की पोल खुली, वहीं बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाए जा रहे 'HPV टीकाकरण अभियान' की जमीनी हकीकत देखकर एसडीएम ने गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त की। ग्राउंड रिपोर्ट: 'डर' के आगे हार रही है बेटियों की 'सुरक्षा' निरीक्षण के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. नीलम शर्मा ने एक कड़वी सच्चाई पेश की। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद स्थानीय लोग इस जीवनरक्षक टीके में रुचि नहीं ले रहे हैं। आशा वर्करों की फीडबैक के अनुसार: भ्रांतियों का जाल: अभिभावकों के मन में वैक्सीन को लेकर कई तरह के भ्रम और डर बैठे हुए हैं। जागरूकता का अभाव: सूचना की कमी के कारण लोग इसे अपनी बेटियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा मान रहे हैं। झिझक: फील्ड में काम कर रही टीमों को अभिभावकों के कड़े विरोध और झिझक का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की 'सेहत' की भी हुई जांच एसडीएम पंकज शर्मा ने केवल टीकाकरण ही नहीं, बल्कि अस्पताल के अन्य विभागों का भी बारीकी से निरीक्षण किया: ओपीडी और लेबर रूम: सुविधाओं और साफ-सफाई के मानकों की जांच की गई। स्टॉक रजिस्टर: दवाइयों की उपलब्धता और रिकॉर्ड के रख-रखाव को देखा गया। निशुल्क सुविधा: एसडीएम ने इस बात पर जोर दिया कि जो टीका निजी अस्पतालों में हजारों रुपये का मिलता है, सरकार उसे मुफ्त उपलब्ध करवा रही है, जिसका लाभ हर पात्र बच्ची को मिलना चाहिए। "बेटियों का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सर्वाइकल कैंसर एक जानलेवा बीमारी है और यह टीका उससे बचने का एकमात्र 'अभेद कवच' है। मैं सभी अभिभावकों से अपील करता हूं कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और 5 अप्रैल को होने वाले अगले चरण में अपनी 14-15 साल की बेटियों का टीकाकरण सुनिश्चित करें।" — पंकज शर्मा, एसडीएम बंजार मिशन 5 अप्रैल: प्रशासन ने कसी कमर टीकाकरण के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रशासन ने अब पूरी ताकत झोंक दी है। 5 अप्रैल को होने वाले अगले चरण के लिए स्वास्थ्य विभाग और आशा वर्करों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर लोगों की शंकाओं को दूर करें।1